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- संबल योजना में काटे गए सभी नाम फिर से जुड़ जाएंगे: मुख्यमंत्री शिवराज सिंह- MP NEWS
- पुलिस थानों का हर हिस्सा सीसीटीवी में रिकॉर्ड होना चाहिए: हाई कोर्ट- GWALIOR NEWS
- नियुक्ति पत्र मिलते ही 1 साल की छुट्टी मांगी, सेवाएं समाप्त, HC से भी राहत नहीं - GWALIOR NEWS
- कर्मचारियों को पदोन्नति से वंचित रखना चाहती है सरकार: कर्मचारी संघ- MP karmchari news
- इन खिलाड़ियों ने दवाई मध्य प्रदेश को रणजी ट्रॉफी, पढ़िए इंदौर के क्रिकेटर्स की कहानी- MP NEWS
- MP NEWS- मध्यप्रदेश ने रणजी ट्रॉफी जीती, सबको बधाई, 88 साल में पहली बार बना इतिहास
- MP NEWS- उज्जैन साइबर सेल आरक्षक रिश्वत लेते गिरफ्तार
- CM RISE SCHOOL NEWS- एडमिशन और फीस को लेकर गाइडलाइन
- रीवा की महिला शिक्षक पाकिस्तान के बॉर्डर पर पकड़ी गई, लुक आउट नोटिस जारी हुआ था - MP NEWS
- BHOPAL जंक्शन और रानी कमलापति के बीच ट्रेनों के बंटवारे का प्लान तैयार- NEWS TODAY
- MP CHUNAV NEWS- सरपंच पद जीतने की इतनी खुशी कि जिंदगी हार गई
- BHOPAL में पैसेंजर रोप-वे बनाए जाएंगे, 3 स्थानों के लिए प्लान तैयार
| संबल योजना में काटे गए सभी नाम फिर से जुड़ जाएंगे: मुख्यमंत्री शिवराज सिंह- MP NEWS Posted: 26 Jun 2022 06:27 AM PDT राजगढ़। चिंता करने की जरूरत नहीं है, 216 ही पार्षद नोट कर लो। घर-घर जाकर कह दो संबल योजना में जो नाम काट दिए गए हैं एक-एक नाम जो़ड दिए जाएंगे। कह दो मामा की सरकार है कोई बेटा, बेटी पढ़ाई से वंचित नहीं रहने दिया जाएगा। दिग्गी राजा तुमने अपने घर भरे, हम गरीबों की फीस भरकर बच्चों की जिंदगी संवारने का काम करेंगे। यह बात मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान ने मंगल भवन में निकाय चुनाव में पार्षदों के पक्ष में सभा को संबोधित करते हुए कही। आगे जनता से पूछा कि आप बताओ ईमानदारी से की दिग्गी राजा मुख्यमंत्री रहे, कभी फ्री में राशन दिया। फ्री में राशन देने का काम भाजपा की सरकार कर रही है। भाजपा के पार्षद अपने-अपने वार्ड में देख लेना किस-किस का नाम नहीं जु़डा। उनकी सूचि बना लेना, कह देना हर गरीब को राशन दिया जाएगा। गरीबों का दुख-दर्द दूर करने वाली पार्टी है भारतीय जनता पार्टी। कांग्रेस ने सब बंद ही बंद किया है सब मिलकर अब कांग्रेस को ही बंद कर दो। आगे कहा कि यदि निकायों में पार्षद, अध्यक्ष कांग्रेस के बैठ गए तो क्या विकास कार्य होगा क्या, नहीं होगा, बंटाधार हो जाएगा। इसलिए मैं सावधान करने आया हूं कि पैसे मैं भेेजूंगा और यदि भाजपा की परिषद होगी तो ठीक से विकास कार्य होंगे, नहीं तो वह तो लड़ाई करने में ही खर्च कर देंगे। इसलिए हाथ जोड़कर निवेदन करने आया हूं कि कोई भी कुछ गलती न करें। |
| पुलिस थानों का हर हिस्सा सीसीटीवी में रिकॉर्ड होना चाहिए: हाई कोर्ट- GWALIOR NEWS Posted: 26 Jun 2022 06:16 AM PDT ग्वालियर। हाई कोर्ट की एकल पीठ ने शहर सहित जिले के 47 थाने व चौकियाें का हर क्षेत्र सीसीटीवी की निगरानी में में रखने का आदेश दिया है। थाने के अंदर व बाहर के हिस्सों को सीसीटीवी की निगरानी में रखना होगा। कैमरे 24 घंटे चालू रहना चाहिए। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) इस व्यवस्था को सुनिश्चित करें। कोर्ट ने एसएसपी की रिपोर्ट पर टिप्पणी करते हुए कहा कि थानों में कैमरे लगने की जानकारी तो दी है, लेकिन रिपोर्ट में यह नहीं बताया गया कि थाने का कितना हिस्सा सीसीटीवी की निगरानी में रहेगा। 24 मार्च 2022 को अंकित चौरसिया व रामेश्वर सिंह तोमर ने विनीत भदौरिया के साथ सिटी सेंटर इलाके में मारपीट की। जब वह गंभीर रूप से घायल हो गया तो अंकित व रामेश्वर उसे उठाकर महाराजपुरा थाने लेकर पहुंचे। विनीत भदौरिया के खिलाफ झूठा केस दर्ज करा दिया। विनीत भदौरिया की हालत गंभीर हो तो महाराजपुरा थाने के पास छोड़कर भाग गए। गंभीर हालत में उसे विश्वविद्यालय थाने लाया गया। उसकी हालत को देखते हुए विश्वविद्यालय थाना पुलिस ने एफआइआर दर्ज की। अंकित चौरसिया व रामेश्वर तोमर के खिलाफ केस दर्ज किया गया। अंकित व रामेश्वर ने हाई कोर्ट में जमानत याचिका दायर की। विनीत भदौरिया की तरफ से जमानत का विरोध किया गया। विरोध में कहना था कि आरोपित काफी प्रभावशाली लोग हैं, जिन्होंने पीड़ित की हथियारों से पिटाई की थी और उन हथियारों को लाइटर बता दिया गया। पुलिस ने उनकी पूरी मदद कर दी। केस को दबाया जा रहा है। महाराजपुरा थाने में भी फर्जी केस दर्ज करा दिया। हाई कोर्ट ने महाराजपुरा थाने के सीसीटीवी फुटेज तलब किए थे, लेकिन पुलिस की तरफ से बताया गया कि थाने में सीसीटीवी नहीं लगे। इसको लेकर कोर्ट ने नाराजगी व्यक्त की थी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अमित सांघी को भी तलब किया था। कोर्ट ने कहा कि नवंबर 2021 में थानों में कैमरे लगाने के आदेश दिए थे, लेकिन कैमरे नहीं लगाए। कोर्ट ने चेतावनी देते हुए कहा कि 21 जून तक कैमरे नहीं लगते हैं तो डीजीपी व एसएसपी के खिलाफ अवमानना का केस चलाया जाएगा। 23 जून को यह केस लिस्ट करने के आदेश दिए। जब केस लिस्ट किया गया तो एसएसपी ने बताया कि कैमरे लगा दिए गए। पीटी जेड कैमरे लगाए गए हैं। कैमरे लगाने के बाद टेलीकम्युनिकेशन कंसलटेंट इंडिया लिमिटेड के महाप्रबंधक सीके सिंह को रिपोर्ट भेजी है, लेकिन रिपोर्ट में यह नहीं बताया गया कि थाने का कितना हिस्सा कैमरे की नजर में रहेगा। इसको लेकर कोर्ट ने चेतावनी दी कि अंदर से लेकर बाहर तक का हिस्सा कैमरे की नजर में रहना चाहिए। |
| नियुक्ति पत्र मिलते ही 1 साल की छुट्टी मांगी, सेवाएं समाप्त, HC से भी राहत नहीं - GWALIOR NEWS Posted: 26 Jun 2022 06:02 AM PDT ग्वालियर। यह अपने आप में अनूठा मामला है। योग्य एवं विद्वान डॉ दिव्यानी अहरवाल ने मेडिकल ऑफिसर भर्ती परीक्षा 2021 में भाग लिया जबकि उनके पास अनिवार्य शैक्षणिक योग्यता नहीं थी। परीक्षा पास करने के बाद नियुक्ति पत्र मिलते ही डॉक्टर देवयानी ने 1 साल की छुट्टी मांगी ताकि शैक्षणिक योग्यता प्राप्त कर सके। डिपार्टमेंट ने छुट्टी नामंजूर कर दी तो हाईकोर्ट में याचिका लगाई परंतु उच्च न्यायालय से भी कोई राहत नहीं मिली। मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग ने वर्ष 2021 में चिकित्सा अधिकारी की भर्ती परीक्षा आयोजित की थी। दिव्यानी अहरवाल ने परीक्षा पास की। परीक्षा पास करने के बाद दिव्यानी ने आवेदन दिया कि उसे वर्ष 2023 तक का समय दिया जाए, जिससे उसकी पोस्ट ग्रेजुएशन हो जाए। आयुक्त स्वास्थ्य संचनालय ने दिव्यानी के आवेदन को खारिज कर दिया। प्रदेश में चिकित्सकों की कमी है। ऐसी स्थिति में ज्यादा दिनों तक पद खाली नहीं रखा जा सकता है। दिव्यानी ने हाई कोर्ट में याचिका दायर की। उसकी ओर से तर्क दिया गया कि चिकित्सा अधिकारी की परीक्षा पास की है। उसे अपनी पीजी की पढ़ाई पूरी करना है। ऐसी स्थिति में उसे 2023 तक की छूट दी जाए। पीजी पूरी होने के बाद नौकरी ज्वाइन कर सकती हैं। राज्य लोक सेवा आयोग के अधिवक्ता रवींद्र दीक्षित ने तर्क दिया कि 2022 तक पीजी की डिग्री पूरी होना चाहिए। साथ ही चिकित्सकों की काफी कमी है। ऐसी स्थिति में पद को लंबे समय तक खाली नहीं रखा जा सकता है। आयुक्त ने याचिकाकर्ता के आवेदन को खारिज करने में कोई गलती नहीं की है। कोर्ट ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद याचिका खारिज कर दी। |
| कर्मचारियों को पदोन्नति से वंचित रखना चाहती है सरकार: कर्मचारी संघ- MP karmchari news Posted: 26 Jun 2022 05:37 AM PDT जबलपुर। मध्य प्रदेश तृतीय वर्ग शासकीय कर्मचारी संघ ने जारी विज्ञप्ति में बताया की विगत लगभग 10 वर्षों से राज्य कर्मचारियों की पदोन्नति नहीं हो रही है कर्मचारी बिना पदोन्नति के ही सेवा निवृत्त हो जा रहे है। माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा सरकार को कर्मचारियों की पदोन्नति देने के संबंध में स्वतंत्र कर दिया गया है। उक्त तारतम्य में राज्य शासन द्वारा पदोन्नति हेतु मंत्री समूह की पदोन्नति समिति का गठन किया गया है, उक्त कमेटी की अनेकों दौर की बैठक होने के बाद भी पदोन्नति पर कोई निर्णय नहीं लिया जा सका है। पूरे देश में केवल म.प्र. शासन द्वारा अपने कर्मचारियों को पदोन्नति से वंचित रखा गया है। पदोन्नति की इस हीला हवाली से ऐसा प्रतीत होता है की शासन अपने कर्मचारियों को कभी सर्वोच्च न्यायालय के नाम पर कमी कर्मचारी संगठनों के आपसी मतभेद के नाम पर पदोन्नति से वंचित रखना चाहती है। शासन की इस कर्मचारी विरोधी नीति से प्रदेश के लगभग 10 लाख कर्मचारियों में निराशा एवं आक्रोश व्याप्त है। संघ के योगेन्द्र दुबे, अर्वेन्द्र राजपूत, अवधेश तिवारी, अटल उपाध्याय, मुकेश सिंह, मन्सूर बेग, आलोक अग्निहोत्री, दुर्गेश पाण्डे, आशुतोष तिवारी, डॉ०संदीप नेमा, बृजेश मिश्रा, एस.पी.वाथरे, वीरेन्द्र चन्देल, सुरेन्द्र जैन, नेतराम झारिया, संतकुमार छीपा, श्रीराम झारिया, श्यामनारायण तिवारी, योगेन्द्र मिश्रा, महेश कोरी, मनीष लोहिया, संतोष तिवारी, प्रियांशु शुक्ला, विनय नामदेव, पवन ताम्रकार, विष्णु पाण्डे, मनोज सेन, धीरेन्द्र सोनी, मो.तारिख, मनीष शुक्ला, सोनल दुबे, देवदत्त शुक्ला, आदि ने माननीय मुख्यमंत्री मंत्री महोदय से मांग की है कि राज्य कर्मचारियों की पदोन्नति पर शीध्र निर्णय लिया जाये। |
| इन खिलाड़ियों ने दवाई मध्य प्रदेश को रणजी ट्रॉफी, पढ़िए इंदौर के क्रिकेटर्स की कहानी- MP NEWS Posted: 26 Jun 2022 05:18 AM PDT इंदौर। 88 साल के इतिहास में पहली बार मध्य प्रदेश को रणजी ट्रॉफी मिली है। मध्य प्रदेश की टीम पहली बार रणजी टूर्नामेंट जीती है। मध्यप्रदेश की इस जीत में इंदौर के 4 खिलाड़ियों का महत्वपूर्ण योगदान है। आइए इन चारों खिलाड़ियों की कहानी पढ़ते हैं:- पार्थ साहनी ने पिता काे देख सीखा बल्ला पकड़नामध्य प्रदेश टीम में शामिल युवा आलराउंडर पार्थ साहनी ने अपने पिता और पूर्व क्रिकेटर मुकेश साहनी काे देखकर बल्ला पकड़ना सीखा। पार्थ अपने पिता मुकेश के साथ ही इंदाैर के सीसीआइ क्लब जाते थे। मुकेश ने 44 रणजी मैच खेले हैं। वे मप्र रणजी टीम के पांच साल काेच रहे हैं जबकि देवधर ट्राफी और दुलीप ट्राफी में भी काेच रहे हैं। इनके मार्गदर्शन में मध्य क्षेत्र टीम दुलीप ट्राफी में उपविजेता रही है। बायें हाथ के आक्रामक बल्लेबाज व बायें हाथ के सि्पन गेंदबाज पार्थ क्रिकेट के छाेटे प्रारूपाें वनडे व टी–20 में मध्य प्रदेश के कप्तान हैं, जबकि रणजी में उन्हें फाइनल में जाकर पदार्पण का माैका मिला। पिता मुकेश ने बताया कि पार्थ करीब सात साल से रणजी टीम में चयनित हाे रहा था, लेकिन माैका नहीं मिलने के बावजूद वह कभी हताश नहीं हुआ। नेट्स पर अपनी खामियाें काे दूर करता रहा, जिसका उसे फायदा मिला। यह खुशी की बात है कि मध्य प्रदेश टीम चैंपियन बनी है। उल्लेखनीय है कि पार्थ क्लब क्रिकेट इंदाैर के सीसीआइ से खेलते हैं जबकि संभागीय मैचाें में उज्जैन टीम का प्रतिनिधित्व करते हैं। उन्हाेंने हाल ही में अपनी कप्तानी में उज्जैन संभाग काे चैंपियन भी बनाया है। शुभम शर्मा काे क्रिकेटर बनाने के लिए काेच ने माता–पिता काे मुश्किल से मनायाइंदाैर के शुभम शर्मा का बड़ा भाई क्रिकेट खेलता था। वह भाई के साथ साइकिल पर नेट्स पर आता था। क्रिकेट में रुझान काे देखकर काेच ऋषि येंगडे ने पूछा कि क्लब क्रिकेट खेलाेगे। शुभम ने कहा– मम्मी–पापा से पूछना पड़ेगा। काेच ने माता–पिता से चर्चा की, लेकिन माता–पिता की चिंता थी कि उसकी पढ़ाई प्रभावित न हाे। तब शुभम वाद–विवाद स्पर्धाओं में हिस्सा लिया करता था। माता–पिता ने काेच से कहा कि लिखकर दाे यह टीम में आएगा। मगर समझाने के बाद वह मान गए। तब एमपीसीए की नई अकादमी शुरू हुई थी, लेकिन क्लब से शुभम का नाम नहीं जा सका था। येंगडे ने अकादमी के मुख्य काेच पूर्व अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर अमय खुरासिया से चर्चा कर उन्हें बताया कि यह प्रतिभाशाली खिलाड़ी है। तकनीकी कारणाें से नाम नहीं आ सका है। अमय ने स्कूल की ओर से नाम भेजने काे कहा। इसके बाद उन्हाेंने शुभम का चयन किया और उसकी तकनीक पर मेहनत की। इसके बाद शुभम ने पलटकर नहीं देखा। ऋषि बताते हैं कि अब जब भी शुभम की मम्मी मिलती हैं ताे वह दिन याद करती हैं जब वे शुभम काे क्रिकेट में भेजने काे तैयार नहीं थी। इंदाैर स्पाेट्र्स क्लब के पदाधिकारी राजूसिंह चाैहान ने बचपन में शुभम काे आगे बढ़ाने में बहुत याेगदान दिया। पिता ही बने सारांश जैन के पहले गुरुसारांश के पिता सुबाेध जैन रणजी क्रिकेटर रहे हैं। वे आफ सि्पन गेंदबाज थे। उन्हीं काे देखकर सारांश की क्रिकेट में रुचि बढ़ी। पिता की तरह सारांश भी इंदाैर के विजय क्लब से खेलने लगे और यहां पिता सुबाेध ही पहले काेच बने। साथ ही काेच राम अत्रे का मार्गदर्शन भी मिला। सारांश ने वर्ष 2014 में रणजी पदार्पण किया था। इसी साल उनके पिता काे कैंसर हुआ। बताैर खिलाड़ी सारांश के लिए मुशि्कल वक्त था, लेकिन उन्हाेंने एकाग्रता भंग नहीं हाेने दी। आपरेशन के बाद पिता की सेहत अब ठीक है। सुबाेध जैन बताते हैं, सारांश कड़ी मेहनत करता है। वह इंदाैर संभाग क्रिकेट टीम का कप्तान है और अपने प्रदर्शन के सहारे टीम काे चैंपियन बनवा चुका है। खिलाड़ियाें के जीवन में उतार–चढ़ाव आते हैं, लेकिन अब तक सारांश के करियर में खराब दाैर नहीं आया है। क्रिकेट के कारण पढ़ाई जरूर प्रभावित हुई है। सारांश ने 12वीं तक की पढ़ाई की है। इसके बाद क्रिकेट मैचाें के कारण वह परीक्षा नहीं दे पाता था। इसलिए आगे की पढ़ाई नहीं कर सका। पिता सुबाेध जैन चाहते हैं कि वह बताैर क्रिकेटर उनका सपना पूरा करे। वे उसे भारतीय टीम में खेलते देखना चाहते हैं। इस सत्र से सारांश इंदाैर की गाैड़ एकेडमी से खेलने लगे हैं। आठ साल की उम्र में रजत पाटीदार ने शुरू किया था क्रिकेट खेलनाइंदाैर के रजत पाटीदार ने विजय क्लब से करियर शुरू किया था। जब रजत करीब आठ साल के थे, ताे उनके दादा उन्हें क्लब लेकर आए थे। यहां पूर्व क्रिकेटर सचिन धाेलपुरे ने उन्हें बल्लेबाजी के गुर सिखाए। रजत के अनुसार जब मैं 19 साल का हुआ ताे असली प्रतिस्पर्धा से सामना हुआ। इस दाैरान पूर्व अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर अमय खुरासिया ने मेरी तकनीक सुधारी। यही तकनीक मेरी मजबूती बनी हुई है। रणजी टीम में काेच चंद्रकांत पंडित ने बताया कि बड़े खिलाड़ी किस तरह मैचाें की तैयारी करते हैं। रजत का परिवार क्रिकेट से जुड़ा नहीं है, लेकिन माता–पिता उनका हर मैच देखते हैं। पाटीदार परिवार मूलत: देवास जिले का रहने वाला है, लेकिन काराेबार के चलते पिता इंदाैर आकर बस गए। रजत अपनी शादी की तैयारियां छाेड़कर आइपीएल खेलने गए थे। जहां उन्हाेंने इलिमिनेटर में शतक जमाते हुए अपनी उपयाेगिता साबित की थी। वे पहले अनकैप्ड खिलाड़ी बने थे, जिसने इलिमिनेटर में शतक बनाया हाे। रणजी फाइनल में भी रजत ने शतकीय पारी खेलकर मध्य प्रदेश टीम काे मजबूती दी थी। |
| MP NEWS- मध्यप्रदेश ने रणजी ट्रॉफी जीती, सबको बधाई, 88 साल में पहली बार बना इतिहास Posted: 26 Jun 2022 03:46 AM PDT भोपाल। और सब कुछ वैसा ही हुआ जैसा कि 1983 वर्ल्ड कप के समय हुआ था। तब पूरा देश टीम इंडिया के चमत्कारी प्रदर्शन को देखकर मोहित हो गया था और आज पूरा मध्य प्रदेश अपनी क्रिकेट टीम के शानदार प्रदर्शन को देखकर जश्न मना रहा है। मध्य प्रदेश की टीम ने रणजी ट्रॉफी जीत ली है। मध्य प्रदेश के क्रिकेट इतिहास में यह बहुत बड़ा दिन है। 88 साल में पहली बार मध्य प्रदेश की टीम ने रणजी ट्रॉफी जीती है। मध्यप्रदेश में मुंबई को 6 विकेट से मात दी है। उल्लेखनीय है कि इससे पहले मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मध्य प्रदेश की टीम की प्रशंसा करते हुए विश्वास जताया था कि इस बार रणजी ट्रॉफी मध्यप्रदेश में आएगी। मुख्यमंत्री ने बधाई दीमध्य प्रदेश की टीम में चंद्रकांत पंडित ने चमत्कारी प्रदर्शन किया। उन्हें मध्य प्रदेश की टीम का यरगेन क्लॉप कहा जा रहा है। मध्यप्रदेश की यह जीत इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि मुंबई इस से पूर्व 41 बार रणजी ट्राफ़ी जीत चुकी है। |
| MP NEWS- उज्जैन साइबर सेल आरक्षक रिश्वत लेते गिरफ्तार Posted: 26 Jun 2022 02:32 AM PDT उज्जैन। मध्य प्रदेश के उज्जैन जिले में आज लोकायुक्त की टीम ने उज्जैन में बड़ी कार्रवाई की है। यहां लोकायुक्त ने छापामार कार्रवाई करते हुए साइबर सेल के आरक्षक को घूस लेते हुए पकड़ा है। उज्जैन में लोकायुक्त की टीम ने साइबर सेल के आरक्षक प्रवीण चौहान को घूस लेते हुए पकड़ा है। आरोप है कि, उसने देवेश अस्थाना से 10 हजार रुपए की घूस मांगी थी रुपए नहीं देने पर जुए में फंसाने की धमकी दी थी। भ्रष्टाचार की लोकायुक्त में शिकायत की गई थी। शिकायत के आधार पर साइबर सेल के आरक्षक प्रवीण चौहान को रिश्वत लेते हुए लोकायुक्त पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। आरोपी के विरुद्ध भष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है। |
| CM RISE SCHOOL NEWS- एडमिशन और फीस को लेकर गाइडलाइन Posted: 26 Jun 2022 04:48 AM PDT भोपाल। मध्य प्रदेश शासन के लोक शिक्षण संचालनालय द्वारा सीएम राइज स्कूलों में एडमिशन और फीस को लेकर गाइडलाइन जारी कर दी गई है। विदित हो कि कई स्कूल संचालकों ने इसके बारे में स्पष्ट दिशा निर्देशों की मांग की थी। आयुक्त लोक शिक्षण ने आदेश जारी करते हुए कहा है कि गर्ल्स स्कूल, बॉयज स्कूल और को-एड स्कूल तीनों में ही छात्र-छात्राओं को एडमिशन दिया जाएगा। आरटीई के तहत पहली से आठवीं तक की क्लासेस में पढ़ाई निशुल्क होगी। नवी से बारहवीं तक के लिए पहले से तय सामान्य शुल्क या स्कूल मैनेजमेंट कमेटी द्वारा तय किया गया शुल्क लिया जा सकेगा। फीस को लेकर कई स्कूलों के प्राचार्य ने विभाग से जानकारी मांगी थी। दरअसल, मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने घोषणा की थी कि मध्य प्रदेश के सीएम राइज स्कूलों में निशुल्क पढ़ाई कराई जाएगी। जबकि मध्यप्रदेश के सरकारी स्कूलों में कक्षा 9 से लेकर कक्षा 12 तक एक न्यूनतम निर्धारित फीस ली जाती है। शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने मौखिक रूप से फीस लिए जाने की व्यवस्था स्थापित कर दी थी परंतु सीएम राइज स्कूल के प्राचार्य ने लिखित स्पष्ट दिशा निर्देशों की मांग की थी। |
| रीवा की महिला शिक्षक पाकिस्तान के बॉर्डर पर पकड़ी गई, लुक आउट नोटिस जारी हुआ था - MP NEWS Posted: 26 Jun 2022 02:18 AM PDT भोपाल। मध्य प्रदेश के रीवा जिले की एक महिला शिक्षक को पंजाब पुलिस द्वारा अटारी बॉर्डर से हिरासत में लिया गया है। महिला शिक्षक के खिलाफ मध्य प्रदेश पुलिस द्वारा लुकआउट नोटिस जारी किया गया था। पता चला है कि महिला शिक्षक एक पाकिस्तानी युवक के संपर्क में थी। पूछताछ के बाद पता चल पाएगा कि दोनों के बीच क्या कम्युनिकेशन हुआ था और युद्ध किस कारण से पाकिस्तान जा रही थी। रीवा जिले के पुलिस अधीक्षक नवनीत भसीन ने बताया कि युवती का नाम फिजा खान है। उसके पिता एवं भाई ने उसके अचानक गुमशुदा होने की शिकायत की थी। बताया था कि 14 जून को वह घर से निकली थी लेकिन वापस नहीं लौटी। फिजा के भाई ने बताया कि उसके फेसबुक मैसेंजर पर एक संदिग्ध व्यक्ति का लगातार कॉल आ रहा है। पुलिस ने जब उस संदिग्ध व्यक्ति के बारे में साइबर सेल से पता किया तो जानकारी मिली कि कॉल करने वाले का नाम दिलशाद खान हैं और वह पाकिस्तान का रहने वाला है। मामला पाकिस्तान से कनेक्ट होने के कारण पुलिस तेजी से एक्टिव हो गई। इन्वेस्टिगेशन में यह भी पता चला कि फिजा खान के नाम से भोपाल से पासपोर्ट बना है। 14 जून को वह घर से गायब हुई और 22 जून को उसके लिए 90 दिन का कराची का वीजा जारी हुआ है। यह पता चलते ही पुलिस ने तत्काल लुक आउट नोटिस जारी किया। जिसके चलते कस्टम डिपार्टमेंट और बीएसएफ के अधिकारियों ने पाकिस्तान जाते समय अटारी बॉर्डर पर फिजा खान को हिरासत में ले लिया। मध्य प्रदेश पुलिस उसे लेने के लिए अमृतसर रवाना हो गई है। पूछताछ के बाद सारी कहानी पता चल पाएगी। फिजा खान का पाकिस्तानी युवक से क्या संबंध है। दोनों के बीच क्या कम्युनिकेशन हुआ। वह अपने परिवार को बताए बिना चुपके से पाकिस्तान क्यों जा रही थी और क्यों पाकिस्तान का दिलशाद खान उसके भाई को कॉल कर रहा था। |
| BHOPAL जंक्शन और रानी कमलापति के बीच ट्रेनों के बंटवारे का प्लान तैयार- NEWS TODAY Posted: 26 Jun 2022 02:11 AM PDT भोपाल। भोपाल-इटारसी वाया बीना विंध्याचल एक्सप्रेस, भोपाल-बिलासपुर एक्सप्रेस और भोपाल-बीना मेमू को जल्दी रानी कमलापति स्टेशन पर शिफ्ट किया जा सकता है इसके अलावा 3-4 अन्य ट्रेनें भी यहां हॉल्ट लेंगी। गौरतलब है कि रेल मंत्रालय ने इसकी तैयारी कर ली है। जुलाई में रेल मंत्रालय इसकी घोषणा कर देगा। दरअसल हाल ही में रेलवे बोर्ड के फाइनेंस पैसेंजर कमेटी आदि के मेंबर्स ने रानी कमलापति और भोपाल स्टेशन का निरीक्षण किया था। उसके बाद उन्होंने रेल मंडल के अधिकारियों से दोनों ही स्टेशनों से शुरू होने व हॉल्ट लेने वाली ट्रेनों की जानकारी ली है। उल्लेखनीय है कि रेल मंत्रालय रानी कमलापति स्टेशन पर ट्रेनों की संख्या बढ़ाने पर सहमत है। बताया जा रहा है कि ट्रेनों की संख्या बढ़ाने का फैसला रेल मंत्रालय जल्द लेगा। इसकी घोषणा जुलाई में लागू होने वाले नए टाइम टेबल के साथ हो सकती है। रेल मंत्रालय को दी जाने वाली रिपोर्ट में आबादी, स्टेशनों के बीच दूरी सहित आम लोगों को होने वाली सहूलियत संबंधी जानकारी शामिल की जाती है। साथ ही उसमें ट्रेनों को शिफ्ट करने के बाद विभिन्न क्षेत्रों से आवागमन करने वाले लोगों की परेशानी के बारे में भी बताया जाता है। भोपाल बिलासपुर पैसेंजर ट्रेन 9 जुलाई तक बंदभोपाल -बिलासपुर पैसेंजर ट्रेन 9 जुलाई तक बंद रहेगी। बिलासपुर मंडल में काम चलने की वजह से रेलवे ने इस ट्रेन को 24 जून तक के लिए बंद किया था और 25 जून से ट्रेन का संचालन शुरू होना था परंतु अब यह ट्रेन 9 जुलाई तक बंद रहेगी। गौरतलब है कि यह ट्रेन पिछले 28 मार्च से बंद है जिसके कारण इससे यात्रियों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। |
| MP CHUNAV NEWS- सरपंच पद जीतने की इतनी खुशी कि जिंदगी हार गई Posted: 26 Jun 2022 01:34 AM PDT हरदा। मध्यप्रदेश पंचायत चुनाव के परिणाम के बाद हरदा जिले में सरपंच बनने खुशी में 70 साल की महिला की मौत हो गई। रुकमणी बाई टिमरनी के पानतलाई में 365 वोट से जीती थीं। जश्न मनाकर रात 12 बजे सोईं। आज सुबह बिस्तर पर मृत मिलीं। सात साल बाद हुए त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव को लेकर मतदाताओं में खासा उत्साह नजर आया। चुनाव के परिणाम में किसी को जीत से खुशी तो किसी को हार मिलने से निराशा मिली। वहीं हरदा जिले की टिमरनी जनपद के अंतर्गत आने वाले ग्राम पानतलाई में करीब 365 वोटों से जीतने वाली महिला सरपंच रुकमणी बाई (70) का जीत के अगले ही दिन निधन हो गया। ग्राम पांनतलाई की आवास कालोनी में रहने वाले नवनिर्वाचित सरपंच के बेटे राजेश सरेआम ने बताया कि गांव के सभी लोगों के सहयोग से उनकी मां रुकमणी बाई को सरपंच पद के लिए खड़ा किया था। जिसमें उन्हें जीत हासिल हुई है। उन्होंने बताया कि रात 12 बजे के आसपास खाना खाने के बाद परिवार के सभी लोग बातचीत कर घर मे सो रहे थे। जब सुबह उठकर देखा तो मां की मृत्यु हो चुकी थी। राजेश ने बताया कि उन्हें बीपी और गैस की समस्या रहती थी। वहीं उनकी मां और वे खुद गांव में मजदूरी कर अपना जीवन यापन करते है। उन्होंने कहा कि उनकी मां सरपंच पद पर जीत गई थी तो पूरे परिवार में खुशी का माहौल था। लेकिन उनके अचानक निधन से पूरा परिवार सदमे में है। मृतका के दो बेटे राजेश ओर मुकेश एवं एक बेटी है। वहीं पति का पहले ही निधन हो गया। |
| BHOPAL में पैसेंजर रोप-वे बनाए जाएंगे, 3 स्थानों के लिए प्लान तैयार Posted: 26 Jun 2022 12:56 AM PDT भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में रोड ट्रैफिक को कम करने और धार्मिक स्थलों में टूरिस्टों को सीधे पहुंचाने के लिए अब मप्र के प्रमुख शहरों में पैसेंजर रोप-वे बनाए जाएंगे। नेशनल हाईवेज लॉजिस्टिक्स मैनेजमेंट लिमिटेड ने लोकेशन तय कर दी हैं। भोपाल की तीन लोकेशन हैं। कोलार रोड से न्यू मार्केट, कोकता ट्रांसपोर्ट नगर से नादरा बस स्टैंड वाया गोविंदपुरा इंडस्ट्रियल एरिया और वन विहार से खानूगांव। पीडब्ल्यूडी और टूरिज्म विभाग ने रोप-वे के रूट का आकलन भी कर लिया है। केंद्र सरकार की मंजूरी मिलते ही इस पर काम शुरू होगा। अनुमान है कि इसमें 3 से 4 साल का वक्त लगेगा। देश में इस समय रोप-वे की स्पीड 6 मीटर प्रति सैकंड है। इस लिहाज से पैसेंजर ट्रैफिक के लिए इन रोप-वे को मुफीद माना जा रहा है। इन रोप-वे के निर्माण का पूरा पैसा नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (केंद्र सरकार) देगी। बनने के बाद इसे पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप मॉडल पर चलाया जाएगा। संचालन करने वाली एजेंसी को हर साल एक निश्चित राशि का भुगतान सरकार को करना पड़ेगा। यह राशि कितनी होगी, अनुबंध की शर्तों पर तय होगी। भोपाल में प्रस्तावित लोकेशन में कोलार रोड से न्यू मार्केट तक रोप-वे का ज्यादातर हिस्सा सड़क के साथ-साथ ही होगा। इसके 30 से 40 फीट ऊंचे पिलर बनेंगे, जिस पर यह चलेगा। वन विहार से खानूगांव वाली लोकेशन पर रोप-वे बड़े तालाब के ऊपर से गुजरेगा। उज्जैन - महाकाल मंदिर से रेलवे स्टेशन, टीकमगढ़ - ओरछा में 2-वे कनेक्टिविटी होगी। टीकमगढ़ और झांसी की साइड से, ग्वालियर - फूलबाग चाैराहा से ग्वालियर फोर्ट, खंडवा - सिधवरकूट (ओंकारेश्वर) से राजराजेश्वर आश्रम (ओंकार हिल्स) और सैलानी आइलैंड री-पोर्ट, अनूपपुर - अमरकंटक से कपिल धारा, छतरपुर - रनेह फॉल्स (खजुराहो) से केन घड़ियाल रिवर बैंक, रायसेन - रायसेन फोर्ट से रायसेन का अपर एरिया,नर्मदापुरम - महादेव मंदिर से चौरागढ़ तक चलेगा रोप-वे। |
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