प्राइमरी का मास्टर ● इन |
- मोबाइल एप के मकड़जाल में उलझ कर रह गए बेसिक शिक्षक, वाट्सएप व टेलीग्राम में दर्जनों ग्रुप
- डीएलएड के प्रति अभ्यर्थियों का घटा रुझान, चार वर्षों से नहीं भर रहीं सीटें
- एडेड जूनियर हाईस्कूल शिक्षक भर्ती परिणाम 10 जुलाई के बाद
- आदेश की नाफरमानी से नाखुश हाईकोर्ट ने सचिव बेसिक शिक्षा परिषद के खिलाफ वारंट किया जारी, जानिए पूरा मामला
- JEECUP Result 2022 : डिप्लोमा से मोह भंग! यूपी में पॉलीटेक्निक की 94 हजार सीटें रह जाएंगी खाली
| मोबाइल एप के मकड़जाल में उलझ कर रह गए बेसिक शिक्षक, वाट्सएप व टेलीग्राम में दर्जनों ग्रुप Posted: 03 Jul 2022 08:32 PM PDT मोबाइल एप के मकड़जाल में उलझ कर रह गए बेसिक शिक्षक, वाट्सएप व टेलीग्राम में दर्जनों ग्रुप ■ जानकारियों का लेन-देन ऑनलाइन ■ प्रयोगशाला बनकर रह गया शिक्षा विभाग जानकारियों के लेन-देन का सिलसिला ऑनलाइन चलने लगा है, जिसके कारण शिक्षक मोबाइल एप के मकड़जाल में उलझकर रह गए हैं. शिक्षकों के स्मार्ट फोन में करीब दर्जनभर एप डाउनलोड हैं, इसके बाद भी कई पोर्टल में भी जाकर जानकारियां जुटानी और भेजनी पड़ रही है, जिससे पढ़ाने के अलावा अन्य कार्यों में शिक्षकों का समय खप रहा है। शिक्षा गुणवत्ता बढ़ाने के नाम पर हर साल नया प्रयोग से शिक्षा विभाग अब प्रयोगशाला बनकर रह गया है. शिक्षकों को पहले से ही पढ़ाने के अलावा शासन के कई योजनाओं में सहयोगी रखा गया है और अब जानकारियों के आनलाइन होने के बाद कई तरह के एप से उलझना पड़ रहा है। एक आम शिक्षक के मोबाइल पर करीब दर्जनभर एप शिक्षा विभाग से जुड़े डाउनलोड हैं. इसके बाद भी कई जानकारियों के लिए शिक्षकों को विभागीय पोर्टल पर जाना पड़ता है, तो कई जानकारियां प्रेषित करने भी पोर्टल का सहारा है, जिससे शिक्षक स्कूलों में पढ़ाने के लिए समय निकालने की जुगत भिड़ा रहे हैं, ताकि वे अपने मूल कार्य के प्रति कुछ तो न्याय कर सकें. वहीं किसी शिक्षक के पास अन्य प्रभार है, तो उसके लिए अलग मोबाइल एप है. प्राचार्य, प्रधानपाठक, संकुलों में प्रभार के साथ शिक्षक वोटर आईडी बनाने में ही कई तरह के मोबाइल एप का सहारा ले रहे हैं। इस तरह देखा जाए तो शिक्षकों के स्मार्ट फोन में दर्जनों तरह के एप भरे पड़े हैं. शिक्षकों को अपनी व्यक्तिगत जानकारी से लेकर वेतनपत्रक तक के लिए मोबाइल एप या पोर्टल का ही सहारा लेना पड़ता है और समय-समय पर जानकारियों को अपडेट करना पड़ता है. इन एप में प्रमुख रूप से संपर्क फाउंडेशन, सरल कार्यक्रम का जीपी एप, अंगना म शिक्षा कार्यक्रम, सौ दिन सौ कहानी, नवाजतन, एमडीएम एपशामिल है, जिसमें से ज्यादातर प्रतिदिन के उपयोग में हैं। अब मध्यान्ह भोजन की जानकारी एप पर प्रायमरी व मिडिल स्कूलों में बच्चों को मध्यान्ह भोजन प्रदान किया जाता है. इससे संबंधित जानकारी अब तक शिक्षक रजिस्टर में रखते थे और मासिक जानकारी भेजते रहे हैं, लेकिन अब विभाग द्वारा एमडीएम की जानकारी भी प्रतिदिन एप के माध्यम से भेजना अनिवार्य किया गया है. इस तरह के विभिन्न एप में उलझे शिक्षकों के पास पढ़ाने के लिए ही समय नहीं बच रहा है वाट्सएप व टेलीग्राम में दर्जनों ग्रुप विभाग द्वारा एप का निर्माण किया जा रहा है. साथ ही शिक्षकों को कई तरह की जानकारी संकुल स्तर से वाट्सएप व टेलीग्राम पर बने विभिन्न ग्रुप के माध्यम से प्रदान किया जा रहा है. इसके चलते शिक्षक वाट्सएप व टेलीग्राम पर दर्जनों ग्रुप से जोड़े गए हैं और सभी में कई तरह की जानकारियां भेजी जा रही है, जिससे शिक्षकों को सभी ग्रुप को भी प्रतिदिन देखना पड़ता है, जिसमें भी समय की बरबादी हो रही है। |
| डीएलएड के प्रति अभ्यर्थियों का घटा रुझान, चार वर्षों से नहीं भर रहीं सीटें Posted: 03 Jul 2022 08:00 PM PDT डीएलएड के प्रति अभ्यर्थियों का घटा रुझान, चार वर्षों से नहीं भर रहीं सीटें प्रयागराज : डिप्लोमा इन एलीमेंट्री एजुकेशन (डीएलएड) के प्रति विद्यार्थियों का रुझान लगातार कम हो रहा है। बीते चार वर्षों के आंकड़े बताते हैं कि डायट की सीटें तो भर जा रही हैं लेकिन, निजी कॉलेजों में बड़ी संख्या में सीटें खाली रह जा रही है। यहां दाखिले के लिए अभ्यर्थी दिलचस्पी ही नहीं दिखा रहे हैं। अभ्यर्थियों की बेरुखी की वजह से निजी कॉलेजों के प्रबंध तंत्र भी सकते में हैं। प्रदेश में कुल 67 डायट और लगभग 3100 निजी संस्थानों में डीएलएड (पूर्व में बीटीसी) के दाखिले होते हैं। इसमें कुल मिलाकर लगभग 2 लाख 41 हजार सीटें हैं। डायट में कुल 10.600 सीटें हैं। जबकि प्रदेश के निजी संस्थानों में लगभग 2 लाख 32 हजार सीटें हैं। आलम यह है कि कभी नौकरी की गारंटी माने जाने वाले इस कोर्स की पढ़ाई से छात्र कतरा रहे हैं। सत्र 2021-22 में स्थिति यह रही कि प्रदेश के 106 निजी कॉलेजों को एक भी छात्र नहीं मिला। सैकड़ों कॉलेजों को तो बमुश्किल एक दर्जन छात्र भी नहीं मिले। परिणामस्वरूप लगभग 1.32 लाख सीटें खाली रह गईं। ऐसे में इन कॉलेजों के प्रबंध तंत्र के सामने शिक्षकों और कर्मचारियों को वेतन देने के लाले पड़ गए। बीते सत्र में सीटों के सापेक्ष कम आवेदन आने की वजह से आवेदन की तिथि तीन बार बढ़ाई गई लेकिन आवेदन नहीं बढ़े। इससे पहले का सत्र कोरोना की वजह से शून्य घोषित हो गया था। इसी तरह सत्र 2017-18 में डीएलएड की कुल सीटो 2.11 लाख के सापेक्ष 1.92 लाख ने दाखिला लिया था। फिर लगातार कोर्स का क्रेज घटता गया जबकि इससे पहले डीएलएड में दाखिले के लिए मारामारी मची रहती थी। डीएलएड का दायरा सीमितः डीएलएड कर चुके पंकज मिश्र का कहना है कि डीएलएड के लिए दायरा सीमित कर दिया गया है। डीएलएड प्रशिक्षण प्राप्त अभ्यर्थी केवल प्राथमिक स्कूलों में आवेदन कर सकते हैं। वहीं 2018 में एनसीटीई ने बीएड को भी प्राथमिक शिक्षक भर्ती के लिए मान्य कर दिया। बीएड के बाद प्राइमरी से लेकर इंटर कॉलेज के अतिरिक्त बीईओ समेत अन्य कई नौकरियों के लिए भी आवेदन किया जा सकता है। डीएलएड प्रशिक्षण प्राप्त प्रतियोगी छात्र आलोक बिलौरा कहते हैं, चार वर्ष पहले प्राइमरी में शिक्षक भर्ती आई थी, तब से नहीं आई। ऐसे में डीएलएड की अपेक्षा बीएड करना ज्यादा मुनासिब है। डीएलएड में दोषपूर्ण परीक्षा पद्धति प्रवेश परीक्षा में रुझान कम होने की प्रमुख वजह है। प्रत्येक सेमेस्टर में आठ विषय हैं लेकिन इनकी परीक्षा मात्र तीन दिनों में होती है। प्रवेश परीक्षा फल घोषित करने में अनावश्चक विलंब होता है। प्रवेश प्रक्रिया भी नियमित रूप से शुरू नहीं होती है। डीएलएड के लिए केवल प्राथमिक विद्यालय में शिक्षक बनने का अवसर है, जबकि बीएड डिग्री हासिल करने वालों के पास प्राथमिक से लेकर इंटर और अन्य नौकरियों के लिए आवेदन का अवसर होता है। |
| एडेड जूनियर हाईस्कूल शिक्षक भर्ती परिणाम 10 जुलाई के बाद Posted: 03 Jul 2022 06:03 PM PDT एडेड जूनियर हाईस्कूल शिक्षक भर्ती परिणाम 10 जुलाई के बाद प्रयागराज एडेड जूनियर : हाईस्कूल शिक्षक भर्ती - 2021 के संशोधित परिणाम की अभ्यर्थी प्रतीक्षा कर रहे हैं। 15 नवंबर 2021 को घोषित इस भर्ती परीक्षा परिणाम पर कुछ अभ्यर्थियों ने कम दिए जाने का आरोप लगाते हुए शासन से शिकायत की थी। आरोप की पुष्टि होने के बाद शासन के निर्देश पर उत्तर प्रदेश परीक्षा नियामक प्राधिकारी कार्यालय में परीक्षण कार्य अंतिम चरण में है । ऐसे में संशोधित परिणाम 10 जुलाई के बाद कभी भी जारी किया जा सकता है। प्रधानाध्यापक के 390 एवं सहायक अध्यापक के 1504 पदों के लिए लिखित परीक्षा कराने के बाद पीएनपी ने परिणाम घोषित किया था । स शासन के निर्देश पर आंतरिक समिति गठित कर परीक्षण शुरू कराया। कार्य तेजी से चल रहा है। सचिव अनिल भूषण चतुर्वेदी के मुताबिक परीक्षण पूरा होने के बाद शासन की अनुमति से संशोधित परिणाम जारी कर सफल अभ्यर्थियों की सूची बेसिक शिक्षा निदेशालय को भेजी जाएगी। |
| Posted: 03 Jul 2022 05:16 PM PDT आदेश की नाफरमानी से नाखुश हाईकोर्ट ने सचिव बेसिक शिक्षा परिषद के खिलाफ वारंट किया जारी इलाहाबाद हाईकोर्ट ने आदेश का पालन न करने और तलब किए जाने पर उपस्थित न होने के लिए सचिव बेसिक शिक्षा परिषद प्रताप सिंह बघेल के खिलाफ जमानती वारंट जारी कर उन्हें तलब किया है। आदेश की नाफरमानी से नाखुश कोर्ट ने सीजेएम प्रयागराज को निर्देश दिया है कि सचिव पर वारंट तामील कराएं। यह आदेश न्यायमूर्ति सिद्धार्थ ने बेसिक शिक्षा विभाग के अध्यापक ज्ञानेंद्र कुमार की याचिका पर अधिवक्ता नवीन कुमार शर्मा को सुनकर दिया है। अधिवक्ता नवीन कुमार शर्मा का कहना था कि याची की याचिका पर सुनवाई के बाद कोर्ट ने मेडिकल आधार पर स्थानांतरण को लेकर आदेश दिया था। इस आदेश का पालन न होने पर नौ मार्च 2022 को कोर्ट ने सचिव बेसिक शिक्षा परिषद प्रताप सिंह बघेल को एक जुलाई को हाजिर होने का निर्देश दिया था। लेकिन सचिव न तो स्वयं आए और न ही उन्होंने आदेश के अनुपालन का हलफनामा प्रस्तुत किया। कोर्ट ने इसे गंभीरता से लेते हुए सचिव के खिलाफ जमानती वारंट जारी करते हुए उन्हें तलब कर लिया है। |
| JEECUP Result 2022 : डिप्लोमा से मोह भंग! यूपी में पॉलीटेक्निक की 94 हजार सीटें रह जाएंगी खाली Posted: 03 Jul 2022 04:48 AM PDT JEECUP Result 2022 : डिप्लोमा से मोह भंग! यूपी में पॉलीटेक्निक की 94 हजार सीटें रह जाएंगी खाली पॉलीटेक्निक डिप्लोमा से युवाओं का मोहभंग होता दिख रहा है। इसलिए इस बार पॉलीटेक्निक संस्थानों में करीब 94 हजार सीटें खाली रहना तय है। दरअसल, पॉलीटेक्निक में दाखिले के लिए प्रवेश परीक्षा हो चुकी है। इस बार 2,18,286 आवेदन हुए पर 70,613 आवेदकों ने परीक्षा ही छोड़ दी। कुल 2,41,810 सीटों के लिए 1,47,673 अभ्यर्थी ही परीक्षा देने पहुंचे। ऐसे में सभी परीक्षार्थियों को पास मान लिया जाए तो भी 94 हजार सीटें खाली रहेंगी। परीक्षा परिणाम गड़बड़ाया तो खाली सीटों का आंकड़ा बढ़कर एक लाख या उससे अधिक भी पहुंच सकता है। छात्रों को नहीं रास आई पढ़ाई राजकीय पॉलीटेक्निक गाजियाबाद और राजकीय महिला पॉलीटेक्निक लखनऊ में पीजी डिप्लोमा इन वेब डिजाइनिंग, मार्केटिंग एंड सेल्स मैनेजमेंट जैसे ट्रेडों में पिछले पांच सालों में एक तिहाई सीटें खाली रहीं। कानपुर में पीजी डिप्लोमा इन मार्केटिंग सेल्स में 66,वेब डिजाइनिंग में 58 और अकाउंटेंसी की 37 सीटें खाली रहीं। ग्रुप-ए की ट्रेडों में भी नहीं दिखा रुझान सावित्रीबाई फुले राजकीय महिला पॉलीटेक्निक कुमारहेरा, सहारनपुर में इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग और चौधरी मुख्तार सिंह राजकीय महिला पॉलीटेक्निक धौराला मेरठ की आईटी ट्रेड की सीटें तक नहीं भरती हैं। महिला पॉलीटेक्निक बलिया और वीरांगना झलकारी बाई राजकीय महिला पॉलीटेक्निक झांसी में कंप्यूटर एप्लीकेशन ट्रेड में पिछले 5 सालों में 75 में से कभी भी 6 सीटें नहीं भरीं। पीजी डिप्लोमा इन अकाउंटेंसी में राजकीय पॉलीटेक्निक ललितपुर में पिछले 5 सालों में सबसे ज्यादा 9 दाखिले हुए हैं। 2019 और 20 में वहां एक भी छात्र ने प्रवेश नहीं लिया। जिन कोर्स से नौकरी नहीं उसे भी पढ़ा रहे पॉलीटेक्निक संस्थानों के मैकेनिकल, इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग, सिविल और इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी जैसी ट्रेडों के हुनरमंद भी बेरोजगार घूम रहे हैं। इसके बावजूद कई ऐसे कोर्स चल रहे हैं, जिनकी मांग ही नहीं है। यही कारण है कि रिटेल मैनेजमेंट, मार्केटिंग सेल्स, हार्डवेयर नेटवर्किंग, टिशू कल्चर, डिप्लोमा इन होटल मैनेजमेंट, फैशन डिजाइन और प्रिंटिंग टेक्नोलॉजी जैसे ट्रेड की सीटें हर बार खाली रहती हैं। 15-20 हजार में मिल रहे बीटेक पास पॉलीटेक्नक युवाओं को आसानी से रोजगार न मिलने का कारण बीटेक पास बेरोजगारों की बढ़ती संख्या भी है। बीटेक पास भी 15 से 20 हजार के वेतन में नौकरी करने को तैयार हो जाते हैं और कंपनियां उनको प्राथमिकता भी देती हैं। कोट: ड्रोन, डाटा लर्निंग, डिजिटल मार्केटिंग, एंड्रॉयड टेक्नोलॉजी जैसे नए कोर्स का प्रशिक्षण दिया जाना है। इनसे युवाओं को आसानी से रोजगार के मौके मिलेंगे। पॉलीटेक्निक चलो अभियान चलाकर छात्रों की संख्या बढ़ाई जाएगी। - मनोज कुमार, निदेशक प्राविधिक शिक्षा आवेदक भी घटते गए वर्ष------- आवेदन 2016------- 5,31,132 2017 -------4,52,334 2018 -------4,50,021 2019 -------4,36,715 2020 -------3,90,894 2021 -------3,02,066 2022 -------2,67,139 |
| You are subscribed to email updates from प्राइमरी का मास्टर ● इन | Primary Ka Master | District News | Basic Shiksha | Shikshamitra. To stop receiving these emails, you may unsubscribe now. | Email delivery powered by Google |
| Google, 1600 Amphitheatre Parkway, Mountain View, CA 94043, United States | |