प्राइमरी का मास्टर ● इन - 🌐

Breaking

Home Top Ad

Post Top Ad

Sunday, July 10, 2022

प्राइमरी का मास्टर ● इन

प्राइमरी का मास्टर ● इन


Shiksha Samagam : NEP 2020 के तहत छात्र आधारित होगी नई शिक्षा व्यवस्था, बनारस से तीन सूत्री निष्कर्ष जारी

Posted: 09 Jul 2022 09:04 PM PDT

Shiksha Samagam :  NEP 2020 के तहत छात्र आधारित होगी नई शिक्षा व्यवस्था, बनारस से तीन सूत्री निष्कर्ष जारी


काशी में चल रहे तीन दिवसीय अखिल भारतीय शिक्षा समागम के समापन पर हुई। कार्यक्रम के बाद जारी होने वाले 'बनारस मेनिफेस्टो' (घोषणापत्र) को रोककर इसकी जगह तीन सूत्री निष्कर्ष जारी किया गया।



Shiksha Samagam : बदलते भारत की शिक्षा व्यवस्था भी अब बदली हुई होगी। यह छात्रों को किसी ढर्रे पर जबरन चलाने वाली नहीं होगी बल्कि छात्रों को उनकी जरूरत के हिसाब से शिक्षित करेगी। शिक्षण व्यवस्था के केंद्र में अब छात्र होंगे। यह घोषणा शनिवार को काशी में चल रहे तीन दिवसीय अखिल भारतीय शिक्षा समागम के समापन पर हुई। कार्यक्रम के बाद जारी होने वाले 'बनारस मेनिफेस्टो' (घोषणापत्र) को रोककर इसकी जगह तीन सूत्री निष्कर्ष जारी किया गया।



शिक्षा समागम में तीन दिनों तक देश के 350 विश्वविद्यालयों और संस्थानों के प्रमुखों ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के आलोक में बदलती शिक्षा व्यवस्था पर चर्चा की। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने समागम का उद्घाटन करते हुए 'लैब टू लैंड' शिक्षा व्यवस्था पर जोर दिया था। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान, राज्यमंत्री अन्नपूर्णा देवी, उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, यूजीसी अध्यक्ष प्रो. एम. जगदीश कुमार और सचिव प्रो. रजनीश जैन की मौजूदगी में शिक्षा जगत के विद्वानों ने 9 तकनीकी सहित कुल 11 सत्रों में नई शिक्षा व्यवस्था के सभी पहलुओं पर मंथन किया।



केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने शनिवार को मीडिया से बातचीत में बनारस मेनिफेस्टो की जगह तीन सूत्री निष्कर्ष जारी किया। 


इनमें पहला और सबसे महत्वपूर्ण छात्र आधारित शिक्षा व्यवस्था है। 

दूसरे निष्कर्ष के रूप में सर्वविद्या की राजधानी काशी से देश की शिक्षा व्यवस्था में बाह्य नहीं बल्कि आमूलचूल परिवर्तन का निर्णय हुआ। 

तीसरा निष्कर्ष भविष्य में जॉब सीकर नहीं बल्कि जॉब क्रिएटर युवा पीढ़ी तैयार करना है। 


उन्होंने तीन दिवसीय कार्यक्रम को शिक्षा जगत का पहला बड़ा सम्मेलन करार दिया। घोषणा की कि ऐसे आयोजन को जल्द ही स्थायी किया जाएगा।


डिजिटल यूनिवर्सिटी अगले साल से
केंद्रीय शिक्षा मंत्री ने यह भी ऐलान किया कि 2023 तक डिजिटल यूनिवर्सिटी की शुरुआत हो जाएगी। दूरस्थ और डिलिटल शिक्षा पर उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री ने शिक्षा चैनलों के विस्तार के लिए एक हजार करोड़ रुपये की धनराशि जारी की है। इससे 200 नए चैनल बनाने हैं और 34 पुराने चैनलों को बढ़ाकर 60 करना है। तब शिक्षा संबंधी कुल चैनलों की संख्या 260 हो जाएगी। उन्होंने कहा कि समागम में आए सभी शिक्षाविदों के लिए एक डिजिटल फीडबैक सिस्टम भी तैयार किया गया है।

नहीं जारी हो सका वेतन, राजकीय शिक्षक आंदोलन पर अड़े

Posted: 09 Jul 2022 07:32 PM PDT

नहीं जारी हो सका वेतन, राजकीय शिक्षक आंदोलन पर अड़े


कल से स्कूल के बजाय मुख्यालय में उपस्थिति दर्ज कराएंगे शिक्षक व कर्मचारी

राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान से जुड़े करीब 1400 विद्यालयों का मामला


लखनऊ। राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान (रमसा) के तहत प्रदेश में संचालित राजकीय कॉलेजों के शिक्षकों और कर्मचारियों का वेतन शनिवार को भी जारी नहीं हो सका है। उनको चार-पांच महीने से वेतन नहीं मिला है। इसलिए राजकीय शिक्षक संघ भी 11 जुलाई से आंदोलन करने पर अड़ा हुआ है। संघ ने पहले ही 11 जुलाई से आंदोलन करने की चेतावनी दी थी। अब विभिन्न जिला इकाइयों ने अपने-अपने यहां प्रशासन को पत्र सौंपकर 11 जुलाई को मुख्यालय स्तर पर अपनी उपस्थिति दर्ज कराने की बात कही है।


संघ की प्रांतीय अध्यक्ष छाया शुक्ला ने कहा कि रमसा के तहत प्रदेश में 1400 से अधिक विद्यालयों का संचालन हो रहा है। इनमें लगभग 9000 प्रधानाचार्य, शिक्षक और कर्मचारी हैं। वेतन नहीं मिलने से इनको आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ रहा है। इतना ही नहीं, ये राजकीय विद्यालय जिला मुख्यालय से दूरदराज इलाकों में स्थित हैं। ऐसे में शिक्षकों व कर्मचारियों को विद्यालय आने-जाने तक में दिक्कत हो रही है। माध्यमिक शिक्षा निदेशालय से लेकर शासन तक कई बार वेतन समस्या दूर करने की मांग की गई लेकिन समय से वेतन भुगतान नहीं होता है। नतीजतन 11 जुलाई से विद्यालय बंद कर मुख्यालय पर उपस्थिति दर्ज कराने की चेतावनी देनी पड़ी है।


वेतन मद बदलवाने की हो रही कोशिश : माध्यमिक शिक्षा निदेशालय के अधिकारियों का कहना है कि रमसा से जुड़े विद्यालयों का वेतन केंद्रांश व राज्यांश मिलाकर दिया जाता है। इनका वेतन मद सामान्य राजकीय विद्यालयों से अलग है। इसलिए वेतन का केंद्रीय हिस्सा आने में देरी होने पर वेतन भुगतान में देरी हो जाती है। इस दिक्कत को दूर करने के लिए विभाग की ओर से प्रयास किए जा रहे हैं। इनका वेतन मद सामान्य राजकीय विद्यालयों की तरह करने का प्रस्ताव तैयार किया गया है। मुख्यमंत्री का अनुमोदन होते ही इस बाबत कार्यवाही होगी।



रमसा के राजकीय विद्यालयों के शिक्षकों और कर्मचारियों का रुका वेतन जारी कराना हमारी भी प्राथमिकता में है। शासन स्तर पर प्रयास हो रहे हैं, जल्द ही वेतन भुगतान कराया जाएगा।
-सरिता तिवारी, निदेशक, माध्यमिक शिक्षा विभाग

महंगा हुआ बच्चों का बैग, पेन-कॉपी की कीमतें 35% तक बढ़ीं

Posted: 09 Jul 2022 06:18 PM PDT

महंगा हुआ बच्चों का बैग, पेन-कॉपी की कीमतें 35% तक बढ़ीं


लखनऊ, । खाद्य पदार्थों के बाद अब पढ़ाई पर भी महंगाई का असर पड़ा है। पेन-पेंसिल, स्याही, रजिस्टर, कॉपी, कागज और फाइल आदि की कीमतों में 30 से 35 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी हो गई है। कारोबारियों के मुताबिक कच्चे माल की आपूर्ति व उसकी कीमतों से प्रोडक्शन में दिक्कत आ रही है। दो महीने के भीतर कागज की कीमतों में करीब 30 प्रतिशत बढ़ोतरी हुई है। इससे कापी-किताब और स्टेशनरी पर एक बच्चे पर 10 से 12 हजार रुपये तक खर्च करना पड़ रहा है। पहले यह सामान आठ हजार रुपये तक में मिल जाता था।



जीएसटी दर बढ़ने से दामों में इजाफा : स्टेशनरी विक्रेता एवं निर्माता एसोसिएशन के अध्यक्ष जितेन्द्र सिंह चौहान ने बताया कि पेन पर 12 से 18 प्रतिशत जीएसटी हो गया है। इसके अलावा ब्लेड 18 प्रतिशत, कटर 18 प्रतिशत, कागज 12 व स्याही पर 18 प्रतिशत जीएसटी हो गई है। उन्होंने बताया कि कंपनियों ने कापियां तो महंगी की हैं, उनके पेज भी कम कर दिए हैं।


पहले जिस कापी में 100 पेज थे अब वह घटकर 80 ही रह गए हैं। कुछ कापियों की लंबाई और चौड़ाई कम हो गई है। पेंसिल की लंबाई में भी अंतर आया है। पिछले साल 15 रुपये में आने वाला पेन अब 20 में, रबर दो रुपये की जगह तीन रुपये में मिल रहा है।


अमीनाबाद के स्टेशनरी विक्रेता विशाल गौड़ ने बताया कि पेपर रोल, डायरी, पेन, पेंसिल, कलर की कीमतें 22 से 30 प्रतिशत बढ़ गई हैं। वहीं स्कूल के रजिस्टर, कॉपी, कलर व सफेद पेपर, फाइलों की कीमतों में 30 फीसदी तक का इजाफा हुआ है। पैकिंग मटेरियल की कीमतें भी महंगाई की चपेट में हैं। स्टेशनरी में जो टेप पहले 30 रुपए में आता था, अब उसकी कीमत 40 रुपए, पैकिंग कवर की 20 तक बढ़ गईं।

CUET UG 2022: cuet.samarth.ac.in पर जारी होने वाले हैं सीयूईटी एडमिट कार्ड, 15 जुलाई से परीक्षा

Posted: 09 Jul 2022 05:47 PM PDT

CUET UG 2022: cuet.samarth.ac.in पर जारी होने वाले हैं सीयूईटी एडमिट कार्ड, 15 जुलाई से परीक्षा

CUET Admit Card 2022 : देशभर में 15 जुलाई 2022 से होने वाली प्रवेश परीक्षा के एडमिट कार्ड का इंतजार जल्द खत्म होने वाला है। वेबसाइट cuet.samarth.ac.in पर जाकर छात्र अपने एडमिट कार्ड प्राप्त कर सकेंगे।


UET 2022 Admit Card: केंद्रीय विश्वविद्यालयों में प्रवेश के शुरू हुई राष्ट्रीय स्तर की प्रवेश परीक्षा कॉमन यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट (CUET) के प्रवेश पत्र/हाल टिकट जल्द ही वेबसाइट cuet.samarth.ac.in पर जारी होने वाले हैं। 15 जुलाई से देशभर में शुरू हो रही सीयूईटी परीक्षा के लिए प्रवेश पत्र एक-दो दिन में ही जारी कर दिए जाएंगे। स्नातक कोर्सों में प्रवेश के लिए सीयूईटी को देश के कई विश्वविद्यालयों द्वारा अपना गया है। यानी 12वीं पास करने के बाद जो छात्र कॉलेज में  प्रवेश लेना चाहेंगे उन्हें सीयूईटी से होकर गुजरना होगा। सीयूईटी 2022 का आयोजन 15 जुलाई 2022, 16 जुलाई 2022, 19 जुलाई 2022, 20 जुलाई 2022, 4 अगस्त 2022, 5 अगस्त 2022, 6 अगस्त 2022, 7 अगस्त 2022, 8 अगस्त 2022 और 10 अगस्त 2022 को किया जाएगा।

कुछ खबरों में सीयूईटी एडमिट कार्ड ऑफिशियल वेबसाइट cuet.samarth.ac.in पर 9 जुलाई को ही जारी किए जाने की बात कही जा रही है। लेकिन खबर लिखे जाने के वक्त वेबसाइट cuet.samarth.ac.in नहीं खुली जिससे अभी कुछ भी स्पष्ट रूप से नहीं कहा जा सकता। इधर प्रवेश परीक्षा के लिए एक सप्ताह से भी कम समय बचा है ऐसे में जिनका पेपर 15 जुलाई को है वे 9 जुलाई को एडमिट कार्ड जारी होने के इंतजार में रहे।

आपको बता दें कि सीयूईटी 2022 के लिए आवेदन तिथि 26 जून  तक बढ़ा दी गई थी। जिन छात्रों ने अभी तक सीयूईटी के लिए रजिस्ट्रेशन न कराया हो वे रविवार तक अपना रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं। उल्लेखनीय है कि केंद्रीय विश्वविद्यालय में स्नातक कोर्सों में प्रवेश के लिए पहली बार हो रही इस परीक्षा के लिए करीब 10 लाख छात्र-छात्राएं भाग ले सकते हैं।

सीयूईटी परीक्षा 13 भाषाओं में आयोजित की जाएगी। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी 86 यूनिवर्सिटी के अंडर ग्रेजुएट कोर्सेज में एडमिशन के लिए यह परीक्षा 15 जुलाई से 10 अगस्त तक चलेगी और रिजल्ट 20 अगस्त तक जारी हो जाएंगे।

सीयूईटी 2022 के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन 6 अप्रैल 2022 से 6 मई 2022 तक हुए थे। जिन अभ्यर्थियों ने सीयूईटी के  लिए रजिस्ट्रेशन  कराया है वे जल्द ही अपने एडमिट कार्ड प्राप्त कर सकेंगे।

Post Bottom Ad

Pages