प्राइमरी का मास्टर ● इन |
- बिना परिणाम कैसे करें डीएलएड में आवेदन, फिर खाली रह जाएंगी सीटें
- परिषदीय स्कूलों में लगेंगे रेन वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम, जानिये किन 5 जिलों में निजी संस्था लगाएगी सिस्टम?
- ट्रांसफर, पदोन्नति सहित विभिन्न मांगों को लेकर राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ ने बेसिक शिक्षा मंत्री व महानिदेशक स्कूल शिक्षा को सौंपा ज्ञापन
- 26 सूत्रीय मांगों को लेकर जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ ने की महानिदेशक से मुलाकात।
| बिना परिणाम कैसे करें डीएलएड में आवेदन, फिर खाली रह जाएंगी सीटें Posted: 13 Jun 2022 08:13 PM PDT बिना परिणाम कैसे करें डीएलएड में आवेदन, फिर खाली रह जाएंगी सीटें प्रयागराज। डीएलएड प्रशिक्षण 2022 में इस बार भी निजी कॉलेजों और संस्थानों में सीटे खाली रह जाएंगी। सचिव परीक्षा नियामक प्राधिकारी की ओर से इसके लिए 15 जून से आवेदन शुरू हो रहा है। आवेदन की अंतिम तिथि सात जुलाई है। ऐसे में बिना स्नातक परीक्षा परिणाम के इस सत्र के अभ्यर्थी आवेदन नहीं कर पाएंगे। दरअसल कोरोना संक्रमण के चलते विश्वविद्यालयों में सत्र विलंबित हैं। इविवि और राज्य विवि में भी अभी स्नातक अंतिम वर्ष की परीक्षाएं चल रही है। ऐसे में परिणाम कब तक जारी होगा। इसकी तस्वीर अभी नहीं साफ है। ऐसे में डीएलएड सत्र 2022 में इस सत्र के अभ्यर्थी बिना स्नातक अंतिम वर्ष के परिणाम के आवेदन से वंचित रह जाएंगे। गौरतलब है कि पिछले साल भी डीएलएड में निजी कॉलेजों में बहुत संख्या में विद्यार्थियों ने दाखिला लिया था। कई संस्थानों को तक एक विद्यार्थी तक नहीं मिले। विद्यार्थियों का डीएलएड के प्रति रुझान काफी कम हुआ है। इसकी एक वजह यह भी है कि परिषदीय विद्यालयों में सहायक अध्यापक पद पर भर्ती में बीएड डिग्री धारक भी आवेदन कर सकते हैं। ऐसे में विद्यार्थी डीएलएड की अपेक्षा बीएड की डिग्री प्राप्त करने को ज्यादा तरजीह दे रहे हैं। ऐसे में नए सत्र के अभ्यर्थी डीएलएड में आवेदन नहीं कर पाएंगे तो डीएलएड प्रशिक्षण के लिए आवेदन करने वालों की संख्या पिछले साल की अपेक्षा इस बार और भी कम होने की उम्मीद है। |
| Posted: 13 Jun 2022 07:26 PM PDT परिषदीय स्कूलों में लगेंगे रेन वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम, जानिये किन 5 जिलों में निजी संस्था लगाएगी सिस्टम? बारिश के पानी का संरक्षण अब शहरों के बड़े भवनों तक ही सीमित नहीं रहेगा। गांवों के प्राथमिक विद्यालयों में भी अब वर्ष जल संरक्षण सिस्टम लगाने की तैयारी है। यह पहल निजी संस्था ने की है। इसके लिए पांच जिले बांदा, चित्रकूट, बाराबंकी, सीतापुर और वाराणसी को चिह्नित भी कर लिया गया है। इन जिलों में 100 प्राथमिक विद्यालयों में वर्षा जल संरक्षण सिस्टम लगाया जाना है। चयनित जिलों में ये सिस्टम उन्हीं विद्यालयों में लगाया जाएगा जो डार्क एरिया में होंगे। संस्था अपने सीएसआर फंड के तहत पांच जिलों के 20-20 प्राथमिक विद्यालयों के माध्यम से ग्राउंड वाटर रिचार्ज करने का काम करेगा। इसको लेकर निदेशक बेसिक शिक्षा डॉ. सवेंद्र विक्रम बहादुर सिंह ने सभी जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे ग्राउंड वाटर के हिसाब से उन ब्लॉकों के विद्यालयों को चयनित करें जो डार्क एरिया में आते हों। चयन किए जाने वाले विद्यालय में पर्याप्त स्थान होना चाहिए। |
| Posted: 13 Jun 2022 06:50 PM PDT |
| 26 सूत्रीय मांगों को लेकर जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ ने की महानिदेशक से मुलाकात। Posted: 13 Jun 2022 06:37 PM PDT |
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