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Sunday, June 12, 2022

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13 जून 2022, सोमवार का दैनिक पंचांग एवं राशिफल - सभी १२ राशियों के लिए कैसा रहेगा आज का दिन ?

Posted: 12 Jun 2022 10:05 AM PDT

 13 जून 2022, सोमवार का दैनिक पंचांग एवं राशिफल - सभी १२ राशियों के लिए कैसा रहेगा आज का दिन ? क्या है आप की राशि में विशेष ? जाने प्रशिद्ध ज्योतिषाचार्य पं. प्रेम सागर पाण्डेय से |
 13 जून 2022, सोमवार का दैनिक पंचांग

श्री गणेशाय नम: !! दैनिक पंचांग !!
श्री गणेशाय नम: !! दैनिक पंचांग!! 
☀ 13 - जून - 2022
☀ पंचांग    
🔅 तिथि  चतुर्दशी  07:39 PM
🔅 नक्षत्र  अनुराधा  08:39 PM
🔅 करण :
           गर  10:48 AM
           वणिज  10:48 AM
🔅 पक्ष  शुक्ल  
🔅 योग  सिद्ध  01:41 PM
🔅 वार  सोमवार  

☀ सूर्य व चन्द्र से संबंधित गणनाएँ    
🔅 सूर्योदय  05:13 AM  
🔅 चन्द्रोदय  05:36 PM  
🔅 चन्द्र राशि  वृश्चिक  
🔅 सूर्यास्त  06:47 PM  
🔅 चन्द्रास्त  +04:23 AM  
🔅 ऋतु  ग्रीष्म  

☀ हिन्दू मास एवं वर्ष    
🔅 शक सम्वत  1944  शुभकृत
🔅 कलि सम्वत  5124  
🔅 दिन काल  01:43 PM  
🔅 विक्रम सम्वत  2079  
🔅 मास अमांत  ज्येष्ठ  
🔅 मास पूर्णिमांत  ज्येष्ठ  

☀ शुभ और अशुभ समय    
☀ शुभ समय    
🔅 अभिजित  11:22:02 - 12:16:54
☀ अशुभ समय    
🔅 दुष्टमुहूर्त  12:16 PM - 01:11 PM
🔅 कंटक  07:42 AM - 08:37 AM
🔅 यमघण्ट  11:22 AM - 12:16 PM
🔅 राहु काल  06:40 AM - 08:23 AM
🔅 कुलिक  03:01 PM - 03:56 PM
🔅 कालवेला या अर्द्धयाम  09:32 AM - 10:27 AM
🔅 यमगण्ड  10:06 AM - 11:49 AM
🔅 गुलिक काल  01:32 PM - 03:15 PM
☀ दिशा शूल    
🔅 दिशा शूल  पूर्व  

☀ चन्द्रबल और ताराबल    
☀ ताराबल  
🔅 अश्विनी, कृत्तिका, मृगशिरा, पुनर्वसु, पुष्य, आश्लेषा, मघा, उत्तरा फाल्गुनी, चित्रा, विशाखा, अनुराधा, ज्येष्ठा, मूल, उत्तराषाढ़ा, धनिष्ठा, पूर्वाभाद्रपद, उत्तराभाद्रपद, रेवती  
☀ चन्द्रबल  
🔅 वृषभ, मिथुन, कन्या, वृश्चिक, मकर, कुम्भ  
🌹विशेष ~  व्रत की पूर्णिमा। 🌹
पं. प्रेम सागर पाण्डेय् 
नक्षत्र ज्योतिष वास्तु अनुसंधान केन्द्र 
नि:शुल्क परामर्श -  शनिवार 
दूरभाष  9122608219
            9835654844
🌹13 जून 2022, सोमवार🌹 
मेष (Aries) : आज आपको उग्र स्वभाव पर संयम रखने की सलाह देते हैं। आज आप मानसिक रूप से थकान का भी अनुभव कर सकते हैं। अधिक परिश्रम की तुलना में फल की प्राप्ति कम हो सकती है। संतान को लेकर चिंता हो सकती है। कार्य की अधिक व्यस्तता के कारण परिवार के लिए कम ध्यान दे पाएंगे। फिर भी सरकारी कार्यों में सफलता मिलने की उम्मीद है। पेट के दर्द से परेशानी हो सकती है।
शुभ रंग  =  उजला
शुभ अंक  :  4

वृषभ (Tauras): आज आपको वाणी और वर्तन पर संयम बरतने की आवश्यकता है। जलाशय से दूर रहें। जमीन और संपत्ति के पत्रों पर सही-मुहर लगाते समय ध्यान रखें। मध्याहन के बाद परिस्थिति में सुधार होगा। शारीरिक और मानसिक रूप से आप स्वस्थ रहेंगे। मन में उठती कल्पना की लहेरें एक अनोखे विश्व के निर्माण का अनुभव कराएंगी।
शुभ रंग  =  क्रीम
शुभ अंक  :  2

मिथुन (Gemini): कार्य में सफलता मिलने से आपका मन आज प्रसन्न रहेगा। प्रतिस्पर्धी पराजित होंगे। लेकिन मध्याहन के बाद परिवारजनों के साथ तूतू-मैंमैं हो सकती है और इससे मन में ग्लानि बढेगी। माता का स्वास्थ्य बिगड़ेगा। नकारात्मक विचार आपको हताशा की गर्त में न धकेल दे इसका ध्यान रखें। मध्याहन से पूर्व भाग्यवृद्धि के संकेत हैं।
शुभ रंग  =  फीरोजा़ 
शुभ अंक  :  6

कर्क (Cancer): लंबे समय की योजनाओं के बारे में सोचते हुए आप द्विधापूर्ण मनःस्थिति में फंस जाएंगे। निर्धारित कार्यों में विचारों की अपेक्षा कम सफलता मिलेगी। मध्याहन के बाद आपका समय अच्छा रहेगा। शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य अच्छा रहेगा। भाई-बहनों से आपको लाभ मिलेगा। किसी के साथ भावना भरे सम्बंधों में बंधेंगे और उससे मन की चिंता दूर होगी।
शुभ रंग  =  उजला
शुभ अंक  :  4

सिंह (Leo): आज के दिन आप आत्मविश्वास से भरे रहेंगे। आज आप प्रत्येक कार्य दृढ़ निर्णय शक्ति से करेंगे। फिर भी क्रोध की भावना अधिक रह सकती है, इसलिए मन शांत रखिएगा। सरकारी कार्यों में लाभ होगा। परिवारजनों का सहयोग अच्छा मिलेगा। आय की अपेक्षा व्यय अधिक होगा।
शुभ रंग  =  लाल
शुभ अंक  :  5

कन्या (Virgo): आज आपका मन कुछ अधिक भावनाशील रहेगा। भावनाओं के प्रवाह में बहकर आप कोई अविचारी कार्य न कर बैठें इसके लिए सावधान रहें। चर्चा और विवाद से दूर रहें। फिर भी किसी के साथ उग्रतापूर्ण व्यवहार हो सकता है। मध्याहन के बाद आपके अंदर आत्मविश्वास बढ़ता हुआ नजर आएगा। समाज में आपकी मान-प्रतिष्ठा बढेगी। फिर भी क्रोध पर संयम रखें।
शुभ रंग  =  फीरोजा़ 
शुभ अंक  :  6

तुला (Libra): आज का दिन प्रवास-पर्यटन पर जाने का और मित्रों से लाभ मिलने का दिन है। व्यापार के क्षेत्र में लाभ होगा। संतान के साथ संबंध मधुर रहेंगे। मध्याहन के बाद मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य बिगड़ेगा। अधिक संवेदनशील न रहें। उग्र चर्चा-विवाद से बचकर चलें। भ्रांति होने से दूर रहें। कानूनी विषयों में निर्णय बहुत सोच-समझकर करना होगा।
शुभ रंग  =  आसमानी 
शुभ अंक  :  7

वृश्चिक (Scorpio): दृढ़ मनोबल और आत्मविश्वास से सभी काम सरलता से पूरे होंगे। व्यवसाय में आपकी बुद्धि-प्रतिभा को प्रशंसित किया जाएगा। उच्च अधिकारी आपकी कार्यवाही से आनंदित होंगे और पदोन्नति होने की संभावना है। पिता के साथ संबंध मधुर रहेंगे और उनसे लाभ भी होगा। मध्याहन के बाद आपका मन कुछ विचारो में फंसा रहेगा। मित्रवर्ग से लाभ होगा।
शुभ रंग  :  लाल
शुभ अंक  :  5

धनु (Sagittarius): आज के दिन आपके स्वभाव में उग्रता रहेगी और स्वास्थ्य कुछ कमजोर भी रहेगा। धार्मिक यात्रा या प्रवास की भी संभावना है। व्यावसायिक क्षेत्र में विघ्न या विवाद होने की भी संभावना है। मध्याहन के बाद कार्यालय के वातावरण में कुछ सुधार होगा। कार्य में सफलता प्राप्त होगी, वर्चस्व बढ़ेगा। स्थावर संपत्ति के दस्तावेज के लिए समय अनुकूल है।
शुभ रंग  =  पीला
शुभ अंक  :  9

मकर (Capricorn): आज बीमारी के पीछे खर्च अधिक होगा। आकस्मिक धन का खर्च भी हो सकता है। पारिवारिक सदस्यों के साथ उग्र बहस न हो जाए इसका ध्यान रखें। बाहर के खानपान की व्यवस्था को आज संभवतः टालिएगा। चरित्र पर कोई उंगली उठाए ऐसा कोई कार्य न करें। निरर्थक वाद-विवाद या चर्चा से दूर रहें।
शुभ रंग  =  क्रीम
शुभ अंक  :  2

कुंभ (Aquarius): आज व्यापारी और भागीदारों के साथ संभलकर कार्य करें। वैवाहिक जीवन में मनदुःख के प्रसंग बनेंगे। विद्यार्थियों का प्रदर्शन अच्छा रहेगा। घर का वातावरण शांतिपूर्ण रहेगा। दैनिक कार्य में कुछ विघ्न आ सकते हैं। व्यावसायिक स्थल पर ऊपरी अधिकारियों के साथ वाद-विवाद टालें। अधिक श्रम करने पर भी फल प्राप्ति मनवांछित न होगी।
शुभ रंग  =  आसमानी 
शुभ अंक  :  7

मीन (Pisces): आपका दिन मध्यम फलदायी रहेगा। परिवार के सदस्यों के साथ आज मेलजोल बने रहेंगे। दैनिक कार्य में विलंब होंगे। सहकर्मियों का सहयोग कम मिलेगा। जीवनसाथी के साथ मनमुटाव के प्रसंग बनेंगे। जीवनसाथी के स्वास्थ्य की चिंता बनी रहेगी। सामाजिक क्षेत्र में यश प्राप्त नहीं होगा।
शुभ रंग  =  पींक
शुभ अंक  :  1

12 - जून – 2022 का दैनिक पंचांग एवं राशिफल - सभी १२ राशियों के लिए कैसा रहेगा आज का दिन ? क्या है आप की राशि में विशेष ? जाने प्रशिद्ध ज्योतिषाचार्य पं. प्रेम सागर पाण्डेय से |

Posted: 11 Jun 2022 06:34 AM PDT

12 - जून – 2022 का दैनिक पंचांग एवं राशिफल - सभी १२ राशियों के लिए कैसा रहेगा आज का दिन ? क्या है आप की राशि में विशेष ? जाने प्रशिद्ध ज्योतिषाचार्य पं. प्रेम सागर पाण्डेय से |

12 - जून – 2022 का दैनिक पंचांग

श्री गणेशाय नम:
!! दैनिक पंचांग !!



🔅 तिथि त्रयोदशी रात्रि 09:48

🔅 नक्षत्र विशाखा 10:01 PM

🔅 करण :

                कौलव 02:00 PM

                तैतिल 02:00 PM

🔅 पक्ष शुक्ल

🔅 योग शिव 05:26 PM

🔅 वार रविवार

☀ सूर्य व चन्द्र से संबंधित गणनाएँ

🔅 सूर्योदय 05:13 AM

🔅 चन्द्रोदय 04:26 PM

🔅 चन्द्र राशि तुला

🔅 सूर्यास्त 06:47 PM

🔅 चन्द्रास्त +03:30 AM

🔅 ऋतु ग्रीष्म

☀ हिन्दू मास एवं वर्ष

🔅 शक सम्वत 1944 शुभकृत

🔅 कलि सम्वत 5124

🔅 दिन काल 01:42 PM

🔅 विक्रम सम्वत 2079

🔅 मास अमांत ज्येष्ठ

🔅 मास पूर्णिमांत ज्येष्ठ

☀ शुभ और अशुभ समय

☀ शुभ समय

🔅 अभिजित 11:21:50 - 12:16:42

☀ अशुभ समय

🔅 दुष्टमुहूर्त 04:50 PM - 05:45 PM

🔅 कंटक 09:32 AM - 10:26 AM

🔅 यमघण्ट 01:11 PM - 02:06 PM

🔅 राहु काल 04:57 PM - 06:40 PM

🔅 कुलिक 04:50 PM - 05:45 PM

🔅 कालवेला या अर्द्धयाम 11:21 AM - 12:16 PM

🔅 यमगण्ड 11:49 AM - 01:32 PM

🔅 गुलिक काल 03:14 PM - 04:57 PM

☀ दिशा शूल

🔅 दिशा शूल पश्चिम

☀ चन्द्रबल और ताराबल

☀ ताराबल

🔅 भरणी, रोहिणी, आर्द्रा, पुनर्वसु, पुष्य, आश्लेषा, पूर्वा फाल्गुनी, हस्त, स्वाति, विशाखा, अनुराधा, ज्येष्ठा, पूर्वाषाढ़ा, श्रवण, शतभिषा, पूर्वाभाद्रपद, उत्तराभाद्रपद, रेवती

☀ चन्द्रबल

🔅 मेष, वृषभ, सिंह, तुला, धनु, मकर

🌹विशेष ~ प्रदोष व्रत। 🌹

पं. प्रेम सागर पाण्डेय् ,नक्षत्र ज्योतिष वास्तु अनुसंधान केन्द्र नि:शुल्क परामर्श - शनिवार दूरभाष 9122608219 / 9835654844

🌹 12 - जून – 2022 का राशिफल 🌹

मेष (Aries): सक्रियता और मनोबल से सभी आकर्षित होंगे। अकारण बहस और विवाद से दूर रहें। जिम्मेदारियों को निभाने में पुरजोर प्रयासरत रहेंगे। लेन देन में सतर्कता आवश्यक है। दिन सामान्य से शुभ।

शुभ रंग = लाल

शुभ अंक : 5

वृषभ (Tauras):
मनोनुकूलता बनी रहेगी। मित्रों को समय देना भाएगा। नए सम्बन्ध प्रगाढ़ होंगे। शिक्षा संतति और संसाधन बेहतर रहेंगे। खर्च पर नियंत्रण रखें। दिन शुभकारक। करियर कारोबार लाभप्रद रहेगा।

शुभ रंग = आसमानी

शुभ अंक : 2

मिथुन (Gemini):
औरों से अपेक्षा न रखें। न ही व्यर्थ ही उनकी परीक्षा लें। नेकी कर दरिया में डाल की नीति अपनाएं। बड़ों को नमन करें। कामकाज बेहतर बना रहेगा। भौतिकता पर जोर देंगे। दिन सामान्य। जिद छोड़ें।

शुभ रंग = लाल

शुभ अंक : 5

कर्क (Cancer):
संपर्कों का लाभ मिलेगा। शुभ सूचनाओं का आदान प्रदान करेंगे। सामाजिकता और सहकारिता बढ़त पर रहेगी। मेहमानों को आदर देंगे। भाई बहन से करीबी बढ़ेगी। दिन श्रेष्ठ।

शुभ रंग = पींक

शुभ अंक : 8

सिंह (Leo):
अपनों के साथ मांगलिक कायों में शामिल हो सकते हैं। धनधान्य की प्रचुरता बनी रहेगी। वाणी व्यवहार से सभी को प्रभावित करेंगे।कुटुम्बियों की सलाह से शुभ निर्णय ले सकते हैं। दिन शुभ।

शुभ रंग = पींक

शुभ अंक : 8

कन्या (Virgo)
: निसंकोच आगे बढ़ते रहें। सफलता का प्रतिशत ऊंचा बना रहेगा। प्रभावशाली लोगों से भेंट संभव है। सामर्थ्य और स्वाभिमान को बल मिलेगा। मित्रों से भेंट होगी। दिन श्रेष्ठ फलकारक।

शुभ रंग = हरा

शुभ अंक : 3

तुला (Libra): सतर्कता से आगे बढ़ते रहें। निवेश के अवसर बढ़ेंगे लेकिन अतार्किक प्रलोभनों से दूरी रखें। उधार न दें और न लें। मूल्यवान वस्तु की प्राप्ति संभव है। पेशेवर अच्छा करते रहेंगे। दिन सामान्य शुभ।

शुभ रंग = आसमानी

शुभ अंक : 2

वृश्चिक (Scorpio): लाभ की अच्छी संभावना बनी रहेगी। रुका हुआ धन मिल सकता है। श्रेष्ठ कार्यों से धन और यश दोनों प्राप्त होगा। संतान अच्छा करेगी। पठन पाठन में रूचि रहेगी। दिन हितकारक।

शुभ रंग = गुलाबी

शुभ अंक : 1

धनु (Sagittarius):
सफलता का स्तर उम्मीद से अधिक बना रह सकता है। अवसरों का लाभ उठाने पर जोर दें। सभी का सहयोग मिलेगा। घर परिवार में खुशियों की आवक रहेगी। दिन शुभकारक।

शुभ रंग = गुलाबी

शुभ अंक : 1

मकर (Capricorn): सकारात्मक समय का अधिकाधिक लाभ उठाने का प्रयास करें। संबंधी सहयोगी रहेंगे। धर्म संस्कार और आस्था को बल मिलेगा। भ्रमण मनोरंजन संभव है। दिन भाग्यकारक। तेजी दिखाएँ।

शुभ रंग = हरा

शुभ अंक : 3

कुंभ (Aquarius):
कुम्भ- रूटीन कार्यों को पूरा करने की सोच रखे। अनुशासन और निरंतरता के साथ आगे बढ़ते रहें। आकस्मिकता बनी रह सकती है। अपने हितकर बने रहेंगे। सेहत का ध्यान रखें। दिन सामान्य।

शुभ रंग = आसमानी

शुभ अंक : 2

मीन (Pisces):
जीवनसाथी संग शुभ कार्यों में प्रमुखता से शामिल हो सकते हैं। सहयोग और सहकार की भावना को बल मिलेगा। साझीदार हितकर रहेंगे। आवश्यक कार्यों की आज ही पूरा कर लेने की सोच रखें। दिन उत्तम।

शुभ रंग = पीला

शुभ अंक : 9 
प्रेम सागर पाण्डेय् ,नक्षत्र ज्योतिष वास्तु अनुसंधान केन्द्र ,नि:शुल्क परामर्श - रविवार , दूरभाष 9122608219 / 9835654844
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सेवा पूर्व प्रशिक्षित नियोजित शिक्षक संघ का शिष्टमंडल औरंगाबाद डीईओ से मिला

Posted: 11 Jun 2022 03:58 AM PDT

सेवा पूर्व प्रशिक्षित नियोजित शिक्षक संघ का शिष्टमंडल औरंगाबाद डीईओ से मिला

औरंगाबाद से संवाददाता अरविन्द अकेला की खबर
औरंगाबाद ,11जुन। जिला मुख्यालय स्थित सेवा पूर्व प्रशिक्षित नियोजित शिक्षक संघ ,औरंगाबाद के बैनर तले सैकड़ों शिक्षक व शिक्षिका जिला शिक्षा पदाधिकारी औरंगाबाद के कार्यालय में पहुंच कर वेतन विसंगति निराकरण के लिए अपनी एकता एवं समर्पण के साथ आवाज को बुलंद किया। इंदल कुमार सिंह जिला संयोजक,उपेंद्र वर्मा,देव कुमार पांडेय,संजय कुमार सिन्हा,मनोज कुमार सिंह,अशोक कुमार जिला कार्यकारिणी सदस्यों की अगुवाई में जिला शिक्षा पदाधिकारी से वेतन विसंगति निराकरण हेतु ज्ञापन सौंपते हुए निराकरण के लिए अपना पक्ष रखा है।जिला शिक्षा पदाधिकारी,औरंगाबाद ने भी गंभीरता के साथ सेवा पूर्व प्रशिक्षित नियोजित शिक्षक संघ की बातों को सुनते हुए स्पष्ट किया कि इस संबंध में क्षेत्रीय शिक्षा उप निदेशक मगध प्रमंडल एवं जिला पदाधिकारी औरंगाबाद के द्वारा भी आप सभी के समस्याओं के निराकरण हेतु पत्र प्राप्त हुआ है। बहुत जल्द इस मामले में जिला कार्यक्रम पदाधिकारी स्थापना से बात कर आप लोगों के वेतन विसंगति के मामला का समाधान कर दिया जाएगा।
सेवा पूर्व प्रशिक्षित शिक्षक संघ जिला संयोजक इंदल कुमार सिंह ने शिक्षा पदाधिकारी के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि मगध प्रमंडल के नवादा जिले में वेतन विसंगति सुधार करते हुए वेतन निर्धारण एवं भुगतान पहले ही किया जा चुका है तथा गया, जहानाबाद एवं अरवल जिले में सुधार की प्रक्रिया अंतिम चरण में है सिर्फ औरंगाबाद जिला ही वेतन विसंगति सुधार की प्रक्रिया में पीछे हैं।जिला शिक्षा पदाधिकारी ने आश्वासन दिया कि शीघ्र ही औरंगाबाद जिला भी सेवा पूर्व प्रशिक्षित नियोजित शिक्षकों के वेतन विसंगति सुधार का कार्य पूरा कर लेगा।
आज के कार्यक्रम को सफल बनाने में प्रेम कुमार, कुमार,उदय कुमार मेहता,मोहम्मद इसरार आलम,मोहम्मद वकील,राजेश्वर सिंह, कृष्ण कुमार सिंह,रेनू कुमारी,संजय कुमार,
अनिल शर्मा,राजकुमार सिंह,सरजू मेहता, राजकेश्वर मेहता,रिंजू कुमारी,अंबिका ठाकुर, मानिक सिंह ,अंजनी शर्मा,राजेश कुमार सिंह सहित सैकड़ों शिक्षकों ने अपनी भागीदारी निभाई।
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हेमराज बना उत्तराखण्ड का रोनाल्डो

Posted: 11 Jun 2022 03:52 AM PDT

हेमराज बना उत्तराखण्ड का रोनाल्डो 

पिथौरागढ़। एक दिन पहले तक हेमराज जौहरी एक अनसुना नाम था, लेकिन अब गरीब परिवार से ताल्लुक रखने वाला यह लड़का देश दुनिया में मशहूर हो रहा है। अपनी एक कॉर्नर किक की बदौलत हेमराज को उत्तराखंड का रोनाल्डो कहा जा रहा है, तो उसकी प्रतिभा के कद्रदानों में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी जैसे नाम तक जुड़ चुके हैं। पिथौरागढ़ जिले के इस लड़के और इसकी शोहरत के बारे में अब सभी जानना चाहते हैं। हेमराज मुन्स्यारी तहसील का ही रहने वाले हैं और उनके पिता टेलरिंग का काम करते हैं। एक फुटबॉल मैच के दौरान कार्नर किक से किए गए गोल ने उन्हें स्टार बना दिया है। गोल करते हुए हेमराज का वीडियो सोशल मीडिया में जमकर वायरल होने लगा तो अब लोग हेमराज को उत्तराखंड का रोनाल्डो कह रहे हैं। हेमराज ने गोल इस खूबी के साथ दागा कि गोल पोस्ट के पास पहुंचते ही फुटबॉल हवा में लेफ्ट टर्न लेती हुई गोल पोस्ट में जा पहुंची। गोलकीपर सहित वहां मौजूद दर्शक भी देखते ही रह गए। इस गोल का वीडियो सोशल मीडिया में जमकर वायरल हुआ तो लोगों ने कहा पहाड़ों में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है, बस जरूरत सही मंच देने की है। लोगों के साथ सुर मिलाने में सीएम भी पीछे नहीं रहे। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोशल मीडिया पर हेमराज के गोल की तारीफ करते हुए लिखा, उत्तराखंड में युवा प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है। सीमांत क्षेत्र मुन्स्यारी के हेमराज जौहरी इसका प्रत्यक्ष उदाहरण हैं। राज्य सरकार नयी खेल नीति के माध्यम से ऐसे प्रतिभावान युवाओं को उचित मंच प्रदान करने का काम कर रही है। मैं हेमराज के उज्ज्वल भविष्य हेतु ढेरों शुभकामनाएं देता हूं।
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केन्द्रीय कर्मचारियों के वेतन का नया फार्मूला संभव

Posted: 11 Jun 2022 03:50 AM PDT

केन्द्रीय कर्मचारियों के वेतन का नया फार्मूला संभव

नई दिल्ली। केंद्र सरकार के कर्मचारियों को फिलहाल सातवें वेतन आयोग के अनुसार वेतन मिल रहा है लेकिन, हो सकता है कि सैलरी बढ़ाने के लिए लाया जाए जाने वाला यह आखिरी वेतन आयोग हो। केंद्र सरकार अब कर्मचारियों की सैलरी के लिए नया फॉर्मूला लागू कर वेतन आयोग की प्रथा बंद करने पर विचार कर रही है। पूर्व वित्त मंत्री अरुण जेटली ने 2016 में इस नए फार्मूले के बारे बताया था, लेकिन उनके देहांत के बाद यह ठंडे बस्ते में चला गया।

मनीकंट्रोल डॉट कॉम की एक रिपोर्ट के अनुसार, अब एक बार फिर केंद्र सरकार कर्मचारियों का वेतन बढ़ाने के लिए वेतन आयोग की बजाय कुछ नया कर सकती है। इस बात की संभावना है कि आठवां वेतन आयोग सरकार नहीं लाएगी। अब कर्मचारियों की सैलरी में उनकी परफॉर्मेंस के हिसाब से बढ़ोत्तरी हो सकती है। सरकार अब नए फार्मूले के लाभ-हानि और लागू करने की प्रक्रिया पर विचार कर रही है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, वित्त मंत्रालय के सूत्रों ने कहा कि अब केंद्र सरकार के कर्मचारियों के लिए नया वेतन आयोग नहीं आएगा। वेतन आयोग की जगह कर्मचारियों का वेतन बढ़ाने के लिए उनकी परफॉर्मेंस के आधार पर सैलरी में वृद्धि करने का आइडिया भूतपूर्व वित्त मंत्री अरुण जेटली का है। जेटली ने जुलाई 2016 में इस ओर इशारा करते हुए कहा था कि हमें अब वेतन आयोग से हटकर भी कर्मचारियों के बारे में सोचना चाहिए। सरकार इस दिशा में काम कर रही है कि 68 लाख केंद्रीय कर्मचारी और 52 लाख पेंशनधारियों के लिए ऐसा फॉर्मूला बनाए जाए, जिसमें 50 फीसदी डीए होने पर सैलरी में अपने आप ही बढ़ोतरी हो जाए। इस प्रक्रिया को ऑटोमैटिकली पे रिविजन का नाम दिया जा सकता है। हालांकि, वेतन आयोग को समाप्त करने और नया फार्मूला लागू करने के बारे में सरकार ने अंतिम निर्णय नहीं लिया है और अभी यह मसला विचार-विमर्श के चरण में ही है।
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बाल मृत्यु दर चिंतनीय

Posted: 11 Jun 2022 03:47 AM PDT

बाल मृत्यु दर चिंतनीय

(रमेश सर्राफ धमोरा-हिन्दुस्तान समाचार फीचर सेवा)
सेव दि चिल्ड्रन संस्था द्वारा जारी की गई रिपोर्ट से पता चलता है कि दुनिया भर में हर साल दस लाख से अधिक बच्चे एक दिन से ज्यादा जीवित नहीं रह पाते। रिपोर्ट ने प्रशिक्षित स्वास्थ्यकर्मियों और जन्म से जुड़ी जटिलताओं को इन मौतों की सर्वाधिक प्रमुख वजह माना है।

कहते हैं कि बच्चे देश का भविष्य होते हैं। बच्चे ही बड़े होकर देश के विकास को आगे बढ़ाते हैं। कम उम्र में ही बच्चों की प्रतिभा का पता चल जाता है कि आगे चलकर यह विशिष्ट प्रतिभाशाली व्यक्ति बनेगा। मगर दुनिया में बहुत से बच्चे ऐसे होते हैं जो अपने जन्म से पांच साल की उम्र तक पहुंचते-पहुंचते ही विभिन्न बीमारियों से ग्रसित होकर मर जाते हैं। इस तरह मरने वाले बच्चों की संख्या बहुत अधिक है। भारत में भी हर दिन पांच साल से कम उम्र के बच्चे बड़ी संख्या में मौत के मुंह में चले जाते हैं।

आज के वैज्ञानिक युग में बच्चों की इस तरह से मौत होना बहुत ही दुखदाई तो है ही साथ ही दुनिया के सामने एक यक्ष प्रश्न भी है कि नवजात बच्चों की इस तरह से होने वाली मौत को क्यों नहीं रोका जा सकता है। हालांकि पिछली सदी के मुकाबले बच्चों की मौत को काफी हद तक नियंत्रित किया गया है। मगर आज भी बड़ी संख्या में बच्चों की मौत सभी को दुखी कर रही है। कोरोना जैसी वैश्विक महामारी का भी मुकाबला दुनिया ने बड़ी हिम्मत के साथ किया है। भारत सहित दुनिया के कई देशो के वैज्ञानिकों ने मात्र आठ महीनों में ही कोरोना से बचाव की दवा बना कर काफी हद तक कोरोना महामारी पर नियंत्रण पा लिया। ऐसे में सवाल उठता है कि जब कोरोना जैसी महामारी को नियंत्रित किया जा सकता है तो फिर बच्चों की होने वाली मौत को क्यों नहीं रोका जा सकता है।

निमोनिया पांच साल से कम उम्र के बच्चों में मौत का बड़ा कारण है। इसके उपचार में देरी बच्चे की जान के लिए मुश्किल खड़ी कर सकती है। उचित देखभाल और प्रशिक्षित स्वास्थ्य कर्मियों की कमी के चलते नवजात शिशुओं की मौत पर नियंत्रण लगाना कितना मुश्किल है। इसका पता सेव दि चिल्ड्रन संस्था द्वारा जारी की गई रिपोर्ट से चलता है। रिपोर्ट के अनुसार दुनिया भर में हर साल दस लाख से अधिक बच्चे एक दिन से ज्यादा जीवित नहीं रह पाते। रिपोर्ट ने प्रशिक्षित स्वास्थ्यकर्मियों और जन्म से जुड़ी जटिलताओं को इन मौतों की सर्वाधिक प्रमुख वजह माना है। जन्म के समय उचित देखभाल और प्रशिक्षित स्वास्थ्य कार्मिकाओं की जरूरत को तमाम स्वास्थ्य और सामाजिक कार्यकर्ता रेखांकित करते रहे हैं। इस बात को रिपोर्ट में भी स्वीकार किया गया है कि अगर जन्म के समय प्रशिक्षित स्वास्थ्य कर्मी मौजूद हों तो लगभग आधी मौतों को टाला जा सकता है। स्वास्थ्य सेवाओं के जानकार मानते हैं कि अधिकांशतः गरीब देशों में जहां स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध नहीं हो पातीं, वहां शिशुओं के लंबे समय तक जीवित रहने की संभावना भी बहुत कम होती है। खुद भारत की स्थिति भी इस मामले में बहुत अच्छी नहीं है।

स्वास्थ्य किसी भी देश के लिए सबसे बड़ी प्राथमिकता वाला क्षेत्र होता है। किसी भी समाज की खुशहाली का अनुमान उसके बच्चों को देखकर लगाया जा सकता है। लेकिन जिस समाज में हर साल लाखों बच्चे इस दुनिया में अपना एक दिन भी पूरा नहीं कर पाते वह कैसा समाज होगा इसे बताने की जरूरत नहीं। जब देश में आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं की कोई कमी नहीं है। तब ऐसा होना शर्मनाक ही नहीं बल्कि एक घृणित अपराध है।

भारत में हर साल 5 साल से कम उम्र के करीब 10 लाख बच्चे कुपोषण के कारण मर जाते हैं। इतना ही नहीं कुपोषण के मामले में भारत दक्षिण एशिया का अग्रणी देश बन गया है। जहां कुपोषण के मामले सबसे अधिक पाए जाते हैं। सामाजिक कार्यकर्ताओं का कहना है कि कुपोषण को चिकित्सकीय आपातकाल करार दिया जाए। उनका कहना है कि ये आंकड़े चैंकाने वाले हैं और अति कुपोषण के लिए आपातकालीन सीमा से ऊपर है। कुपोषण की समस्या को हल करने के लिए पॉलिसी बनाने एवं इसके क्रियान्वयन के लिए पर्याप्त बजट की आवश्यकता है।

यूनिसेफ ने द स्टेट ऑफ द वर्ल्ड्स चिल्ड्रन 2019 नाम की अपनी रिपोर्ट में बताया कि भारत में पांच वर्ष से कम आयु के हर पांचवें बच्चे में विटामिन ए की कमी है। हर तीसरे बच्चे में से एक को विटामिन बी की कमी है और हर पांच में से दो बच्चे खून की कमी से ग्रस्त हैं। भारत में पांच वर्ष से कम आयु के बच्चों में 69 प्रतिशत मौतों का कारण कुपोषण है। इस आयु वर्ग में हर दूसरा बच्चा किसी न किसी रूप में कुपोषण से प्रभावित है। रिपोर्ट में कहा गया है कुपोषण के शिकार बच्चों की संख्या भारत में दक्षिणी एशिया के देशों से बहुत ही ज्यादा है। नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे की रिपोर्ट के अनुसार 40 प्रतिशत बच्चे ग्रोथ की समस्या के शिकार हैं। 60 फीसदी बच्चे कम वजन का शिकार हैं। यह स्थिति चिंताजनक है और युद्ध के पैमाने पर इस समस्या के समाधान के लिए रणनीति बनाया जाना जरूरी है।

सूडान और कई दक्षिणवर्ती अफ्रीकी देशों के 51 प्रतिशत मामलों में किसी प्रशिक्षितकर्मी के मौजूद न होने की बात सामने आई है। इन इलाकों में एक करोड़ की आबादी पर सिर्फ तीन सौ स्वास्थ्य कर्मी मौजूद रहतें हैं। हर साल चार करोड़ महिलाएं किसी प्रशिक्षित कर्मचारी की मदद के बिना बच्चों को जन्म देती हैं। इथोपिया में सिर्फ दस फीसदी जन्म प्रशिक्षित स्वास्थ्य कर्मचारी की मदद से होते हैं वहीं ग्रामीण अफगानिस्तान के कुछ इलाकों में तो दस हजार लोगों पर सिर्फ एक स्वास्थ्य कार्मिका होती है। रिपोर्ट में कहा गया है कि वैसे तो लोगों की सेहत के लिए काफी इंतजाम किए गए हैं और मानवाधिकारों की स्थिति में भी सुधार हुआ है। लेकिन अब भी बहुत से इलाकों और समुदायों में बहुत गहरी असमानता बनी हुई है। इनमें से भी करीब एक चैथाई यानी 25 फीसद मौतें सिर्फ भारत में होती हैं।

भारत ने पिछले पांच दशकों में भले ही चिकित्सा क्षेत्र में प्रगति करते हुए शिशु मृत्यु दर पर काबू पाया है लेकिन आज भी शिशुओं की मौत बड़ा सवाल है। वर्तमान में प्रत्येक एक हजार शिशुओं में से 28 की मौत एक साल का होने से पहले ही हो जाती है। भारत के महापंजीयक द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार साल 1971 में भारत की शिशु मृत्यु दर 129 थी, जो साल 2020 में बड़े सुधार के साथ 28 पर आ गई है। पिछले 10 सालों में तो इस में 36 प्रतिशत का सुधार देखने को मिला है। साल 2011 में देश की शिशु मृत्यु दर 44 थी जो अब 28 पर आ गई है। ऐसे में कहा जा सकता है कि देश ने चिकित्सा क्षेत्र में बहुत अधिक उन्नति की है।

आंकड़ों के अनुसार पिछले एक दशक में ग्रामीण क्षेत्र की शिशु मृत्यु दर में सबसे अधिक सुधार हुआ है। 2011 में ग्रामीण क्षेत्र में 48 पर रहने वाली शिशु मृत्यु दर साल 2020 में 31 पर आ गई थी। इसी तरह शहरी क्षेत्रों में 2011 में यह 29 पर पर रहने वाली शिशु मृत्यु दर 2020 में 19 पर आ गई थी। पिछले एक दशक में ग्रामीण क्षेत्रों की शिशु मृत्यु दर में 35 प्रतिशत और शहरी क्षेत्रों में 34 प्रतिशत की गिरावट आई है। यह देश के लिए बड़ी उपलब्धि है।

देश के सकल घरेलू उत्पाद का 3.01 प्रतिशत स्वास्थ्य सेवाओं पर खर्च किया जाता है। जो काफी कम है इसे बढ़ाने की जरूरत है। देश में स्वास्थ्य सेवाओं को दूरस्थ गांव-देहात तक पहुंचाना होगा। देश के हर नागरिक को समय पर पर्याप्त चिकित्सा सुविधा मिलना सुनिश्चित हो। तभी भारत में नवजात शिशुओं की मौत पर रोक लगायी जा सकती है।

मोदी ने किया गुजरात में एस्टोल प्रोजेक्ट का शुभारम्भ

ऽएस्टोल प्रोजेक्ट से 4.50 लाख लोगों की बुझ सकेगी प्यास

ऽइस परियोजना से पहाड़ी क्षेत्रों के लोगों को मिलेगा फायदा

ऽ2018 में शुरू हुआ यह प्रोजेक्ट इंजीनियरों के लिए था चुनौतीपूर्ण

अहमदाबाद। गुजरात के नवसारी में पीएम नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि बिजली, पानी सड़क स्वास्थ्य और शिक्षा का विकास हमारे आदिवासी क्षेत्र में होगा तो रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज गुजरात के दौरे पर हैं। इस दौरान कई विकास परियोजना का उद्घाटन भी हुआ है, जिससे गुजरात का विकास होगा। पीएम गुजरात गौरव अभियान में भी शिरकत कर रहे हैं। नवसारी से दक्षिण गुजरात के आदिवासी गांवों में रहने वाले 4.50 लाख लोगों को नल का पानी सुनिश्चित करने वाली एस्टोल परियोजना का लाभ मिलेगा। पीएम मोदी का इस आदिवासी क्षेत्र का दौरा इसलिए भी खास है क्योंकि पिछले कई माह से यहां के आदिवासी परिवार के कांग्रेस नेता अनंत पटेल की सक्रियता से एक आंदोलन चलाया गया है, जिसमें तापी-नर्मदा रिवर लिंक प्रोजेक्ट का विरोध किया गया। हालांकि विरोध के बाद इस प्रोजेक्ट को रद्द कर दिया गया। गुजरात में अंबाजी से उमरगांव का एरिया आदिवासी बहुल माना जाता है। इसमें दक्षिण गुजरात की 13 सीटें आती हैं। परियोजना के बारे में मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने कहा, 'वलसाड जिले के कपराडा और धर्मपुर तालुकों में एस्टोल परियोजना को पूरा करना एक चुनौतीपूर्ण कार्य था, लेकिन मुझे खुशी है कि हमारे इंजीनियरों ने सभी बाधाओं को पार कर लिया।' मुख्यमंत्री ने कहा, 'यह इंजीनियरिंग के नजरिए से भी एक तकनीकी चमत्कार है। इस परियोजना के माध्यम से हम लगभग 200 मंजिला इमारत (1,875 फीट) की ऊंचाई तक पानी लेकर पहाड़ी क्षेत्रों में पानी की उपलब्धता सुनिश्चित करेंगे।' 2018 में, राज्य सरकार ने पहाड़ी क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को पीने योग्य पानी की आपूर्ति सुनिश्चित करने के उद्देश्य से 586.16 करोड़ रुपये की लागत से एस्टोल परियोजना शुरू की। इसके तहत मधुबन बांध से पानी निकाला जाएगा।
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भारत पर बेमानी बयान

Posted: 11 Jun 2022 03:43 AM PDT

भारत पर बेमानी बयान

(डॉ. दिलीप अग्निहोत्री-हिन्दुस्तान समाचार फीचर सेवा)
सत्तावन मुस्लिम मुल्कों में से करीब पंद्रह ने एक प्रकरण पर भारत का विरोध किया है। लेकिन इस आधार पर ही भारतीय विदेश नीति को कमजोर समझ लेना भ्रम है। बिडम्बना यह कि इन मुल्कों में अफगानिस्तान के आतंकी शासक तालिबान भी शामिल है। तबाही के लंबे दौर में अफगानिस्तान में सर्वाधिक राहत कार्य और परियोजनाओं का संचालन भारत ने ही किया था। इसके चलते वहाँ लाखों लोगों का जीवन बचाना सम्भव हुआ था। आज आतंकी सत्ता भारत को सर्वधर्म समभाव की नसीहत दे रहा है। तालिबान सत्ता के प्रवक्ता जबीउल्लाह मुजाहिद ने भारत से आग्रह किया है कि वह ऐसे कट्टरपंथियों को इस्लाम के अपमान और मुस्लिमों को भड़काने की इजाजत न दे। मुजाहिद ने कहा कि इस्लामिक अमीरात ऑफ अफगानिस्तान भारत में सत्तारूढ़ दल के एक पदाधिकारी द्वारा इस्लाम के पैगंबर के खिलाफ अपमानजनक शब्दों के इस्तेमाल का कड़ा विरोध करता है।

इन धूर्ततापूर्ण बयानों पर कौन विश्वास करेगा। इसके अलावा इस्लामी नियमों से संचालित मुल्क भी विरोध में शामिल है। इनका नजरिया भी जगजाहिर है। वस्तुतः एक राजनीतिक पार्टी की प्रवक्ता के अनुचित कथन को भारत का बयान बता कर प्रचारित किया गया। इसमें भारत के ही कुछ लोगों की भूमिका रही है। जिन मुल्कों ने विरोध किया, उन्हें प्रजातांत्रिक व्यवस्था की समझ नही है। वहाँ सत्ता में शाही परिवार या अफगानिस्तान में आतंकी संगठन का कब्जा है। यह सही है कि अनुचित बयान सत्तारूढ़ पार्टी की एक प्रवक्ता ने दिया था। लेकिन यह भारत का बयान नही था। भाजपा ने भी बयान को खारिज करने हुए उन्हें पार्टी से निलंबित कर दिया था। पूर्व प्रवक्ता ने भी बयान वापस ले लिया। जिन्होंने भारत और वर्तमान सरकार से इस बयान को जोड़कर दुनिया में प्रसारित किया, उन्हें जबाब देही स्वीकार करनी चाहिए।

ऐसे लोगों ने एक बार भी यह नहीं बताया कि हिंदुओं की आस्था पर तो अनगिनत बयान दिए गए। विगत आठ वर्षों में कल्याणकारी योजनाओं को भारत में बिना भेदभाव के लागू किया गया है। जिन मुल्कों ने विरोध किया, उन्होंने इसे सरकार के अधिकारी द्वारा दिया गया बयान बताया है। भारतीय विदेश मंत्रालय ने इस्लामिक देशों के संगठन की टिप्पणियों को गैर जरूरी और छोटी सोच का बताया है। विदेश मंत्रालय प्रवक्ता ने कहा है कि भारत दुनिया के सभी देशों का सम्मान करता है, एक धार्मिक व्यक्तित्व के खिलाफ कुछ लोगों के ट्ववीट और टिप्पणियों को भारत सरकार का नजरिया नहीं माना जा सकता है। व्यक्तिगत टिप्पणियों को तूल नहीं दिया जाना चाहिए, लेकिन इस विवाद की आड़ में भारत में अल्पसंख्यकों की स्थिति को लेकर दुष्प्रचार की कोशिशों में जुटे इस्लामिक देशों के संगठन ओआइसी और इसके प्रमुख सदस्य पाकिस्तान को भारत ने कड़ी फटकार लगाई है।

जिन टिप्पणियों का जिक्र किया गया है वह व्यक्तिगत स्तर पर किया गया है और वह भारत सरकार का विचार नहीं है। इन व्यक्तियों के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई की जा रही है। यह दुर्भाग्य की बात है कि ओआईसी सचिवालय कुछ स्वार्थी तत्वों के जरिये विभेदकारी एजेंडे को बढ़ावा दे रहा है। मालदीव,लीबिया, इंडोनेशिया, ईरान, इराक, कुवैत,कतर, सऊदी अरब, ओमान, यूएई, जॉर्डन, पाकिस्तान और बहरीन के बाद अब अफगानिस्तान भी विरोध की इस सूची में शामिल हो चुका है। उसका बयान खुद में बेमानी है भारत ने मुस्लिम देशों के समक्ष अपनी स्थिति साफ कर दी है। यह टिप्पणियां भारत सरकार के रूख का प्रतिनिधित्व नहीं करती। इन टिप्पणियों के संबंध में संबंधित संस्थानों ने टिप्पणियां करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की है। मुस्लिम देशों में स्थित भारतीय राजनयिकों ने वहां की सरकारों के साथ बातचीत में स्थिति साफ की है। ईरान के विदेश मंत्री और भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर के बीच वार्ता के दौरान इस मुद्दे पर चर्चा नहीं हुई। ईरान की ओर से पहले एक प्रेस विज्ञप्ति जारी की गई थी जिसमें कहा गया था कि ईरान के विदेश मंत्री ने राष्ट्रीय

सुरक्षा सलाहकार के साथ बैठक के दौरान यह मुद्दा उठाया था। बाद में ईरान ने इस विज्ञप्ति को वापिस ले लिया था।

पैगंबर मोहम्मद पर की गई टिप्पणी पर इस्लामिक देशों की प्रतिक्रिया के बाद भारत ने इन देशों को जवाब दिया है। नुपूर शर्मा द्वारा पैगंबर मोहम्मद पर टिप्पणी की गई थी, इसके बाद कतर, ईरान जैसे देशों ने ऐतराज जताया था। हालांकि भाजपा ने नुपूर शर्मा को पार्टी से निष्कासित कर दिया। इसी बीच भारत ने इस्लामिक मुल्कों के समूह की टिप्पणी को अवांछित और संकीर्ण मानसिकता वाली बताया है।

उधर, ओवैसी ने भी नुपूर शर्मा के बयान पर प्रतिक्रिया दी है। उनका कहना है कि अरब देशों ने नुपूर शर्मा के पैगंबर मोहम्मद मामले पर बयान के खिलाफ आवाज उठाई तब जाकर उन्हें निष्कासित किया गया। उन्होंने सवाल किया कि 10 दिनों तक नुपूर शर्मा के खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं हुई। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने भारत की विदेश नीति को बर्बाद किया है।

दरअसल, सऊदी शहर जेद्दा में स्थित इस्लामिक सहयोग संगठन ने भाजपा प्रवक्ता नूपुर शर्मा द्वारा पैगंबर मोहम्मद पर टिप्पणी की निंदा करते हुए कहा था कि यह श्भारत में इस्लाम के प्रति घृणा और तेज करने और मुसलमानों के खिलाफ दुर्व्यवहार के संदर्भ में आया है। दरअसल, ओआईसी खुद को मुस्लिम दुनिया की सामूहिक आवाज कहता है। हालांकि नुपूर शर्मा के निष्कासन की कार्रवाई के बाद कतर, अरब और अन्य देशों ने स्वागत किया है। ओआईसी के इस हालिया बयान का विदेश मंत्रालय के आधिकारिक प्रवक्ता अरिंदम बागची ने कहा है कि हमने आईओसी के महासचिव का बयान देखा है। भारत सरकार ओआईसी सचिवालय की इस अनुचित और संकीर्ण सोच वाली टिप्पणियों को सिरे से खारिज करती है। गौरतलब है कि ओआईसी इस्लामिक देशों का एक संगठन है, जिससे मुस्लिम राष्ट्र जुड़े हुए हैं। इसके सदस्य देशों में कतर, ईरान जैसे देशों के अलावा पाकिस्तान भी शामिल है। भारत ने देश के आंतरिक मामलों खासकर जम्मू-कश्मीर से जुड़े मामलों पर टिप्पणी करने के लिए ओआईसी की अक्सर निंदा की है।
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बिल गेट्स फाउंडेशन का आकलन

Posted: 11 Jun 2022 03:40 AM PDT

बिल गेट्स फाउंडेशन का आकलन

(अशोक त्रिपाठी-हिन्दुस्तान समाचार फीचर सेवा)
अपने मुंह मिया मिट्ठू तो बहुत होते हैं लेकिन जब कोई दूर-दराज का व्यक्ति या संस्था तारीफ करे तो उसको नजरंदाज नहीं किया जा सकता। उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ की सरकार ने दावा किया था कि उसने कोरोना काल में बेहतर व्यवस्था की थी। उस समय भी विपक्षी राजनीतिक दलों ने सरकार पर झूठ बोलने का आरोप लगाया था। अपने आरोप की पुष्टि में गंगा में बहते हुए शव का वीडियो दिखाया। हालांकि इसके बाद ही उत्तर प्रदेश समेत पांच राज्यों में विधानसभा के चुनाव हुए। प्रदेश की जनता ने योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली भाजपा को पुनः सरकार बनाने का अवसर दिया। प्रदेश की राजनीति में 37 वर्षों के इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ जब किसी मुख्यमंत्री ने लगातार दूसरी बार प्रचंड बहुमत से सरकार बनाई हो। जनता ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और उनकी पार्टी को विभिन्न कसौटियों पर कसा होगा। इसमें कोरोना महामारी को लेकर प्रदेश सरकार की व्यवस्था भी शामिल थी। इसलिए योगी सरकार को पहला प्रमाण पत्र तो प्रदेश की जनता ने ही विधानसभा चुनाव में दे दिया था। अब बिल एण्ड मिलिंडा गेट्स फाउंडेशन ने भी यूपी की योगी सरकार को कोविड के दौरान व्यवस्था को अमेरिका से भी बेहतर बताया है। बिलगेट्स फाउंडेशन के प्रतिनिधियों ने अमेरिका का जिक्र इसलिए किया क्योंकि संसाधनों की तुलना में उत्तर प्रदेश अमेरिका के सामने कहीं नहीं ठहरता है। इसके बावजूद योगी आदित्यनाथ की सरकार ने कोरोना काल में बेहतर व्यवस्था की है तो यह सरकार की निश्चित रूप से एक उपलब्धि है।

बिलगेट्स फाउंडेशन के सीईओ माक्र्स सुजमैन और उनकी टीम ने गत 9 जून को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से लखनऊ में मुलाकात की। माक्र्स सुजमैन ने उत्तर प्रदेश की सराहना करते हुए कहा कि वे बहुत सारे देशों में कार्य करते हैं। सभी देशों के कोविड प्रबंधन को देखा है और यह कहना उचित होगा कि भारत खासकर उत्तर प्रदेश का कोविड प्रबंधन अमेरिका के कोविड मैनेजमेंट से कहीं बेहतर रहा। उन्हांेने कहा कि यूपी में सघन जनसंख्या घनत्व और विविध सामाजिक चुनौतियों का सामना यहां के नेतृत्व ने किया होगा, वो अत्यंत सराहनीय है। यहां पर ध्यान देने की बात है कि 25 करोड़ के लगभग आबादी वाले इस प्रदेश में 33 करोड़ से अधिक कोविड टीके उत्तर प्रदेश में लगाए जा चुके हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बिलगेट्स फाउंडेशन की टीम को बताया कि इंसेफेलाइटिस सहित विभिन्न जल जनित बीमारियों, कोविड प्रबंधन सहित लोक स्वास्थ्य के क्षेत्र में हमें यूनिसेफ, डब्ल्यू एचओ (वल्र्ड हेल्थ आर्गनाइजेशन) विल एण्ड मिलिंडा गेट्स फाउंडेशन और पाथ जैसी वैश्विक संस्थाओं से अच्छा सहयोग प्राप्त हुआ है। मुख्यमंत्री ने कहा कि परस्पर सहयोग से आगे भी ऐसे ही प्रयास किये जाएंगे। सभी के प्रयास से ही यह संभव हो सका कि प्रदेश के दुर्गम पहाड़ी क्षेत्रों में भी कोविड के टीके लगाए जा सके। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बिलगेट्स फाउंडेशन से यह भी अपेक्षा की है कि यह संस्था प्रदेश में योग्य एवं कुशल प्रोफेशनल नर्सिंग स्टाफ, पैरा मेडिक्स तैयार करने के लिए राज्य सरकार का सहयोग करेगी। उन्हांेने कहा कि स्वयं सहायता समूह को और मजबूत करने में बिलगेट्स फाउंडेशन सरकार का सहयोग कर सकता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वास्थ्य सुरक्षा के क्षेत्र में अभी बहुत कुछ किया जाना है। हम एक जिला एक उत्पाद के तर्ज पर एक जिला एक मेडिकल कालेज भी स्थापित करने जा रहे हैं। स्वास्थ्य चिकित्सा मंत्री और प्रदेश के उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक की सक्रियता भी किसी से छिपी नहीं है। वे जिस प्रकार अस्पतालों में दौरा करके स्वयं व्यवस्था को देख रहे हैं, उससे जहां कहीं शिथिलता थी, उसे दूर किया जा रहा है।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ कोरोना प्रबंधन के मुरीद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ही नहीं थे। मुख्यमंत्री के कोरोना मैनेजमेंट की चर्चा विदेशों में भी हो रही थी। ऑस्ट्रेलियाई सांसद सांसद क्रेग कैली के बाद आस्ट्रेलिया सरकार में मंत्री जेसन वुड ने कोविड प्रबंधन को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की तारिफ की थी। मंत्री जेसन वुड कोविड प्रबंधन पर उत्तर प्रदेश सरकार के साथ काम करने को लेकर उत्सुक थे।

जेसन वुड ने ट्वीट कर लिखा कि 'हम उत्तर प्रदेश के साथ काम करने के लिए उत्सुक हैं। संस्कृति और विकास के संवर्धन के लिए हम लोग उत्तर प्रदेश सरकार के साथ काम करेंगे।' कोविड 19 प्रबंधन के लिए योगी के यूपी मॉडल से प्रेरित होकर उन्होंने आगे लिखा कि 'सीएम योगी को धन्यवाद। यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने मुझे अपना संदेश दिया। इस कठिन समय में उत्तर प्रदेश सरकार के कोविड नियंत्रण प्रयासों की तो सभी लोग सराहना करें।' 24 करोड़ की आबादी वाले उत्तर प्रदेश में कोरोना की दूसरी लहर को काबू करने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ट्रिपल 'टी' यानी ट्रैक, टेस्ट एंड ट्रीट फॉर्मूला दिया था। इसी फॉर्मूले की वजह से कोरोना महामारी पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सका। यही वजह थी कि 24 घंटों में प्रदेश के 32 जिलों में कोरोना संक्रमण का एक भी मामला सामने नहीं आया। जबकि 59 जिलों में संक्रमण का कोई भी नया मामला सामने नहीं आया। कोरोना संक्रमण पर लगाम लगाने के लिए प्रदेश सरकार की नीतियों को मुम्बई हाईकोर्ट, सुप्रीमकोर्ट, डब्ल्यूएचओ ने भी सराहा था।

डब्ल्यूएचओ ने 10 हजार घरों तक पहुंचकर योगी के कोविड मैनेजमेंट का मॉडल देखा। हालात देखकर संगठन योगी सरकार के कोविड मैनेजमेंट का कायल हो गया। ग्रामीण इलाकों में 60 हजार से ज्यादा निगरानी समितियों के 4 लाख सदस्य कोरोना के सामने दीवार बन कर खड़े हुए थे। गांवों में घर-घर स्वास्थ्य विभाग की 1.41 लाख टीमें जाकर जांच कर रही थीं। उत्तर प्रदेश की योगी सरकार के चार साल के कार्यकाल में ही उनका सबसे बड़ा निवेश चिकित्सा और चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में रहा। यूपी की 23 करोड़ आबादी के लिए वर्ष 2017 में सिर्फ 12 राजकीय मेडिकल कालेज थे। चार साल में ही योगी सरकार ने सूबे को 30 नए मेडिकल कॉलेज देकर चिकित्सा शिक्षा में प्रदेश को मालामाल कर दिया। इनमें से सात कॉलेजों में सत्र शुरू हो गया है। यूपी में कोरोना वायरस से मुकाबले में सीएम योगी और उनकी टीम ने जो काम किया उसकी तारीफ विश्व स्वास्थ्य संगठन सहित पूरी दुनिया ने की।
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अमेरिकी जनरल के बयान से चीन नाराज

Posted: 11 Jun 2022 03:38 AM PDT

अमेरिकी जनरल के बयान से चीन नाराज

बीजिंग। चीन ने अमेरिका के टॉप मिलिट्री जनरल के लद्दाख को लेकर किए गए दावे पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। चीनी विदेश मंत्रालय ने कहा कि भारत और चीन के पास बातचीत के जरिए सीमा मुद्दे को ठीक से हल करने की इच्छा और क्षमता है। चीन ने अमेरिका पर आग में घी डालने और क्षेत्रीय शांति को भंग करने का आरोप भी लगाया। बीजिंग ने दावा किया कि भारत-चीन सीमा पर सैन्य गतिरोध स्थिर हो रहा है।

दरअसल, एक दिन पहले ही अमेरिकी सेना के प्रशांत क्षेत्र के कमांडिंग जनरल चार्ल्स ए। फ्लिन ने कहा था कि लद्दाख में भारत से लगती सीमा के निकट चीन द्वारा कुछ रक्षा बुनियादी ढांचे स्थापित किया जाना चिंताजनक है और इस क्षेत्र में चीनी गतिविधियां आंख खोलने वाली है। बीजिंग में एक नियमित मीडिया ब्रीफिंग में, चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता झाओ लिजियन ने कहा कि यह सीमा मुद्दा चीन और भारत के बीच है। दोनों पक्षों के पास बातचीत के माध्यम से इस मुद्दे को ठीक से हल करने की इच्छा और क्षमता है। उन्होंने कहा कि कुछ अमेरिकी अधिकारी आग में घी डालने और उंगलियां उठाने की कोशिश कर रहे हैं।
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दुनिया के सबसे अच्छे स्कूलों में पांच भारत के

Posted: 11 Jun 2022 03:35 AM PDT

दुनिया के सबसे अच्छे स्कूलों में पांच भारत के

लंदन। ब्रिटेन में पहली बार दिए जा रहे 'वर्ल्ड्स बेस्ट स्कूल' (विश्व के सर्वश्रेष्ठ स्कूल) पुरस्कारों की जारी सूची शीर्ष 10 की सूची में पांच भारतीय स्कूलों को शामिल किया गया है। समाज की प्रगति के क्षेत्र में दिए गए योगदान के लिए ब्रिटेन में ढाई लाख डॉलर के इन पुरस्कारों की घोषणा की गई है। मुंबई स्थित एसकेवीएम के सीएनएम स्कूल और नयी दिल्ली के लाजपत नगर-3 के एसडीएमसी प्राथमिक स्कूल को 'वर्ल्ड्स बेस्ट स्कूल प्राइज फॉर इनोवेशन' श्रेणी के शीर्ष 10 की सूची के लिए चयनित किया गया है।
इसके अलावा 'कम्युनिटी कोलैबोरेशन' (सामुदायिक सहयोग) श्रेणी के शीर्ष 10 की सूची में मुंबई के खोज स्कूल और पुणे के बोपखेल में स्थित पीसीएमसी इंग्लिश मीडियम स्कूल को शामिल किया गया है। हावड़ा के समारितन मिशन स्कूल (हाई) को विश्व के सर्वश्रेष्ठ स्कूलों की सूची में 'ओवरकमिंग एडवर्सिटी' श्रेणी की सूची में जगह मिली है। टी4 एजुकेशन और 'वर्ल्ड्स बेस्ट स्कूल' पुरस्कार के संस्थापक विकास पोटा ने कहा, 'कोविड के कारण स्कूल और विश्वविद्यालयों के बंद होने से डेढ़ अरब से ज्यादा छात्र प्रभावित हुए। ब्रिटेन स्थित डिजिटल मीडिया मंच टी4 एजुकेशन द्वारा वर्ल्ड्स बेस्ट स्कूल पुरस्कारों की शुरुआत की गई है। संबंधित श्रेणियों में अंतिम विजेताओं की घोषणा इस साल अक्टूबर में की जाएगी।
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Posted: 11 Jun 2022 03:32 AM PDT

बाइडन की शिखर सम्मेलन में आलोचना

लॉस एंजेलिस। अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन को शिखर सम्मेलन में खुली आलोचना का सामना करना पड़ा। इसके साथ ही उन्हें ब्राजील के दूर-दराज नेताओं की शिकायतें भी सुननी पड़ी। उन्होंने प्रवासियों से लेकर जलवायु परिवर्तन तक के मुद्दों पर प्रगति की मांग की। हाल में कई फैसलों के लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन दुनिया के निशाने पर आए हैं। इसके बाद भी उन्होंने लॉस एंजेलिस में ये समिट रखी, ताकि दुनिया को ये मैसेज दिया जा सके कि वॉशिंगटन लोकतंत्र और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा की दिशा में काम कर रहा है। मैक्सिकन राष्ट्रपति एंड्रेस मैनुअल लोपेज ओब्रेडोर के अमेरिकी शिखर सम्मेलन के बहिष्कार के बावजूद संयुक्त राज्य अमेरिका ने बाकी देशों के साथ कई मुद्दों पर बात की। बाइडन ने अमेरिका के शिखर सम्मेलन में अपना पक्ष रखा, तो क्यूबा, निकारागुआ और वेनेजुएला के वामपंथी नेताओं ने उन्हें निरंकुश बता दिया। जो बाइडन को यहां तक कि महाद्वीप के छोटे देश ब्राजील की ओर से भी सीधी आलोचना सुननी पड़ी। ब्राजील ने कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि समिट में सभी देशों को आमंत्रित नहीं करना अक्षम्य था। ब्राजील ने क्यूबा के खिलाफ आधी सदी के अमेरिकी दबाव अभियान को मानवता के खिलाफ अपराध भी करार दिया। बाइडन ने कहा कि संयुक्त राज्य अमेरिका इस बात पर विशेष ध्यान देगा कि सार्वजनिक स्वास्थ्य और स्वच्छ ऊर्जा में सुधार के लिए हम सभी देश एक साथ बेहतर काम कैसे कर सकते हैं।
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पाकिस्तान में पांच फीसद से भी कम अल्पसंख्यक

Posted: 11 Jun 2022 03:29 AM PDT

पाकिस्तान में पांच फीसद से भी कम अल्पसंख्यक

पाकिस्तान में हिंदुओं की आबादी को लेकर तरह-तरह के आंकड़े सामने आते रहते हैं। आधिकारिक अनुमान के मुताबिक, इस मुल्क में हिंदुओं की आबादी 75 लाख है, जबकि खुद हिंदु समुदाय के लोग दावा करते हैं कि उनकी संख्या 90 लाख से भी ज्यादा है। हालांकि पाकिस्तान की नेशनल डेटाबेस ऐंड रजिस्ट्रेशन अथॉरिटी के आंकड़ों की बात करें तो देश में 22 लाख से कुछ ही ज्यादा हिंदू रह गए हैं। पूरे पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों की आबादी 5 फीसदी से भी कम है और उसमें सबसे बड़ी संख्या हिंदुओं की ही है। डेटाबेस के मुताबिक, पाकिस्तान में कुल मिलाकर 22,10,566 हिंदू रहते हैं जो कुल रजिस्टर्ड आबादी 18,68,90,601 का महज 1.8 फीसदी है। सेंटर फॉर पीस ऐंड जस्टिस पाकिस्तान की रिपोर्ट द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक, पाकिस्तान में लगभग 1400 लोगों ने खुद को नास्तिक भी बताया है। मार्च तक देश में कुल रजिस्टर्ड आबादी 18,68,90,601 थी जिसमें से 18,25,92,000 लोग मुसलमान हैं। अथॉरिटी ने अल्पसंख्यकों के लिए जो कंप्यूटराइज्ड नेशनल आडेंटिटी कार्ड जारी किया है, उसके आधार पर रिपोर्ट में अलग-अलग 17 धार्मिक समूहों की पुष्टि की गई है।पाकिस्तान की 3 राष्ट्रीय जनगणना से मिले आंकड़ों के आधार पर तैयार इस रिपोर्ट के मुताबिक, देश में 22,10,566 हिंदू, 18,73,348 ईसाई, 1,88,340 अहमदिया, 74,130 सिख, 14,537 बहाई और 3,917 पारसी रहते हैं। इसके मुताबिक, देश में 11 और भी अल्पसंख्यक समुदाय हैं जिनका पालन करने वालों की संख्या 2 हजार से कम है। इन समुदायों के लोगों को एनएडीआरए ने सीएनआईसी या कम्प्यूटराइज्ड नेशनल आईडेंटी कार्ड जारी किए हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तान में 1,787 बौद्ध, 1,151 चीनी, 628 शिंटो, 628 यहूदी, 1,418 अफ्रीकी धर्म अनुयायी, 1,522 केलाशा धर्म अनुयायी और सिर्फ 6 लोग जैन धर्म का पालन करते हैं।
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देवघर भागलपुर बॉर्डर पर सड़क हादसा |

Posted: 11 Jun 2022 03:16 AM PDT

देवघर भागलपुर बॉर्डर पर सड़क हादसा |

 देवघर से संवाददाता विकास कुमार सिंह की खबर 
देवघर भागलपुर के दर्दमारा बॉर्डर पर अनियंत्रित ऑटो पलटी मारी जिसमें लगभग चार आदमी गंभीर रूप से घायल हुए। घायलों को चानन अस्पताल में भर्ती कराया गया। 
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ये आम है

Posted: 11 Jun 2022 03:02 AM PDT

ये आम है

सिर्फ कहने को
पर बहुत ही खास है।
ऊँचे फलता है
ऊँचे दाम चलता है
कड़ी सुरक्षा में पलता है।
तोड़ने की कोशिश की गर गलती से
पहरेदार की बिन मरजी से
पड़ेंगे डंडे मालिक की खुदगर्जी से।
फलों के बीच बघारता है शान
देश का बढ़ाता है मान
एक भी खा लो आ जाती है जान।
शायद यही कारण है ये है महान
बाजार में आते ही सबका खींचता ध्यान
लोग बाग घर लाते करते गुणों का बखान।
कच्चा हो पक्का हो
दिखने में अच्छा हो
सब पर करता राज चाहे बूढ़ा हो बच्चा हो।
फल की दुकान पर मिलता है सरेआम
भले लगते हों ड्योढ़े दुगने दाम
फिर भी कहलाता आम।...मनोज कुमार मिश्र "पद्मनाभ"।
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हे राम दुबारा मत आना

Posted: 11 Jun 2022 02:56 AM PDT

हे राम दुबारा मत आना

हे राम दुबारा मत आना, अब यहाँ लखन हनुमान नही,
90 करोड़ इन मुर्दों मे, अब बची किसी की जान नही,
भाई भाई के चक्कर मे अब अपनी बहनो का ज्ञान नही,
हम कैसे कह दें हिंदू अब, तुर्कों की संतान नही,
इतिहास भी रो कर शांत हो गया, भगवा पर अभिमान नही,
अब याद इन्हे बस अकबर है, राणा का बलिदान नही,
हल्दी घाटी सुनसान हो गयी, चेतक का तूफान नही,
हिंदू भी होने लगे दफ़न, अब जलने को शमशान नही,
बहनो की चीखें गूँज रही, सनातन का सम्मान नही,
गैर धर्म ही इनके सब कुछ हैं, अब महादेव भगवान नही,
हे राम दुबारा मत आना, अब यहाँ लखन हनुमान नही|
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क्यो जंग लगी तलवारों में, जो इतने दुर्दिन सहते हो।

Posted: 11 Jun 2022 02:52 AM PDT

क्यो जंग लगी तलवारों में, जो इतने दुर्दिन सहते हो।


राणा प्रताप के वंशज हो , क्यो कुल को कलंकित करते हो॥

आराध्य तुम्हारे राम-कृष्ण जो, कर्म की राह दिखाते थे।

जो दुश्मन हो आततायी तो, वो चक्र सुदर्शन उठाते थे॥

श्री राम ने रावण को मारा , तुम गद्दारों से डरते हो।

जब शस्त्रों से परहेज तुम्हें तो राम राम क्यो जपते हो॥

क्यो जंग लगी तलवारों में, जो इतने दुर्दिन सहते हो।



अंग्रेज़ों ने दौलत लूटीं , मुग़लों ने थी इज्जत लूटी।

दौलत लूटीं , इज्जत लूटीं क्या खुद्दारी भी लूट लिय॥

गिधों ने माँ को नोच लिया , तुम शांति शांति को जपते हो ॥

इस भगत, आजाद की धरती पर क्यो नामर्दों से जीते हो?

क्यो जंग लगी तलवारों में, जो इतने दुर्दिन सहते हो।।



हिन्दू हो, कुछ प्रतिकार करों , तुम भारत माँ के क्रंदन का ।

यह समय नहीं है, शांति पाठ और गाँधी के अभिनन्दन का ,

यह समय है शस्त्र उठाने का, गद्दारों को समझाने का,

शत्रु पक्ष की धरती पर फिर शिव तांडव दिखलाने का॥

इन जेहादी जयचंद्रो की घर में ही कब्र बनाने का,

यह समय है हर एक हिन्दू के , राणा प्रताप बन जाने का,

इस हिन्दूस्थान की धरती पर , फिर भगवा ध्वज फहराने का।।



ये नही शोभता है तुमको, जो कायर सी फरियाद करों ।

छोरो अब प्रेम-आलिंगन को कुछ, पौरुष की भी बात करों

इस हिन्दूस्थान की धरती के ,उस भगत सिंह को याद करों ।

जो बन्दूकों को बोते थे , तुम तलवारों से डरते हो। क्यो जंग लगी तलवारों में, जो इतने दुर्दिन सहते हो।।
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