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Saturday, July 9, 2022

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10 जुलाई 2022, रविवार का दैनिक पंचांग एवं राशिफल - सभी १२ राशियों के लिए कैसा रहेगा आज का दिन ? क्या है आप की राशि में विशेष ? जाने प्रशिद्ध ज्योतिषाचार्य पं. प्रेम सागर पाण्डेय से |

Posted: 09 Jul 2022 08:57 AM PDT

10 जुलाई 2022, रविवार का दैनिक पंचांग एवं राशिफल - सभी १२ राशियों के लिए कैसा रहेगा आज का दिन ? क्या है आप की राशि में विशेष ? जाने प्रशिद्ध ज्योतिषाचार्य पं. प्रेम सागर पाण्डेय से |

10 जुलाई 2022, रविवार का दैनिक पंचांग


श्री गणेशाय नम:

!! दैनिक पंचांग !!

🔅 तिथि एकादशी 09:31 AM

🔅 नक्षत्र विशाखा प्रातः 06:10 तदुपरांत अनुराधा रात्रिशेष 04:50

🔅 करण :

                विष्टि 02:15 PM

                बव 02:15 PM

🔅 पक्ष शुक्ल

🔅 योग शुभ +00:44 AM

🔅 वार रविवार
☀ सूर्य व चन्द्र से संबंधित गणनाएँ

🔅 सूर्योदय 05:15 AM

🔅 चन्द्रोदय 03:13 PM

🔅 चन्द्र राशि वृश्चिक

🔅 सूर्यास्त 06:45 PM

🔅 चन्द्रास्त +02:07 AM

🔅 ऋतु वर्षा
☀ हिन्दू मास एवं वर्ष

🔅 शक सम्वत 1944 शुभकृत

🔅 कलि सम्वत 5124

🔅 दिन काल 01:38 PM

🔅 विक्रम सम्वत 2079

🔅 मास अमांत आषाढ

🔅 मास पूर्णिमांत आषाढ

☀ शुभ और अशुभ समय

☀ शुभ समय

🔅 अभिजित 11:27:24 - 12:21:59

☀ अशुभ समय

🔅 दुष्टमुहूर्त 04:54 PM - 05:49 PM

🔅 कंटक 09:38 AM - 10:32 AM

🔅 यमघण्ट 01:16 PM - 02:11 PM

🔅 राहु काल 05:01 PM - 06:44 PM

🔅 कुलिक 04:54 PM - 05:49 PM

🔅 कालवेला या अर्द्धयाम 11:27 AM - 12:21 PM

🔅 यमगण्ड 11:54 AM - 01:37 PM

🔅 गुलिक काल 03:19 PM - 05:01 PM

☀ दिशा शूल

🔅 दिशा शूल पश्चिम

☀ चन्द्रबल और ताराबल

☀ ताराबल

🔅 भरणी, रोहिणी, आर्द्रा, पुनर्वसु, पुष्य, आश्लेषा, पूर्वा फाल्गुनी, हस्त, स्वाति, विशाखा, अनुराधा, ज्येष्ठा, पूर्वाषाढ़ा, श्रवण, शतभिषा, पूर्वाभाद्रपद, उत्तराभाद्रपद, रेवती

☀ चन्द्रबल

🔅 वृषभ, मिथुन, कन्या, वृश्चिक, मकर, कुम्भ

🌹विशेष ~ श्रीहरीशयनी एकादशी व्रत (सभी के लिए) रात्रि श्री विष्णु पूजन शयनोत्सव, चातुर्मास व्रतारम्भ। 🌹

पं.प्रेम सागर पाण्डेय्,नक्षत्र ज्योतिष वास्तु अनुसंधान केन्द्र नि:शुल्क परामर्श - शनिवार दूरभाष 9122608219 / 9835654844

🌹 10 जुलाई 2022, रविवार का राशिफल 🌹

मेष (Aries): आपका आज का दिन सामाजिक प्रवृत्तियों और मित्रों के साथ दौड़-धूप में व्यतीत होगा। इसमें धन खर्च भी होगा। फिर भी सरकारी कामों में सफलता मिलेगी। बुजुर्गों तथा पूज्यनीय व्यक्तियों से मिलना होगा। दूर रहनेवाली संतानों के शुभ समाचार मिलेंगे। पर्यटन की संभावना है। अविवाहितों के लिए विवाह का योग है।

शुभ रंग = लाल

शुभ अंक : 8

वृषभ (Tauras): आप नए कार्यों को प्रारंभ कर सकेंगे। नौकरीवालों के लिए आज का दिन शुभ है। उन्हें आय वृद्धि या पदोन्नति का समाचार मिलेगा। सरकारी लाभ मिलेगा। गृहस्थ जीवन में सुख- शांति रहेगी। उच्च पदाधिकारियों का प्रोत्साहन आपका उत्साह बढ़ाएगा। अधूरे कार्य पूर्ण होंगे। दांपत्यजीवन में मधुरता रहेगी। सरकार की तरफ से लाभ प्राप्त कर सकेंगे।

शुभ रंग = हरा

शुभ अंक : 3

मिथुन (Gemini): आपको थोड़ी-सी प्रतिकूल स्थितियों का सामना करना पड़ेगा। शरीर में स्फूर्ति का अभाव रहेगा। परिणामस्वरूप निर्धारित काम पूरे नहीं होंगे। मानसिक चिंता से व्यग्रता का अनुभव करेंगे। आपके नौकरी- व्यवसाय के स्थान पर भी सहकर्मियों का मंद प्रतिभाव आपको हतोत्साहित करेगा। उच्च पदाधिकारियों के साथ वाद-विवाद में न उतरने की सलाह देते हैं। प्रतिस्पर्धियों से सचेत रहें।

शुभ रंग = हरा

शुभ अंक : 3

कर्क (Cancer): क्रोध और नकारात्मक विचार आपके मानसिक स्वस्थ्य को हर लेंगे, जिससे आज संयम रखना बहुत आवश्यक है। खान-पान का ध्यान नहीं रखेंगे तो स्वास्थ्य खराब होने की पूरी-पूरी आशंका है। कुटुंब में वाद-विवाद होगा। खर्च में वृद्धि होने से आर्थिक तंगी होगी। नए संबंध उपाधिकारक बनेंगे। नए काम शुरू न करने की सलाह देते हैं।

शुभ रंग = उजला

शुभ अंक : 4

सिंह (Leo): आज आपके दांपत्य जीवन में मामूली बात पर जीवनसाथी के साथ मनमुटाव होने की आशंका है। पति-पत्नी दोनों में से किसी का स्वास्थ्य खराब होने की आशंका है। परिणामस्वरूप मन सांसारिक विषयों से अलिप्त रहेगा। व्यापारी धैर्य से काम लें। सार्वजनिक जीवन में अपयश न मिले, ध्यान रखें। विपरीत लिंगी व्यक्तियों के साथ मुलाकात बहुत आनंददायक नहीं रहेगी।

शुभ रंग = गुलाबी

शुभ अंक : 5

कन्या (Virgo): आज आपको हर जगह अनुकूल चीजें मिलेंगी। घर में सुख-शांति स्थापित होगी, जिससे मन प्रसन्न रहेगा। सुखप्रद घटनाएं घटेंगी। स्वास्थ्य ठीक बना रहेगा। बीमार व्यक्तियों के स्वास्थ्य में सुधार होगा। आर्थिक लाभ की प्राप्ति होगी। कार्यक्षेत्र में सबका सहयोग मिलेगा। स्पर्धियों के साथ चुनौती झेलने में सफलता मिलेगी।

शुभ रंग = हरा

शुभ अंक : 3

तुला (Libra): बौद्धिक प्रवृत्तियां और चर्चा आज अग्रिम स्थान पर रहेंगी। अपनी कल्पना और सृजनशक्ति की प्रगति से संतोष अनुभव करेंगे। व्यर्थ वाद-विवाद या चर्चा में न पड़ने की सलाह देते हैं। स्वास्थ्य के मामले में पाचनतंत्र से संबंधित समस्याएं रहेंगी। प्रिय व्यक्ति के साथ मिलन-मुलाकात सुखद रहेगी।

शुभ रंग = उजला

शुभ अंक : 4

वृश्चिक (Scorpio): मानसिक और शारीरिक तौर पर अस्वस्थ महसूस करेंगे। बुजुर्गों के साथ अनबन होने की घटना आपके मन को व्यथित करेगी। माताजी का स्वास्थ्य खराब होगा। आर्थिक नुकसान और सार्वजनिक जीवन में मानहानि होगी। जमीन-वाहन आदि के सौदे करने या उसका दस्तावेज बनवाने से बचने की सलाह है। स्त्रीवर्ग तथा पानी से नुकसान होने की आशंका है।

शुभ रंग = लाल

शुभ अंक : 8

धनु (Sagittarius): आज आप पर गूढ़ रहस्यवाद और आध्यात्मिकता का रंग चढ़ेगा। इसलिए इस विषय में गहरे उतरने का प्रयास करेंगे। नए कार्य करने के लिए प्रेरित होंगे। स्वास्थ्य अच्छा रहेगा और आपका मन प्रसन्न रहेगा। लघु यात्रा की संभावना है। मित्रों और सगे-संबंधियों के साथ की गई मुलाकात सुखद रहेगी। भाग्य आपके साथ रहेगा। व्यापार-धंधे में प्रगति होगी।

शुभ रंग = पींक

शुभ अंक : 1

मकर (Capricorn): संयमित वाणी आपको बहुत सी मुसीबतों से बचा लेगी। इसलिए विचार कर बोलें। परिजनों के साथ गलतफहमी पैदा होने से मानसिक रूप से परेशान रहेंगे। स्वास्थ्य का ध्यान रखना पड़ेगा। शेयर-सट्टे की प्रवृत्तियों में पूंजी निवेश के लिए आयोजन होगा। गृहिणियां मानसिक असंतोष की भावना को अनुभव करेंगी। विद्यार्थियों का अध्ययन में मन नहीं लगेगा।

शुभ रंग = पीला

शुभ अंक : 9

कुंभ (Aquarius): शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ और ताजगी भरा दिन रहेगा। आर्थिक दृष्टि से आपका दिन लाभदायी रहेगा। सगे- संबंधियों तथा मित्रों के साथ मिष्ठान और सुरुचिपूर्ण भोजन का रसास्वादन करेंगे। एकाध पर्यटन का भी आयोजयन होगा। आज आप चिंतन शक्ति और आध्यात्मिक शक्ति के प्रभाव को जान सकेंगे। नकारात्मक, विचारों को दूर रखने से लाभ होगा।

शुभ रंग = आसमानी

शुभ अंक : 6

मीन (Pisces): आज आपके मन में एकाग्रता आएगी। धार्मिक कार्यों के पीछे खर्च होगा। स्वजनों से दूर जाना होगा। सलाह है कि कोर्ट-कचहरी के काम में तथा किसी का जमानती होने के संबंध में खूब सावधानी से काम लें। वाणी के असंयमित होने से झगड़े होंगे। अल्पकालीन लाभ लेने का लालच भारी पड़ेगा।

शुभ रंग = पींक

शुभ अंक : 1 
प्रेम सागर पाण्डेय् ,नक्षत्र ज्योतिष वास्तु अनुसंधान केन्द्र ,नि:शुल्क परामर्श - रविवार , दूरभाष 9122608219 / 9835654844
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जमशेदपुर में दादा-दादी, नाना-नानी सम्मान समारोह कार्यक्रम आयोजित किया गया

Posted: 09 Jul 2022 08:49 AM PDT

जमशेदपुर में दादा-दादी, नाना-नानी सम्मान समारोह कार्यक्रम आयोजित किया गया

आज दिनांक 9 जुलाई 2022 को सरस्वती शिशु विद्या मंदिर शास्त्रीनगर के प्रांगण में दादा-दादी, नाना-नानी सम्मान समारोह कार्यक्रम आयोजित किया गया। जिसमें विद्यालय के सचिव महोदय अरुण सिंह,विशिष्ट अतिथि जमशेदपुर विभाग के विभाग संघचालक मा. अभय सामंत मुख्य अतिथि मा. धर्मचंद पोद्दार तथा प्रधानाचार्य विजय शंकर सिंह ने दीप प्रज्वलन कर कार्यक्रम का श्रीगणेश किया। विशिष्ट अतिथि अभय सामंत जी ने अपने उद्बोधन में वर्तमान संदर्भ में दादा-दादी, नाना-नानी की भूमिका को रेखांकित किया। मुख्य अतिथि श्री पोद्दार जी ने दादा-दादी, नाना-नानी के महत्व को बताया। उन्होंने बताया कि शिशु मंदिर में दादा-दादी, नाना-नानी सम्मानित करने की परंपरा को जीवंत रखा है, यह हमारी संस्कृति विरासत है जो आज भी जीवित है। शिशु मंदिर केवल एक ऐसा विद्यालय है जहां शिक्षा के साथ संस्कार भी देने की परंपरा है।अतः हमें अपने बच्चों को शिशु मंदिर में ही पढ़ाना चाहिए। श्री पोदार जी ने बच्चों द्वारा प्रस्तुत कार्यक्रम की भूरी-भूरी प्रशंसा प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि यहां के आचार्य बंधु-भगिनी बच्चों को शिक्षा के साथ संस्कार देने का कार्य समर्पित भाव से कर रहे हैं यह गुरुकुल परंपरा को प्रतिबिंबित करता है। विद्यालय के सचिव द्वारा धन्यवाद ज्ञापन तथा शांति मंत्र के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ। धन्यवाद।
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उदयपुर की घटना के विरोध में दिल्ली में हिन्दू संगठनों ने निकाला मार्च

Posted: 09 Jul 2022 08:41 AM PDT

उदयपुर की घटना के विरोध में दिल्ली में हिन्दू संगठनों ने निकाला मार्च 

नई दिल्ली। राजस्थान के उदयपुर और महाराष्ट्र के अमरावती में हुई हिंदुओं की हत्या के विरोध में दिल्ली में हिंदू संगठनों ने हल्ला बोल दिया है। हिंदू संगठन मंडी हाउस से जंतर मंतर तक संविधान संकल्प मार्च निकाल रहे हैं, जिसमें बड़ी संख्या में साधु संत शामिल हुए हैं। वीएचपी और एबीवीपी इस विरोध प्रदर्शन में शामिल हैं। लोगों के हाथ में पोस्टर्स और झंडे भी दिखाई दे रहे हैं। पोस्टर्स में लोग हिंदुओं की हत्या के विरोध में अपनी नाराजगी जाहिर कर रहे हैं। राजस्थान के उदयपुर में दर्जी कन्हैयालाल ने नूपुर शर्मा के समर्थन में एक सोशल मीडिया पोस्ट किया था, जिसको लेकर ग्राहक बनकर आए दो लोगों-रियाज अटारी और गौस मोहम्मद ने दुकान में घुसकर उन पर चाकू से हमला किया था और उनकी हत्या कर दी थी। आरोपियों ने मर्डर का ऑनलाइन वीडियो पोस्ट किया था और कहा था कि इस्लाम का अपमान करने के कारण उस व्यक्ति (कन्हैयालाल) का श्सिर काटश् दिया। दोनों आरोपी रियाज और गौस मोहम्मद को घटना के कुछ घंटों बाद राजसमंद के भीम क्षेत्र से पकड़ लिया गया था। महाराष्ट्र के अमरावती शहर में 54 साल के केमिस्ट उमेश कोल्हे की 21 जून को हत्या कर दी गई थी। बताया जा रहा है कि बीजेपी की निलंबित नेता नूपुर शर्मा के समर्थन में सोशल मीडिया पर पोस्ट करने को लेकर ये हत्या की गई थी। अमरावती में उमेश कोल्हे की तरह कई लोग जिहादी गैंग के निशाने पर थे। जिहादी गैंग द्वारा नूपुर शर्मा के समर्थन में व्हाट्सऐप स्टेटस लगाने वाले लोगों को धमकी देने के कई मामले सामने आए थे। लोगों को धमकी से भरे फोन आए और उनसे माफी मांगने का वीडियो भी बनवाया गया और फिर उसे व्हाट्सऐप स्टेटस पर लगवाया गया।
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योगी सरकार का ऐक्शन नोएडा में 2 गैंगस्टरों की डेढ़ करोड़ की सम्पत्ति कुर्क

Posted: 09 Jul 2022 08:38 AM PDT

योगी सरकार का ऐक्शन नोएडा में 2 गैंगस्टरों की डेढ़ करोड़ की सम्पत्ति कुर्क 

लखनऊ। यूपी में अपराधियों के खिलाफ योगी सरकार एक्शन में है और ताबड़तोड़ कार्रवाई कर रही है। ताजा मामला नोएडा (गौतम बुद्धनगर) का है। यहां नोएडा पुलिस ने 2 गैंगस्टरों की डेढ़ करोड़ रुपए की संपत्ति कुर्क की है। इन गैंगस्टरों का नाम संजय गोयल और अंकुर उर्फ सोनी वर्मा है। संजय गोयल मेरठ जिले के थाना मोदीपुरम का निवासी है और अंकुर गाजियाबाद के राजनगर एक्सटेंशन का रहने वाला है। ये जानकारी पुलिस आयुक्त आलोक सिंह के मीडिया प्रभारी ने दी है। संजय गोयल गैंगस्टर कानून में वांछित चल रहा था। उसकी संपत्ति को गौतमबुद्ध नगर पुलिस ने गैंगस्टर की धारा 14 (1) के तहत शुक्रवार को कुर्क किया। वहीं अंकुर उर्फ सोनी वर्मा की भी अचल संपत्ति को भी गौतमबुद्ध नगर पुलिस ने कुर्क किया है।गौरतलब है कि हालही में सीएम योगी की सरकार ने अपने दूसरे कार्यकाल के 100 दिन पूरे किए हैं। ऐसे में ये सामने आया है कि इन 100 दिनों में अपराधियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की गई है। 25 मार्च 2022 से लेकर एक जुलाई 2022 तक कुल 525 एनकाउंटर हुए है। इस दौरान 1034 अपराधी गिरफ्तार किए गए हैं और 425 बदमाश पुलिस मुठभेड़ में घायल हुए हैं। बदमाशों से हुई इस मुठभेड़ में 68 पुलिसकर्मी घायल भी हुए हैं। मेरठ जोन में 193, बरेली जोन में 62, आगरा जोन में 55, लखनऊ जोन में 48, लखनऊ कमिश्नरी में 6, वाराणसी जोन में 36, गोरखपुर जोन में 37 और नोएडा कमिश्नरी में 44 एनकाउंटर हुए हैं। योगी सरकार माफियाओं को चिन्हित करके उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई कर रही है। एक तरफ उनके अवैध निर्माणों पर बुलडोजर चल रहा है। वहीं दूसरी तरफ उनकी संपत्ति भी जब्त की जा रही है। प्रदेश स्तर के 50 चिन्हित माफियाओं के अलावा डीजीपी मुख्यालय ने भी 12 माफियाओं को चिन्हित किया है। 25 मार्च 2022 से जून 2022 तक गैंगस्टर एक्ट में कुल 192 करोड़ 40 लाख 34 हजार 582 रुपए की संपत्ति जब्त हुई है। पुलिस ने 2,433 बदमाशों और माफियाओं को चिन्हित किया है। इसके अलावा 17,169 केस दर्ज किए गए हैं। इस दौरान 1,645 लोग गिरफ्तार किए गए हैं और 134 लोगों ने कोर्ट में सरेंडर किया है। 15 के खिलाफ कुर्की की कार्रवाई की गई है और 36 लोगों के खिलाफ एनएसए लगा है। 788 लोगों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट की कार्रवाई की गई है और 618 पर गुंडा एक्ट लगा है। इस दौरान 47 लोगों के लाइसेंस भी कैंसिल किए गए हैं और 719 पेशेवर अपराधियों की हिस्ट्री शीट खोली गई है।
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अमरनाथ गुुफा के पास हेलिकाप्टर से राहत कार्य, यात्रा स्थगित

Posted: 09 Jul 2022 08:18 AM PDT

अमरनाथ गुुफा के पास हेलिकाप्टर से राहत कार्य, यात्रा स्थगित

श्रीनगर। अमरनाथ गुफा के पास राहत और बचाव अभियान जारी है। शुक्रवार शाम बादल फटने से अचानक आए सैलाब में कई लोग बह गए। हादसे में 16 लोगों की मौत हो गई, 65 घायल हैं जबकि 40 लोग अभी भी लापता हैं। लापता लोगों की तलाश जारी है। सैलाब से तीर्थस्थल के बाहर बने आधार शिविर में पानी घुस गया, जिससे 25 टेंट और तीन कम्यूनिटी किचन क्षतिग्रस्त हो गई। शनिवार सुबह एक बार फिर से बचाव अभियान शुरू किया गया और हेलिकॉप्टर के जरिए छह तीर्थयात्रियों को सुरक्षित निकाला गया। मरीजों को नीलागरार हेलीपैड पहुंचाया जा रहा है जहां पर सैन्य चिकित्सा दल उनका इलाज कर रहे हैं और उन्हें फिर आगे भेजा जा रहा है। कुल 10 शवों को पवित्र गुफा के पास से नीलाग्रार ले जाया गया है। लगातार मलबा साफ किया जा रहा है और लापता की तलाश जारी है।बचाव कार्यों में तेजी लाने के लिए अतिरिक्त कॉलम शामिल किए गए हैं। यात्रा को अगले आदेश के लिए स्थगित कर दिया गया है।घायलों और मृतकों को हादसे की जगह से निकालने के लिए सेना के साथ ही असैन्य हेलीकॉप्टर भी लगातार उड़ान भर रहे हैं। इस बीच वायुसेना ने रेस्क्यू ऑपरेशन तेज कर दिया है। घायलों और फंसे हुए यात्रियों को निकालने के लिए श्रीनगर से वायुसेना के एम-17 हेलिकॉप्टर ने उड़ान भरी है। कुल 10 शवों को पवित्र गुफा के पास से नीलाग्रार ले जाया गया है। लगातार मलबा साफ किया जा रहा है और लापता की तलाश जारी है।बचाव कार्यों में तेजी लाने के लिए अतिरिक्त कॉलम शामिल किए गए हैं। यात्रा को अगले आदेश के लिए स्थगित कर दिया गया है। कुल 10 शवों को पवित्र गुफा के पास से नीलाग्रार ले जाया गया है। लगातार मलबा साफ किया जा रहा है और लापता की तलाश जारी है।बचाव कार्यों में तेजी लाने के लिए अतिरिक्त कॉलम शामिल किए गए हैं। यात्रा को अगले आदेश के लिए स्थगित कर दिया गया है।
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मर्यादा की सीमा में कला की अभिव्यक्ति

Posted: 09 Jul 2022 08:15 AM PDT

मर्यादा की सीमा में कला की अभिव्यक्ति

(हृदय नारायण दीक्षित-हिन्दुस्तान समाचार फीचर सेवा)
गीत, नृत्य संस्कृति के अंग होते है। गीत मात्र शब्द संयोजन नहीं होते। इनमें भाव की महत्ता होती है। ये आनंद का संवर्धन करते हैं। सृजन आसान नहीं होता। कुछ सृजन मोहक होते है और कुछ मादक। गीत काव्य के रचनाकारों को सभ्यता और संस्कृति की मर्यादा का पालन करना चाहिए। वैदिक मंत्र भी काव्य हैं। रामायण और महाभारत महाकाव्य कहे जाते है। ऋग्वेद के ऋषि के सृजन में ऊषा सुंदरी हैं। कवि ऋषि ऊषा को पुराणी युवती कहते हैं। वह 'सद्यः स्नात' है- अभी अभी स्नान कर के आई है। सब उसे देखते है लेकिन उसके पति ही उसे पूरा देखते हैं।'' यहां ऊषा का सौन्दर्य दर्शन मर्यादा में है। रामकथा का काव्य मर्यादा पुरुषोत्तम से सम्बद्ध है ही। आनंद प्राप्ति वैदिक ऋषियों की अभिलाषा है। वे ज्ञान चर्चा में आनंदित होते हैं लेकिन ज्ञान चर्चा में आनंदित न होने वाले भी कम नहीं। ऋषि कवि वरुण मित्र देवो से प्रार्थना करते हैं कि ''जो प्रश्न जिज्ञासा में आनंद नहीं प्राप्त करते, उनसे हमारी रक्षा करो (ऋ० 8.101.4) प्रकृति में आनंद के अनेक अवसर व उपकरण है। इसमें प्रश्न जिज्ञासा व संवाद भी महत्वपूर्ण हैं। कलाएं आनंद देती हैं। मर्यादा सभी कलाओं की अभिव्यक्ति की सीमा है।

श्लील और अश्लील के विभाजन के मध्य एक महीन रेखा है। देह और दैहिक सम्बंधांे की चर्चा भारतीय सांस्कृतिक परंपरा में संयम के अधीन रही है। सम्प्रति भोजपुरी गीतों के श्लील-अश्लील तत्व को लेकर सोशल मीडिया में चर्चा है। भोजपुरी बोली अपने मूलरूप में प्रीति प्यार व आत्मीयता से भरी पूरी है। इस बोली के गीतों में रस माधुर्य है। शारदा सिन्हा के गीत भाव जगत में गहरे पैठे हैं। ऐसे भाव प्रवण गीत सैकड़ों की संख्या में है लेकिन पीछे कुछ समय से भोजपुरी गीतों में अश्लीलता बढ़ी है। अनेक गीत द्विअर्थी होते है। एक लोकप्रिय गायक ने ''लगवा दो राजा जी मेरे लहंगा में मीटर'' गाया। सौंदर्य बोध और मर्यादा काव्य सृजन की मुख्य शर्त है। मर्यादाहीन गीतों में सौन्दर्यबोध नही होता। एक भोजपुरी गीत का मुखड़ा है- बांध के सर पर पगड़िया, लहरिया लूटो रे राजा। यह अश्लीलता है और अश्लीलता कभी भी सुन्दर नहीं होती। सुन्दर अश्लील नहीं शिव होता है। सत्य, शिव, और सुन्दर की त्रयी भारतीय कला और संस्कृति का मूल है। ऐसे गीतों के लेखक कम प्रतिभाशाली नही होते। प्रकृति और समाज में अनेक विषय है। प्रकृति सौन्दर्य से भरी पूरी है।

काव्य और कला सृजन भारत में प्राचीन हैं। इनका सतत् विकास हुआ है। ऐसे माध्यम सामाजिक विकास के साथ साथ विकसित हुए हैं। पहला माध्यम भाषा है। भाषा प्राचीनतम माध्यम है। भाषा का रूप शब्दों से बना है। शब्द के गर्भ में अर्थ होते हंै। गीतकार कवि और लेखक भाषा का सदुपयोग करते है। शब्द गीत या लेख में उचित जगह प्रयोग किये जाते है। पतंजलि ने बताया है कि ''एक ही शब्द अलग अलग स्थान पर प्रयुक्त होकर अलग अर्थ देते है।'' लिखने या काव्य गीत सृजन में उचित शब्द प्रयोग की महत्ता है। शब्द को उचित जगह देने से उचित अर्थ मिलते है। प्रकृति में भाव प्रवणता के लाखो रूप है। प्रकृति स्वयं गीत और कविता है। ऋतुएं प्रकृति का चेहरा है। बसंत, हेमन्त, शिशिर और वर्षा को भाव सहित देखने से गीत उगते हैं। चन्द्रमा वैसे एक उपग्रह है लेकिन तमाम कवियो ने चांद तारों पर सुंदर गीत लिखे हैं। वाल्मीकि ने प्रकृति को ध्यान से देखा था। रामायण में प्रकृति का सुंदर वर्णन है। तुलसीदास ने भी रामचरितमानस में मोहक शब्द चित्र बनाए है। भोजपुरी स्वयं में रसपूर्ण है। मानवीय रिश्तो पर भी गीत लिखे जा सकते हैं। 'नदिया के पार' फिल्म के गीत प्रेम से भरे पूरे है लेकिन सांस्कृतिक मर्यादा के बंधन में हैं। भोजपुरी गीतों में भी ऐसा ही होना चाहिए।

भारतीय सिनेमा अपने पुराने दौर में मर्यादित था। गीत प्रेमपूर्ण थे। सरस थे। उन्हें सुनने और गुनगुनाने में मजा आता था। शास्त्रीय बंधन वाले गीत आज भी तरुण और रस सिक्त है। अश्लीलता को लेकर भोजपुरी गीतों पर चर्चा है लेकिन मुख्य धारा के सिनेमा में भी अश्लीलता की उपस्थिति है। इस पर चर्चा नहीं होती। एक समय दादा कोंडके की फिल्मांे के गीत और संवाद द्विअर्थी होते थे। ''चोली के पीछे क्या है? जैसे गीत लोकप्रिय तो थे लेकिन मर्यादित नही थे। डेविड धवन की फिल्में सस्ती मनोरंजक हैं। इनकी एक फिल्म का गीत ''सरका लेउ खटिया'' अश्लील क्यों नहीं है। हाल में ही आई सिम्बा फिल्म का ''लड़की आंख मारे'' गीत अश्लील था। केवल भोजपुरी गीतों को ही आरोपित करना पर्याप्त नही है। मनुष्य के सौन्दर्य बोध पर ध्यान देना चाहिए। आधुनिकता के समानांतर सौन्दर्य बोध के मानक बदले हैं। सौन्दर्य बोध सामाजिक सांस्कृतिक विकास का फल होता है। गीत संगीत की व्यापक चर्चा जैसी ऋग्वेद में है वैसी महाभारत में नही है। ऋग्वेद के रचनाकाल का समाज आनंदगोत्री है लेकिन महाभारत का समाज संपदा के लिए युद्ध को कर्तव्य मानता है। महाभारत में गीत संगीत महत्वपूर्ण नही है। उपनिषदों में संस्कृति दर्शन के तत्व हैं। वृहदारण्यक उपनिषद् में परम विद्वान याज्ञवल्क्य मैत्रेयी को ब्रह्म विद्या बताते हैं। वे दुदुंभी शंख और वीणा जैसे संगीत उपकरणो के उदाहरण देते हैं। इसका अर्थ सुस्पष्ट है। शतपथ ब्राह्मण के रचनाकाल में भी संगीत की धारा का प्रवाह था। वृहदारण्यक उपनिषद् शतपथ का ही हिस्सा है। गीत संगीत और कला सृजन की क्षमता भी सामाजिक सांस्कृतिक विकास का परिणाम होती है। गीत सुनकर हम प्रभावित होते हैं। लेकिन सब प्रभावित नहीं होते। प्रभावित होने के लिए भी विशेष प्रकार की बौद्धिक क्षमता की जरूरत होती है। प्रभावित करने की क्षमता के लिए विशेष बौद्धिक सांस्कृतिक क्षमता चाहिए। सभी प्राणी सुखी रहना चाहते हैं। प्राचीन वांग्मय में ज्ञान की महत्ता है। ज्ञान मुक्ति या मोक्षदाता भी कहा गया है लेकिन ज्ञान प्राप्ति का सामान्य उद्देश्य सुखी जीवन है। मनुष्य सुख आनंद के स्र¨त खोजा करता है। सौन्दर्य बोध से सुख मिलता है। गीत संगीत को सुनना सुनाना आनंद देता है। कला सुख देती है। सुखी होने के लिए मनुष्य सुख के उपकरण बनाते है। तमाम नव सृजन करते रहते हैं। अश्लील गीत काव्य वास्तविक आनंद नहीं देते। श्लील सृजन दीर्घकालिक आनंद देते है। कलाएं चित्त को सांस्कृतिक बनाती है। संस्कृति सामूहिक होती है। यह सभी लोगों को आनंद से आच्छादित करती है। ज्ञान के तमाम स्र¨त हैं। मनुष्य अपने भाव अनुभूति से भी ज्ञान पाते है। यह ज्ञान गीत सृजन में प्रकट होता है। गीतों की उम्र दीर्घकालिक होती है। इनका प्रभाव भी दीर्घकालिक होता है। अश्लील के प्रभाव की उम्र अल्पकालिक होती है। यह समाज के लिए क्षतिकारी भी है। मर्यादा अनिवार्य
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मुर्मू के पक्ष में अंतरात्मा की आवाज

Posted: 09 Jul 2022 08:12 AM PDT

मुर्मू के पक्ष में अंतरात्मा की आवाज

(डॉ दिलीप अग्निहोत्री-हिन्दुस्तान समाचार फीचर सेवा)
राजग उम्मीदवार द्रोपदी मुर्मू का राष्ट्रपति निर्वाचित होना तय है। उड़ीसा और आन्ध्र प्रदेश की सत्तारूढ़ पार्टियों ने उनके समर्थन की घोषणा की है। इससे द्रोपदी मुर्मू प्रथम वरीयता मतों के आधार पर ही निर्वाचित हो जाएंगी। सभी समर्थक पार्टियां एकजुट है। दूसरी तरफ विपक्ष के उम्मीदवार यशवंत सिन्हा को अप्रिय स्थिति का सामना करना पड़ रहा है। संख्याबल और विचारधारा दोनों के आधार पर वह बहुत पीछे रह गए हैं। वह विपक्ष की पहली पसन्द भी नहीं थे। सबसे पहले राष्ट्रपति पद के लिए शरद पवार का नाम आगे किया गया था। पराजय को सुनिश्चित मानते हुए उन्होंने यह प्रस्ताव ठुकरा दिया था। इसके बाद फारुख अब्दुल्ला के समक्ष पेशकश की गई। वह भी अपनी फजीहत के लिए तैयार नहीं हुए। वैसे भी जम्मू कश्मीर में संवैधानिक सुधारों के बाद उन्हें मुसीबतों का सामना करना पड़ा। अंत में यशवन्त सिन्हा ही पकड़ में आए। वह भी बहुत अनुभवी हैं। अपनी पराजय का उन्हें भी अनुमान होगा लेकिन पिछले आठ वर्षों से वह नरेन्द्र मोदी के विरुद्ध एक प्रकार की कुंठा से ग्रसित हैं। इसके लिए वह इधर-उधर भटक रहे थे। तृणमूल कांग्रेस खेमे में पहुँचना इसी भटकाव का ही परिणाम था। ममता बनर्जी के निर्देश पर वह राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार बन गए। उन्होंने इसे नरेन्द्र मोदी पर हमला करने का एक अवसर माना है। वह विचारधारा की बात कर रहे हैं। उन्होंने अपने राजनीतिक जीवन में अनेक पाले बदले हैं। अब वह किस विचारधारा में है, यह भी स्पष्ट होना चाहिए।

विपक्षी दलों में भी आपसी मतभेद कम नहीं है। ममता बनर्जी ने तो यशवन्त सिन्हा को मंझधार में छोड़ दिया है। उन्होंने कहा है कि द्रोपदी मुर्मू के उम्मीदवार होने का पहले पता होता तो विपक्ष अपना उम्मीदवार नहीं उतारता। इस तरह ममता बनर्जी ने यह स्वीकार कर लिया है कि द्रोपदी मुर्मू अधिक उपयुक्त उम्मीदवार हैं। लखनऊ में राष्ट्रपति चुनाव से सम्बन्धित दो दिलचस्प दृश्य दिखाई दिए। राजग उम्मीदवार द्रोपदी मुर्मू के समर्थन में भारी उत्साह था। विधानसभा चुनाव और उपचुनाव की सफलता और सौ दिन की उपलब्धियों का भी उत्साह इसमें परिलक्षित था। दूसरी तरफ विपक्षी उम्मीदवार यशवंत सिन्हा की लखनऊ यात्रा उदासी में बीत गई। विपक्षी खेमे में असफलता और गठबंधन में दरार के चलते निराशा है। यशवन्त सिन्हा को ममता बनर्जी की पहल से उम्मीदवार बनाया गया था लेकिन उन्होंने अब हांथ खींच लिया है। हो सकता है कि विपक्षी मतदाता भी अंतरात्मा की आवाज पर द्रोपदी मुर्मू को वोट करें। राष्ट्रपति निर्वाचन मण्डल में सर्वाधिक वोट होने के कारण उत्तर प्रदेश का विशेष महत्त्व है। यह संयोग है कि करीब चैबीस घण्टे के अन्तराल में द्रोपदी मुर्मू और यशवन्त सिन्हा लखनऊ यात्रा प्रवास पर थे। वस्तुतः यहां से द्रोपदी मुर्मू की विजय का पूर्वानुमान लगाया जा सकता है। विपक्ष ने नकारात्मक राजनीतिक अमल किया है। अन्यथा इस चुनाव की आवश्यकता ही नहीं थी। देश सर्वोच्च पद पर वनवासी समुदाय की सदस्य को देखना चाहता है। विपक्ष ने केवल निर्विरोध निर्वाचन की संभावना को समाप्त किया है। इससे विपक्ष की प्रतिष्ठा कम हुई है। राष्ट्रपति चुनाव में आमजन की कोई भूमिका नहीं होती है। फिर भी इस पद हेतु राजग उम्मीदवार द्रोपदी मुर्मू के प्रति आमजन का समर्थन दिखाई दे रहा है। उनके लखनऊ आगमन पर लोगों ने उत्साह प्रदर्शित किया। लोक कलाकारों ने परम्परागत ढंग से उनका स्वागत अभिनन्दन किया। प्रदेश सरकार में मंत्री असीम अरुण भी अपनी प्रसन्नता रोक नहीं सके। उन्होंने भी लोक कलाकारों के साथ ढोल बजाया। अनुच्छेद 52 के अनुसार भारत का एक राष्ट्रपति होगा। अनुच्छेद 53 में राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति निर्वाचन नियम, 1974 के उपबंधों द्वारा संपूरित किया गया है, एवं और नियमों के अधीन उक्त अधिनियम राष्ट्रपति के पद के निर्वाचन के आयोजन के सभी पहलुओं को विनियमित करने वाला एक संपूर्ण नियम संग्रह का निर्माण करता है। अनुच्छेद 54 के अनुसार राष्ट्रपति का चयन एक निर्वाचक मंडल द्वारा किया जाता है। उसमे संसद के दोनों सदनों के निर्वाचित सदस्य एवं राज्यों की विधान सभाओं एवं साथ ही राष्ट्रीय राजधानी, दिल्ली क्षेत्र तथा संघ शासित क्षेत्र,पुदुचेरी के निर्वाचित सदस्य सम्मिलित होते हैं। संविधान के अनुच्छेद 55 (3) के अनुसार, राष्ट्रपतीय निर्वाचन एकल संक्रमणीय मत के माध्यम से आनुपातिक प्रतिनिधित्व प्रणाली के अनुरूप किया जाएगा और ऐसे निर्वाचन में गोपनीय मतपत्रों द्वारा मतदान किया जाएगा। अनुच्छेद 58 के तहत, एक उम्मीदवार को राष्ट्रपति के पद का चुनाव लड़ने के लिए अनिवार्य रूप से भारत का नागरिक होना चाहिए, 35 वर्ष की आयु पूरी करनी चाहिए, लोकसभा का सदस्य बनने के योग्य होना चाहिए। इसके साथ ही भारत सरकार या किसी राज्य की सरकार के अधीन या किसी स्थानीय या अन्य प्राधिकरण के अधीन किसी भी उक्त सरकार के नियंत्रण के अधीन लाभ का कोई पद धारण नहीं किया होना चाहिए।

नामांकन में पचास प्रस्तावकों और पचास समर्थकों के हस्ताक्षर की हुई सूची जमा करनी होती है। प्रस्तावक और समर्थक राष्ट्रपति चुनाव मतदान करने के योग्य निर्वाचकों में से कोई भी हो सकता है। चुनाव में वोट देने योग्य व्यक्ति केवल एक ही उम्मीदवार के नाम का प्रस्ताव या समर्थन कर सकता है। निर्वाचित सांसदों और निर्वाचित विधायकों को मतपत्र दिए जाते हैं। सांसदों को हरे रंग और विधायकों को गुलाबी रंग का मतपत्र दिया जाता है। उन्हें विशेष पेन भी दिए जाते हैं, जिसका उपयोग वे अपने वोट रिकॉर्ड करने के लिए करते हैं। मतपत्र पर सभी उम्मीदवारों के नाम होते हैं और वोटर अपनी वरीयता को एक या दो अंक के रूप में उम्मीदवार के नाम के सामने लिखकर वोट देता है। ये अंक लिखने के लिए चुनाव आयोग पेन उपलब्ध कराता है। यदि यह अंक किसी अन्य पेन से लिख दिए जाएं तो वह वोट अमान्य हो जाता है। वोटर चाहे तो केवल पहली वरीयता ही अंकित कर सकता है। सभी उम्मीदवारों को वरीयता देना जरूरी नहीं होता है। सांसदों और विधायकों का मत मूल्य अलग अलग होता है। राज्य की जनसंख्या को चुने हुए विधायक की संख्या से बांटा जाता है। फिर उसे एक हजार से भाग दिया जाता है। इसके बाद जो अंक मिलता है, वह उस राज्य के वोट का वेटेज होता है। पूरे देश के सभी विधायकों के वोटों का मूल्य जोड़ा जाता है। इसमें लोकसभा और राज्यसभा में चुने हुए सांसदों की कुल संख्या से भाग दिया जाता है। फिर जो अंक प्राप्त होता है, उसी से राज्य के एक सांसद के वोट का मूल्य निकलता है। प्रत्येक उम्मीदवार के लिए डाले गए वोटों को जोड़कर, फिर योग को दो से भाग देते हैं और भागफल में एक जोड़कर कोटा तय किया जाता है। इस कोटे से अधिक वोट नहीं मिलते तो सबसे कम वोट वाले उम्मीदवार को हटा देते हैं और हटाए गए उम्मीदवारों के मतपत्र उन वोटों में दूसरी वरीयता पसंद के आधार पर बाकी उम्मीदवारों के बीच वितरित किए जाते हैं। प्रत्येक उम्मीदवार के लिए कुल मतों की गिनती की प्रक्रिया फिर दोहराई जाती है ताकि यह देखा जा सके कि कोई तय कोटा से ऊपर मत पा सका है या नहीं। ऐसा करते हुए जब किसी का वोट कोटा से अधिक पहुंच जाता है तब प्रक्रिया जारी रखते हैं। इसके अलावा लगातार निष्कासन के बाद जब एक उम्मीदवार बचे तो उसे विजेता घोषित कर दिया जाता है।
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योगी का ऐक्शन व अफेक्शन

Posted: 09 Jul 2022 08:10 AM PDT

योगी का ऐक्शन व अफेक्शन

(अशोक त्रिपाठी-हिन्दुस्तान समाचार फीचर सेवा)
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जहां अपराधियों और गुण्डों-माफियाओं पर बुलडोजर चलवाने में जरा भी हिचक नहीं दिखाते, वहीं अपने राजनीतिक विरोधियों पर भी प्यार की बारिश करने में संकोच नहीं करते हैं। योगी की पुलिस ने प्रदेश में लगभग ढाई हजार बदमाशों और माफियाओं को चिह्नत किया है। इसके अलावा 17 हजार से ज्यादा मुकदमें दर्ज किये गये हैं। सौ दिन की सरकार में पांच सौ से ज्यादा एनकाउण्टर हुए हैं। योगी के ऐक्शन से भयभीत होकर 134 कथित बदमाशों ने कोर्ट में सरेण्डर किया है। दूसरी तरफ प्यार और स्नेह दिखाने में भी योगी आदित्यनाथ पीछे नहीं रहते हैं। यही कारण है कि प्रदेश में मुख्य विपक्षी दल समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव के चाचा शिवपाल और सपा के साथ विधानसभा चुनाव लड़ चुके सुहेल देव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के नेता ओमप्रकाश राजभर योगी की डिनर पार्टी में शामिल होते हैं। योगी का देश से लगाव तो किसी से छिपा नहीं है। उन्हांेने इस बार स्वतंत्रता सप्ताह मनाने की तैयारी कर रखी है।
योगी सरकार स्वतंत्रता की 75वीं वर्षगांठ यानी आजादी के अमृत महोत्सव पर 11 से 17 अगस्त तक स्वतंत्रता सप्ताह मनाने जा रही है। इसके तहत हर घर झंडा अभियान की योजना भी शामिल है। मुख्य सचिव दुर्गा शंकर मिश्र ने इसकी जानकारी दी। मिश्र ने इसकी तैयारी की समीक्षा भी की है। उन्होंने कहा कि हमारी कोशिश है कि प्रदेश में 3 करोड़ से ज्यादा घरों, स्कूलों, सरकारी, गैर सरकारी संस्थानों और सार्वजनिक स्थलों पर तिरंगा फहराया जाए। गांव से लेकर शहर सभी जगह जनता में देशभक्ति का माहौल बने, इसके लिए इसे जनजागरण अभियान बनाकर जनता तक पहुंचाया जाएगा ताकि प्रदेशवासी देश के प्रति उंमग व उत्साह के साथ आजादी के पर्व में बढ़-चढ़कर हिस्सा लें। झंडे के साथ सेल्फी प्रतियोगिता भी जिला स्तर पर आयोजित की जाएगी। ज्यादा से ज्याद लोग झंडे के साथ सेल्फी लें और बेस्ट सेल्फी को पुरस्कृत भी किया जाएगा। इसी के साथ यूपी में अपराधियों के खिलाफ योगी सरकार एक्शन में है और ताबड़तोड़ कार्रवाई कर रही है। ताजा मामला नोएडा (गौतम बुद्धनगर) का है। यहां नोएडा पुलिस ने 2 गैंगस्टरों की डेढ़ करोड़ रुपए की संपत्ति कुर्क की है। इन गैंगस्टरों का नाम संजय गोयल और अंकुर उर्फ सोनी वर्मा है। संजय गोयल मेरठ जिले के थाना मोदीपुरम का निवासी है और अंकुर गाजियाबाद के राजनगर एक्सटेंशन का रहने वाला है। संजय गोयल गैंगस्टर कानून में वांछित चल रहा था। उसकी संपत्ति को गौतमबुद्ध नगर पुलिस ने गैंगस्टर की धारा 14 (1) के तहत कुर्क किया। वहीं अंकुर उर्फ सोनी वर्मा की भी अचल संपत्ति को गौतमबुद्ध नगर पुलिस ने कुर्क किया है। गौरतलब है कि हाल ही में सीएम योगी की सरकार ने अपने दूसरे कार्यकाल के 100 दिन पूरे किए हैं। ऐसे में ये सामने आया है कि इन 100 दिनों में अपराधियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की गई है। 25 मार्च 2022 से लेकर एक जुलाई 2022 तक कुल 525 एनकाउंटर हुए है। इस दौरान 1034 अपराधी गिरफ्तार किए गए हैं और 425 बदमाश पुलिस मुठभेड़ में घायल हुए हैं। बदमाशों से हुई इस मुठभेड़ में 68 पुलिसकर्मी घायल भी हुए हैं। मेरठ जोन में 193, बरेली जोन में 62, आगरा जोन में 55, लखनऊ जोन में 48, लखनऊ कमिश्नरी में 6, वाराणसी जोन में 36, गोरखपुर जोन में 37 और नोएडा कमिश्नरी में 44 एनकाउंटर हुए हैं। योगी सरकार माफियाओं को चिन्हित करके उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई कर रही है। एक तरफ उनके अवैध निर्माणों पर बुलडोजर चल रहा है। वहीं दूसरी तरफ उनकी संपत्ति भी जब्त की जा रही है। प्रदेश स्तर के 50 चिन्हित माफियाओं के अलावा डीजीपी मुख्यालय ने भी 12 माफियाओं को चिन्हित किया है। 25 मार्च 2022 से जून 2022 तक गैंगस्टर एक्ट में कुल 192 करोड़ 40 लाख 34 हजार 582 रुपए की संपत्ति जब्त हुई है।
दूसरी तरफ योगी अपने राजनीतिक विरोधियों को भी गले लगा रहे हैं। योगी आदित्यनाथ ने एनडीए की राष्ट्रपति उम्मीदवार द्रौपदी मुर्मू के सम्मान में एक डिनर पार्टी का आयोजन किया था। इस डिनर पार्टी में जहां एक ओर राजा भैया पहुंचे थे, वहीं दूसरी ओर शिवपाल यादव के साथ ओपी राजभर भी पार्टी में द्रौपदी मुर्मू से मिलने पहुंचे थे। सुभासपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि उन्हें अखिलेश यादव की तरफ से 'तलाक' मिलने का इंतजार है और वह सपा से गठबंधन तोड़ने को लेकर अपने स्तर से पहल नहीं करेंगे। सुभासपा और सपा के बीच गत दिनों राष्ट्रपति पद के लिए विपक्ष के संयुक्त उम्मीदवार यशवंत सिन्हा की प्रेस कॉन्फ्रेंस में भी नजर आई थी, क्योंकि सपा ने इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में गठबंधन के सहयोगी रालोद के प्रमुख जयंत सिंह को तो बुलाया था, लेकिन सुभासपा प्रमुख ओम प्रकाश राजभर नजर नहीं आए थे। उन्होंने सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव द्वारा विपक्षी दलों के राष्ट्रपति पद के संयुक्त उम्मीदवार यशवंत सिन्हा के समर्थन में आयोजित बैठक में सम्मिलित नहीं होने को लेकर पूछे जाने पर कहा कि अखिलेश यादव भूल गए होंगे, इसलिए उन्हें बैठक में नहीं बुलाया। बहरहाल, मुलायम सिंह यादव की छोटी बहू अपर्णा यादव भाजपा में पहले से शामिल हैं। तीन महीने पहले नोएडा सेक्टर-70 में एक निजी कार्यक्रम में शिरकत करने आईं। इस दौरान मीडिया से चर्चा में उन्होंने कहा कि अगर शिवपाल सिंह भारतीय जनता पार्टी में आना चाहते हैं, तो वह शीर्ष नेतृत्व से बातचीत करें। अपर्णा का मानना है कि भाजपा सरकार राम राज की बात करती है तो उस पर अमल भी करती है। प्रदेश में वास्तव में रामराज है। जिसका नेतृत्व एक साधु (योगी आदित्यनाथ) के हाथ में है। सरकार ने आम लोगों की समस्या को ध्यान में रखते हुए बजट पेश किया है। यह सभी वर्गों के लिए कारगर है। प्रगतिशील समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश की जसवंतनगर सीट से विधायक शिवपाल सिंह यादव भी विधानसभा सदस्य के रूप में शपथ ली। शपथ लेने के तुरंत बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलने के लिए उनके आवास पर पहुंच गए थे। इस दौरान दोनों नेताओं के बीच करीब 20 मिनट तक बातचीत हुई। सियासी हलकों में इस मुलाकात की चर्चा इसलिए भी गरम हुई थी क्योंकि शिवपाल के वहां से निकलने के तुरंत बाद प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष और मंत्री स्वतंत्र देव सिंह योगी से मिलने पहुंचे। अपनी पार्टी बना चुके रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया भी योगी से मिलते हैं। इस प्रकार राजनीतिक विरोधियों से भी योगी आदित्यनाथ अनुराग और स्नेह का व्यवहार करते हैं।
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पाकिस्तान में महंगाई उच्च स्तर पर

Posted: 09 Jul 2022 08:06 AM PDT

पाकिस्तान में महंगाई उच्च स्तर पर 

इस्लामाबाद। कंगाल पाकिस्तान कटोरा लेकर कर्ज लेने के लिए कभी अंतरराष्ट्रीय बैेंकों तो कभी विकसित देशों से गुहार करता है। हालत यह है कि पाकिस्तान में महंगाई उच्च स्तर पर है। चैंकाने वाली बात यह है कि पाकिस्तान में एलपीजी की कीमतें 235 फीसदी बढ़ गई हैं। पाकिस्तान में शहबाज शरीफ सरकार ने 1 जुलाई से नेचुरल गैस की कीमतों में 43 प्रतिशत से 235 प्रतिशत की बढ़ोतरी को मंजूरी दे दी है। इस बढ़ोतरी के चलते ज्यादातर घरेलू और अन्य केटेगरी के उपभोक्ताओं से सरकार 660 अरब पाकिस्तानी रुपए वसूलेगी। देश की बिगड़ती अर्थव्यवस्था के बीच बीते 11 महीनों में पाकिस्तान सरकार का कुल कर्ज 15.3 फीसदी बढ़ गया है। पाकिस्तानी मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार स्टेट बैंक ऑफ पाकिस्तान के हवाले से बताया कि जून 2021 में सरकार का कुल कर्ज 38.704 ट्रिलियन पाकिस्तानी रुपए था, जो मई में बढ़कर 44.638 ट्रिलियन हो गया।
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आर्थिक संकट के चलते श्रीलंका के राष्ट्रपति आवास छोड़कर भागे

Posted: 09 Jul 2022 08:03 AM PDT

आर्थिक संकट के चलते श्रीलंका के राष्ट्रपति आवास छोड़कर भागे

कोलंबो। श्रीलंका के राष्ट्रपति गोटाबाया राजपक्षे आवास छोड़कर भाग गए हैं और प्रदर्शनकारियों ने उनके आवास को घेर लिया है। डिफेंस से जुड़े सूत्रों के हवाले से ये जानकारी मिली है। खबर ये भी है कि प्रदर्शनकारियों ने राजपक्षे के आवास में तोड़फोड़ की है। आर्थिक संकटों से जूझ रहे श्रीलंका की हालत लगातार खराब होती जा रही है। यही वजह है कि प्रदर्शनकारी राष्ट्रपति गोटबाया राजपक्षे के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं और इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। श्रीलंका वस्तुओं की कीमतें आसमान छू रही हैं। विश्व खाद्य कार्यक्रम के ताजा आकलन के मुताबिक, करीब 62 लाख लोगों को भोजन कैसे मिलेगा, इस सवाल का जवाब किसी के पास नहीं है। श्रीलंका में 10 में से तीन परिवारों को इस बात का भी पता नहीं है कि उन्हें अगला भोजन कब और कहां मिलेगा।
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शिंजो के नाना के नाम से चीनी थर्राते थे

Posted: 09 Jul 2022 07:59 AM PDT

शिंजो के नाना के नाम से चीनी थर्राते थे

टोक्यो। जापान के पूर्व पीएम शिंजो आबे अब इस दुनिया में नहीं रहें। नारा शहर में 8 जुलाई को भाषण देने के दौरान हमलावर ने उनकी गोली मारकर हत्या कर दी। शिंजो आबे जापान के लंबे समय तक प्रधानमंत्री पद पर रहे। वह 4 बार जापान के प्रधानमंत्री रहे। शिंजो आबे के पिता शिनतारो आबे वल्र्डवार-2 में सुसाइड अटैकर बनने के लिए नेवल एविएशन स्कूल में दाखिला लिए थे। तब तक जापान ने विश्व युद्ध में सरेंडर कर दिया था। उसके बाद शिनतारो आबे को वह मौका नहीं मिल पाया। उसके बाद शिनतारो आबे एक पॉलिटिकल रिपोर्टर बन गए। जब पत्रकारिता से मन भर गया तो वह राजनेता बनें। बाद में उन्होंने 1982 से 1986 तक जापान के विदेश मंत्री के तौर पर काम किया। बता दें कि वर्ल्ड वॉर-2 में जापानी सेना ने युद्ध करने के लिए एक रणनीति बनाई थी। दरअसल जापान के पायलट दुश्मनों के ठिकानों को निशाना बनाते हुए खुद के प्लेन को क्रैश कर देते थे और शहीद हो जाते थे।शिंजो आबे के नाना नोबुसुके किशी से चीनी इतना डरते थे कि उनके मौत के बाद वे उन्हें शैतान बुलाने लगे। चीनी लेखक वांग क्विजियांग ने लिखा है- उनके अपराधों का ढेर स्वर्ग तक लगा है, वह सच में शैतान हैं। शिंजो आबे के नाना का नाम चीनियों पर अत्याचार के लिए लिया जाता है। 1931 में नोबुसुके किशी ने चीन के मंचूरिया पर कब्जा पाने में बहुत बड़ी भूमिका निभाई। बाद में उन्हें इसका ईनाम भी मिला। चीनी इतिहासकारों का मानना है कि किशी चीनियों से वेश्यावृत्ति करवाते थे। उन्हें बिना अपराध के फांसी पर लटका देते थे और उन पर केमिकल एक्सपेरिमेंट्स भी करते थे। जापान की डेवलपमेंट के लिए वह चीनियों से खूब मेहनत करवाते थे और उन्हें गुलाम की तरह रखते थे। कहा जाता है कि शिंजो आबे के नाना चीन के लोगों से फुशन कोल माइन में काम करवाते थे। उस माइन में 40 हजार लोग काम करते थे लेकिन हर साल उनमें से 25 हजार लोगों को रिप्लेस कर दिया जाता था क्यों कि वहां जो लोग काम करते थे उनमें से बस कुछ लोग ही जिंदा बचते थे। किशी चीनी लोगों के प्रति इस कदर निर्दयी थे कि उन्हें रोबोट गुलाम कहते थे।शिंजो आबे के नाना को 1939 में तत्कालीन सरकार ने जापान बुलाकर 1940 में मंत्री बना दिया। उस वक्त जापान के प्रधानमंत्री फुमिमारो कोने थे। 1942 में नोबुसुके किशी को निचले सदन का नेता चुना गया। 1945 में किशी को दूसरे वल्र्ड वॉर के बाद 3 साल के लिए जेल भेज दिया गया। 1948 में वह रिहा होकर वापस लौटे और 1955 में उन्होंने लिबरल डेमोक्रेटिक पार्टी की स्थापना की। 1957 से 1960 तक जापान के प्रधानमंत्री रहें। 7 अगस्त 1987 को उनकी मौत हो गई।शिंजो आबे के दादा कान आबे एक जमींदार थे। कान आबे का जन्म जापान के यामागुची प्रांत के एक प्रभावशाली जमींदार परिवार में 1894 में हुआ था। बाद में वह राजनीति से भी जुड़ गए। 51 साल की उम्र में 30 जनवरी 1946 को उनका निधन हो गया।

चीन-जापान संबंधों को आबे ने सुधारा-शी जिनपिंग बीजिंग दुनिया के अधिकांश देशों में जापानी नेता की हत्या की खबर से शोक की लहर दौड़ गई, वहीं चीनी सोशल मीडिया वेबसाइट 'वीबो' पर जश्न का माहौल देखने को मिला। वीबो पर लोग 'शैंपेन सेलिब्रेशन' तक की बातें कहते देखे गए। हालांकि चीन की सरकार ने इस घटना पर दुख जताया और कहा कि आबे के निधन से चीन सदमे में है क्योंकि उन्होंने चीन-जापान संबंधों को सुधारने में अहम योगदान दिया था। आबे के निधन से चीन सदमे में है'। चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता झाओ लिजियान के हवाले से कहा गया कि आबे के निधन से 'चीन सदमे में है।' लिजियान ने कहा कि आबे ने 'चीन-जापान संबंधों के सुधार और विकास को बढ़ावा देने में अहम योगदान दिया।'
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