प्राइमरी का मास्टर ● इन |
- 16 जून से शिक्षामित्र व अनुदेशकों के पढ़ाने पर संशय, 11 माह का अनुबंध - नहीं मिलता जून माह का मानदेय
- 12460 भर्ती : शिक्षक बनने का जश्न तो कहीं अंतहीन इंतजार, छह हजार बेरोजगार चार साल से हाईकोर्ट का काट रहे चक्कर
- CBSE के छात्र-छात्राएं बनेंगे डिजिटल नागरिक, बच्चों को ऑनलाइन टेक्नोलॉजी के खतरों से किया जाएगा आगाह
- 6 जुलाई को यूपी के 75 जिलों के 1538 परीक्षा केंद्रों में होगी बीएड संयुक्त प्रवेश परीक्षा, 5 अगस्त को परिणाम
- 30 अप्रैल के स्थान पर 30 सितंबर की संख्या पर पदोन्नति, समायोजन व स्थानान्तरण किए जाने तथा भीषण गर्मी के चलते 01 जुलाई से परिषदीय विद्यालय खोले जाने की मांग को लेकर विशिष्ट बीटीसी शिक्षक वेलफेयर एसोसिएशन ने मुख्यमंत्री को लिखा पत्र।
- बच्चों का स्कूलों में कराएं दाखिला : मुख्य सचिव, 16 जून को सत्र शुरू होने के बाद फिर दी जाएगी नामांकन के अभियान को रफ्तार
- 10 से 15 जुलाई के बीच हो सकता है CUET, देश के करीब सौ विश्वविद्यालयों में मिलेगा दाखिला
- यूपी : जुलाई में बच्चों व किशोरों के शत प्रतिशत टीकाकरण का लक्ष्य
- निजी स्कूल भी मनमाने तरीके से नौकरी से नहीं हटा सकते, कर्मचारी को सेवानिवृत्ति के सभी लाभ देने के निर्देश
- कोर्ट आदेशों की अवहेलना कर रहे शिक्षा विभाग के अधिकारी, अफसरों की कार्यशैली पर हाईकोर्ट की तल्ख टिप्पणी
- तबादलों से पहले सेवा नियमावली में संशोधन की तैयारी
- गैर शैक्षणिक कामों से बेसिक शिक्षक परेशान, पढ़ाई भी हो रही प्रभावित
| 16 जून से शिक्षामित्र व अनुदेशकों के पढ़ाने पर संशय, 11 माह का अनुबंध - नहीं मिलता जून माह का मानदेय Posted: 11 Jun 2022 06:55 PM PDT 16 जून से शिक्षामित्र व अनुदेशकों के पढ़ाने पर संशय, 11 माह का अनुबंध - नहीं मिलता जून माह का मानदेय ■ शिक्षामित्र और अनुदेशकों का 31 मई को खत्म हो गया है अनुबंध ■ एक जुलाई से 31 मई तक का ही रहता है रहता है अनुबंध गोरखपुर । शासन के आदेश पर ग्रीष्मावकाश के बाद इस बार 16 जून से ही परिषदीय विद्यालय खुल से जाएंगे। विद्यालय तो खुल जाएंगे पर बच्चों को पढ़ाएगा कौन? इस पर अभी संशय है। क्योंकि परिषदीय विद्यालयों की रीढ़ बन चुके शिक्षामित्र और अनुदेशकों का अनुबंध 31 मई को ही समाप्त हो गया है। उनका केवल 11 माह का ही अनुबंध रहता है, उसका ही उनको मानदेय मिलता है। जून माह का मानदेय इनको नहीं मिलता जिले में 1670 प्राथमिक विद्यालयों में तकरीबन 2800 शिक्षामित्र व 834 उच्च प्राथमिक विद्यालयों में 452 अनुदेशक अध्यापन का कार्य कराते हैं। उनका एक जुलाई से 31 मई तक का अनुबंध रहता है। इस 11 माह का ही उनको मानदेय मिलता है। पूर्व के वर्षों में जून माह में स्कूलों के बंद रहने पर शिक्षामित्र व अनुदेशकों के शिक्षणेत्तर कार्य नहीं करने से उनको मानदेय नहीं मिलता था। 16 जून को परिषदीय स्कूल खुल जाएंगे। परिषदीय विद्यालय खुल तो जाएंगे लेकिन 31 मई को ही समाप्त हो चुके अनुबंध के बाद शिक्षामित्र और अनुदेशकों के विद्यालय जाने पर संशय बरकार है। उनके अनुबंध का रिन्यूवल जुलाई माह में होता है। शिक्षामित्र और अनुदेशक भी बिना नये अनुबंध के विद्यालय जाने को लेकर ऊहापोह में है। क्योंकि अगर वह विद्यालय जाते भी है तो उनको इसका पारिश्रमिक भी नहीं मिलेगा। पारिश्रमिक नहीं तो काम नहीं : आदर्श शिक्षामित्र वेलफेयर एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष गदाधर दुबे ने कहा कि जून माह का शिक्षामित्रों को मानदेय नहीं मिलता है। उनका अनुबंध एक जुलाई से 31 मई तक का ही है। इस बार 16 जून से ही विद्यालय खुल जा रहे हैं। हम शासन के निर्देश का इंतजार कर रहे हैं। परिषदीय अनुदेश कल्याण एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष विक्रम सिंह ने कहा है कि वह शासन का हर आदेश मानने को तैयार हैं लेकिन बिना लिखित आदेश के अनुदेशक विद्यालय नहीं जाएंगे। हम लोग नो पे, नो वर्क पर ही अडिग रहेंगे। ग्रीष्मावकाश के अवकाश का समायोजन ठंड का अवकाश देकर कर दिया गया था। ऐसे में 16 जून से सभी को विद्यालय आना होगा। शिक्षामित्र और अनुदेशकों के अनुबंध को लेकर शासनस्तर पर जो भी निर्णय लिया जाएगा, उसका पालन कराया जाएगा। आरके सिंह, बीएसए |
| Posted: 11 Jun 2022 06:45 PM PDT 12460 भर्ती : शिक्षक बनने का जश्न तो कहीं अंतहीन इंतजार, छह हजार बेरोजगार चार साल से हाईकोर्ट का काट रहे चक्कर प्रयागराज । परिषदीय प्राथमिक स्कूलों में 12460 सहायक अध्यापक भर्ती किसी के लिए जश्न तो किसी के लिए अंतहीन इंतजार का सबब बनी हुई है। इस भर्ती में चयनित शिक्षकों ने नियुक्ति के चार साल पूरे होने पर शनिवार को शिक्षा निदेशालय में सुंदरकांड का पाठ किया। वहीं शून्य जनपद के विवाद के कारण लगभग छह हजार बेरोजगार पिछले चार साल से हाईकोर्ट का चक्कर काट रहे हैं। 15 दिसंबर 2016 को जारी 12460 शिक्षक भर्ती के विज्ञापन में 24 जिलों में एक भी रिक्त पद नहीं थे। इन जिलों के अभ्यर्थियों को किसी भी अन्य जनपद में आवेदन की छूट थी। 16 मार्च 2017 को पहली काउंसिलिंग हुई। फिर समीक्षा के नाम पर सरकार ने भर्ती पर रोक लगा दी । 16 अप्रैल 2018 को सीएम ने भर्ती शुरू की अनुमति दी थी। 5948 चयनितों का नियुक्ति पत्र फंसा हुआ है। |
| CBSE के छात्र-छात्राएं बनेंगे डिजिटल नागरिक, बच्चों को ऑनलाइन टेक्नोलॉजी के खतरों से किया जाएगा आगाह Posted: 11 Jun 2022 06:38 PM PDT CBSE के छात्र-छात्राएं बनेंगे डिजिटल नागरिक स्किल मॉड्यूल के लिए प्रधानाचार्यों और शिक्षकों को प्रशिक्षित किया जाएगा बच्चों को कोर्स के माध्यम से ऑनलाइन टेक्नोलॉजी के खतरों से आगाह किया जाएगा। नई दिल्ली। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने बच्चों को डिजिटल नागरिक बनाने की दिशा में कदम बढ़ाया है। बोर्ड छठीं से 8वीं तक की कक्षा के बच्चों को ऑनलाइन टेक्नोलॉजी के खतरों से बचाने के लिए डिजिटल नागरिकता (सिटिजनशिप) पर स्किल मॉड्यूल शुरू करने जा रहा है। इसके पाठ्यक्रम में डिजिटल शिष्टाचार साइबर सुरक्षा, साइबर बुलिंग, इंटरनेट के उपयोग को शामिल किया गया है। पाठ्यक्रम को इस तरह से डिजाइन किया गया है कि सभी विषयों के शिक्षक आसानी से समझ सकें और छात्रों को जिम्मेदार डिजिटल नागरिक बनने के लिए प्रशिक्षित कर सकें। सीबीएसई का कहना है कि आज की दुनिया में छात्र कम उम्र में ही ऑनलाइन तकनीक के संपर्क में आ रहे हैं। कोरोना के कारण दो साल तक ऑनलाइन पढ़ाई हुई है, इसलिए डिजिटल दुनिया समय की जरूरत है। इसके लिए बोर्ड ने शिक्षकों से फीडबैक भी लिया, पाया गया कि ऑनलाइन दुनिया सुरक्षित रूप से तलाशने में छात्रों को मदद की जरुरत होती है। युवाओं को जिम्मेदार और सुरक्षित डिजिटल नागरिक बनाने के लिए सशक्त करने की आवश्यकता है। जिससे कि वह सुरक्षित तरीके से प्रौद्योगिकी का उपयोग करना सीख सकें। स्कूलों के प्रधानाचार्यों और शिक्षकों को समझाने के लिए 14 जून को ऑनलाइन ओरिएंटेशन सत्र आयोजित किया जाएगा। |
| Posted: 11 Jun 2022 05:35 PM PDT 6 जुलाई को यूपी के 75 जिलों के 1538 परीक्षा केंद्रों में होगी बीएड संयुक्त प्रवेश परीक्षा, 5 अगस्त को परिणाम महात्मा ज्योतिबा फुले रुहेलखंड विश्वविद्यालय ने शनिवार को बीएड संयुक्त प्रवेश परीक्षा के केंद्र तय कर दिए । प्रदेश के 75 जिलों के 1538 केंद्रों में छह जुलाई को परीक्षा होगी। पांच अगस्त को परिणाम आएगा। शासन ने इस बार प्रवेश परीक्षा कराने की जिम्मेदारी रुहेलखंड विश्वविद्यालय को दी है। 6, 67,456 आवेदन मिलने के बाद अभ्यर्थियों के परीक्षा केंद्र तय हुए। इनमें 500 अभ्यर्थियों की क्षमता के 1200 और 300 तक की क्षमता के 338 केंद्र बनाए गए हैं। सबसे अधिक केंद्र प्रयागराज में बनाए गए हैं। इसके बाद वाराणसी, जौनपुर, लखनऊ व आजमगढ़ में केंद्र बनाए गए हैं। इन जिलों से अधिक आवेदन आए थे। सबसे कम केंद्र श्रावस्ती, हमीरपुर, बलरामपुर, ललितपुर, सिद्धार्थ नगर में बनाए गये हैं। |
| Posted: 11 Jun 2022 11:34 AM PDT |
| Posted: 11 Jun 2022 05:59 PM PDT बच्चों का स्कूलों में कराएं दाखिला : मुख्य सचिव 16 जून को सत्र शुरू होने के बाद फिर दी जाएगी नामांकन के अभियान को रफ्तार लखनऊ। मुख्य सचिव दुर्गा शंकर मिश्र ने सभी जिलों के अभिभावकों से अपील की है कि वे स्कूल चलो अभियान से जुड़ें और बच्चों का दाखिला कराएं। इस बार अभियान के तहत ईंट-भट्ठों व अन्य कामों में लगे बाल मजदूरों का नामांकन भी कराया गया है। नामांकन बढ़ाने के लिए शिक्षकों को घरेलू सर्वेक्षण में लगाया गया है। बेसिक शिक्षा विभाग ने भी 16 जून को शैक्षिक सत्र शुरू होने के साथ ही अभियान को गति देने और तय लक्ष्य हासिल करने की तैयारी है। सरकारी प्रवक्ता के अनुसार इस बार सरकार ने सत्र 2022-23 में 6 से 14 वर्ष की आयु के 2 करोड़ बच्चों को अभियान से जोड़ने का लक्ष्य निर्धारित किया है। वर्तमान में प्रदेश के 75 जिलों के 1.3 लाख स्कूलों में 1.75 करोड़ से अधिक बच्चों का नामांकन हो चुका है। इसी क्रम में अब विद्यालयों में दो करोड़ नामांकन का लक्ष्य पाने की तैयारी है। मुख्य सचिव ने दिया सुझाव - सभी के सहयोग से परिषदीय स्कूलों का कराएं कायाकल्प, 30 जून तक सभी विद्यालयों में पीने के पानी की व्यवस्था करने के निर्देश मुख्य सचिव ने कहा- पूर्वजों की याद में स्कूलों को दान करें जरूरी चीजें, सभी स्कूलों में पेयजल की व्यवस्था करने के दिए निर्देश मुख्य सचिव कहा कि विद्यालयों में आधारभूत संरचना, शिक्षा और स्वच्छता को लेकर एक-दूसरे से बेहतर बनने की प्रतिस्पर्धा होनी चाहिए। उन्होंने 30 जून तक सभी विद्यालयों में पीने के पानी की व्यवस्था करने के निर्देश दिए। उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव दुर्गा शंकर मिश्र ने कहा कि सभी के सहयोग से परिषदीय स्कूलों का कायाकल्प कराएं। इसके लिए जनप्रतिनिधियों, स्वयंसेवी संस्थाओं, राजपत्रित अधिकारियों व विद्यालय के पूर्व विद्यार्थियों का भी सहयोग लिया जाए। उन्होंने शुक्रवार को ये निर्देश बेसिक शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक में अधिकारियों को दिए। कहा, अगर कोई व्यक्ति अपने पूर्वजों की याद में विद्यालयों को भवन, उद्यान, पुस्तकालय, प्रयोगशाला, फर्नीचर आदि दान में देना चाहे तो दे सकता है। उन्होंने कहा कि विद्यालयों में आधारभूत संरचना, शिक्षा और स्वच्छता को लेकर एक-दूसरे से बेहतर बनने की प्रतिस्पर्धा होनी चाहिए। उन्होंने 30 जून तक सभी विद्यालयों में पीने के पानी की व्यवस्था करने के निर्देश दिए। कहा, विद्यालयों में डेस्क, बेंच, दिव्यांग मैत्रिक शौचालय, बिजली आदि की व्यवस्था हो। वहीं जिन विद्यालयों में बिजली की सुविधा नहीं है, उन्हें सोलर पैनल से जोड़ा जाए। मुख्य सचिव ने विद्यालयों में स्वच्छता पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। कहा, गंदगी कई बीमारियों की जड़ है। इसलिए पढ़ाई के साथ-साथ विद्यार्थियों को हाथ धोने, परिसर की साफ-सफाई व सैनिटेशन का ज्ञान देना भी जरूरी है। वॉल पेंटिंग, संवाद व विभिन्न प्रतियोगिताओं के माध्यम से विद्यार्थियों को स्वच्छता व जल संरक्षण के प्रति जागरूक किया जाए। उन्होंने आजादी के अमृत महोत्सव के तहत सभी परिषदीय विद्यालयों में विद्यार्थियों द्वारा पौधरोपण कराकर उन्हें पर्यावरण संरक्षण के लिए जागरूक किया जाए। मुख्य सचिव ने अधिकारियों को ऑनलाइन व स्मार्ट क्लास के लिए विषय वस्तु तैयार करने के निर्देश भी दिए। बैठक में विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे। |
| 10 से 15 जुलाई के बीच हो सकता है CUET, देश के करीब सौ विश्वविद्यालयों में मिलेगा दाखिला Posted: 10 Jun 2022 07:09 PM PDT 10 से 15 जुलाई के बीच हो सकता है CUET, देश के करीब सौ विश्वविद्यालयों में मिलेगा दाखिला 🔴 नीट से पहले परीक्षा कराने की तैयारी, 17 जुलाई को है नीट, 🔴 सीयूईटी से देश के करीब सौ विश्वविद्यालयों में मिलेगा दाखिला नई दिल्लीः विश्वविद्यालयों में दाखिले से जुड़ी संयुक्त प्रवेश परीक्षा (सीयूईटी) की तारीखों को लेकर अब इंतजार खत्म हो सकता है। यह परीक्षा 10 से 15 जुलाई के बीच हो सकता है। एनटीए (नेशनल टेस्टिंग एजेंसी) ने जल्द ही इसके एलान के संकेत दिए हैं। इस परीक्षा के लिए देश और विदेश के नौ लाख से अधिक छात्रों ने आवेदन किया है। पहली बार आयोजित हो रही यह परीक्षा छात्रों की संख्या के लिहाज से देश की दूसरी सबसे बड़ी परीक्षा बन गई है। एनटीए से जुड़े अधिकारियों के मुताबिक जुलाई में वैसे तो कई परीक्षाएं हैं। ऐसे में सीयूईटी को भी इन परीक्षाओं के बीच में आयोजित कराने की तैयारी है। फिलहाल इसे 15 जुलाई से पहले कराने की तैयारी इसलिए भी है, क्योंकि नीट यूजी परीक्षा पहले से 17 जुलाई को निर्धारित है। वहीं जुलाई के पहले हफ्ते में जेईई मेंस के पहले चरण की परीक्षा है। सूत्रों की मानें तो सिर्फ 10 से 15 जुलाई के आसपास की तारीख अभी खाली है। ऐसे में स्नातक कोर्सों में दाखिले के लिए प्रस्तावित इस परीक्षा का आयोजन इन तारीखों के बीच हो सकता है। |
| यूपी : जुलाई में बच्चों व किशोरों के शत प्रतिशत टीकाकरण का लक्ष्य Posted: 10 Jun 2022 06:44 PM PDT यूपी : जुलाई में बच्चों व किशोरों के शत प्रतिशत टीकाकरण का लक्ष्य लखनऊ : कोरोना से बचाव के लिए चलाए जा रहे टीकाकरण अभियान में जुलाई भर में सभी पात्र लोगों टीके की दोनों डोज लगाने का लक्ष्य रखा गया है। 18 वर्ष से अधिक उम्र के वयस्कों को 24 जून तक वैक्सीन की दोनों डोज लगाने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। ऐसे ही जुलाई भर में सभी बच्चों व किशोरों को टीके की दोनों डोज लगाकर अभियान को पूरा करने पर जोर दिया जा रहा है। प्रदेश में 18 वर्ष से अधिक उम्र के कुल 14.74 करोड़ वयस्कों में से शत-प्रतिशत ने वैक्सीन की पहली और 13.83 करोड़ को दोनों डोज लगाई जा चुकी है। अब तक 93.8 प्रतिशत वयस्क दोनों डोज लगवा चुके हैं। वहीं, 15 से 18 वर्ष के बीच की उम्र के कुल 1.40 करोड़ किशोरों में से 1.37 करोड़ ने वैक्सीन की पहली और 1.13 करोड़ ने दोनों डोज लगवा ली है। 98.4 प्रतिशत किशोरों ने टीके की पहली और 80.8 प्रतिशत ने दोनों डोज लगवा ली है। वहीं, 12 वर्ष से 14 वर्ष तक की उम्र के 84.64 लाख बच्चों में से 77.03 लाख ने टीके की पहली और 38.14 लाख ने दोनों डोज लगवा ली है। 91 प्रतिशत बच्चों ने टीके की पहली व 45% बच्चों ने दोनों डोज लगवाई है। |
| Posted: 10 Jun 2022 06:37 PM PDT निजी स्कूल भी मनमाने तरीके से नौकरी से नहीं हटा सकते ■ स्कूल न्यायाधिकरण ने स्कूल का फैसला पलटा ■ कर्मचारी को सेवानिवृत्ति के सभी लाभ देने के निर्देश नई दिल्ली। दिल्ली स्कूल न्यायाधिकरण (डीएसटी) ने एक अहम फैसले में कहा कि मेडिकल बोर्ड द्वारा चिकित्सीय जांच किए बिना निजी स्कूल किसी शिक्षक या कर्मचारी को नौकरी से नहीं निकाल सकते। न्यायाधिकरण ने इसके साथ ही एक स्कूल द्वारा बिना जांच के कर्मचारी को अनफिट बताकर नौकरी से निकालने का फैसला रद्द कर दिया। न्यायाधिकरण के अध्यक्ष दिलबाग सिंह ने सिद्धार्थ इंटरनेशनल पब्लिक स्कूल प्रबंधन की उस दलील को खारिज कर दिया जिसमें कहा गया था कर्मचारी रतन लाल ने खुद काम करने में असमर्थता जताई थी। न्यायाधिकरण ने कहा, रतन सेवानिवृति की उम्र पूरी कर चुके हैं, ऐसे में सेवानिवृति के दिन तक उनकी नौकरी मानी जाए। उन्हें वेतन भत्ता समेत सेवानिवृत्ति के सभी लाभ दें। |
| Posted: 10 Jun 2022 09:16 PM PDT कोर्ट आदेशों की अवहेलना कर रहे शिक्षा विभाग के अधिकारी, अफसरों की कार्यशैली पर हाईकोर्ट की तल्ख टिप्पणी प्रयागराज : इलाहाबाद हाई कोर्ट ने शिक्षा विभाग के अफसरों की कार्यशैली पर तल्ख टिप्पणी की है। न्यायमूर्ति सिद्धार्थ ने अश्वनी कुमार त्रिपाठी की याचिका की सुनवाई करते हुए कहा कि शिक्षा विभाग के अधिकारी नियमित रूप से न्यायालय के निर्देशों की अवहेलना कर प्रतिकूल आदेश पारित कर रहे हैं। वह अदालत के आदेशों का सम्मान नहीं कर रहे। वे उन्हीं आदेशों को दोबारा जारी कर रहे हैं, जिन्हें निरस्त कर नया आदेश पारित करने के लिए निर्देश दिए जाते हैं। पीठ ने इस मामले को न्यायालय की अवमानना ही नहीं बल्कि कदाचार की श्रेणी में भी माना है। साथ ही राज्य सरकार को निर्देश दिया है कि वह ऐसे अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करे। याची अश्वनी कुमार त्रिपाठी इटावा में बतौर शिक्षक सेवानिवृत हुए। सेवानिवृत्ति के बाद उनकी पेंशन के भुगतान में तदर्थ सेवा अवधि नहीं जोड़ी गई। विभाग ने यह तर्क देते हुए पेंशन देने से मना कर दिया था कि याची ने विनियमितीकरण के बाद 10 साल की अर्हकारी सेवा पूरी नहीं की है। विभागीय आदेश को याची ने न्यायालय में चुनौती दी थी। न्यायालय ने विभाग को सुनीता शर्मा केस में दिए गए आदेश के अनुसार पेंशन दावे पर विचार करने का निर्देश दिया था । ऐसा नहीं हुआ। न्यायालय ने शिक्षा अधिकारियों के आचरण पर नाराजगी जताते हुए आदेश जारी करने वाली कमेटी में शामिल संयुक्त निदेशक कानपुर केके गुप्ता, डीडीआर कानपुर प्रेम प्रकाश मौर्य, डीआइओएस इटावा राजू राणा को व्यक्तिगत हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया था। केस की सुनवाई के दौरान शिक्षाधिकारियों ने न्यायालय के आदेश का अनुपालन कर दिया तो कोर्ट ने याचिका निस्तारित कर दी। ✍️ कोर्ट आर्डर HIGH COURT OF JUDICATURE AT ALLAHABAD Court No. - 32 Case :- WRIT - A No. - 4242 of 2022 Petitioner :- Ashwani Kumar Tripathi Respondent :- State Of U.P. And 5 Others Counsel for Petitioner :- Sanjeev Singh,Arvind Kumar Srivastava Counsel for Respondent :- C.S.C. Hon'ble Siddharth,J. Heard learned counsel for the petitioner; Sri Tirath Raj Shukla, learned counsel for respondent nos. 3 to 5 and learned Standing Counsel appearing on behalf of State-respondents. Sri Sanjeev Singh, learned counsel for the petitioner has made statement that the petitioner has received all the dues except the due amount payable towards group insurance and promotional pay for which he will make a representation before the respondent no.3, Regional Level Committee through its� Chairman/ Joint Director of Education (Secondary), Kanpur Region, Kanpur. This writ petition is disposed of with liberty to the petitioner to make a representation before the respondent no.3, within three weeks from today, which shall be decided by respondent no.3, within six weeks thereafter. Order Date :- 30.5.2022 Ruchi Agrahari |
| तबादलों से पहले सेवा नियमावली में संशोधन की तैयारी Posted: 10 Jun 2022 06:00 PM PDT यूपी में 79 हजार बेसिक शिक्षकों के समायोजन का मामला? तबादलों से पहले सेवा नियमावली में संशोधन की तैयारी सबसे जूनियर शिक्षकों का जिले के अंदर होगा समायोजन, आकांक्षी जिलों से तबादले की उम्मीद कम लखनऊ : सरकारी प्राइमरी स्कूलों में शिक्षक-छात्र अनुपात ठीक करने के लिए सबसे कनिष्ठ शिक्षक का तबादला किया जाएगा। जिले के अंदर शिक्षकों के तबादलों से पहले बेसिक शिक्षा परिषद शिक्षक सेवा नियमावली में संशोधन करेगी। इसके बाद ही तबादले किए जाएंगे। अभी तक सेवा नियमावली में यह स्पष्ट नहीं है कि जिले के अंदर तबादले करने में सबसे कनिष्ठ शिक्षक को हटाया जाए जबकि शासनादेश में यह उल्लिखित रहता है कि सबसे बाद में आने वाले शिक्षकों को समायोजन की सूची में शामिल किया जाए। सेवा नियमावली में स्पष्टता न होने के कारण हर बार हाईकोर्ट में मामला लटक जाता है। दरअसल कई जिलों में शहरों या इससे जुड़े क्षेत्रों के स्कूलों में शिक्षकों की संख्या ज्यादा होती है और गांव के भीतरी इलाकों के स्कूलों में कम शिक्षक होते हैं। पूरे प्रदेश में ऐसे लगभग 79 हजार शिक्षक हैं जिनकी तैनाती छात्रों के अनुपात में ज्यादा है। जिलों के अंदर पिछले कई वर्षों से तबादले नहीं हुए हैं। हर बार अंतरजनपदीय तबादलों के बाद जिलों के अंदर तबादले की योजना बनती है लेकिन यह सफल नहीं हो पाती। लखनऊ : सरकारी प्राइमरी स्कूलों में शिक्षक-छात्र अनुपात ठीक करने के लिए सबसे कनिष्ठ शिक्षक का तबादला किया जाएगा। जिले के अंदर शिक्षकों के तबादलों से पहले बेसिक शिक्षा परिषद शिक्षक सेवा नियमावली में संशोधन करेगी। इसके बाद ही तबादले किए जाएंगे। अभी तक सेवा नियमावली में यह स्पष्ट नहीं है कि जिले के अंदर तबादले करने में सबसे कनिष्ठ शिक्षक को हटाया जाए जबकि शासनादेश में यह उल्लिखित रहता है कि सबसे बाद में आने वाले शिक्षकों को समायोजन की सूची में शामिल किया जाए। सेवा नियमावली में स्पष्टता न होने के कारण हर बार हाईकोर्ट में मामला लटक जाता है। दरअसल कई जिलों में शहरों या इससे जुड़े क्षेत्रों के स्कूलों में शिक्षकों की संख्या ज्यादा होती है और गांव के भीतरी इलाकों के स्कूलों में कम शिक्षक होते हैं। पूरे प्रदेश में ऐसे लगभग 79 हजार शिक्षक हैं जिनकी तैनाती छात्रों के अनुपात में ज्यादा है। जिलों के अंदर पिछले कई वर्षों से तबादले नहीं हुए हैं। हर बार अंतरजनपदीय तबादलों के बाद जिलों के अंदर तबादले की योजना बनती है लेकिन यह सफल नहीं हो पाती। इस बार अंतरजनपदीय तबादले के बाद जिले के अंदर तबादले करने की योजना है ताकि शिक्षकों की आनुपातिक तैनाती की जा सके। आकांक्षी जिलों से तबादले की उम्मीद कम प्रदेश के आठ आकांक्षी जिलों से तबादले खुलने की उम्मीद इस बार भी कम है। यहां परस्पर यानी अदला-बदली में शिक्षक यहां आना चाहे और वह शिक्षक यहां कार्यभार ग्रहण कर ले, तब ही आकांक्षी जिलों के शिक्षकों को कार्यमुक्त किया जाएगा। |
| गैर शैक्षणिक कामों से बेसिक शिक्षक परेशान, पढ़ाई भी हो रही प्रभावित Posted: 09 Jun 2022 07:04 PM PDT गैर शैक्षणिक कामों से बेसिक शिक्षक परेशान, पढ़ाई भी हो रही प्रभावित बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से संचालित प्राथमिक, उच्च प्राथमिक व संविलियन विद्यालयों के शिक्षकों को जिस प्रकार से गैर शैक्षणिक कार्य सौंपे जाते हैं उससे उनको परेशानी उठानी पड़ती है। साथ ही कक्षाओं का संचालन भी प्रभावित होता है। 16 जून से सभी प्राथमिक विद्यालय ग्रीष्मावकाश के बाद खुल जाएंगे। हालांकि, शिक्षकों के गैर शैक्षणिक कार्यों में व्यस्त रहने से कक्षाओं का संचालन कैसे होगा इस पर संशय की स्थिति बनी हुई है। प्राथमिक विद्यालयों में नौनिहालों को उत्कृष्ट शिक्षा प्रदान करने के लिए सरकार प्रयास कर रही है। इसके लिए डीबीटी, मिड-डे मील व छात्रवृत्ति समेत अन्य योजनाएं भी चलाई जा रही हैं, लेकिन विद्यालयों में तैनात शिक्षकों को गैर शैक्षणिक जिम्मेदारी सौंपे जाने से शैक्षणिक गतिविधियां प्रभावित हो रही हैं। शिक्षक भी गैर शैक्षणिक कार्यों के बोझ तले दबे नजर आ रहे हैं। अलग-अलग समय पर शिक्षकों को गैर शैक्षणिक कार्यों के संपादन में जुटना पड़ रहा है। इन्हें खातों की फीडिंग, बच्चों की फोटो अपलोड करने, हाउस होल्ड सर्वे, स्कूल चलो अभियान रैली, अभिभावक संपर्क, प्रेरणा पोर्टल पर विवरण फीडिंग, अभिभावकों के बैंक खातों की पोर्टल पर फीडिंग, मिड-डे मील की व्यवस्था, कंपोजिट ग्रांट से खरीद, एसएमसी की बैठक, पीटीए की बैठक, रसोइयों का चयन, एसएमसी खाते का प्रबंधन, मिड डे मील के खाते का प्रबंधन, बोर्ड परीक्षा में ड्यूटी, बीएलओ ड्यूटी, जनगणना चुनाव ड्यूटी, संकुल व बीआरसी की बैठक, वित्तीय खातों का हिसाब करना, विद्यालय के अभिलेख तैयार करना, विद्यालय की रंगाई-पुताई, मिशन शक्ति के कार्यक्रम, अमृत महोत्सव कार्यक्रम, स्कूल रेडीनेस कार्यक्रम व शिक्षक डायरी भरने के साथ ही अन्य कार्य सौंपे जा रहे हैं। ऐसे में शिक्षक कई औपचारिकताओं व गैर सरकारी कार्यों के बीच उलझे रहते हैं जिसका सीधा प्रभाव शैक्षणिक कार्यों पर पड़ता है। कम शिक्षकों वाले स्कूलों में अधिक दिक्कत काफी संख्या में ऐसे विद्यालय भी हैं जहां निर्धारित मानक के सापेक्ष शिक्षकों की तैनाती काफी कम है। ऐसे में गैर शैक्षणिक कार्यों की वजह से इन विद्यालयों में पढ़ाई की गुणवत्ता पर अधिक असर पड़ता है। शिक्षक भी मजबूरी में प्रशासनिक कार्रवाई के डर से गैर शैक्षणिक कार्यों में व्यस्त दिखते हैं। 16 से फिर शुरू होगा नामांकन अभियान ग्रीष्मावकाश के बाद 16 जून से सभी विद्यालय फिर खुल रहे हैं। विद्यालय खुलने पर छात्र-छात्राओं का नामांकन लक्ष्य के सापेक्ष करने के लिए एक बार फिर शिक्षक घर-घर अभिभावकों से संपर्क के लिए निकलेंगे। |
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