दिव्य रश्मि न्यूज़ चैनल |
- "गरीब कल्याण-सह-आभार सभा" का हुआ आयोजन
- मिरचाई घाट जाने के रास्ते पर हरे भरे पेड़ की अवैध कटाई मानवता के खिलाफ है :- राकेश कपूर ।
- *हिंसक, आतंकी सोचो तो*
- 7 जून 2022, मंगलवार का दैनिक पंचांग एवं राशिफल - सभी १२ राशियों के लिए कैसा रहेगा आज का दिन ? क्या है आप की राशि में विशेष ? जाने प्रशिद्ध ज्योतिषाचार्य पं. प्रेम सागर पाण्डेय से |
- हर मौसम में मोहब्बत
- रामायण संस्कार सिखाती
- बेंगलुरु के 27 जिलों में यूवी इंडेक्स का स्तर 12 से ज्यादा होने के साथ ही बढ़ा त्वचा कैंसर का खतरा
- पांच परिवार
- भारत के विदेश मंत्रालय द्वारा मुस्लिम देशों को कड़ा संदेश
- चुप्पी तो मुर्दों का गहना है
- सच ही तो बताया था, झूठ तो नहीं बोला
- योगी दो दिन रहेंगे कृष्ण के धाम
- राजस्थान में जंगल की आग को परम्परागत तरीके से बुझाया
- कानपुर हिंसा के उपद्रवियों के लगेंगे पोस्टर
- आपरेशन ब्लू स्टार की बरसी पर हंगामा
- गहलोत की जादूगरी का टेस्ट
- नयी ‘भागवत’ गीता
- राष्ट्रपति की यात्रा के वैचारिक पड़ाव
- रूस के खिलाफ प्रतिबंध बेअसर: स्विट्जरलैंड
- श्रीलंका सरकार के आर्थिक आंकड़े ही बने मुसीबत
- पार्टीगेट स्कैण्डल में बुरे फंसे जानसन
- ओआईसी को भारत का कड़ा जवाब
- जनता के दरबार में मुख्यमंत्री’ कार्यक्रम में शामिल हुए मुख्यमंत्री, 173 लोगों की सुनी समस्यायें, अधिकारियों को दिए आवश्यक दिशा निर्देश
- 12 जून से गोवा में दशम ‘अखिल भारतीय हिन्दू राष्ट्र अधिवेशन का होगा श्रीगणेश !’
- Liked on YouTube: आचार्य राधामोहन मिश्र माधव से साहित्य, पत्रकारिता एवं सामाजिक जीवन स्तर के नियम पर वेबाक साक्षात्कार
| "गरीब कल्याण-सह-आभार सभा" का हुआ आयोजन Posted: 06 Jun 2022 08:17 AM PDT "गरीब कल्याण-सह-आभार सभा" का हुआ आयोजनजितेन्द्र कुमार सिन्हा, भाजपा पटना ग्रामीण ओ.बी.सी. मोर्चा के जिलाध्यक्ष सुनिल कुमार ने मोदी सरकार के आठ वर्ष पूर्ण होने पर "गरीब कल्याण-सह-आभार सभा" का आयोजन बिहटा में किया। उक्त अवसर पर जन कल्याणकारी योजनाओं के लाभार्थी लोगों को सम्मानित किया गया और पूर्व जिला परिषद अध्यक्ष ज्योति सोनी ने उज्जवला योजना के लाभार्थियों के बीच वितरीत किया। उक्त अवसर पर कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पाटलीपुत्र सांसद रामकृपाल यादव, ओ.बी.सी मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष जयनाथ चौधरी एवं कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि के रूप में भाजपा जिलाध्यक्ष आशुतोष कुमार, भाजपा नेता जीवन कुमार, महिला मोर्चा कार्यसमिति सदस्य ज्योति सोनी उपस्थित थे। मुख्य अतिथि के रूप में कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सांसद रामकृपाल यादव ने मोदी सरकार के आठ वर्षों में हुए जन कल्याणकारी योजनाओं से विस्तृत रूप में लोगों को अवगत कराया। ओ. बी. सी. मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष जयनाथ चौहान ने कार्यक्रम में मोदी सरकार के आठ वर्षों में हुए बेमिसाल कार्यों पर आभार प्रकट किया। कार्यक्रम को वैश्य भाजपा नेता जीवन कुमार ने संबोधित करते हुए बताया कि पिछली सरकारों के मुकाबले आठ वर्षों में मोदी सरकार ने गरीबों के लिए जो कार्य किया है वह अपने आप में एक मिशाल है। गरीब कल्याण में विकास की रफ्तार 10 गुणा बढा है। उक्त अवसर पर कार्यक्रम को पूर्व जिला परिषद अध्यक्ष ज्योति सोनी ने संबोधित करते हुए कहा कि जन कल्याणकारी योजनाओं में एक उज्जवला योजना 2.0 से हमने अपने प्रयास से, गरीबों के बीच जा कर, उज्जवला योजना के लाभार्थियों को, गैस कनेक्शन दिलवाया है। आगे भी इस तरह के कार्याें को करते रहूंगी। हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag |
| मिरचाई घाट जाने के रास्ते पर हरे भरे पेड़ की अवैध कटाई मानवता के खिलाफ है :- राकेश कपूर । Posted: 06 Jun 2022 08:12 AM PDT मिरचाई घाट जाने के रास्ते पर हरे भरे पेड़ की अवैध कटाई मानवता के खिलाफ है :- राकेश कपूर ।जहाँ एक ओर हम सभी मिलकर विश्व पर्यावरण दिवस मनाते हुए लोगों से वृक्ष लगाने की अपील कर हैं वहीं दूसरी ओर कुछ समाज कंटक हरियाली को नष्ट करने पर तुले हैं। ताजातरीन मामला पटना सिटी के मिरचाई घाट जाने वाले रास्ते पर मौजूद कदम के पेड़ को काटने का है। उल्लेखनीय है कि यह कदम का पेड़ काफी पुराना और काफी विशाल रहा है। यह पेड़ आसपास के निवासियों के लिए वरदान की तरह रहा है। ख़बरों के मुताबिक इस प्राणदायी पेड़ को श्री राणी सती दादी मंदिर के सचिव सुभाष झुनझुनवाला ने आदेश देकर कटवाया है। क्या इस पेड़ को काटने की अनुमति उन्होंने प्रशासन से ली है? क्या यह आपके संज्ञान में है? अगर उन्हें इस पेड़ को काटने की अनुमति नहीं मिली है तो उनपर तत्क्षण कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए। जैसा कि आप जानते हैं, पेड़ काटना जघन्य अपराध है। अतः हम प्रशासन से आग्रह करते है कि अविलंब जांच करवा कर उपरोक्त व्यक्ति के खिलाफ़ दंडात्मक कारवाई करने की कृपा करें ।हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag |
| Posted: 06 Jun 2022 08:05 AM PDT
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| Posted: 06 Jun 2022 07:53 AM PDT
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| Posted: 06 Jun 2022 07:42 AM PDT
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| Posted: 06 Jun 2022 07:38 AM PDT
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| बेंगलुरु के 27 जिलों में यूवी इंडेक्स का स्तर 12 से ज्यादा होने के साथ ही बढ़ा त्वचा कैंसर का खतरा Posted: 06 Jun 2022 07:36 AM PDT बेंगलुरु के 27 जिलों में यूवी इंडेक्स का स्तर 12 से ज्यादा होने के साथ ही बढ़ा त्वचा कैंसर का खतराजितेन्द्र कुमार सिन्हा यूवी इंडेक्स धरती की सतह पर पहुँचने वाली रेडिएशन का स्तर बताता है। इसका रेडिएशन जितना अधिक होगा, त्वचा और आँख के लिए उतना ही खतरनाक साबित होगा। एचसीजी कैंसर रिसर्च सेंटर के डॉक्टर यूवी विशाल राव के अनुसार, भारत जैसे उष्णकटिबंधीय देशों में त्वचा रोग में कैंसर जैसी बीमारी का होना दुर्लभ था। अल्ट्रा वॉयलेट (यूवी) रेडिएशन के बढ़ते स्तर को देखते हुए यह कहा जा सकता है कि निश्चित रूप से त्वचा कैंसर रोग में वृद्धि हुई है। बेंगलुरु में कम हो रहे पेड़ पौधे और तेजी से बढ़ते कंक्रीट के कारण यहाँ के जंगलों में गर्मी का प्रकोप बढ़ रहा है, देखा जाय तो मौसम की चर्चा हम लोग करते है लेकिन बहुत कम लोग रेडिएशन की चर्चा करते है। इंडियन मेडिकल रिसर्च काउन्सिल की रिपोर्ट 2021 के अनुसार, देश के उत्तरी और पूर्वी हिस्सों में त्वचा रोग में नॉनमेलानोमा नामक कैंसर की बीमारी धीरे धीरे अपना पैर पसारना शुरू कर दिया है। देश के पूर्वोत्तर भाग में पुरुषों में 5.14 और महिलाओं में 3.98 प्रतिशत त्वचा कैंसर देखी गई है। शंकर अस्पताल के हेड एवं नेक ओंकोलॉजी विभाग के डॉक्टर नारायण सुब्रमण्यम के अनुसार, देश में त्वचा कैंसर के मामले दुर्लभ थे, क्योंकि हमारी त्वचा में मेलेनिन वर्णक का हाईलेवल यूवी रेडिएशन के असर को कम करता है, लेकिन अब त्वचा कैंसर का रोग बढ़ रहा है। बेंगलुरु के शहरी जिलों सहित प्रदेश के 31 में से 27 जिलों में यूवी इंडेक्स का स्तर 12 से ज्यादा देखा जा रहा है, जिसे टॉप मोस्ट कहा जाता है। मिली जानकारी के अनुसार, धारवाड़, कोलार, कोप्पल, रायचूर में यूवी इंडेक्स 13 माना जा रहा है। जबकि यादगीर जिले के लिए 12.5 और रामनगर में 11 रह रहा है। डॉक्टर यूवी विशाल राव के अनुसार, त्वचा कैंसर के सबसे अधिक मामले आस्ट्रेलिया में है, लेकिन भारत में त्वचा कैंसर, सन बर्न और मोतियाबिंद जैसी बीमारियाँ दिन पर दिन बढ़ रही है। विश्व स्वास्थ्य संगठन की माने तो 0 से 2 तक यूवी इंडेक्स होने पर किसी तरह का खतरा नही होता है, लेकिन यूवी इंडेक्स जब 6 से 7 हो जाता है तो प्रोटेक्शन की आवश्यकता होगी। प्रोटेक्शन के रूप में व्यक्ति को खुद को कवर करना होता है, सन स्क्रीन और सन ग्लासेज का इस्तेमाल करना जरूरी होता है। जब यूवी इंडेक्स 8 से 10 हो जाता है तो प्रोटेक्शन के लिए ज्यादा सावधानियाँ बरतनी आवश्यक हो जाता है। लेकिन जब यूवी इंडेक्स 11 से ज्यादा हो तो धूप में निकलने से बचने के साथ-साथ सन प्रोटेक्शन के लिए भी अन्य सभी सावधानियाँ बरतनी चाहिए। प्रायः यह देखा जा रहा है कि अल्ट्रा वॉयलेट (यूवी) रेडिएशन से अधिक सम्पर्क में रहने के कारण समय से पहले मोतियाबिंद की बीमारी हो रहा है। हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag |
| Posted: 06 Jun 2022 07:33 AM PDT
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| भारत के विदेश मंत्रालय द्वारा मुस्लिम देशों को कड़ा संदेश Posted: 06 Jun 2022 07:31 AM PDT
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| Posted: 06 Jun 2022 07:29 AM PDT
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| सच ही तो बताया था, झूठ तो नहीं बोला Posted: 06 Jun 2022 07:27 AM PDT
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| योगी दो दिन रहेंगे कृष्ण के धाम Posted: 06 Jun 2022 07:25 AM PDT योगी दो दिन रहेंगे कृष्ण के धाममथुरा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आज शाम को कान्हा की नगरी मथुरा पहुंचेंगे। यहां वे बांके बिहारी का दर्शन पूजन के साथ ही विकास कार्यों का जायजा भी लेंगे। मुख्यमंत्री रामकृष्ण मिशन सेवा आश्रम में कैथ लैब का उद्घाटन करेंगे। साथ ही मंत्री चैधरी लक्ष्मीनारायण के बेटे की शादी कार्यक्रम में भी शामिल होंगे। तय कार्यक्रम के मुताबिक मुख्यमंत्री शाम सवा 7 बजे वृन्दावन पहुंचेंगे। करीब आठ बजे मुख्यमंत्री बांके बिहारी मंदिर में दर्शन करेंगे। शाम 8.25 बजे होटल गोवर्धन पैलेस में रुकेंगे, वहां से चैधरी लक्ष्मीनारायण के पुत्र के विवाह समारोह में शामिल होंगे। 9 बजे रात्रि विश्राम के लिए वेटरनरी विश्वविद्यालय के वीआईपी गेस्ट हाउस पहुंचेंगे। 7 जून को सुबह 8 बजे कृष्ण जन्मस्थान के दर्शन करेंगे। दर्शन के बाद 8.45 रसखान समाधि स्थल तहसील महावन भ्रमण का कार्यक्रम है। 9.15 बजे उत्तर प्रदेश ब्रिज विकास परिषद की 5वीं बोर्ड बैठक में भाग लेंगे। 11.10 राधा विहारी इंटर कॉलेज बरसाना पहुंचेंगे। 11.25 से 11.40 तक राधा रानी मंदिर में दर्शन करेंगे। 11.50 पर श्री विनोद बाबा का आश्रम बरसाना जायेंगे। 12.20 पर मुख्यमंत्री आगरा के लिए प्रस्थान करेंगे। हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag |
| राजस्थान में जंगल की आग को परम्परागत तरीके से बुझाया Posted: 06 Jun 2022 07:22 AM PDT राजस्थान में जंगल की आग को परम्परागत तरीके से बुझायाजयपुर। भीषण गर्मी में राजस्थान में जंगलों के धधकने का सिलसिला जारी है। रविवार शाम को जयपुर से सटे झालाना के जंगलों में भीषण आग लग गई। आग देखते ही देखते करीब चार-पांच हेक्टेयर में फैल गई। पहाड़ी इलाका होने के कारण वहां दमकल का पहुंचना मुमकिन नहीं था। लिहाजा वन विभाग ने अपनी टीम और स्थानीय लोगों की मदद से परंपरागत विधि से करीब 2 घंटे की कड़ी मशक्कत कर आग पर काबू पाया। आग से काफी सूखी वनस्पति जलकर खाक हो गई। आग लगने के कारणों का अभी तक खुलासा नहीं हो पाया है। राजस्थान में सूर्य देव के तेवर तीखे बरकरार हैं। इसके कारण प्रदेश में आग की घटनाएं भी बढ़ती जा रही है। कहीं न कहीं आग की घटनाएं सामने आती हंै। जंगलों में भी आग लगने की घटनाएं इस बार तेजी से बढ़ी हैं। रविवार देर शाम को जयपुर के झालाना वन क्षेत्र में खोनागोरियां की पहाड़ी पर आग लग गई। जंगल में आग की सूचना से वन विभाग के अधिकारियों में हड़कंप मच गया। पहाड़ी इलाके में आग लगने की स्थिति में उसे बुझाने के लिये वहां दमकलें नहीं पहुंच पाती है। ऐसे हालात में वन विभाग और स्थानीय लोग उसे बुझाने के लिये परंपरागत विधि काम में लेते हैं। इसके लिये पहले आग की कनेक्टिविटी को तोड़ा जाता है। जहां आग लगी है वह फैले नहीं इसके लिये उसके आसपास के घास को हटा दिया जाता है या फिर खोद दिया जाता है ताकि आग आगे नहीं फैले। उसके बाद पेड़ पौधों की हरी डालियां तोड़कर उससे आग बुझाई जाती है। क्योंकि हरी डालियां जल्दी से आग नहीं पकड़ती है। हालांकि इसमें काफी मैन पावर और समय लगता है लेकिन फिर भी यह कारगर विधि है। आग ज्यादा होने बड़ी होने पर फिर हेलिकॉप्टर से पानी का छिड़काव कर उस पर काबू पाया जाता है। झालाना के जंगलों में लगी आग को भी फॉरेस्टर जोगेंद्र सिंह शेखावत, सहायक वनपाल कृष्ण कुमार मीणा और रक्षा संस्थान के लोकेश यादव समेत वन विभाग के कर्मचारियों ने स्थानीय लोगों के सहयोग से पारंपरिक तरीके से बुझाने में सफलता प्राप्त की। हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag |
| कानपुर हिंसा के उपद्रवियों के लगेंगे पोस्टर Posted: 06 Jun 2022 07:20 AM PDT कानपुर हिंसा के उपद्रवियों के लगेंगे पोस्टरकानपुर। सीएए और एनआरसी के विरोध में हुए बवाल की तर्ज पर ही अब कानपुर हिंसा के उपद्रवियों के पोस्टर शहर के चैराहों पर होर्डिंग्स के तौर पर लगाए जाएंगे। मिल रही जानकारी के मुताबिक पुलिस ने अब तक 100 उपद्रवियों की शिनाख्त करते हुए उनके पोस्टर छपवाए गए। आज उनके पोस्टर शहर के चैराहों पर लगाई जा सकती है। बता दें 3 जून को नमाज के बाद नई सड़क इलाके में हुए पथराव, फायरिंग और बमबाजी के मामले में पुलिस ताबड़तोड़ एक्शन में जुटी है। हिंसा के बाद से ही पुलिस तमाम वायरल वीडियो को इकट्ठा कर बवालियों की पहचान में जुटी है। जानकारी के मुताबिक अब तक 100 लोगों की शिनाख्त हो चुकी है जिनके पोस्टर छपवाए गए हैं। उपद्रवियों की शिनाख्त के लिए सोशल मीडिया को भी खंगाला जा रहा है। इतना ही नहीं अन्य माध्यमों से भी उनकी पहचान करवाया जा रहा है। पुलिस इस मामले में रासुका और गैंगस्टर के तहत मामले दर्ज कर आरोपियों की संपत्ति पर बुलडोजर चलवाने की भी तैयारी में जुटी है। हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag |
| आपरेशन ब्लू स्टार की बरसी पर हंगामा Posted: 06 Jun 2022 07:16 AM PDT आपरेशन ब्लू स्टार की बरसी पर हंगामाचंडीगढ़। ऑपरेशन ब्लू स्टार की बरसी पर अमृतसर के स्वर्ण मंदिर में जमकर हंगामा हुआ। आज ही के दिन 1984 में भारतीय सेना ने ऑपरेशन ब्लू स्टार के तहत स्वर्ण मंदिर में प्रवेश किया था। यह ऑपरेशन भिंडरावाले और अन्य हथियारबंद आतंकियों को ढेर करने के लिए शुरू किया गया था, जो मंदिर परिसर में छिपे हुए थे। इस ऑपरेशन में सेना को सफलता तो मिली, लेकिन कई आम नागरिकों की भी मौत हो गई थी। अयोध्या ब्लू स्टार की बरसी पर स्वर्ण मंदिर में भीड़ ने खालिस्तान समर्थक नारे लगाए। इतना ही नहीं लोग खालिस्तानी अलगाववादी जरनैल सिंह भिंडरावाले की तस्वीरें लेकर भी नजर आए। खास बात है कि 28 साल पहले भारतीय सेना ने हरमंदिर साहिब में प्रवेश कर भिंडरावाले को ढेर कर दिया था।लोगों का एक समूह अमृतसर स्थित स्वर्ण मंदिर के प्रवेश द्वार पर जुटा। इस दौरान खालिस्तान के समर्थन में नारे लगाए गए और भिंडरावाले के पोस्टर दिखाए गए। एजेंसी ने घटना का वीडियो भी जारी किया है।पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने दो दिन पहले राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति की समीक्षा की थी और कहा कि शांति बनाए रखने के लिए पुलिस को हाई अलर्ट पर रखा गया है। मान ने पुलिस और नागरिक प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक की अध्यक्षता करते हुए राज्य भर में छह जून से पहले व्यापक सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा। मान ने कहा कि राज्य की प्रगति और समृद्धि में बाधा डालने वाली कुछ ताकतें शांति को पटरी से उतारने की लगातार कोशिश कर रही हैं, लेकिन आम आदमी पार्टी (आप) सरकार इस तरह के किसी भी नापाक कदम को सफल नहीं होने देगी। हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag |
| Posted: 06 Jun 2022 07:13 AM PDT गहलोत की जादूगरी का टेस्ट(रमेश सर्राफ धमोरा-हिन्दुस्तान समाचासर फीचर सेवा) राजस्थान से राज्यसभा के लिए चार नए सदस्यों का चुनाव होना है। आगामी 10 जून को इसके लिए वोट डाले जाएंगे। राज्यसभा चुनाव के लिए कांग्रेस पार्टी ने तीन प्रत्याशी व भाजपा ने एक प्रत्याशी खड़ा किया है। वहीं हरियाणा से राज्यसभा सांसद सुभाष चंद्रा के निर्दलीय मैदान में उतर जाने के बाद राजस्थान में राज्यसभा का चुनाव रोचक हो गया है। चुनाव का नतीजा अब वोटों से ही तय होना निश्चित हो गया है। ऐसे में कांग्रेस पार्टी ने अपने समर्थक विधायकों को उदयपुर में एक रिसोर्ट में ले जाकर रखा हुआ है। राजस्थान में 200 विधायक हैं तथा चार सदस्यों का चुनाव होना है। ऐसे में जीत के लिए हर सदस्य को 41 मतों की जरूरत पड़ेगी। कांग्रेस पार्टी ने वरीयता क्रम में मुकुल वासनिक, रणदीप सुरजेवाला व प्रमोद तिवारी को अधिकृत प्रत्याशी घोषित किया है। वहीं भाजपा ने अपने वरिष्ठ नेता घनश्याम तिवाड़ी को अधिकृत प्रत्याशी बनाया है। भाजपा के समर्थन से सुभाष चंद्रा निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में चुनाव मैदान में उतरे हैं। 4 सीटों पर 5 प्रत्याशी मैदान में आने के कारण चुनाव होना तय हो गया है। कांग्रेस को अपने तीनों प्रत्याशी जिताने के लिए 123 वोट चाहिए जबकि पार्टी के पास खुद के 108 वोट है। बाकी 15 वोट उन्हें निर्दलीय और अन्य दलों से प्राप्त करने होंगे। भाजपा के 71 सदस्य होने के कारण उनके प्रत्याशी की आसानी से जीत हो जाएगी। पार्टी अपने बचे हुए 30 वोट निर्दलीय सुभाष चंद्रा को देती है तो भी जीत के लिए सुभाष चंद्रा को 11 और वोटों की जरूरत पड़ेगी, जो उन्हें निर्दलीय व अन्य दलों के विधायकों से लेने होंगे। सुभाष चंद्रा के चुनाव मैदान में आने से राजस्थान में राज्यसभा चुनाव में विधायकों की खरीद-फरोख्त की संभावना बढ़ गई है। इसी को देखते हुए कांग्रेस पार्टी ने अपने समर्थक विधायकों की उदयपुर में बाड़े बंदी कर दी है। निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में उतरे सुभाष चंद्रा ने दावा किया था कि उनकी कई छोटे दलों व निर्दलीय विधायकों से बात हो चुकी है। उनके वोट उन्हें मिलेंगे इसीलिए वह मैदान में उतरे हैं। सुभाष चंद्रा पिछली बार भी हरियाणा में चुनावी उलटफेर करके ही चुनाव जीत गए थे। वैसी ही संभावनायें वह राजस्थान में भी देख रहे हैं। मगर हरियाणा व राजस्थान की परिस्थितियों में काफी फर्क है। पिछले चुनाव में सुभाष चंद्रा की जीत का सबसे बड़ा कारण हरियाणा में भाजपा की सरकार का होना था, जबकि अभी राजस्थान में कांग्रेस की सरकार है और राजनीति के जादूगर माने जाने वाले अशोक गहलोत मुख्यमंत्री हैं। ऐसे में सुभाष चंद्रा के लिए जीत की राह हरियाणा की तरह आसान नहीं होगी। राजस्थान में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की सरकार भारी बहुमत से शासन कर रही है। भाजपा व हनुमान बेनीवाल की राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के विधायकों को छोड़कर बाकी सभी विधायकों का सरकार को समर्थन मिला हुआ है। ऐसे में राज्यसभा चुनाव में भी अशोक गहलोत तीनों ही प्रत्याशियों को जीता कर राजनीति में अपनी जादूगरी दिखाने का हर संभव प्रयास करेंगे। राजस्थान में कांग्रेस के तीनों ही अधिकृत प्रत्याशी बाहर के होने के कारण कई विधायकों में असंतोष देखा गया था। कांग्रेस पार्टी द्वारा राजस्थान के एक भी व्यक्ति को अपना प्रत्याशी नहीं बनाए जाने के कारण कांग्रेस को क्रास वोटिंग का डर सता रहा है। राज्यसभा चुनाव की घोषणा से पहले अल्पसंख्यक, आदिवासी समाज की तरफ से उनके किसी नेता को प्रत्याशी बनाए जाने की मांग की जा रही थी। मगर कांग्रेस आलाकमान ने सभी की मांग ठुकराते हुए तीनों ही प्रत्याशी केंद्र की राजनीति करने वाले नेताओं को बना दिया। इससे स्थानीय लोगों में नाराजगी देखी जा रही है, जबकि भाजपा ने पार्टी के वरिष्ठ नेता घनश्याम तिवाड़ी को टिकट देकर एक तीर से कई शिकार किए हैं। एक तरफ जहां ब्राह्मण समाज के दिग्गज नेता को राज्यसभा में भेजा जा रहा है, वहीं वसुंधरा राजे के धुर विरोधी तिवाड़ी को टिकट देकर भाजपा आलाकमान ने वसुंधरा राजे को बता दिया कि आने वाले विधानसभा चुनाव में उनको चेहरा बनाकर चुनाव नहीं लड़ा जाएगा। लोगों में चर्चा है कि अशोक गहलोत अपने तीनों ही प्रत्याशियों को जीता कर ले जाएंगे। मगर जिस तरह से कांग्रेस आलाकमान ने प्रदेश की तीनों सीटों पर बाहरी उम्मीदवारों को थोपा है उसका खामियाजा कांग्रेस पार्टी को आगे चलकर विधानसभा चुनाव में उठाना पड़ सकता है। राजस्थान में अभी कांग्रेस के 3 राज्य सभा सांसद है, जिनमें से दो पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह व कांग्रेस के संगठन महामंत्री वेणुगोपाल प्रदेश से बाहर के हैं। यदि इस चुनाव में तीनों ही प्रत्याशी जीत जाते हैं तो पार्टी के 6 में से 5 सांसद प्रदेश से बाहर के हो जायेंगे। राज्यसभा चुनाव में अक्सर देखा जाता है कि प्रदेश में सत्तारूढ़ दल को फायदा मिलता है। पिछली बार वसुंधरा राजे की सरकार में 4 सीटों पर हुये चुनाव में कांग्रेस ने निर्दलीय कमल मोरारका को समर्थन देकर मैदान में उतार दिया था। चुनाव में उन्हें 35 मत ही मिले थे और भाजपा के चारों ही प्रत्याशी चुनाव जीत गए थे। उसी तरह इस बार कांग्रेस के तीनों ही प्रत्याशी जीतने की अधिक संभावना लग रही है। बसपा से कांग्रेस में आए उदयपुरवाटी के विधायक व सैनिक कल्याण राज्यमंत्री राजेंद्र सिंह गुढ़ा ने भी तीनों ही प्रत्याशी प्रदेश से बाहर के होने पर नाराजगी जताई थी। उनका कहना था कि राजस्थान के किसी नेता को राज्यसभा प्रत्याशी बनाते तो प्रदेश की जनता को अधिक लाभ मिलता। ऐसे ही पूर्व मंत्री व वरिष्ठ विधायक भरत सिंह ने भी तीनों ही बाहरी प्रत्याशियों को लेकर खुलकर नाराजगी जताई है। कांग्रेस को समर्थन दे रहे निर्दलीय विधायक संयम लोढ़ा ने भी आलाकमान द्वारा घोषित तीनों नामों पर आपत्ति जताई है। मगर वह खुद पूर्व में प्रियंका गांधी, कुमार विश्वास, कन्हैया कुमार जैसे बाहरी लोगों को टिकट देने की वकालत कर चुके थे। भाजपा की तरफ से कमान केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर, पार्टी के प्रदेश प्रभारी महासचिव अरुण सिंह, प्रदेश अध्यक्ष डॉक्टर सतीश पूनिया, पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे, नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया ने संभाल रखी है। वहीं कांग्रेस की कमान पूरी तरह मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के हाथ में है। गहलोत किसी भी तरह तीनों प्रत्याशियों को जिता कर अपनी ताकत दिखाना चाहते हैं। इससे वो आलाकमान की नजरों में नंबर वन बन जाएंगे। साथ ही सचिन पायलट को भी कमजोर करने में सफल होंगे। राजस्थान से राज्यसभा चुनाव लड़ रहे तीनों ही नेता का कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी, राहुल गांधी व प्रियंका गांधी के नजदीकी लोगों में शुमार है। ऐसे में चुनाव जीतने पर यह नेता दिल्ली की राजनीति में मुख्यमंत्री गहलोत की बात का समर्थन करेंगे। इससे गहलोत का पक्ष मजबूत होगा। चुनावों में कौन जीतता है कौन हारता है इसका सही पता तो नतीजों के बाद ही लग पाएगा। मगर फिलहाल राजस्थान में राज्यसभा का चुनाव पूरे शबाब पर है। सभी प्रत्याशी अपनी-अपनी जीत को लेकर समीकरण बिठाने में लगे हुए हैं। हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से 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| Posted: 06 Jun 2022 07:09 AM PDT नयी 'भागवत' गीता(अशोक त्रिपाठी-हिन्दुस्तान समाचार फीचर सेवा) यह बात महाभारत के नायक अर्जुन की भी समझ में नहीं आयी थी कि यहां सभी तो अपने हैं, फिर युद्ध किसलिए किया जाए? राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत ने भी काशी विश्वनाथ मंदिर से जुड़ी ज्ञानवापी मस्जिद को लेकर ऐसी ही बात कही है। मोहन भागवत कहते हैं कि क्या हम विश्व विजेता बनना चाहते हैं? वे स्वयं इसका जवाब भी देते हैं कि नहीं, हमारी ऐसी कोई आकांक्षा नहीं है। हमें किसी को जीतना नहीं है, हमें सबको जोड़ना है। संघ भी सबको जोड़ने का काम करता है, जीतने के लिए नहीं। भागवत साफ-साफ कहते हैं कि संघ किसी भी तरह की पूजा पद्धति के खिलाफ नहीं है। मुसलमानों को लेकर वे कहते हैं कि उन्होंने (मुस्लिमों ने) उस तरह की पूजा पद्धति को अपना लिया है लेकिन वे भी हमारे ऋषियों, मुनियों और क्षत्रियों की संतानें हैं। हमारे पूर्वज भी वही हैं। इसी के साथ भागवत कहते हैं कि हर मस्जिद में शिवलिंग की तलाश क्यों? जाहिर है कि यह प्रतिक्रिया ज्ञानवापी को लेकर ही है लेकिन वे जब कहते हैं कि जहां हिन्दुओं की भक्ति है, वहां मुद्दे उठाए गये। हिन्दू कभी भी मुसलमानों के खिलाफ नहीं सोचते हैं क्योंकि मुसलमानों के पूर्वज भी हिन्दू थे लेकिन हमलावरों के जरिए इस्लाम बाहर से आया था। उन हमलों में हिन्दुओं का मनोबल गिराने के लिए देवस्थानों को तोड़ दिया, इसलिए हिन्दुओं को लगता है कि धार्मिक स्थल को पुनस्र्थापित किया जाना चाहिए। भागवत 'गीता' का यह ज्ञान गूढ़ है लेकन समझ में आ रहा है। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत ने पिछले दिनों बहुत बड़ी बात कही। उन्होंने कहा कि अब ज्ञानवापी के मुद्दे पर कोई आंदोलन नहीं होगा। नागपुर में संघ के अधिकारियों के प्रशिक्षण शिविर को संबोधित करते हुए भागवत ने कहा कि ज्ञानवापी का मुद्दा लाखों हिंदुओं की आस्था से जुड़ा है, लेकिन इस पर कोई आंदोलन नहीं होगा। भागवत ने कहा, 'अब ज्ञानवापी का मामला अदालत में है। हम इतिहास को नहीं बदल सकते। वह इतिहास हमारे द्वारा नहीं बनाया गया और न ही आज के हिंदुओं और मुसलमानों द्वारा बनाया गया। यह उस समय हुआ, जब इस्लाम आक्रांताओं के साथ भारत आया। आरएसएस ने अयोध्या राम जन्मभूमि मुद्दे को कुछ ऐतिहासिक कारणों से हाथ में लिया था, और वह संकल्प पूरा हो गया है। यह पहले ही कह दिया गया है कि हमारा संगठन किसी नए आंदोलन का हिस्सा नहीं होगा। हर दिन नए मुद्दे उठाना ठीक नहीं है। हर मस्जिद में शिवलिंग खोजने की जरूरत नहीं है। ज्ञानवापी-श्रृंगार गौरी मुद्दा हिंदुओं और मुसलमानों को मिल-बैठकर सुलझा लेना चाहिए। अगर कोर्ट की तरफ से कोई फैसला आता है तो उसे दोनों पक्षों को मानना चाहिए।' पूरे भारत में धार्मिक स्थलों के बारे में नए-नए दावों और जवाबी दावों पर संघ प्रमुख कहते हैं, 'आक्रांताओं ने हिंदुओं के मनोबल को गिराने और धर्मांतरण करने वाले नए मुसलमानों के बीच एक धारणा बनाने के लिए मंदिरों को तोड़ा था। इतिहास में हुई इन घटनाओं को अब न तो हिंदू बदल सकते हैं और न ही मुसलमान।' भागवत ने कहा कि मुसलमान 'हिंदुओं और यहां तक कि क्षत्रियों के ऐसे वंशज हैं जिन्होंने दूसरा धर्म अपना लिया। हिंदुओं को यह समझना चाहिए कि मुसलमान उनके अपने पूर्वजों के वंशज हैं। वे मुसलमान केवल इसलिए हैं क्योंकि उन्होंने अपना धर्म बदल दिया। अगर वे वापस आना चाहते हैं तो उनका खुली बाहों से स्वागत करेंगे। अगर वे वापस नहीं आना चाहते, इससे कोई फर्क नहीं पड़ता। साख्य दर्शन बताते हुए भागवत ने कहा, 'धैर्य बनाए रखने की जिम्मेदारी हिंदुओं और मुसलमानों दोनों की है। दोनों तरफ से डराने- धमकाने की बात नहीं होनी चाहिए। हालांकि, हिंदू पक्ष की ओर से ऐसा कम है। हिंदुओं ने सदियों तक बहुत धैर्य रखा है। यह एक ऐतिहासिक तथ्य है जिसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है, लेकिन हिंदुओं को यह भी समझना चाहिए कि न तो उन्हें किसी से डरना चाहिए और न ही दूसरों को डराना चाहिए। हम भाईचारे में विश्वास रखते हैं। हम चाहते हैं कि भारत विश्वगुरु बने लेकिन ऐसे लोग हैं जो जाति, भाषा, धर्म के बीज बोकर हमें आपस में लड़ाना चाहते हैं। हमें सजग रहना चाहिए।' संघ प्रमुख मोहन भागवत ने जो कहा वह देश की सियासत की दिशा बदलने वाली बात है। यह उन लोगों को जवाब है जो कहते हैं कि अब वह दिन दूर नहीं जब हर मस्जिद को मंदिर बताया जाएगा, मुसलमानों से 30,000 मस्जिदें छीनी जाएंगी। असदुद्दीन ओवैसी हों, अबू आजमी हों, महबूबा मुफ्ती हों, उमर अब्दुल्ला हों या फारूक अब्दुल्ला हों, ये सारे लोग लगातार हिंदू-मुसलमान के मुद्दे पर बयान दे रहे हैं। मथुरा में ईदगाह और ज्ञानवापी का मुद्दा ये जानबूझकर राजनीतिक कारणों से उठा रहे हैं, और यह मुसलमानों को दबाने का एक गेमप्लान है। वे बीजेपी और संघ पर आरोप लगा रहे हैं कि ये मिलकर मुसलमानों को परेशान कर रहे हैं, देश में माहौल खराब कर रहे हैं। मोहन भागवत का भाषण इसका जवाब है। भागवत कहते हैं कि भारत में रहने वाले मुसलमान भी हमारे भाई हैं, उनके पूर्वज भी हिंदू हैं, सिर्फ पूजा पद्धति अलग हो गई है। भागवत ने हिंदुओं से साफ कहा कि हर मस्जिद में शिवलिंग ढूंढने की कोशिश करना ठीक नहीं है। भागवत की बातें ओवैसी और महबूबा मुफ्ती की बातों के लहजे से बिल्कुल अलग हैं। भागवत ने कहा, हमने 9 नवंबर को कह दिया था कि एक राम जन्मभूमि का आंदोलन था जिसमें हम अपनी प्रकृति के विरुद्ध कुछ ऐतिहासिक कारणों से सम्मिलित हुए। वह कार्य पूरा हुआ, अब हमें कोई आंदोलन नहीं करना है। मन में कोई मुद्दे हों तो उठ जाते हैं। यह किसी के खिलाफ नहीं है। इसे ऐसा नहीं माना जाना चाहिए। मुसलमानों को ऐसा नहीं मानना चाहिए और हिंदुओं को भी ऐसा नहीं करना चाहिए। कुछ ऐसा है तो आपसी सहमति से रास्ता खोजें। लेकिन, हर बार रास्ता नहीं निकल सकता, जिसके कारण लोग अदालत जाते हैं। अगर ऐसा किया जाता है तो अदालत जो भी फैसला करे उसे स्वीकार करना चाहिए। हमें अपनी न्यायिक प्रणाली को पवित्र और सर्वोच्च मानते हुए फैसलों का पालन करना चाहिए। हमें इसके फैसलों पर सवाल नहीं उठाना चाहिए। आरएसएस चीफ ने कहा कि कुछ जगहों के प्रति हमारी अलग भक्ति थी और हमने उसके बारे में बात की लेकिन हमें रोजाना एक नया मुद्दा नहीं लाना चाहिए। हमें विवाद को क्यों बढ़ाना? ज्ञानवापी के प्रति हमारी भक्ति है और उसी के अनुसार कुछ करना ठीक है। भागवत की गीता को ध्यान से पढ़िए तभी समझ में आएगा। हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag |
| राष्ट्रपति की यात्रा के वैचारिक पड़ाव Posted: 06 Jun 2022 07:07 AM PDT राष्ट्रपति की यात्रा के वैचारिक पड़ाव(डॉ. दिलीप अग्निहोत्री-हिन्दुस्तान समाचार फीचर सेवा) राष्ट्रपति रामनाथ कोविद की उत्तर प्रदेश यात्रा वैचारिक दृष्टि से महत्वपूर्ण रही। इस दौरान राष्ट्रपति ने आजादी के अमृत महोत्सव, ग्राम सुराज, संविधान, एक जिला एक उत्पाद, अध्यात्म, संस्कृति सगुण और निर्गुण साधना आदि से सम्बन्धित विचार व्यक्त किए। वह कानपुर देहात कानपुर नगर गोरखपुर संत कबीर नगर काशी और लखनऊ की यात्रा पर आए थे। इस दौरान वह विविध प्रकार के कार्यक्रमों में सहभागी हुए। उनके अनुरूप ही उन्होंने उल्लेखनीय विचार व्यक्त किए। लखनऊ में उन्होंने विधानमंडल के संयुक्त अधिवेशन को संबोधित किया। इसमें उन्होंने संविधान के अनुरूप कार्य करने का संदेश दिया। काशी और मगहर के संदेश अलग थे। कानपुर देहात में ग्राम स्वराज की चर्चा हुई। कानपुर नगर में उद्योगों को प्रोत्साहन पर विचार किया गया। गोरखपुर में एक जनपद एक उत्पाद की गूंज सुनाई दी। यह योजना अब केवल उत्तर प्रदेश ही नहीं राष्ट्रीय स्तर पर तेजी से क्रियान्वित हो रही है। राष्ट्रपति की काशी और मगहर यात्रा का अलग वैचारिक संदेश था। भारतीय दर्शन में सगुण निर्गुण ज्ञान मार्ग भक्ति मार्ग सभी का महत्त्व प्रतिपादित किया गया। परमसत्ता तक पहुँचने के अनेक मार्ग है। सभी की महिमा है। भारतीय चिंतन में उपासना का सीमित विचार नहीं है। गोस्वामी जी लिखते हैं- सगुनहिं अगुनहिं नहिं कछु भेदा, गावहिं मुनि पुरान बुध बेदा, अगुन अरूप अलख अज जोई, भगत प्रेम बस सगुण सो होई। काशी दुनिया की सबसे प्राचीन नगरी है। आदिकाल से यह सगुण उपासना का अद्भुत स्थल रहा है। मध्यकाल में मगहर की चर्चा हुई। कहावत थी कि काशी मोक्ष दायनी है। लेकिन मगहर में शरीर त्याग करने से नर्क मिलता है। कबीर दास रुढियों को तोड़ते है। वह भी भारत में सम्मानित हुए। अंतिम समय में वह मगहर चले गए थे। उनका यह निर्णय भारतीय चिंतन के कर्म योग के अनुरूप था जिसमें कर्मों को ही महत्व दिया गया। गीता में भगवान कृष्ण अनासक्त कर्म का संदेश देते है। राष्ट्रपति रामनाथ कोविद मगहर और काशी की यात्रा पर पहुँचे। इस प्रकरण से एक साथ उन्होंने भारतीय दर्शन के दो विचारों पर अमल किया। मगहर में उन्होंने कबीर दास को श्रद्धा सुमन अर्पित किए। काशी में भगवान भोलेनाथ की विधि विधान के साथ पूजा अर्चना की। रामनाथ कोविंद ने कहा कि संतों के आगमन से धरती पवित्र हो जाती है। इसका प्रमाण मगहर की धरती है। यहां लगभग तीन वर्ष तक संत कबीर दास रहे। यहां पर जल का अभाव था लेकिन संत कबीर दास के निवेदन पर गोरक्षपीठ के एक संत यहां आए और उनके प्रभाव से यहां का तालाब जल से भर गया और गोरख तलैया से सूखी पड़ी आमी नदी को जीवंत कर दिया। मानव जीवन को सुधारने के लिए कबीरदास मगहर आए थे। वह सच्चे भक्त थे। लोगों की पीड़ा को समझते थे।उसे दूर करने के उपाय भी करते थे। संत कबीर ने समाज को समानता और समरसता का मार्ग दिखाया तथा कुरीतियों, आडंबरों और भेदभाव को दूर करने के लिए प्रेरित किया। मगहर में राम नाथ कोविन्द द्वारा शिक्षा, संस्कृति एवं पर्यटन से जुड़ी 86.76 करोड़ लागत की विभिन्न विकास परियोजनाओं का लोकार्पण किया गया। योगी आदित्यनाथ ने कहा कि अलग अलग स्थानों पर रामायण सर्किट, कृष्ण सर्किट, आध्यात्मिक सर्किट व बौद्ध सर्किट जैसी अनेक परियोजनाएं संचालित हैं। जो पर्यटन विकास की संभावनाओं को आगे बढ़ाने के साथ ही नौजवानों के लिए रोजगार की सुविधा भी उपलब्ध करा रही हैं। इसके पहले योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर में रामनाथ कोविंद और आनंदी बेन पटेल को टेराकोटा शिल्प से बनीं भगवान श्री गणेश की मूर्तियां भेंट कीं। सर्किट हाउस में राष्ट्रपति के सपरिवार अवलोकन के लिए टेराकोटा शिल्प का स्टाल लगाया गया। टेराकोटा गोरखपुर की खास व पारंपरिक पहचान है। मुख्यमंत्री बनने के बाद इसे ओडीओपी में शामिल कर योगी आदित्यनाथ ने इसे उद्यमिता और रोजगार का बड़ा फलक प्रदान किया है। योगी सरकार के प्रयासों से यह अब ग्लोबल ब्रांड के रूप में स्थापित हो रहा है। कहा जाता है कि इतिहास अपने को किसी न किसी रूप में दोहराता है। राष्ट्रपति रामनाथ कोविद की गोरखपुर यात्रा में यह दिलचस्प रूप में दिखाई दिया। राष्ट्रपति गीता प्रेस के शताब्दी समारोह में सहभागी होने गोरखपुर आए थे। 1955 में गीता प्रेस के मुख्य द्वार एवं चित्र प्रदर्शनी का उद्घाटन करने के लिए देश के प्रथम राष्ट्रपति डॉ राजेन्द्र प्रसाद यहां पर आए थे। तब उनके साथ तत्कालीन गोरक्ष पीठाधीश्वर महन्त दिग्विजयनाथ भी थे। इसके शताब्दी वर्ष के इस समारोह का शुभारम्भ वर्तमान राष्ट्रपति रामनाथ कोविद ने किया। इस अवसर पर वर्तमान गोरक्ष पीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ उपस्थित रहे। रामनाथ कोविद ने कहा कि प्राचीन भारतीय शासकों ने प्रायः अपने शासन में धर्म का अनुपालन किया है। धर्म और शासन एक-दूसरे के पूरक हैं। आज वही दृश्य यहां देखने को मिल रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गोरखपुर के गोरक्षपीठाधीश्वर के साथ ही उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री भी हैं। एक व्यक्ति में दोनों चीजें समाहित होना अपने आप में एक बहुत बड़ी बात है। गीता प्रेस से हिन्दू परिवारों का सहज स्वाभाविक लगाव रहा है। घर के पूजा घरों में गीता प्रेस से प्रकाशित ग्रंथ सुशोभित रहते है। लगभग लागत के मूल्य पर यहां का प्रकाशित साहित्य उपलब्ध रहता था। गीता, राम रचित मानस आदि अमूल्य साहित्य भी निर्धनता परिवारों की पहुँच में रहता था। यहां से प्रकाशित कल्याण पत्रिका भी बहुत लोकप्रिय हुआ करती थी। इसमें प्रकाशित देवी देवताओं के चित्र बहुत दर्शनीय होते थे ।इस कारण घर के छोटे बच्चे भी इस पत्रिका को रुचि के साथ देखते थे। सरल भाषा शैली में पाठकों को धार्मिक कथा प्रसंगों की जानकारी मिलती थी। अध्यात्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा मिलती थी। राज्यपाल आनन्दीबेन पटेल ने कहा भी कि गीता प्रेस को भारत के घर-घर में रामचरितमानस और श्रीमद्भगवद्गीता को पहुंचाने का श्रेय जाता है। योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पहले लोग कल्याण पत्रिका को प्राप्त करने के लिए महीने भर प्रतीक्षा करते थे। अब तकनीक के माध्यम से यह पत्रिका सर्वसुलभ है। गीता प्रेस एक प्रेस नहीं, साहित्य का मंदिर है। सनातन धर्म को बचाए रखने में जितना योगदान मंदिरों का है, उतना ही योगदान गीता प्रेस के द्वारा प्रकाशित साहित्य का भी है। भारत के आध्यात्मिक और सांस्कृतिक ज्ञान के प्रसार में गीता प्रेस ने महत्वपूर्ण भूमिका निभायी है। रामनाथ कोविद अपने गांव भी पहुँचे थे। देश के राष्ट्रपति प्रधानमन्त्री उत्तर प्रदेश की राज्यपाल और मुख्यमंत्री एक साथ यहां मौजूद थे। डॉ आंबेडकर और महात्मा गांधी का स्मरण किया गया। दोनों के विचारों पर अमल का संकल्प व्यक्त किया गया। संविधान की भावना के अनुरूप प्रजातंत्र को मजबूत बनाने पर विचार हुआ। परौंख में राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री ने एक साथ आकर महात्मा गांधी के ग्राम स्वराज की परिकल्पना को साकार किया है। रामनाथ कोविंद नरेन्द्र मोदी आनन्दी बेन पटेल और योगी आदित्यनाथ कानपुर देहात के ग्राम परौंख में आजादी के अमृत महोत्सव की श्रृंखला में मेरा गांव मेरी धरोहर अभियान के अन्तर्गत आयोजित समारोह में सम्मिलित हुए थे। कानपुर में उन्होंने कहा कि देश ही नहीं विदेश में भी कानपुर का उद्यम जाना जाता है। वह मर्चेंट चैंबर में उद्योगपतियों के कार्यक्रम में सहभागी हुए। कानपुर के उद्यम को बढ़ावा देने के साथ ही उद्यमियों को एक मंच पर लाने के लिए नब्बे वर्ष पूर्व मर्चेंट ऑफ चैंबर उत्तर प्रदेश की स्थापना हुई थी। मर्चेंट चैंबर शहर के उद्यमियों और व्यापारियों का सबसे बड़ा संगठन है। नब्बे वर्ष पूरे होने पर शनिवार को राष्ट्रपति उद्यमियों के विशेष आग्रह पर उनके कार्यक्रम में भाग लेने पहुंचे थे। राष्ट्रपति ने कहा कि कानपुर का उद्यम देश में ही नहीं विदेश में भी जाना जाता है। कानपुर के व्यापारियों की कड़ी मेहनत ने ही कानपुर को अग्रणी शहरों में बनाया है। कानपुर के उद्यम के विकास के लिए जो यह संगठन मर्चेंट चेंबर है देश की आजादी के पहले से ही कार्यरत है। हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag |
| रूस के खिलाफ प्रतिबंध बेअसर: स्विट्जरलैंड Posted: 06 Jun 2022 07:03 AM PDT रूस के खिलाफ प्रतिबंध बेअसर: स्विट्जरलैंड ज्यूरिख। स्वट्जरलैंड के वित्त मंत्री गाय परमेलिन ने कहा कि यूक्रेन संकट का समाधान करने के लिए पश्चिमी देशों द्वारा रूस पर लगाये गये प्रतिबंध उद्देश्य हासिल करने में विफल रहे हैं। श्री परमेलिन ने ब्लिक अखबार के साथ एक साक्षात्कार में कहा, "अगर प्रतिबंधों का उद्देश्य यूक्रेन में युद्ध को जल्द से जल्द समाप्त करना था, तो मैं यह बताना चाहता हूं कि यह लक्ष्य अभी भी हासिल नहीं हुआ है।" उन्होंने कहा कि प्रतिबंधों का प्रभावी होना काफी हद तक अन्य राजनीतिक, राजनयिक और कानूनी साधनों के साथ उनके उपयोग पर निर्भर करता है। परमेलिन ने चेतावनी देते हुए कहा कि रूस के खिलाफ प्रतिबंधों के कारण ईंधन की कीमतों में और वृद्धि हो सकती हैं और किसी भी यूरोपीय देश के पास इस मुद्दे का निश्चित समाधान नहीं है। उल्लेखनीय है कि रूस पर पश्चिमी देशों के प्रतिबंधों और सैन्य अभियान के कारण आपूर्ति में व्यवधान उत्पन्न हुआ है और दुनिया भर में ऊर्जा की कीमतों में वृद्धि हुई है। हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag |
| श्रीलंका सरकार के आर्थिक आंकड़े ही बने मुसीबत Posted: 06 Jun 2022 07:00 AM PDT श्रीलंका सरकार के आर्थिक आंकड़े ही बने मुसीबतकोलंबो। श्रीलंका सरकार ने आर्थिक आंकड़ों को बढ़ा-चढ़ा कर दिखाने की कोशिश की। अब देश इसकी महंगी कीमत चुका रहा है। विशेषज्ञों का आरोप है कि आर्थिक आंकड़ों से खिलवाड़ श्रीलंका की मौजूदा मुसीबत का एक बड़ा कारण है। श्रीलंका सरकार ने आर्थिक आंकड़ों की गणना के लिए आधार वर्ष को 2010 से बढ़ा कर 2015 करने का फैसला किया था। सिर्फ इस फैसले की वजह से 2021 में श्रीलंका के सकल घरेलू उत्पाद का आकार 876 अरब रुपये ज्यादा दिखाया। इससे जीडीपी की तुलना में कर्ज और राजकोषीय घाटे का अनुपात कम हो गया। श्रीलंका की अर्थव्यवस्था के इस पहलू के बारे में एक विश्लेषण वेबसाइट इकॉनमीनेक्स्ट डाट कॉम ने प्रकाशित किया है। इस विश्लेषण के मुताबिक, नए सीरीज के आंकड़ों में मुद्रास्फीति दर को एडजस्ट करने के बाद श्रीलंका की जीडीपी 13 खरब 10 अरब रुपये बताई गई। अगर पुरानी सीरीज से गणना होती, तो सकल घरेलू उत्पाद 9 खरब 88 अरब रुपये सामने आता। सकल घरेलू उत्पाद का मूल्य ज्यादा होने पर स्वाभाविक रूप से सरकार पर मौजूद ऋण घट गया। पहले सरकारी कर्ज जीडीपी के 104.6 प्रतिशत के बराबर था। नई सीरीज में यह 99.5 प्रतिशत दिखा। सकल घरेलू उत्पाद में बढ़ोतरी का एक परिणाम यह हुआ कि जीडीपी की तुलना में सरकारी राजस्व की मात्रा कम हो गई। इससे नव-उदारवादी अर्थशास्त्रियों को यह तर्क देने का मौका मिला कि श्रीलंका में लोग अपनी असल आर्थिक हालत की तुलना में कम टैक्स दे रहे हैं। इसी तर्क के आधार पर सरकार ने कुछ परोक्ष करों में वृद्धि की। श्रीलंका की इस वेबसाइट से जुड़े विशेषज्ञों की राय है कि अर्थव्यवस्था की असली सेहत छिपाने की राजपक्षे सरकार की कोशिश अब देश को महंगी पड़ रही है। अगर अर्थव्यवस्था की असली सूरत सामने रहती, तो सरकार पहले अपनाई गई खर्च घटाने की नीति पर आगे बढ़ती। हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag |
| पार्टीगेट स्कैण्डल में बुरे फंसे जानसन Posted: 06 Jun 2022 06:57 AM PDT पार्टीगेट स्कैण्डल में बुरे फंसे जानसनलंदन। पार्टीगेट स्कैंडल के चलते संकट में घिरे ब्रिटेन के पीएम बोरिस जॉनसन को सोमवार को हाउस ऑफ कॉमन्स में अपने प्रति सदन का विश्वास साबित करना होगा। सत्तारूढ़ कंजरवेटिव पार्टी खुद उनके खिलाफ यह प्रस्ताव ला रही है। अगर वह इस प्रस्ताव में हार गए तो पीएम पद चला जाएगा। हालांकि, इसकी संभावना कम है। पार्टीगेट स्कैंडल को लेकर कुछ और ब्योरा सामने आने के बाद बैकबेंच कमेटी ने सोमवार को विश्वास मत प्रस्ताव लाने की घोषणा की। समिति के अधिकारी ग्राहम ब्रैडी ने बताया कि उन्हें सांसदों से कई पत्र मिले हैं, जिनमें जॉनसन के नेतृत्व के प्रति विश्वास को लेकर मतदान की मांग की गई है। इस प्रस्ताव के लिए 15 फीसदी सांसदों की सहमति मिल गई है। स्थानीय समयानुसार सोमवार शाम 6 से 8 बजे के बीच मतदान कराया जा सकता है। अगर जॉनसन 359 कंजरवेटिव सांसदों का विश्वास पाने में विफल रहे, तो उन्हें कंजरवेटिव नेता और प्रधानमंत्री पद से हटा दिया जाएगा। अगर वह जीत गए तो एक साल और पद पर बने रहेंगे। ब्रिटिश राजनीति के विशेषज्ञों के अनुसार 57 वर्षीय जॉनसन संभवतः विश्वास मत जीत जाएंगे, लेकिन इससे उनके नेतृत्व को झटका लग सकता है। कोविड नियमों को तोड़ने से जुड़े पार्टीगेट स्कैंडल मामले में 40 से ज्यादा पार्टी सांसद उनके इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। पार्टीगेट मामला कोरोना महामारी के शुरुआती दिनों यानी 20 जून 2020 को ब्रिटिश पीएम कार्यालय 10 डाउनिंग स्ट्रीट में जन्मदिन पार्टी करने से जुड़ा है। यह पार्टी कोरोना नियमों का उल्लंघन कर कैबिनेट कक्ष में आयोजित की गई थी। इसका जिम्मेदार पीएम जॉनसन व उनकी पत्नी कैरी को माना गया है। ब्रिटिश नेताओं ने इसे 'पार्टीगेट स्कैंडल' करार दिया है। हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag |
| Posted: 06 Jun 2022 06:46 AM PDT ओआईसी को भारत का कड़ा जवाबनई दिल्ली। पैगंबर मोहम्मद पर कथित आपत्तिजनक टिप्पणी को लेकर ऑर्गेनाइजेशन ऑफ इस्लामिक को-ओपरेशन ओआईसी के बयान की भारत ने कड़ी निंदा की है। भारतीय विदेश मंत्रालय ने कहा- 'भारत ओआईसी सचिवालय की गैरजरूरी और छोटी सोच वाली टिप्पणियों को साफ तौर पर खारिज करता है। भारत सरकार सभी धर्मों को सम्मान देती है। दरअसल, पैगंबर मोहम्मद पर बीजेपी नेता नूपुर शर्मा और नवीन जिंदल के बयान पर खाड़ी देशों ने कड़ी आपत्ति की है। कतर, कुवैत और ईरान ने भारतीय राजदूतों को तलब कर विरोध जताया है। कतर-कुवैत ने भारत सरकार से इस बयान पर माफी की मांग की है। वहीं, सऊदी अरब ने भी इस बयान पर ऐतराज जताया है। इस बीच 57 मुस्लिम देशों के संगठन इस्लामिक सहयोग संगठन ने भी निंदा की है। संगठन ने सोशल मीडिया पोस्ट कर कहा- भारत में बीते दिनों में मुस्लमानों के खिलाफ हिंसा के मामले बढ़े हैं। कई राज्यों में शैक्षणिक संस्थानों में हिजाब में बैन के साथ मुस्लिमों पर प्रतिबंध लगाए जा रहे हैं। ओआईसी के बयान पर विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने कहा कि हमने इस संगठन द्वारा भारत को लेकर दिए गए बयान देखे हैं। सरकार ओआईसी सचिवालय के गलत और संकीर्ण बयानों को खारिज करती है। हालांकि, बीजेपी ने सभी धर्मों के सम्मान की बात कहते हुए नूपुर शर्मा को पार्टी से निलंबित कर दिया है। बागची ने कहा, 'ओआईसी सचिवालय ने एक बार फिर प्रेरित, गुमराह करने वाली और शरारती टिप्पणी की, यह दुखद है। यह केवल स्वार्थों के इशारे पर चलाया जा रहा विभाजनकारी एजेंडा है। हम ओआईसी सचिवालय को अपना सांप्रदायिक नजरिए छोड़ने और सभी धर्मों का सम्मान करने की अपील करते हैं।' हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag |
| Posted: 06 Jun 2022 06:31 AM PDT जनता के दरबार में मुख्यमंत्री' कार्यक्रम में शामिल हुए मुख्यमंत्री, 173 लोगों की सुनी समस्यायें, अधिकारियों को दिए आवश्यक दिशा निर्देशपटना, 06 जून 2022 को मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार आज 4, देशरत्न मार्ग स्थित मुख्यमंत्री सचिवालय परिसर में आयोजित 'जनता के दरबार में मुख्यमंत्री' कार्यक्रम में शामिल हुए। 'जनता के दरबार में मुख्यमंत्री कार्यक्रम' में मुख्यमंत्री ने राज्य के विभिन्न जिलों से पहुंचे 173 लोगों की समस्याओं को सुना और संबंधित विभागों के अधिकारियों को समाधान के लिए समुचित कार्रवाई के निर्देश दिए। आज 'जनता के दरबार में मुख्यमंत्री' कार्यक्रम में सामान्य प्रशासन विभाग, गृह विभाग, राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग, मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग, निगरानी विभाग, खान एवं भू-तत्व विभाग से संबंधित मामलों पर सुनवाई हुयी। बेतिया के चनपटिया से आयी एक महिला ने मुख्यमंत्री से न्याय की गुहार लगाते हुए कहा कि हमारी बेटी की शादी होने के 26 दिनों बाद ही उसके पति, सास-ससुर ने जहर देकर हत्या कर दी। इस मामले में आज तक कोई कार्रवाई नहीं की गई हैं। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को मामले की जांच कर उचित कार्रवाई का निर्देश दिया। नवादा से आए एक फरियादी ने मुख्यमंत्री से आग्रह करते हुए कहा कि लगभग तीन साल पहले मेरे भाई को फोन करके अपने घर बुलाया और उसकी हत्या कर दी तथा घर के पीछे शव को फेंक दिया। इस संबंध में हमने प्राथमिकी भी दर्ज करायी है। जब भी थाने में जाता हूं अधिकारी कहते हैं कि अनुसंधान चल रहा है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को मामले की जांचकर कार्रवाई करने का निर्देश दिया। रिविलगंज, सारण की एक महिला ने मुख्यमंत्री से शिकायत करते हुए कहा कि मेरे पोते की हत्या कर दी गई है। थाना प्रभारी आरोपियों से मिलकर केस को खत्म करना चाहते हैं। आरोपी को पुलिस गिरफ्तार नहीं कर रही है। मुख्यमंत्री ने संबंधित विभाग को उचित कार्रवाई करने का निर्देश दिया। बेलागंज, गया के एक व्यक्ति ने शिकायत करते हुए कहा कि अवैध बालू खनन के मामले में सूचना देने वाले को गलत ढंग से फंसाया जा रहा है। तो वहीं सुल्तानगंज, भागलपुर से आए एक व्यक्ति ने शिकायत करते हुए कहा कि हत्या एवं लूट के मामले में मुख्य आरोपी को पुलिस गिरफ्तार नहीं कर रही है। मुख्यमंत्री ने संबंधित विभाग के अधिकारियों को उचित कार्रवाई करने का निर्देश दिया। नासरीगंज, रोहतास से आए एक व्यक्ति ने शिकायत करते हुए कहा कि मेरी निजी जमीन पर कब्जा कर अवैध निर्माण कार्य शुरु किया गया है। वहीं शेखपुरा के एक व्यक्ति ने कहा कि निजी जमीन पर जबरन घर बनाया जा रहा है और रोके जाने पर जान से मारने की धमकी दी जा रही है। मुख्यमंत्री ने संबंधित विभाग को इस मामले की जांचकर उचित कार्रवाई करने का निर्देश दिया। कटिहार से आयी एक महिला ने शिकायत करते हुए कहा कि भूमि अधिग्रहण में मुआवजा नहीं मिल रहा है। वहीं माधवापुर, मधुबनी के एक व्यक्ति ने शिकायत करते हुए कहा कि भारत-नेपाल सीमा के समानांतर सड़क निर्माण को लेकर मेरी अधिग्रहित की गई भूमि का मुआवजा अब तक नहीं मिला है। मुख्यमंत्री ने संबंधित विभाग को उचित कार्रवाई करने का निर्देश दिया। ताजपुर, समस्तीपुर से आए एक युवक ने मुख्यमंत्री से गुहार लगाते हुए कहा कि मेरी बहन का अपहरण कर लिया गया है, लेकिन अभी तक उसकी घर वापसी नहीं हो पायी है। इस पूरे मामले में पुलिस किसी प्रकार की कोई मदद नहीं कर रही है। वहीं मानपुर, गया से आयी एक महिला ने शिकायत करते हुए कहा कि उसे कुछ लोगों ने नशीला पदार्थ खिलाकर शारीरिक शोषण किया है। मुख्यमंत्री ने मामले की जांचकर उचित कार्रवाई करने का निर्देश दिया। मधेपुर, मधुबनी के एक व्यक्ति ने मुख्यमंत्री से शिकायत करते हुए कहा कि सरकारी तालाब का अतिक्रमण कर लिया गया है, इसे अतिक्रमणमुक्त कराया जाए। वहीं मांझी, सारण के एक व्यक्ति ने शिकायत करते हुए कहा कि हमारे यहां के मंदिर की जमीन को दबंग प्रवृति के लोगों ने हड़प लिया है, इसे मुक्त कराया जाए। मुख्यमंत्री ने संबंधित विभाग को यथोचित कार्रवाई करने का निर्देश दिया। औराई, मुजफ्फरपुर से आए एक व्यक्ति ने मुख्यमंत्री से शिकायत करते हुए कहा कि शराब माफियाओं द्वारा अपने शराब को निर्दोष लोगों के यहां रखकर संबंधित थानों में केस कर फंसाया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने संबंधित विभाग को मामले में जांचकर उचित कार्रवाई करने का निर्देश दिया। प्रतापगंज, सुपौल से आए एक व्यक्ति ने मुख्यमंत्री से शिकायत करते हुए कहा कि गांव के कुछ दबंग लोगों ने सरकारी सड़क को जबरदस्ती बंद कर दिया है, जिससे लोगों को आवागमन में काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। मुख्यमंत्री ने संबंधित विभाग को मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया। शिवाजी नगर, समस्तीपुर की एक महिला ने मुख्यमंत्री से शिकायत करते हुए कहा कि मेरे पति और उनके परिवार के लोगों द्वारा दहेज की मांगकर लगातार प्रताड़ित किया जा रहा है। वहीं एक फरियादी महिला ने मुख्यमंत्री से गुहार लगाते हुए कहा कि शादी के 8 दिन के बाद ही ससुराल में मारपीट किया जाने लगा। पुलिस की मदद से किसी तरह से हम बचकर निकले हैं। मुख्यमंत्री ने मामले की जांचकर संबंधित विभाग को उचित कार्रवाई करने का निर्देश दिया। 'जनता के दरबार में मुख्यमंत्री' कार्यक्रम में राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री श्री राम सूरत कुमार, खान एवं भू-तत्व मंत्री श्री जनक राम, मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन मंत्री श्री सुनील कुमार, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्री दीपक कुमार, मुख्य सचिव श्री आमिर सुबहानी, पुलिस महानिदेशक श्री एस0के0 सिंघल, संबंधित विभागों के अपर मुख्य सचिव/प्रधान सचिव/सचिव, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव डॉ0 एस0 सिद्धार्थ, मुख्यमंत्री के सचिव श्री अनुपम कुमार, मुख्यमंत्री के विशेष कार्य पदाधिकारी श्री गोपाल सिंह, पटना के जिलाधिकारी श्री चंद्रशेखर सिंह तथा वरीय पुलिस अधीक्षक श्री मानवजीत सिंह ढिल्लो उपस्थित थे। 'जनता के दरबार में मुख्यमंत्री' कार्यक्रम की समाप्ति के पश्चात् मुख्यमंत्री ने पत्रकारों से बातचीत की। समस्तीपुर में एक की परिवार के 5 लोगों की खुदकुशी के सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि यह घटना काफी दुखद है। घटना की जानकारी मिलते ही हमने अधिकारियों से इसकी जानकारी ली है। प्रशासन के लोग इस घटना की जांच में लगे हुए हैं कि आखिर क्यों परिवार के 5 लोगों ने सुसाइड की है। इसके कारणों का पता लगाने में प्रशासन के सभी लोग लगे हुऐ हैं। पूर्व मुख्यमंत्री श्री जीतनराम मांझी की एनडीए से नाराजगी के सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि हमको तो ऐसा नहीं लगता है। वे एन0डी0ए0 के पार्ट हैं। ऐसी कोई बात नहीं है। संपूर्ण क्रांति के 50 वर्ष पूरे होने पर बड़े पैमाने पर समारोह के आयोजन को लेकर पत्रकारों के सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि कल ही हमने संपूर्ण क्रांति दिवस के अवसर पर सारी बातों को बता दिया है। सन 1974 में संपूर्ण क्रांति दिवस के अवसर पर पटना के गांधी मैदान में लोक नायक जयप्रकाश नारायण जी की जनसभा में हमलोग उपस्थित थे। जनसभा में काफी भीड़ उमड़ी थी। काफी संख्या में यूथ उस जनसभा में उपस्थित थे। हमलोग लोक नायक जयप्रकाश नारायण जी की कमिटी में भी थे। जनसभा में जो उन्होंने कहा था, हमलोग आज भी उनके ही दिखाए मार्ग पर चल रहे हैं। लोक नायक जयप्रकाश नारायण जी के नेतृत्व में हमलोगों ने आंदोलन में हिस्सा लिया था। 5 जून को संपूर्ण क्रांति दिवस के रुप में मनाने का सिलसिला हमलोगों ने ही शुरु किया था। संपूर्ण क्रांति दिवस के अवसर पर हमलोग लोक नायक जयप्रकाश नारायण जी के सम्मान में उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण करते हैं। हमलोग चाहेंगे कि संपूर्ण क्रांति के 50 वर्ष पूरा होने के अवसर पर बड़े पैमाने पर कार्यक्रम का आयोजन हो। 5 जून को ही विश्व पर्यावरण दिवस मनाया जाता है। हमलोग भी इस दिन को संपूर्ण क्रांति दिवस के साथ-साथ पर्यावरण दिवस के रुप में भी मनाते हैं। हमलोग इन सब चीजों के प्रति कमिटेड हैं। समाज में प्रेम और भाईचारे का भाव होना चाहिए। सब लोगों को अच्छे ढ़ंग से काम करना चाहिए। विकास का काम भी तेजी से होना चाहिए। गलत काम किसी को भी नहीं करना चाहिए। लोक नायक जयप्रकाश नारायण जी ने इन सभी चीजों को लेकर उपदेश दिया था। लोक नायक जयप्रकाश नारायण जी के आदर्शों से ही हमलोगों ने सीख ली है और जब से सेवा करने का मौका मिला है तो उसी के अनुरुप काम करने की कोशिश कर रहे हैं। केंद्र सरकार की आयुष्मान भारत योजना को लेकर पत्रकारों के सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि कल केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री श्री मनसुख मंडाविया से मेरी मुलाकात हुई है। बिहार में स्वास्थ्य के क्षेत्र में हो रहे कार्यों की उन्होंने प्रशंसा की है। जब से लोगों की सेवा करने का मौका हमलोगों को मिला है, तब से लोगों की सुविधाओं का लगातार ख्याल रख रहे हैं। अस्पतालों की संख्या को काफी बढ़ाया गया है। काफी तादाद में डॉक्टरों की बहाली की गई है। अब सरकारी अस्पतालों में काफी तादाद में मरीजों का इलाज किया जा रहा है। सरकारी अस्पतालों में दवा का भी प्रबंध किया गया है। इसके अलावा केंद्र सरकार की योजनाओं का भी लाभ बिहार के लोगों को मिलता है। आयुष्मान भारत योजना का लाभ जिनको नहीं मिल पा रहा है उनलोगों को भी इलाज में मदद देने का काम हमलोगों ने किया है। बिहार में कई मेडिकल कॉलेजों का निर्माण कराया जा रहा है। हर जिले में इंजीनियरिंग कॉलेज की स्थापना कराई जा रही है। कई जिलों में मेडिकल कॉलेज भी बनाए गए हैं, अन्य जगहों पर भी बने इसको लेकर हमलोग प्रयासरत हैं। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री से इन सब चीजों पर भी बात हुई है। उनसे सकारात्मक बातचीत हुई है। कोरोना के दौर में यहां के प्रशासन के लोगों एवं चिकित्सकों ने एक-एक चीजों का ध्यान रखा है। सभी लोगों ने मिलकर काम किया है। बिहार में काफी तादाद में टीकाकरण एवं कोरोना की जांच की जा रही है। 10 लाख की आबादी पर कोरोना की औसत जांच देश में सबसे ज्यादा बिहार में हो रही है। कभी-कभी दिल्ली के अखबारों मे यह खबर आ जाती है कि बिहार में टीकाकरण का प्रतिशत कम है। इसका कारण यह है कि बिहार के कुछ लोग बिहार से बाहर रहते हैं, वे लोग वहीं पर अपना टीकाकरण करा रहे हैं। बिहार में रहने वाले सभी लोगों का टीकाकरण कराया गया है। स्वास्थ्य के क्षेत्र में बिहार सरकार ने एक-एक चीज का ख्याल रखा है। कोरोना से मृत्यु होने पर उनके आश्रितों को 4 लाख रुपये की मदद शुरु से ही दी जा रही है। इसके बाद केंद्र सरकार ने 50 हजार रुपया देने का फैसला लिया जो बिहार के लोगों को 4 लाख रुपये के अलावा मिल रहा है। इससे कोई वंचित नहीं रह जाये इसको लेकर हमलोग जांच कराते रहते हैं। स्वास्थ्य के क्षेत्र में जितना संभव है वह सब बिहार में किया जा रहा है। जाति आधारित गणना से संबंधित पत्रकारों के सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि अगर जाति आधारित गणना हो जाएगी तो चाहे किसी धर्म, जाति, मजहब के हों, अपर कास्ट, बैकवर्ड, दलित, आदिवासी हों, सबके बारे में पूरी जानकारी मिलेगी। कोई भी किसी कम्युनिटी का हो उसकी आर्थिक स्थिति की जानकारी मिलेगी और उसको बेहतर करने के लिये काम किया जायेगा। जाति आधारित गणना को लेकर फंड का एलॉटमेंट कर दिया गया है। एक महीने की तैयारी के बाद जाति आधारित गणना का काम शुरु हो जायेगा। बिहार में सर्वसम्मति से जातीय गणना की बात हुई है। सामान्य प्रशासन विभाग को इसकी जिम्मेदारी दी गई है। बिहार में बहुत अच्छे ढ़ंग से जाति की गणना की जायेगी। बिहार के बाहर रहने वालों लोगों की भी जानकारी लेकर उनकी गणना की जायेगी। 1990 से ही हम कह रहे हैं कि एक बार यह होना चाहिए। हमलोगों का प्रयास है कि सबका विकास ठीक ढंग से हो। सब तरह की जानकारी हो जाएगी तो अच्छा होगा, उसका फायदा होगा। किसी की उपेक्षा नहीं होगी। सबका ध्यान रखा जाएगा। वर्ष 2010-11 में जो केंद्र सरकार के द्वारा गणना किया गया उसे भी पब्लिश नहीं किया गया। इसके संबंध में जो जानकारी आई है कि यह ठीक ढंग से ये नहीं हुआ था। हमलोग यहां इसे बढ़िया ढंग से करायेंगे। यहां के अधिकारी इसे अच्छे ढंग से करेंगे और सभी पार्टी के लोग भी मिलकर इसपर काम करेंगे। यहां यह इतने अच्छे ढंग से होगा कि बाकी लोग भी इसकी प्रशंसा करेंगे। अभी अधिकारियों के साथ इसको लेकर एक-दो मीटिंग और करेंगे कि तेजी से और बढ़िया से काम हो सके। वैसे लोगों को भी इसमें शामिल किया जाएगा जो पिछले किसी जनगणना कार्य में लगे हुए थे या उसका अनुभव रखते हैं। भूदान आंदोलन के समय दान में दी गई जमीन का आंकड़ा उपलब्ध नहीं होने के सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि इसको लेकर एक कमिटी बनाई गई है। इसको लेकर काम किया जा रहा है। जनसंख्या नियंत्रण से संबंधित सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि जब सरकार में हमलोग आए थे तो प्रजनन दर 4.3 था जो अब घटकर 3 पर आ गया है। 2012-13 में इसका पूरा अध्ययन कराया गया। पति-पत्नी में अगर पत्नी मैट्रिक पास है तब प्रजनन दर देश का और अपने यहां का भी 2 था। अगर पत्नी इंटर पास है तो जो देश का प्रजनन दर था उससे भी थोड़ा कम हमलोगों के यहां था। इसको लेकर मन में यूरेका की भावना आई। उसी समय लड़कियों को और शिक्षित करने का काम शुरू कराया, उसी का नतीजा है कि लड़कियां पढ़ने लगी हैं और अब प्रजनन दर राज्य में घटकर 4.3 से 3 पर पहुंच गया है। ये जो काम हमलोग कर रहे हैं उसको जारी रखेंगे तो चार-पांच साल में प्रजनन दर 2 पर पहुंच जाएगा। सिर्फ नियम और कानून बना देने से कुछ नहीं होता है काम ऐसा हो कि सभी लोग उसे स्वभावतः करने लगें। चाइना का ही पता कर लीजिए। हम चाइना गए थे तो वहां भी इसके संबंध में अनुभव मिला था। उन्होंने कहा कि सबका अपना-अपना विचार है। हमारा इसपर अपना विचार है। सबको जागरूक कीजिए। तभी फायदा होगा। लड़की जब पढ़ लेगी तो सब ठीक होगा। हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag |
| 12 जून से गोवा में दशम ‘अखिल भारतीय हिन्दू राष्ट्र अधिवेशन का होगा श्रीगणेश !’ Posted: 06 Jun 2022 05:39 AM PDT 12 जून से गोवा में दशम 'अखिल भारतीय हिन्दू राष्ट्र अधिवेशन का होगा श्रीगणेश !'
वाराणसी - गोवा में गत 9 वर्षों से होनेवाले 'अखिल भारतीय हिन्दू राष्ट्र अधिवेशन' के कारण देश में हिन्दू राष्ट्र की चर्चा प्रारंभ हुई । उसके पश्चात हिन्दू राष्ट्र का ध्येय सामने रखकर विविध क्षेत्रों में कार्य करना प्रारंभ हुआ । इस 10 वें अधिवेशन में हिन्दू राष्ट्र की कार्यपद्धति अंकित करने का प्रयत्न किया जानेवाला है । 'हिन्दू राष्ट्र में आदर्श राजव्यवहार कैसा होना चाहिए ?', इस संबंध में दिशादर्शन करने के लिए इस वर्ष के अधिवेशन में 'हिन्दू राष्ट्र संसद' का विशिष्ट आयोजन किया गया है । अधिवेशन के तीन दिन 'हिन्दू राष्ट्र संसद' का आयोजन होगा । उसमें 'हिन्दू राष्ट्र स्थापना के लिए संसदीय और संवैधानिक मार्ग', 'मंदिरों का उचित प्रबंधन' और 'हिन्दू शैक्षणिक नीतियों का अवलंबन कैसा करना चाहिए ?' इन विषयों पर विशेषज्ञ मान्यवरों द्वारा विस्तृत चर्चा होनेवाली है । हिन्दू राष्ट्र स्थापना के कार्य को गति देने के लिए इस वर्ष 12 से 18 जून 2022 की अवधि में 'श्री रामनाथ देवस्थान', फोंडा, गोवा में दशम 'अखिल भारतीय हिन्दू राष्ट्र अधिवेशन' आयोजित किया गया है और इसमें उत्तर प्रदेश से 36 हिन्दू संगठनों के 100 से अधिक प्रतिनिधि आमंत्रित किए गए हैं, ऐसी जानकारी हिन्दू जनजागृति समिति के धर्मप्रचारक पूजनीय निलेश सिंगबाळजी ने पत्रकार परिषद में दी । पराडकर भवन में आयोजित पत्रकार परिषद में कथित ज्ञानवापी मस्जिद से श्री काशी विश्वनाथजी की मुक्ति के लिए सक्रीय हिन्दू पक्ष के अधिवक्ता श्री. मदन मोहन यादव, हिन्दू युवा वाहिनी के प्रदेश उपाध्यक्ष श्री. मनीष पांडेय, सनातन संस्था के श्री. गुरुराज प्रभु एवं हिन्दू जनजागृति समिति के उत्तर प्रदेश एवं बिहार राज्य समन्वयक श्री. विश्वनाथ कुलकर्णी उपस्थित थे । पूजनीय निलेशजी ने आगे कहा कि, हाल ही 'जमीयत उलेमा-ए-हिन्द' के प्रमुख मौलाना महमूद मदनी ने खुली धमकी दी है कि 'समान नागरिक संहिता कानून के आधार पर शरीयत में हस्तक्षेप नहीं चलेगा । हिन्दुओ को मुसलमान नहीं पसंद हों, तो हिन्दू भारत छोडकर चले जाएं ।' मुसलमानों ने धमकाकर कश्मीर से हिन्दुओ को बाहर निकाला, अब शेष भारत से बाहर निकालने की उनकी यह धमकी है । भारत के मुसलमानों को अल्पसंख्यांकों की विशेष सुविधाएं दी जाने पर भी बहुसंख्यक हिन्दुओ ने उनके साथ बंधुत्त्व बनाए रखा है, यह उन्हें ध्यान में रखना चाहिए । आज का भारत गांधीगिरी करनेवाला नहीं, अपितु छत्रपति शिवाजी महाराज को आदर्श मानकर स्वराज्य की रक्षा करनेवाला है, यह भी वे ध्यान रखें । हिन्दू जनजागृति समिति के उत्तर प्रदेश एवं बिहार राज्य समन्वयक श्री. विश्वनाथ कुलकर्णी के बताया कि, कोरोना के कारण गत दो वर्ष यह अधिवेशन प्रत्यक्ष नहीं हो पाया । वर्ष 2020 में 'ऑनलाइन' अधिवेशन लिया गया । इस वर्ष प्रत्यक्ष अधिवेशन हो रहा है । इसलिए देशभर के हिन्दुत्वनिष्ठों में प्रचंड उत्साह है । इस अधिवेशन में अमेरिका, इंग्लैंड, हांगकांग, सिंगापुर, फिजी, नेपाल आदि देशों सहित भारत के 26 राज्यों के 350 से अधिक हिन्दू संगठनों के 1000 से अधिक प्रतिनिधियों को निमंत्रित किया गया है । इस अधिवेशन में प्रमुखता से 'काशी की ज्ञानवापी मस्जिद', 'मथुरा मुक्ति आंदोलन', 'प्लेसेस ऑफ वर्शिप एक्ट', 'कश्मीरी हिन्दुआें का नरसंहार', 'मस्जिदों पर लगे भोंपुओ का ध्वनि प्रदूषण', 'हिजाब आंदोलन', 'हलाल सर्टिफिकेट एक आर्थिक जिहाद', 'हिन्दुओ की सुरक्षा', 'मंदिर-संस्कृति-इतिहास की रक्षा', 'धर्मांतरण' आदि विविध विषयों पर चर्चा की जानेवाली है । सनातन संस्था के श्री. गुरुराज प्रभु ने कहा कि, केंद्र में तथा अनेक राज्यों में हिन्दुत्वनिष्ठ दल की सरकार आने के कारण राममंदिर निर्माण, लव जिहाद और धर्मांतरण के विरोध में कानून लागू होना और अनुच्छेद 370 हटाना आदि सकारात्मक कार्य हुआ है, तथापि काशी-मथुरा सहित हिन्दुओ के अनेक धार्मिक और ऐतिहासिक स्थलों की मुक्ति होना शेष है । ओवैसी कह रहे हैं, 'बाबरी ले ली; परंतु ज्ञानवापी मस्जिद नहीं लेने देंगे ।' देशभर में हिन्दुओ की शोभायात्राओ तथा धार्मिक उत्सवों पर भीषण आक्रमण हो रहे हैं । मिशनरियों द्वारा बलपूर्वक होनेवाले धर्मांतरण के कारण 'लावण्या' जैसी हिन्दू लडकी को आत्महत्या करनी पड रही है । कश्मीरी हिन्दुओ के वंशविच्छेद को 32 वर्ष होकर भी कश्मीरी हिन्दुआें की हत्या आज भी नहीं रुकी हैं । आज भी कश्मीर से हिन्दुओ का पलायन हो रहा है । कुल मिलाकर हिन्दू सर्वत्र असुरक्षित हैं । इसलिए हिन्दुओ को संवैधानिक अधिकारों के लिए संगठित होना आवश्यक हो गया है । हिन्दुओ के व्यापक संगठन के लिए यह अधिवेशन दिशादर्शक सिद्ध होगा । श्री काशी विश्वनाथ मंदिर मुक्ति के लिए लड रहे अधिवक्ता मदन मोहन यादव ने कहा कि भगवान विश्वनाथजी के असीम कृपा से ही ज्ञानवापी में हिंदुओं के लिए समाधानकारक तथ्य सामने आ रहे हैं । केवल काशी, मथुरा, कुतुबमिनार, ताजमहल ही नही अपितु हिंदुओं के जिन हजारों धार्मिक तथा ऐतिहासिक स्थलों को अवैध पद्धति से हथियाया गया, उन सभी को पुन: प्राप्त किए बिना हम स्वस्थ नही बैठेंगे । इस दृष्टि से हिंदू राष्ट्र अधिवेशन में विचार-विमर्श करेंगे । हिन्दू युवा वाहिनी के प्रदेश उपाध्यक्ष श्री. मनीष पांडेय ने बताया कि सभी हिन्दू संगठनों को संगठित करना यही अखिल भारतीय हिन्दू राष्ट्र अधिवेशन का मुख्य उद्देश्य है । समान सूत्री कार्यक्रम के अंतर्गत सभी संगठन एकत्रित आकर 'हिन्दू राष्ट्र जागृति आंदोलन' के माध्यम से हिन्दूओपर होनेवाले आक्रमणों के विरोध करने के संदर्भ रणनीति बनाएंगे । इस अधिवेशन में प्रमुखता से 'सी.बी.आई.' के भूतपूर्व संचालक श्री. नागेश्वर राव, काशी स्थित ज्ञानवापी मस्जिद के विरुद्ध न्यायालयीन संघर्ष करनेवाले अधिवक्ता (पू.) हरिशंकर जैन और उनके सुपुत्र 'हिन्दू फ्रंट फॉर जस्टिस' के राष्ट्रीय प्रवक्ता अधिवक्ता विष्णु शंकर जैन, उत्तर प्रदेश से हिन्दू पर्सनल लॉ बोर्ड के अध्यक्ष अधिवक्ता अशोक पांडे, इंडिया विथ विजडम के अध्यक्ष अधिवक्ता कमलेशचंद्र त्रिपाठी, सनातन एकता मिशन के अध्यक्ष श्री. अशोक पाठक, भाजपा के तेलंगाना के प्रख्यात विधायक टी. राजासिंह, 'पनून काश्मीर' के श्री. राहुल कौल,अरुणाचल प्रदेश के 'बांस संसाधन और विकास एजेंसी' के उपाध्यक्ष श्री कुरु थाई सहित अनेक वरिष्ठ अधिवक्ता, उद्योगपति, विचारक, लेखक, पत्रकार, मंदिर न्यासी तथा अनेक समवैचारिक सामाजिक, राष्ट्रीय और आध्यात्मिक संगठनों के प्रतिनिधि उपस्थित रहनेवाले हैं । 'भारत सेवाश्रम संघ' के स्वामी सयुंक्तानंदजी महाराज, 'इंटरनेशनल वेदांत सोसायटी' के स्वामी निर्गुणानंदगिरीजी महाराज आदि संतों की वंदनीय उपस्थिति भी इस अधिवेशन को मिलनेवाली है । इस अधिवेशन को अब तक देशभर के अनेक हिन्दू संगठन, संप्रदाय, विश्वविद्यालय, अधिवक्ता संगठन, पत्रकार, उद्योगपति आदि ने समर्थन पत्र दिए हैं । दशम 'अखिल भारतीय हिन्दू राष्ट्र अधिवेशन' का सीधा प्रक्षेपण हिन्दू जनजागृति समिति के जालस्थल (वेबसाईट) तथा समिति के 'HinduJagruti' इस 'यू-ट्यूब' चैनल द्वारा भी किया जाएगा । विश्वभर के हिन्दू इसका अवलोकन करें, ऐसा आवाहन भी पत्रकार वार्ता में किया गया । हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag |
| Posted: 05 Jun 2022 10:12 AM PDT आचार्य राधामोहन मिश्र माधव से साहित्य, पत्रकारिता एवं सामाजिक जीवन स्तर के नियम पर वेबाक साक्षात्कार जाने-माने विद्वान साहित्यकार, मगमिहिर महासभा के संयोजक और भा. रा.ब्राह्मण महासभा के संरक्षक आचार्य राधामोहन मिश्र माधव को हिंदुस्तानी भाषा अकादमी दिल्ली की मानद सदस्यता प्रदान किए जाने पर सामाजिक, शैक्षिक एवं साहित्यिक क्षेत्रों से ढेरों बधाइयाँ एवं शुभकामनाएं प्राप्त हुई हैं। इसी सन्दर्भ में उनसे पत्रिका के सम्पादक डॉ राकेश दत्त मिश्र के द्वारा लिया गया साक्षात्कार हम सभी उनकी शुभकामनाएं करते हैं। दिव्य रश्मि ! धर्म, राष्ट्रवाद , राजनीति , समाज एवं आर्थिक जगत की खबरों का चैनल है | जनता की आवाज़ बनने के उदेश्य से हमारे सभी साथी कार्य करते है अत: हमारे इस मुहीम में आप के साथ की आवश्यकता है |हमारे खबरों को लगातार प्राप्त करने के लिए हमारे चैनल को सबस्क्राइब करना न भूले और बेल आइकॉन को अवश्य दबाए | खबर पसंद आने पर👉 हमारे "चैनल" को Subscribe, वीडियो को Like 👍 & Share↪ , जरुर करें चैनल को सब्सक्राइब करें खबर को शेयर जरूर करें Facebook : https://ift.tt/rqzwSPg Twitter https://twitter.com/DivyaRashmi8 instagram : https://ift.tt/YrHyMnU visit website : https://ift.tt/AvZzjdV via YouTube https://www.youtube.com/watch?v=dlK_vOUkZAY |
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