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Monday, August 31, 2020

Bhopal Samachar | No 1 hindi news portal of central india (madhya pradesh)

Bhopal Samachar | No 1 hindi news portal of central india (madhya pradesh)


प्रणब मुखर्जी: मध्यप्रदेश में 7 दिन का राजकीय शोक / MP NEWS

Posted: 31 Aug 2020 08:37 AM PDT

भोपाल। मध्यप्रदेश की शिवराज सिंह सरकार ने पूर्व राष्ट्रपति श्री प्रणब मुखर्जी के निधन पर प्रदेश में 7 दिन का राजकीय शोक घोषित किया है। राजकीय शोक दिनांक 31 अगस्त 2020 से प्रारंभ होकर दिनांक 6 सितंबर 2020 तक रहेगा। 

मध्य प्रदेश के सभी कमिश्नर एवं कलेक्टर को जारी सूचना के अनुसार राजकीय शोक की अवधि में राष्ट्रध्वज आधा झुका रहेगा और इन 7 दिनों में किसी भी प्रकार का शासकीय कार्यक्रम नहीं होगा। शेष शासकीय कामकाज यथावत चलते रहेंगे। 

इससे पहले सीएम शिवराज सिंह चौहान ने श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि प्रणब दा राजनीति के अजातशत्रु थे। देश के लिए समर्पित ऐसे दृढ़ इच्छाशक्ति वाले अद्वितीय नेता सदियों में जन्म लेते हैं। माननीय प्रणब मुखर्जी के निधन से उत्पन्न विशाल शून्य को कभी भरा न जा सकेगा। मुख्यमंत्री ने बताया कि श्रद्धेय प्रणब दा ने केंद्रीय वित्तमंत्री रहते हुए मध्यप्रदेश के विकास में योगदान देने में कोई कसर नहीं छोड़ी। वे अन्य दलों के नेताओं से भी आत्मीय संबंध रखते थे। उनका जाना हम सभी के लिए और देश के लिए एक अपूरणीय क्षति है।भारत उनके देशप्रेम और जनसेवा को सदैव याद रखेगा।

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CMO अरुण ओझा ट्रांसफर आदेश आते ही गिरफ्तार / MP NEWS

Posted: 31 Aug 2020 08:21 AM PDT

भोपाल। मध्यप्रदेश के रतलाम जिले में सीएमओ अरुण ओझा को गिरफ्तार किया गया है। उन पर आरोप है कि उन्होंने नगर परिषद नामली के अध्यक्ष के साथ मिलकर भ्रष्टाचार किया। अरुण ओझा के खिलाफ 2 आपराधिक मामले दर्ज हैं। उनकी वर्तमान पदस्थापना मध्यप्रदेश के सतना जिले में है। आज ही उनका ट्रांसफर सतना से रतलाम हुआ था। अरुण ओझा को परियोजना अधिकारी बनाया गया था। ट्रांसफर आदेश आते ही पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। मजेदार बात यह है कि रतलाम के पुलिस रिकॉर्ड में अरुण ओझा फरार थे जबकि सतना में नौकरी कर रहे थे और उनका ट्रांसफर भी किया गया।

कलेक्टर की जांच में नरेंद्र सोनावा और अरुण ओझा भ्रष्टाचार के दोषी पाए गए

उल्लेखयनी है कि 1 जुलाई 2019 को नगर परिषद नामली के तत्कालीन पार्षद प्रकाश कुमावत ने 1 जुलाई परिषद के तत्कालीन अध्यक्ष नरेंद्र सोनावा व तत्कालीन CMO अरुण ओझा के खिलाफ प्रधानमंत्री आवास योजना में  भ्रष्टाचार की शिकायत की थी। कलेक्टर ने SDM ग्रामीण से शिकायत की जांच कराई थी। जांच में अध्यक्ष व CMO दोनों को संयुक्त रूप से भ्रष्टाचार का दोषी पाया था। जांच के बाद दोनों के खिलाफ 5 नवंबर 2019 को नामली थाने में FIR कराई गई थी। पुलिस भादंवि की धारा 409, 420, 467, 468, 471 के तहत प्रकरण दर्ज किया था।

उपाध्यक्ष और सीएमओ के फरार होने के बाद एक और मामला दर्ज हुआ

इसके बाद दोनों फरार हो गए थे। पुलिस ने कई जगह तलाश की थी लेकिन वे नहीं मिले थे। इसी बीच जनवरी 2020 में सोनावा व ओझा के खिलाफ ठेकेदार के साथ मिलकर कोचा तालाब निर्माण में 1 करोड़ 10 हजार 757 रुपये की शासन को आर्थिक क्षति पहुंचाकर वित्तीय अनियमितता करने के मामले में भी प्रशासन ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी।

जमानत के लिए हाईकोर्ट तक गए लेकिन राहत नहीं मिली

इस मामले में पुलिस ने 4 जनवरी 2020 को नगर पालिका अध्यक्ष सोनावा, सीएमओ ओझा व ठेकेदार अख्तर के खिलाफ भादंवि की धारा 409, 420, 34 के तहत प्रकरण दर्ज था। सोनावा व ओझा ने पहले जिला और बाद में उच्च न्यायालय खंडपीठ इंदौर में अग्रिम जमानत के लिए आवेदन दिए थे, लेकिन न्यायालयों से दोनों को अग्रिम जमानत नहीं मिल पाई थी। रतलाम ग्रामीण एसडीओपी मानसिंह चौहान ने बताया कि ओझा को दबिश देकर उसके जवाहर नगर स्थित निवास से गिरफ्तार किया गया। सोनावा की गिरफ्तारी नहीं हुई है।

गिरफ्तारी के दिन ही कोटर से रतलाम तबादला

प्रदेश के नगरीय विकास एवं आवास मंत्रालय भोपाल ने विभाग के अनेक अधिकारियों व कर्मचारियों के तबादले किए है। इनमें कोटर नगर परिषद के सीएमओ अरुण ओझा भी शामिल है। ओझा को कोटर से सीएमओ से जिला शहरी विकास अभिकरण रतलाम के सहायक परियोजना अधिकारी पद पर स्थनांतरित किया गया है। उनका रतलाम आने के तबादला जिस दिन जारी हुआ, उसी दिन उनकी गिरफ्तारी भी हो गई। यह बात चर्चा की विषय बनी हुई है और सोशल मीडिया पर भी इसे लेकर टिप्पणी वायरल हो रही है।

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रोऊंगा नहीं; कहीं से भी लाना पड़े, पैसा ले आऊंगा: सीएम शिवराज सिंह / MP NEWS

Posted: 31 Aug 2020 07:59 AM PDT

भोपाल। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने सीहोर जिले के नसरुल्लागंज में बाढ़ पीड़ित नागरिकों को आश्वस्त करते हुए कहा कि 'मैं आपका और प्रदेश का सेवक हूं। रोऊंगा नहीं कि पैसा नहीं है; कहीं से भी लाना पड़े, ले आऊंगा; लेकिन आपको संकट के पार ले जाऊंगा।' 

इससे पहले मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने होशंगाबाद जिले के विकासखंड बाबई के बाढ़ प्रभावित ग्राम छोटी बालाभेंट और आसपास के क्षेत्रों का दौरा कर प्रभावितों से संवाद किया। यहां भी उन्होंने कहा कि धैर्य रखें। मैं और पूरा प्रशासन राहत कार्य और व्यवस्थाओं में लगा है। आपको जल्द ही इस कठिनाई से भी मुक्ति मिल जायेगी। 

मध्य प्रदेश के युवाओं से मुख्यमंत्री की अपील 

सेना के साथ नाव में बैठकर बाढ़ प्रभावित इलाकों में गए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मध्य प्रदेश के युवाओं के नाम अपील जारी की। उन्होंने कहा कि मैं युवाओं से आग्रह करता हूँ कि अपने आसपास यदि कोई बुज़ुर्ग व्यक्ति, बच्चे या पशु संकट में हों, तो उनकी ज़रूर मदद करें।

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जबलपुर में पत्नी ने रॉड मारकर हत्या की, भाई ने शव ठिकाने लगाया / JABALPUR NEWS

Posted: 31 Aug 2020 07:57 AM PDT

जबलपुर। मध्यप्रदेश के जबलपुर में एक युवक की हत्या करने के मामले में पुलिस ने उसकी पत्नी और चचेरे भाई को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपित महिला ने अपने पति की राड से हमला कर हत्या की थी और फिर दोनों ने मिलकर उसके शव को ठिकाने लगा दिया था।  

एएसपी ग्रामीण शिवेश सिंह बघेल ने बताया कि मंधरा निवासी अर्चना प्रधान ने 17 दिसंबर 2019 को सूचना दी थी कि उसके पति अनिल उर्फ रामकरण प्रधान 13 दिसंबर की रात लगभग 12.30 बजे घर से गए थे, लेकिन अब तक नहीं आए हैं। सूचना पर गुम इंसान का मामला दर्ज कर तलाश शुरू की थी। जांच के दौरान 26 अप्रैल 2020 की सुबह डोंगरिया निवासी सूरज प्रधान ने सूचना दी कि उसका बेटा अनिल प्रधान दिसंबर माह से लापता था, जिसकी तलाश वह कर रहा था। तलाश करते हुए वह कार नदी के किनारे रमेश चौधरी के खेत के पास पहुंचा तो झाड़ियों में एक नरकंकाल मिला है। जिसके कपड़े के आधार पर पता चला है कि वह अनिल का शव है। सूचना पर मर्ग कायम कर प्रकरण को जांच में लिया गया।

जांच के दौरान पुलिस को ग्रामीणों ने बताया कि अर्चना अपने पति अनिल के साथ मंधरा गांव में रहती थी। वहीं उसका ससुर डुंगरिया गांव में अकेले रहता था। अनिल की मौत के बाद से ससुर सूरज अपने साथ अर्चना को डुंगरिया गांव ले गया है। इसके बाद से अनिल के चचेरे भाई कपिल की हरकतों में बदलाव आ गया है और वह विक्षिप्त जैसी हरकतें कर रहा है। सूचना पर एसडीओपी सिहोरा भावना मरावी के निर्देशन में टीआइ मझौली प्रभात शुक्ला और टीम ने शंका के आधार पर कपिल प्रधान को हिरासत में लेकर पूछताछ की।

आरोपित कपिल प्रधान ने पूछताछ में बताया कि अनिल उसका चचेरा भाई था। अनिल की पत्नी अर्चना से अवैध संबंध थे। अनिल ने कुछ माह पहले उसे अर्चना के साथ आपत्तिजनक स्थिति में देख लिया था। तभी से अनिल अपनी पत्नी के साथ विवाद करता था। अर्चना इसके कारण परेशान रहती थी और तंग होकर उन दोनों ने अनिल की हत्या की योजना बनाई।

कपिल ने बताया कि योजना के मुताबिक उसने अनिल को झांसा दिया कि अर्चना के जिससे संबंध हैं उसका वीडियो और फोटो एक युवक के पास है। लेकिन वह रात को ही दिखाएगा। उस युवक से मिलवाने के लिए वह अनिल को 13 दिसंबर को कार नदी के पास ले गया था। पीछे से उसकी पत्नी अर्चना भी आ गई और राड से अनिल के सिर में हमला कर दिया। हमले में गंभीर चोट लगने के कारण अनिल की मौत हो गई। अनिल की मौत होने के बाद दोनों ने अनिल के शव को कार नदी के किनारे झाड़ियों में छिपा दिया।

योजना के मुताबिक हत्या के बाद अर्चना घर चली गई और उसने दो घंटे बाद अपने स्वजन और क्षेत्रीयजन को पति अनिल के घर नहीं आने की सूचना दी और थाने में भी रिपोर्ट दर्ज करा दी। ताकि उन दोनों पर कोई शंका नहीं करें। मामले में आरोपित अर्चना प्रधान (21) और कुशगवां मंधरा निवासी कपिल प्रधान (20) को गिरफ्तार कर राड जब्त की गई है।

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मध्यप्रदेश में रविवार का लॉकडाउन समाप्त: गृहमंत्री / MP NEWS

Posted: 31 Aug 2020 07:52 AM PDT

भोपाल। गृह मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा गाइडलाइन जारी करने के बाद मध्य प्रदेश सरकार के गृह मंत्री डॉ नरोत्तम मिश्रा ने घोषणा कर दी है कि अब मध्यप्रदेश में किसी भी प्रकार का लॉकडाउन नहीं रहेगा। रविवार का साप्ताहिक लॉकडाउन भी समाप्त किया जाता है। 

सिर्फ कंटेनमेंट जोन में प्रतिबंध लागू रहेंगे 

गृह मंत्री डॉ नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि केंद्र सरकार की गाइड लाइन के अनुसार सिर्फ कंटेनमेंट जोन में प्रतिबंध लागू रहेंगे। बता दें कि मध्य प्रदेश में लगभग 5000 इलाके आज की तारीख में कंटेनमेंट जोन बने हुए हैं। हालांकि कई जिलों में कलेक्टरों ने स्थानीय स्तर पर कंटेनमेंट जोन में सभी पाबंदियां समाप्त कर दी हैं। 

धार्मिक/ सामाजिक/ सार्वजनिक/ राजनीतिक कार्यक्रमों के लिए छूट 

गाइड लाइन में सभी प्रकार के सार्वजनिक कार्यक्रमों के लिए छूट दे दी गई है। यानी इसके लिए अब प्रशासन से कोई अनुमति नहीं लेनी होगी लेकिन एक शर्त निर्धारित की गई है कि एक समय में कार्यक्रम स्थल पर 100 से अधिक व्यक्ति उपस्थित नहीं होने चाहिए।

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कर्मचारियों के थोकबंद रिटायरमेंट का प्लान, सर्कुलर जारी / EMPLOYEE NEWS

Posted: 31 Aug 2020 08:21 AM PDT

नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने शासकीय कर्मचारियों को समय पूर्व रिटायर करने के लिए 30/50 फार्मूला वाला सर्कुलर जारी कर दिया है। इस सर्कुलर में कर्मचारियों के उन सभी सवालों और बवालों के जवाब दिए गए हैं जिसके चलते आज तक 30/50 फार्मूला लागू नहीं हो पाया। कोरोनावायरस संक्रमण के कारण आई आर्थिक परेशानियों के चलते सरकार इस बार कर्मचारियों के थोकबंद रिटायरमेंट का प्लान बना रही है।

समय पूर्व रिटायरमेंट का मतलब जबरन सेवानिवृत्ति नहीं

केंद्र सरकार ने सभी मंत्रालयों और विभागों को जो पत्र भेजा है, उसमें विस्तार से यह समझाया गया है कि जनहित में, विभागीय कार्यों को गति देने, अर्थव्यवस्था के चलते और प्रशासन में दक्षता लाने के लिए मूल नियमों 'एफआर' और सीसीएस (पेंशन) रूल्स-1972 में समय पूर्व रिटायरमेंट देने का प्रावधान है। पत्र में सुप्रीम कोर्ट के फैसलों का हवाला भी दिया गया है। इसके साथ ही यह भी स्पष्ट कर दिया गया है कि समय पूर्व रिटायमेंट का मतलब जबरन सेवानिवृत्ति नहीं है। 

सरकार कर्मचारियों को जनहित में रिटायर कर सकती है

डीओपीटी (कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग) के मुताबिक, माकूल अथॉरिटी को यह अधिकार है कि वह किसी भी सरकारी कर्मचारी को एफआर 56(जे)/रूल्स-48 (1) (बी)ऑफ सीसीएस (पेंशन) रूल्स-1972 नियम के तहत रिटायर कर सकता है। बशर्ते वह केस जनहित के लिए आवश्यक हो। इस तरह के मामलों में संबंधित कर्मचारी को तीन माह का अग्रिम वेतन देकर रिटायर कर दिया जाता है। कई मामलों में उन्हें तीन महीने पहले अग्रिम लिखित नोटिस भी देने का नियम है।  

50 साल की आयु या 30 वर्ष की सेवा के बाद रिटायर

ग्रुप 'ए' और 'बी' में तदर्थ या स्थायी क्षमता में कार्यरत किसी कर्मी ने 35 साल की आयु से पहले सरकारी सेवा में प्रवेश किया है तो उसकी आयु 50 साल पूरी होने पर या तीस वर्ष सेवा के बाद, जो पहले आती हो, रिटायरमेंट का नोटिस दिया जा सकता है। अन्य मामलों में 55 साल की आयु के बाद का नियम है। अगर कोई कर्मी ग्रुप 'सी' में है और वह किसी पेंशन नियमों द्वारा शासित नहीं है, तो उसे 30 साल की नौकरी के बाद तीन माह का नोटिस देकर रिटायर किया जा सकता है।

कर्मचारी को 3 महीने का अग्रिम वेतन देकर रिटायर कर सकते हैं

रूल्स-48 (1) (बी) ऑफ सीसीएस (पेंशन) रूल्स-1972 नियम के तहत किसी भी उस कर्मचारी को, जिसने तीस साल की सेवा पूरी कर ली है, उसे भी सेवानिवृत्ति दी जा सकती है। इस श्रेणी में वे कर्मचारी शामिल होते हैं, जो पेंशन के दायरे में आते हैं। ऐसे कर्मियों को रिटायमेंट की तिथि से तीन महीने पहले नोटिस या तीन महीने का अग्रिम वेतन और भत्ते देकर उसे सेवानिवृत्त किया जा सकता है। खास बात है कि इन केसों में भी जनहित के नियम को देखा जाता है।

हर विभाग को 50 साल से अधिक उम्र के कर्मचारियों का रजिस्टर बनाना होगा

आदेश के अनुसार हर विभाग को एक रजिस्टर तैयार करना होगा। इसमें उन कर्मचारियों का ब्योरा रहेगा, जो 50/55 साल की आयु पार कर चुके हैं। इनकी तीस साल की सेवा भी पूरी होनी चाहिए। ऐसे कर्मियों के कामकाज की समय-समय पर समीक्षा की जाती है। सरकार ने यह विकल्प अपने पास रखा है कि वह जनहित में किसी भी अधिकारी को सेवा में रख सकती है, जिसे उसकी माकूल अथॉरिटी ने समय पूर्व सेवानिवृत्ति पर भेजने के निर्णय की दोबारा समीक्षा करने के लिए कहा हो। 

यदि रिटायर नहीं किया तो कारण बताना होगा

ऐसे केस में यह बताना होगा कि जिस अधिकारी या कर्मी को सेवा में नियमित रखा गया है, उसने पिछले कार्यकाल में कौन सा विशेष कार्य किया था। केंद्र ने ऐसे मामलों की समीक्षा के लिए प्रतिनिधि समिति गठित की है। इसमें उपभोक्ता मामलों के विभाग की सचिव लीना नंदन और कैबिनेट सचिवालय के जेएस आशुतोष जिंदल को सदस्य बनाया गया है। आवधिक समीक्षा का समय जनवरी से मार्च, अप्रैल से जून, जुलाई से सितंबर और अक्तूबर से दिसंबर तक तय किया गया है। 

ग्रुप 'ए' के पदों के लिए समीक्षा कमेटी का हेड संबंधित सीसीए का सचिव रहेगा। सीबीडीटी, सीबीईसी, रेलवे बोर्ड, पोस्टल बोर्ड व टेलीकम्युनिकेशन आदि विभागों में बोर्ड का चेयरमैन कमेटी का हेड बनेगा। ग्रुप 'बी' के पदों के लिए समीक्षा कमेटी के हेड की जिम्मेदारी अतिरिक्त सचिव/संयुक्त सचिव को सौंपी गई है। अराजपत्रित अधिकारियों के लिए संयुक्त सचिव स्तर के अधिकारी को कमेटी का हेड बनाया गया है। 

सभी सरकारी सेवाओं की प्रतिनिधि समिति में एक सचिव स्तर का अधिकारी रहेगा, उसका नामांकन कैबिनेट सचिव द्वारा होना चाहिए। कैबिनेट सचिवालय में एक अतिरिक्त सचिव व संयुक्त सचिव के अलावा सीसीए द्वारा नामित एक सदस्य भी रहेगा। जिन कर्मियों को समय पूर्व रिटायरमेंट पर भेजा जाता है वे आदेश के जारी होने की तिथि से तीन सप्ताह के भीतर समिति के समक्ष अपना पक्ष रख सकता है। इस बाबत डीओपीटी ने नियमों का सख्ती से पालन का आदेश दिया है।

बता दें कि सेंट्रल सिविल सर्विसेज (पेंशन) 1972 के नियम 56(जे) के अंतर्गत 30 साल तक सेवा पूरी कर चुके या 50 साल की उम्र पर पहुंचे अफसरों की सेवा समाप्त की जा सकती है। संबंधित विभाग से इन अफसरों की जो रिपोर्ट तलब की जाती है, उसमें भ्रष्टाचार, अक्षमता व अनियमितता के आरोप देखे जाते हैं। यदि आरोप सही साबित होते हैं तो अफसरों को रिटायरमेंट दे दी जाती है। ऐसे अधिकारियों को नोटिस और तीन महीने का वेतन-भत्ता देकर घर भेजा जा सकता है।

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वेटरनरी विश्वविद्यालय जबलपुर के कॉलेज में प्रवेश परीक्षा का कार्यक्रम जारी / JABALPUR NEWS

Posted: 31 Aug 2020 07:07 AM PDT

जबलपुर
। प्रदेश के शासकीय वेटरनरी और कृषि विश्वविद्यालय के स्नातक पाठ्यक्रम में प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों के लिए राहत भरी खबर है। कोरोनाकाल में धीमी पड़ी प्रवेश परीक्षा का कार्यक्रम आखिरकार प्रोफेशनल एग्जाम बोर्ड ने जारी कर दिया है। वेटरनरी विश्वविद्यालय जबलपुर के तीन डिग्री और पांच डिप्लोमा कॉलेज में प्रवेश के लिए इस बार 9 और 10 सितंबर को इंट्रेंस टेस्ट होगा। वहीं जबलपुर और ग्वालियर कृषि विवि के स्नातक पाठ्यक्रम में प्रवेश के लिए 15 और 16 सितंबर को प्री इंट्रेंस टेस्ट लिया जाएगा।

दरअसल, हर साल यह परीक्षा मई माह में होती है लेकिन कोरोना की वजह से इस परीक्षा की तिथि तय नहीं हो पा रही थी। लेट हो रहे सेशन को बचाने के लिए कृषि और वेटरनरी विवि ने प्रोफेशनल एग्जाम बोर्ड को पत्र लिखकर जल्द से जल्द प्री इंट्रेंस एग्जाम लेने के लिए पत्र लिखा था, जिस पर वह राजी हो गया है। पीईबी ने अपनी साइट पर परीक्षा तिथि कार्यक्रम भी जारी कर दिया है।

600 सीटों के लिए होगी परीक्षा

वेटरनरी विवि जबलपुर समेत महू और रीवा वेटरनरी कॉलेज में बीवीएससी प्रथम वर्ष की तकरीबन 600 सीटों के लिए इस बार प्री इंट्रेंस एग्जाम होगा। वहीं जबलपुर, रीवा, मुरैना, भोपाल और महू डिप्लोमा कॉलेज में प्रथम वर्ष की लगभग 600 सीटों के लिए इस बार परीक्षा होगी। वहीं जबलपुर और ग्वालियर कृषि विवि के तकरीबन 12 कृषि महाविद्यालय की एक हजार से ज्यादा सीटों के लिए इस बार प्री टेस्ट होगा। परीक्षा को लेकर इस बार नए दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। कोरोना को देखते हुए सुरक्षा के भी खास इंतजाम किए गए हैं। जानकारी के मुताबिक संभावना है कि नवंबर माह से इस बार नया सेशन शुरू हो सकता है।

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ज्योतिरादित्य सिंधिया मुश्किल में: हाईकोर्ट ने निर्वाचन रद्द करने का नोटिस भेजा / GWALIOR NEWS

Posted: 31 Aug 2020 08:22 AM PDT


ग्वालियर। कांग्रेस पार्टी छोड़ भारतीय जनता पार्टी में शामिल होकर राज्यसभा सांसद बने ज्योतिरादित्य सिंधिया की कुर्सी खतरे में है। मध्यप्रदेश हाईकोर्ट की ग्वालियर बेंच ने ज्योतिरादित्य सिंधिया का निर्वाचन रद्द करने वाली याचिका को स्वीकार करते हुए चुनाव आयोग एवं ज्योतिरादित्य सिंधिया को नोटिस भेजा है। 

ज्योतिरादित्य सिंधिया वाली याचिका में हाई कोर्ट में क्या हुआ

हाईकोर्ट ने पूर्व मंत्री डॉक्‍टर गोविंद सिंह की याचिका पर सुनवाई करते हुए बीजेपी सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया और चुनाव आयोग को नोटिस जारी किया है। कोर्ट ने सभी को इस मामले में 4 सप्ताह में जवाब देने को कहा है। याचिका से राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह, सुमेर सिंह सोलंकी और फूल सिंह बरैया का नाम हटाने के भी निर्देश हाईकोर्ट ने दिए हैं।

याचिका में ज्योतिरादित्य सिंधिया का राज्यसभा निर्वाचन निरस्त करने की मांग

कांग्रेस के पूर्व मंत्री और लहार से विधायक डॉक्टर गोविंद सिंह ने ग्वालियर हाईकोर्ट में बीजेपी के राज्यसभा सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया के खिलाफ याचिका दायर की है। याचिका में डॉक्टर गोविंद सिंह ने ज्योतिरादित्य सिंधिया के राज्यसभा सदस्‍यता के निर्वाचन को रद्द करने की मांग की है। दरअसल, डॉक्‍टर गोविंद सिंह ने याचिका में ज्योतिरादित्य सिंधिया पर आरोप लगाया है कि उन्होंने विधानसभा में राज्यसभा सांसद के लिए उम्मीदवार के रूप में जो शपथपत्र दिया था, उसमें आपराधिक जानकारी छुपाई गई है। याचिका में कहा है कि साल 2018 में भोपाल के श्यामला हिल्स थाने में कमलनाथ, दिग्विजय सिंह और ज्योतिरादित्य सिंधिया के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी। ज्योतिरादित्य सिंधिया ने इस बात को सार्वजनिक रूप से स्वीकारा भी था। अब वह कांग्रेस में नहीं हैं और बीजेपी से राज्यसभा के सांसद चुने गए हैं।

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CHIRAYU HOSPITAL BHOPAL डेथ सेंटर बन गया है: कमलनाथ / BHOPAL NEWS

Posted: 31 Aug 2020 06:45 AM PDT

भोपाल
। मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री एवं कांग्रेस पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष श्री कमलनाथ ने आज अचानक डॉ अजय गोयनका के चिरायु अस्पताल के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए बड़ा हमला कर दिया। शिवराज सिंह सरकार चिरायु अस्पताल को भोपाल का सबसे बढ़िया कोविड-19 सेंटर बताती है परंतु कमलनाथ ने इसे डेथ सेंटर बताया है। 

चिरायु अस्पताल कोरोनावायरस मरीजों के लिए मृत्यु केंद्र बन गया है: कमलनाथ 

श्री कमलनाथ ने बयान जारी करते हुए कहा कि चिरायु अस्पताल, कोविड अस्पताल है। मुख्यमंत्री खुद चिरायु गए थे। ये एक मृत्यु केंद्र और डेथ सेंटर बन गया है। अस्पताल आने वाले पेशेंट्स की पहले क्या रिपोर्ट थी, उनका क्या इलाज किया गया और डिस्चार्ज के समय उनकी क्या समस्या थी इसका कोई रिकॉर्ड नहीं है। मैं मुख्यमंत्री शिवराज जी से कहता हूं आप खुद गए थे अस्पताल पता नहीं आपको कितनी बात समझ आई और कितनी की जानकारी लेनी है। मैं चाहता हूं इसकी खुली और निष्पक्ष जांच हो। इस जांच में सब अपना सबूत दें कि किस प्रकार का इलाज चिरायु में चल रहा है। 

कमलनाथ ने 15 महीने की सरकार में चिरायु के खिलाफ कोई जांच आदेश नहीं दिया 

इस अवसर पर उल्लेख करना जरूरी है कि चिरायु अस्पताल के संदर्भ में कई शिकायतें सरकारी फाइलों में पहले से बंद है। कुछ क्लोज कर दी गई हैं तो कुछ की सुनवाई नहीं हो रही है। आरोप है कि डॉ अजय गोयंका ने अपने पॉलिटिकल कांटेक्ट का फायदा उठाते हुए भोपाल के तालाब की जमीन पर अस्पताल तान दिया। इस साल 2020 में भी तालाब का पानी अस्पताल के भीतर बढ़ गया और अस्पताल को खाली करना पड़ा। बावजूद इसके, कमलनाथ ने चिरायु अस्पताल की किसी भी फाइल को ओपन नहीं किया। देखते हैं यह मामला एक बयान तक सीमित रहेगा या फिर श्री कमलनाथ न्याय के लिए लड़ते हुए दिखाई भी देंगे।


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शिवराज सिंह जी बड़ा कंफ्यूज करते हैं, कभी गोद में- कभी नाव पर / MP NEWS

Posted: 31 Aug 2020 05:36 AM PDT

भोपाल
। एक राजनेता के रूप में श्री शिवराज सिंह चौहान कई बार कंफ्यूज करते हैं। उनकी स्टैमिना और स्ट्रेटजी कई बार उनकी पर्सनल आईडेंटिटी से काफी अलग दिखाई देती है। 2016 में उनकी एक तस्वीर काफी वायरल हुई थी। 2020 में उनकी दूसरी तस्वीर को वायरल किया जा रहा है। पुरानी तस्वीर में शिवराज सिंह होमगार्ड सिपाहियों की गोद में दिखाई दिए थे नई तस्वीर में रेस्क्यू टीम के साथ बाढ़ के पानी में नजर आ रहे हैं। 

होशंगाबाद के बाढ़ प्रभावित इलाकों में रेस्क्यू टीम के साथ शिवराज सिंह चौहान 

मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने आज होशंगाबाद जिला के बाढ़ प्रभावित बाबई इलाके में रेस्क्यू टीम के साथ जाकर ग्राउंड जीरो की स्थिति देखी और बाढ़ में फंसे लोगों के हालचाल जाने और उन्हें भोजन के पैकेट व पानी की बोटलें वितरित की। 

2016 में 6 इंच पानी में पैदल नहीं चल पाए थे शिवराज सिंह चौहान 

2016 में भी मध्य प्रदेश के कुछ इलाकों में बाढ़ आई थी। जो फोटो वायरल हुआ था वह पन्ना जिले का है। मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान इसी प्रकार बाढ़ पीड़ित लोगों से मिलने और ग्राउंड जीरो की स्थिति का जायजा लेने के लिए गए थे। फोटो में स्पष्ट नजर आया, मात्र 6 इंच पानी था परंतु शिवराज सिंह चौहान पैदल नहीं चले बल्कि 2 होमगार्ड जवानों ने उन्हें गोद में उठाया और पानी वाला क्षेत्र पार करवाया। 

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एमपी बोर्ड ने सरकारी एवं प्राइवेट स्कूलों में एडमिशन की लास्ट डेट बढ़ाई, नई सार्वजनिक सूचना / MP NEWS

Posted: 31 Aug 2020 06:47 AM PDT

भोपाल
। एमपी एजुकेशन बोर्ड (Madhya Pradesh Board of Secondary Education) ने मध्य प्रदेश के सभी संबद्ध सरकारी एवं प्राइवेट स्कूलों में एडमिशन की तारीख बढ़ाई जाने की सार्वजनिक सूचना जारी कर दी है। इससे पहले दिनांक 12 अगस्त 2020 को प्रवेश प्रक्रिया समाप्त कर दी गई थी।

माध्यमिक शिक्षा मंडल, मध्य प्रदेश द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार हाईकोर्ट में नियमित विद्यार्थियों की प्रवेश प्रक्रिया के संदर्भ में 27 अगस्त 2020 को हुए निर्णय के अनुक्रम में प्रवेश प्रक्रिया पूर्ण करने की तारीख 30 सितंबर 2020 तक निर्धारित कर दी गई है। अर्थात एमपी बोर्ड से संबद्ध सभी स्कूल 30 सितंबर 2020 तक प्रवेश के लिए आवेदन स्वीकार कर सकते हैं। 

प्राइवेट स्कूल इस साल ट्यूशन फीस नहीं बढ़ा सकते 

मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने आदेशित किया है कि प्राइवेट स्कूल इस साल ट्यूशन फीस नहीं बढ़ा सकते। जितनी ट्यूशन फीस स्कूलों ने पिछले साल प्राप्त की थी, उतनी ही ट्यूशन फीस इस साल प्राप्त कर सकते हैं। ऑनलाइन क्लास के नाम पर कोई अतिरिक्त शुल्क वसूली नहीं की जा सकती। भारत सरकार के गृह मंत्रालय की गाइड लाइन के अनुसार सितंबर के महीने में स्कूलों का संचालन प्रारंभ नहीं किया जाएगा।

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भोपाल के डॉ. मरावी और 2 लड़कियों सहित 6 लोगों के खिलाफ FIR / BHOPAL NEWS

Posted: 31 Aug 2020 05:18 AM PDT

भोपाल
। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में स्थित सरकारी हमीदिया अस्पताल के पूर्व अधीक्षक डॉ दीपक मरावी, दो महिला पत्रकार, दो पुरुष पत्रकार और एक कैमरामैन के खिलाफ आपराधिक प्रकरण दर्ज किया गया है। कहानी स्टिंग ऑपरेशन से शुरू हुई और ब्लैकमेलिंग पर खत्म हुई। लड़की को अकेले में डिनर पर बुलाने वाले डॉक्टर मरावी जब जाल में फंस गए तो पुलिस की शरण में पहुंचे और हनी ट्रैप की शिकायत की। महिला पत्रकार ने डॉक्टर मरावी के खिलाफ छेड़छाड़ का मामला दर्ज करवाया है।

मामला क्या है 
एक टीवी चैनल की टीम ने डॉ दीपक मरावी का स्टिंग ऑपरेशन प्लान किया। प्लानिंग के अनुसार महिला पत्रकार, डॉक्टर मरावी से इलाज कराने के नाम पर उनके क्लीनिक पर पहुंची। डॉक्टर मरावी ने महिला पत्रकार को अपना मोबाइल नंबर दे दिया। दोनों के बीच बातचीत हुई और डॉक्टर मरावी ने लड़की को अकेले मिलने के लिए डिनर डेट पर बुलाया। पूर्व नियोजित योजना के अनुसार लड़की डॉक्टर मरावी से मिलने उनके क्लीनिक पर पहुंची और जैसे ही डॉक्टर मरावी ने हरकत शुरू की, टीवी चैनल की टीम ने छापामार कार्रवाई कर दी।

डॉक्टर मरावी और पत्रकारों के बीच विवाद क्यों हुआ

मामले को दबाने के लिए डॉ दीपक मरावी एवं पत्रकारों के बीच सौदेबाजी हुई। पत्रकारों ने ₹5000000 की मांग की। यहीं से मामले में एक नया मोड़ ले लिया। डॉ दीपक मरावी ने पत्रकारों द्वारा धमकाया जाने के प्रमाण इकट्ठा किए और क्राइम ब्रांच के पास पहुंच गए। डॉक्टर मरावी ने बताया कि उन्हें हनी ट्रैप का शिकार बनाया गया है। पुलिस ने डॉ दीपक मरावी की शिकायत पर दो महिला पत्रकार, दो पुरुष पत्रकार और एक कैमरामैन के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज कर लिया। उनकी पहचान बनालाल, अवधेश और तपन के रूप में हुई है।

महिला पत्रकार ने भी डॉक्टर दीपक मरावी के खिलाफ मामला दर्ज कराया 

इधर, आरोपियों की साथी लड़की ने बताया कि डॉक्टर ने उन्हें खुद फोन करके घर पर खाने के लिए बुलाया था। इसके बाद उन्होंने उससे छेड़छाड़ भी की। जिस तरह डॉ दीपक मरावी पत्रकारों के कॉल रिकॉर्ड कर रहे थे उसी प्रकार महिला पत्रकार भी डॉक्टर दीपक मरावी के कॉल रिकॉर्ड कर रही थी। पुलिस ने लड़की और डॉक्टर के बीच बातचीत के ऑडियो को आधार बनाकर मरावी के खिलाफ भी केस दर्ज किया है। पुलिस का कहना है कि जल्द दीपक मरावी की भी गिरफ्तारी की जाएगी। 

डॉ दीपक मरावी के क्लीनिक पर स्टिंग ऑपरेशन हुआ, सौदेबाजी के लिए घर तक गए

मरावी का क्लीनिक ईदगाह हिल्स में है। यहीं पर उन्होंने लड़की को खाने पर अकेले बुलाया था। यहां स्टिंग करने वाली टीम के पहुंचने के बाद 50 लाख रुपए का सौदा करना बताया जा रहा है। इसके बाद सभी मरावी को कार से लेकर उनके घर अवधपुरी भी पहुंचे। यहां पर करीब एक घंटे तक रहे। हालांकि, स्टिंग का पूरा ड्रामा क्लीनिक में ही हुआ।

महिला पत्रकार ने बताया: अवार्ड का लालच देकर स्टिंग ऑपरेशन में शामिल किया था

मामले में रिपोर्टर बनी लड़की ने पुलिस को बताया कि उन्हें बनालाल और अवधेश ने पत्रकारिता का अवॉर्ड और वेतन बढ़ाने की बात कहकर इसके लिए तैयार किया था। 12 अगस्त को वह उनके कहने पर डॉक्टर दीपक मरावी से मिली। उसने बताया कि हाथ में गिरने के कारण चोट लग गई है। मरावी को दिखाने के बाद उनका नंबर ले लिया। बाद में बात हुई और फिर मैं उनके क्लीनिक पर शनिवार शाम मिलने पहुंची। बनालाल और अवधेश ने बताया था कि उसे कुछ नहीं होगा। डॉक्टर मरावी कई लड़कियों और नर्स के साथ इस तरह से छेड़छाड़ कर चुके हैं। इसका खुलासा कर हम उनकी करतूतें उजागर करेंगे। इससे हमारे चैनल और खासतौर पर तुम्हारा नाम होगा। इसी के कारण मैंने यह किया।

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भोपाल में बेटियों को छत पर छोड़ना माँ को भारी पड़ा, 1 की मौत / BHOPAL NEWS

Posted: 31 Aug 2020 04:52 AM PDT

भोपाल। भोपाल के अवधपुरी इलाके में मासूम दो बेटियों को छत पर खेलता छोड़कर आना एक मां को जिंदगीभर का दर्द दे गया। मां के जाते ही एक मिनट के अंदर 8 साल की बड़ी बेटी 20 फीट नीचे सीमेंट के ब्लॉक पर सिर के बल गिर गई। उसे सिर पर गंभीर चोट आई थी। इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया। छत पर दीवार ठीक से नहीं होने के कारण यह हादसा हुआ।   

अवधपुरी थाने के एसआई राकेश सिंह ने बताया कि छठीलाल यादव 80 फीट रोड स्थित ओपी ओझा के मकान में किराए से रहते हैं।  शाम को उनकी पत्नी और बेटियां पहली मंजिला की छत पर थीं। इसी दौरान किसी काम से उनकी पत्नी को नीचे आ गईं। इसी दौरान उनकी 8 साल की बड़ी बेटी अंजली छत से नीचे गिर गई। वह करीब 20 फीट नीचे सीमेंट के ब्लॉक पर गिरी। सिर पर गंभीर चोट लगने के बाद उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।  

एसआई परिहार ने बताया कि अस्पताल की सूचना पर केस दर्ज कराया है। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजन को सौंप दिया है। परिजन की स्थिति ठीक नहीं होने के कारण आज उनसे ज्यादा बातचीत नहीं हो पाई है। परिजन ने बताया कि अंजली इसी साल दूसरी क्लास में आई थी।

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इंदौर में ढोंगी बाबा से शांति के लिए पूजा कराई, 21 लाख का चूना लग गया / INDORE NEWS

Posted: 31 Aug 2020 04:31 AM PDT

इंदौर। मध्य प्रदेश के इंदौर में शिक्षित तलाकशुदा महिला गृह शांति की तलाश में गोपुर चौराहे पर बैठने वाले तोता वाले ज्योतिषी के पास पहुंच गईं। ज्योतिषी और उसकी पत्नी ने महिला को पूजा के नाम पर ऐसे जाल में फंसाया कि 5 साल में 21 लाख रुपए नकद और सोने-चांदी के जेवर हड़प लिए। 
 
महिला की इंजीनियर बेटी ने जब मां को दी अपनी सोने की चेन मांगी तो पूरी कहानी सामने आई। बेटी ने अन्नपूर्णा थाने में शिकायत दर्ज कराई तो पुलिस ने आरोपी ज्योतिषी रणजीत जोशी और उसकी पत्नी शीतल को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपियों के पास से पुलिस को 50 हजार रुपए, सोने की तीन चेन, तीन टॉप्स, पांच अंगूठी, दो मंगलसूत्र और बाइक के कागज मिले हैं। उन्होंने 2017 में पांच लाख में एक प्लॉट खरीदकर मकान भी बना लिया था। उसे भी जब्त किया जाएगा।

टीआई सतीश द्विवेदी ने बताया कि बृजविहार कॉलोनी निवासी 56 वर्षीय उषा शर्मा ने शिकायत में बताया कि वह तलाकशुदा हैं। अपने रिटायर्ड माता-पिता के साथ रहती हैं। उनकी 28 वर्षीय एक बेटी है। भाई नौकरी के कारण बाहर रहता है। वह कुछ समय से परेशान थीं। गोपुर चौराहे पर ज्योतिषी रणजीत को जनवरी 2015 में भाग्य दिखाया। उसे घर की पूरी जानकारी दे दी। बोला गृह शांति की पूजा कराना होगी। उसने सम्मोहित कर लिया। सिर के बाल काट लिए। बोला काला जादू भी करना होगा। 

पहली बार 10 हजार रुपए लिए। एक ताबीज, प्रसाद और अंगूठी दी। दूसरी बार में टॉप्स ले लिए। वह किसी न किसी पूजा के नाम पर पैसे और जेवर लेता रहा। बाद में बोला कि गृह शांति की पूजा नहीं करवाई तो परिवार में एक भी आदमी नहीं बचेगा। बेटी भी मर जाएगी। इस डर के कारण उन्होंने इस बारे में किसी को नहीं बताया।उषा के पति भी सरकारी नौकरी करते थे। तलाक के बाद वह माता-पिता के साथ रहने लगी। पिता आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग में अफसर थे। बेटी शिवांगी इंजीनियर है। बेटी भी मां को अपनी सैलरी अकाउंट में डालने के लिए देती थी। उसके जेवर भी उषा के पास थे। पिछले हफ्ते शिवांगी ने अपनी चेन मां से मांगी तो उन्होंने बहाना बनाया। जोर डाला तो मां सिर फोड़ने लगी। आखिर में उन्होंने पूरी कहानी बताई।

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NEW JIO FIBER PLAN: 30 दिन के लिए बिना शर्त फ्री ट्रायल, 150 MBPS स्पीड

Posted: 31 Aug 2020 04:27 AM PDT

जहां एक तरफ एयरटेल ब्रॉडबैंड ने अपने डाटा प्लान महंगे कर दिए हैं वहीं दूसरी तरफ रिलायंस जिओ कंपनी ने मार्केट में नया चैलेंज ओपन किया है। नए जिओ फाइबर प्लान के साथ 30 दिन का फ्री ट्रायल दिया जा रहा है। सबसे खास बात यह है कि इसके साथ कोई शर्त नहीं है। पसंद ना आए तो कनेक्शन क्लोज करवाया जा सकता है।

कंपनी ने 1 सितंबर से नए यूजर्स के लिए अपनी टैरिफ प्लान में बदलाव किया है। नए टैरिफ प्लान में लोकडाउन के मुश्किल समय में ग्राहकों को अधिक से अधिक फायदा पहुंचाया जा रहा है। JioFiber का फ्री ड्रायल बिना किसी शर्त के साथ दिया जा रहा है। इसमें 150 Mbps की स्पीड से अनलिमिटेड नेट मिलेगा। इसके साथ एक सेट टॉप बॉक्स दिया जा रहा है, जिस पर बिना किसी अतिरिक्त शुक्ल के 10 ओटीटी प्लेटफॉर्म का सब्सक्रिप्शन है। कॉलिंग तो पूरी तरह फ्री है ही। यदि 30 दिन बात सेवा पसंद नहीं आता है तो लौटा सकते हैं। कंपनी की ओर से ग्राहक से कोई सवाल नहीं पूछा जाएगा।

NEW JIOFIBER PLANS: जानिए क्या है खास

1. अनलिमिटेड इंटरनेट
2. जितनी अपलोड स्पीड, उतनी ही डाउनलोड स्पीड
3. मात्र 399 रुपए प्रति माह से शुरू होने वाला प्लान
4. बिना किसी अतिरिक्त खर्च के टॉप 12 ओटीटी एप्स का सब्सक्रिप्शन।

मौजूदा JioFiber उपयोगकर्ताओं को नीचे बताए अनुसार विशेष लाभ मिलेगा:

सभी मौजूदा JioFiber ग्राहकों के प्लान को नई टैरिफ योजनाओं के लाभों से अपग्रेड किया जाएगा।
15 से 31 अगस्त के बीच आने वाले किसी भी JioFiber ग्राहक को MyJio में वाउचर के रूप में 30 दिन का मुफ्त ट्रायल लाभ दिया जाएगा। 

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मध्य प्रदेश मौसम का पूर्वानुमान: बंगाल की खाड़ी के बादल चले गए, धूप खिली, पढ़िए कल क्या होगा / MP WEATHER FORECAST

Posted: 31 Aug 2020 05:36 AM PDT

भोपाल
। पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय, भारत सरकार के अंतर्गत भारत मौसम विज्ञान विभाग द्वारा जारी बुलेटिन के अनुसार मध्यप्रदेश के आसमान पर आफत की बारिश कर रहे बंगाल की खाड़ी के बादल चले गए हैं। खाली बादलों के कुछ दल आसमान पर दिखाई दे रहे हैं जो आने वाले 24 घंटों में मध्य प्रदेश के 6 संभागों के कुछ इलाकों में बरस कर गायब हो जाएंगे। 

मध्य प्रदेश के इन इलाकों में हल्की बारिश होगी 

डायरेक्टर मौसम केंद्र, भोपाल के अनुसार इंदौर, उज्जैन, भोपाल, होशंगाबाद, चंबल और ग्वालियर संभाग के कुछ जिलों में हल्की बारिश होगी। मध्य प्रदेश के ज्यादातर इलाकों में धूप खिल गई है और अगले 24 घंटे तक मौसम ऐसा ही बना रहेगा। 

मध्य प्रदेश की बाढ़ में 450 गांव तबाह 

गुरुवार से शुरू होकर शनिवार तक चली मूसलाधार बारिश के कारण मध्य प्रदेश के तमाम नदी-नालों में बाढ़ आ गई। बरसाती नदी नालों पर अतिक्रमण हो जाने के कारण बाढ़ का पानी अनियंत्रित होकर यहां-वहां रिहायशी इलाकों में घुस गया। इस बाढ़ में करीब 450 गांव पूरी तरह से तबाह हो गए। जबकि शहरी इलाकों में 100 से ज्यादा कालोनियों में पानी भरने के कारण संपत्ति का भारी नुकसान हुआ।

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बेतवा नदी की बाढ़ में रंगई इलाका डूबा, भोपाल-विदिशा रोड डिस्कनेक्ट / BHOPAL NEWS

Posted: 31 Aug 2020 02:52 AM PDT

भोपाल। मध्य प्रदेश के विदिशा में बेतवा नदी ने खतरे के निशान (1373 फीट) को पार कर लिया है और इससे एक फीट ऊपर बह रही है। बेतवा नदी के लगातार बढ़ते जलस्तर के कारण रंगई के पास भोपाल विदिशा मार्ग पर पानी आ गया, जिससे भोपाल जाने वाला रास्ता बंद हो गया है। 

खतरे को देखते हुए प्रशासन ने रात भर बेतवा किनारे बसे करीब ढाई सौ लोगों को अलग-अलग राहत शिविरों में पहुंचाया है। उधर विदिशा में बेतवा के उफान पर आने से मुक्तिधाम परिसर में पानी भर गया है। कब्रिस्तान जाने वाला रास्ता भी बंद हो गया है। 

एक सप्ताह से मध्यप्रदेश में हो रही लगातार बारिश से माताटीला व राजघाट बांध एक बार फिर से लबालब हो गए हैं। जिसके चलते रविवार सुबह माताटीला बांध से 2 लाख और राजघाट बांध से एक लाख क्यूसेक पानी बेतवा नदी में छोड़े जाने से बेतवा नदी के जलस्तर में बढ़ोतरी हुई है। 

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शिवराज सिंह ने जिस मंदिर में पूजा का प्रचार कराया था, बाढ़ में डूब गया / MP NEWS

Posted: 31 Aug 2020 03:55 AM PDT

भोपाल। पूजा-पाठ सभी करते हैं, आपदा की स्थिति में विशेष प्रार्थना भी करते हैं परंतु बीते रोज मध्यप्रदेश में आई भीषण बाढ़ के बाद मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने एक मंदिर का उपयोग अपने प्रचार प्रसार के लिए किया। विदिशा स्थित श्री गणेश मंदिर में पूजा करने के बाद सरकारी संसाधनों से प्रचार-प्रसार करवाया की मुख्यमंत्री ने भारत से रक्षा के लिए भगवान की पूजा की। आज वही मंदिर बेतवा नदी की बाढ़ के पानी में डूब गया। उज्जैन वाले मामलों के बाद एक बार फिर प्रमाणित हुआ कि देवस्थान पॉलिटिकल यूज़ के लिए नहीं है। 

हेल्पलाइन नंबरों के बजाए मंदिर में पूजा का प्रचार प्रसार किया गया था

विदिशा में सीएम शिवराज सिंह चौहान ने रविवार को रंगाई स्थित गणेश मंदिर में पूजा अर्चना की थी। आज बेतवा नदी में आई बाढ़ की वजह से मंदिर पानी में डूब गया है। बताना आवश्यक है कि भीषण बाढ़ की स्थिति में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इस मंदिर में की गई प्रार्थना का जबरदस्त प्रचार-प्रसार करवाया था। सरकारी योजनाओं के प्रचार प्रसार के लिए संगठित जनसंपर्क संचालनालय द्वारा भी इस आयोजन का प्रचार प्रसार किया गया था। हालांकि विशेषज्ञों ने मौसम साफ होने के संकेत पहले ही दे दिए थे फिर भी इस आयोजन का प्रचार प्रसार सरकारी एजेंसी द्वारा कुछ इस तरह किया गया जैसे भगवान श्री गणेश, मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की प्रार्थना से प्रसन्न होकर मूसलाधार बारिश बंद कर रहे हैं।

बाढ़ वाले श्री गणेश, श्रीमती साधना सिंह के आराध्य है 

जानकारी के लिए बता दें कि भोपाल से विदिशा मार्ग पर विदिशा शहर के ठीक पहले रंगाई में स्थित श्री गणेश मंदिर (बाढ़ वाले गणेश) मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान की पत्नी श्रीमती साधना सिंह की विशेष आराध्य देव है। श्रीमती साधना सिंह इस मंदिर में आम ग्रहणी की तरह सेवा करती हुई कभी भी दिख जाती हैं। कहा तो यहां तक जाता है कि बाढ़ वाले श्री गणेश की कृपा के कारण ही शिवराज सिंह चौहान विदिशा सांसद से मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री बने लेकिन इससे पहले कभी भी इस मंदिर का उपयोग इस तरह राजनीतिक लाभ के लिए नहीं किया गया था।

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भोपाल में एकतरफा प्रेम में युवक ने 5 साल की बच्ची को किडनेप किया / BHOPAL NEWS

Posted: 31 Aug 2020 02:19 AM PDT

भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में 5 साल की एक मासूम के अपहरण का अजीबो-गरीब मामला सामने आया है। आरोपी ने बच्ची का अपहरण केवल इसलिए किया, क्योंकि वह अपनी प्रेमिका (बच्ची की मां) को खुद से दूर नहीं जाने देना चाहता था। पुलिस ने करीब 18 घंटे के अंदर ही इस पूरे अपहरणकांड का खुलासा कर दिया।

एएसपी संजय साहू ने बताया कि मिसरोद इलाके में करीब 25 दिन पहले एक परिवार रहने आया। पति-पत्नी अपनी 5 साल की मासूम के साथ किराए के एक मकान में रहने लगे। कुछ दिन तक काम तलाश करने के बाद उन्हें कोई खास काम नहीं मिला। ऐसे में पति एक कॉलोनी में गार्ड का काम करने लगा। यहीं पर उनकी पहचान 23 वर्षीय रामचरण से हुई। युवक का घर आना-जाना हो गया। बच्ची के पिता ने बताया कि रविवार शाम करीब 4 बजे उनकी बेटी गायब हो गई। इसकी शिकायत रात करीब साढ़े 12 पुलिस से की। पूछताछ के बाद कुछ संदिग्धों को हिरासत में लिया। पुलिस को शक रामचरण पर गहराया। उसने जो खुलासा किया उसके बाद पुलिस भी हैरान है।

रामचरण ने बताया कि वह बच्ची की 24 साल की मां से प्यार करने लगा था। अब बच्ची की मां परिवार समेत भोपाल छोड़कर जा रहे थे। ऐसे में उसे कुछ समझ नहीं आ रहा था। उसे लगा कि बच्ची को यहां-वहां छोड़ देगा तो परिवार उसे खोजने के लिए यहीं रुक जाएगा। इसीलिए वह बच्ची को बागसेवनिया इलाके में अपनी बुआ के यहां छोड़ आया। मिसरोद पुलिस ने सोमवार सुबह करीब 11 बजे बच्ची को आरोपी के बताए घर से बरामद कर लिया। वह सही सलामत है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ केस दर्ज कर लिया।

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भोपाल में मोती महल भरभरा के गिरा, 30 से ज्यादा कारें दबी / BHOPAL NEWS

Posted: 31 Aug 2020 03:32 AM PDT

भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में लगातार दीवारें गिरने से हादसे हो रहे हैं। सोमवार सुबह राजधानी के फतेहगढ़ इलाके में स्मार्ट पार्किंग के पास 150 साल पुरानी मोती महल इमारत का एक हिस्सा भरभरा के गिर गया। पार्किंग में गिरे मलबे के कारण करीब दो दर्जन से ज्यादा गाड़ियां मलबे में दब गईं।  राहत और बचाव कार्य शुरू हो गया है। हालांकि अभी तक मलबे में किसी के दबे होने की सूचना नहीं थी। देखरेख नहीं होने की वजह से मोतीमहल के पहली मंजिल पर अवैध रूप से मजदूर भी रहने लगे थे।  

लॉकडाउन में काम-धंधा बंद होने के बाद वे अपने गांव चले गए। हादसे के बाद जब जांच टीम पहुंची तो मजदूरों का सामान भी कमरों में मिला। इब्राहिमपुरा और दामखेड़ा में भी दीवारें गिर चुकी हैं। सोमवार सुबह यह हादसा फतेहगढ़ इलाके में सदर मंदिर के सामने हुआ। इमारत काफी पुरानी बताई जाती है। दीवारों को लकड़ियों के सहारे रखना बताया गया। मलबे के गिरने के बाद इलाके में दहशत फैल गई और लोगों की भीड़ जमा हो गई। लोग अपनी-अपनी गाड़ियों की तलाश में जुट गए। एहतियात के लिए पुलिसबल तैनात किया दिया है। फिलहाल, मलबा हटाया जा रहा है।

मोती महल में अवैध पार्किंग को लेकर जब नगर निगम के अपर आयुक्त शास्वत मीणा से बात की गई, तो उन्होंने कहा कि हमें अभी इसके बारे में पूरी जानकारी नहीं है। हम पूरे मामले की जांच कर रहे हैं। दोषी पाए जाने वाले कर्मचारियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। मोती महल में कई सरकारी कार्यालय हुआ करते थे, लेकिन महल के जीर्णोद्धार के चलते इन्हें शिफ्ट किया जा चुका है। वर्तमान में निगम के पास भवन के कुछ कमरे हैं। वर्तमान में सदर मंजिल को पूरी तरह से खाली कर दिया गया है। उक्त भवन निगम की हेरिटेज योजना में शामिल है। इसके लिए करीब पांच करोड़ रुपए स्वीकृत किए गए हैं। सदर मंजिल के बाद मोती महल का लुक भी बदला जाएगा। जानकारों का कहना है कि महल के गेट काफी कमजोर हो रहे हैं। ऐसे में समय रहते इनका मेंटेनेंस करना चाहिए, ताकि इसका आकर्षण बना रहे और हादसा भी न हो।

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इंदौर के खजराना में ताजिए निकाले, इंस्पेक्टर सस्पेंड, ताजिया वालों के खिलाफ FIR, रासुका प्रस्तावित / INDORE NEWS

Posted: 31 Aug 2020 03:35 AM PDT


इंदौर। संडे लॉकडाउन और सार्वजनिक कार्यक्रमों पर प्रतिबंध के बावजूद इंदौर के खजराना क्षेत्र में मुस्लिम समुदाय के लोगों ने ताजिए निकाले। बड़ला इलाके में भारी संख्या में अल्पसंख्यक समाज के लोग इकट्ठा हुए और पांच ताजियों को लेकर मैदान में आ गए हैं। सामूहिक तौर पर नियमों का उल्लंघन होने के कारण सबसे पहले खजराना पुलिस थाने के इंस्पेक्टर संतोष सिंह यादव को सस्पेंड कर दिया गया है। कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी श्री मनीष सिंह ने बताया कि SDM को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। क़ानून का उल्लंघन करने वालों पर रासुका की कार्यवाही प्रस्तावित की जा रही है।

समुदाय के लोगों ने आश्वस्त किया था फिर भी अचानक भीड़ निकल आई: एडिशनल एसपी इंदौर

एएसपी राजेश रघुवंशी के अनुसार घटना रविवार दोपहर को बड़ला में हुई है। चार दिन से लगातार समुदाय के लोगों को समझाया जा रहा था कि कोविड काल में कोई भी भीड़ इकट्ठी नहीं होने देना है। ताजिए अपने स्थान पर रखे रहेंगे। उन्हें बाहर नहीं निकाला जाएगा। खजराना में बाकी जगहों पर अच्छी व्यवस्था थी लोगों ने पुलिस की बात मानी, लेकिन बड़ला में अचानक भीड़ सामने आ गई। यहां लोगों ने पुलिस की सारी व्यवस्थाओं को धत्ता बताते हुए लोगों ने ताजिए निकाल दिए। वे बड़ी संख्या में बाहर आए। ताजिए मैदान में भी घुमाए। युवक नारेबाजी करते रहे। इस दौरान पुलिस ने व्यवस्था संभालने की कोशिश की, लेकिन जब भीड़ सामने आ गई तो उन्हें संभालना मुश्किल था। बाद में एसडीएम, एएसपी औऱ सीएसपी भी वहां पहुंचे। उन्होंने लोगों को समझाया। फिर व्यवस्था बनाई।

ताजिया निकालने वालों के खिलाफ FIR दर्ज

इस पूरे घटनाक्रम में अफसरों ने टीआई संतोष सिंह यादव को जिम्मेदार मानते हुए लाइन अटैच किया है। उधर, पुलिस ने पांच ताजिए लेकर आने वाले लोगों के खिलाफ उल्लंघन का केस दर्ज किया है। अब वीडियो देखकर उनके नाम दर्ज किए जाएंगे। एएसपी राजेश रघुवंशी के अनुसार इसमें 4 एफआईआर हुई। सभी पर भादवी की धारा 188, 269 और 270 के तहत केस दर्ज हुआ है। इसमें कुछ नामजद लोग हैं जिसमें उस्मान पटेल का नाम भी शामिल है। बाकी की पहचान फोटो और वीडियो देखकर होगी। वीडियो के लिहाज से इसमें 100 से ज्यादा लोग होंगे।

इंदौर शहर के बाकी क्षेत्रों में शांति बनी रहे

मुहर्रम में दो दिन से शहर भर में भी खासी व्यवस्थाएं लगी हुई थी। चंदननगर, कर्बला मैदान, छत्रीपुरा औऱ इमामबाड़े, सदर बाजार, बंबई बाजार औऱ खजराना जैसे महत्वपूर्ण इलाकों में रविवार को बैरिकेटिंग लगाकर सख्ती कर दी गई थी। यहां पुलिस का खासा फोर्स तैनात था। हालांकि इमामबाड़े में कुछ संख्या में लोगों के पहुंचने की जानकारी मिली है। जिन्हें पुलिस ने समझाकर वापस रवाना कर दिया। यहां अफसरों का मैनेजमेंट और लोगों से चर्चा का फायदा मिला है। हालांकि खजराना में भी पुलिस ने काफी लोगों को समझा रखा था, लेकिन अचानक अफवाह फैलने से माहौल गर्मा गया।

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डीआईजी हरिनारायण चारी मिश्र के अनुसार पूरे शहर में हमने सख्त कार्रवाई की है। व्यवस्थाएं चाक चौबंद थी। हालांकि राजीव नगर बड़ला में व्यवस्था बिगड़ी तो वहां टीआई औऱ आयजकों के खिलाफ भी कार्रवाई की है।

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अनलॉक-4: गृह मंत्रालय द्वारा जारी ऑफिशियल गाइडलाइन यहां पढ़ें / NATIONAL NEWS

Posted: 31 Aug 2020 03:33 AM PDT

भारत सरकार, गृह मंत्रालय (एमएचए) ने कंटेनमेंट जोनों से बाहर के क्षेत्रों में ज्यादा गतिविधियों को खोलने के लिए आज नए दिशानिर्देश जारी किए। अनलॉक-4, जो 1 सितंबर, 2020 से लागू होगा, में गतिविधियों को फिर से खोलने की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया गया है। आज जारी किए गए नए दिशानिर्देश राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों से प्राप्त फीडबैक और संबंधित केंद्रीय मंत्रालयों और विभागों के साथ व्यापक परामर्श पर आधारित हैं।

अनलॉक-4 नए दिशानिर्देशों की मुख्य विशेषताएं-

  • गृह मंत्रालय के साथ परामर्श पर आवास एवं शहरी मामलों के मंत्रालय (एमओएचयूए)/रेल मंत्रालय (एमओआर) द्वारा 7 सितंबर, 2020 से श्रेणीबद्ध तरीके से मेट्रो रेल के संचालन की अनुमति दी जाएगी। इस संबंध में एमओएचयूए की ओर से मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) जारी की जाएगी।
  • सामाजिक/शैक्षिक/खेल/मनोरंजन/सांस्कृतिक/धार्मिक/राजनीतिक कार्यक्रमों और अन्य जनसमूह में 100 लोगों के इकट्ठा होने की अनुमति 21 सितंबर, 2020 से दी जाएगी। हालांकि इस दौरान लोगों के लिए चेहरे पर मास्क लगाना, सामाजिक दूरी बनाए रखना, थर्मल स्कैनिंग का प्रावधान और हैंड वॉश या सैनिटाइजर का इस्तेमाल करना अनिवार्य होगा।
  • ओपन एयर थिएटर को खोलने के लिए 21 सितंबर 2020 से अनुमति दे दी जाएगी।
  • राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के साथ व्यापक परामर्श के बाद यह फैसला किया गया है कि स्कूल, कॉलेज, शैक्षणिक और कोचिंग संस्थान छात्रों और नियमित कक्षाओं के लिए 30 सितंबर, 2020 तक बंद रहेंगे। ऑनलाइन/दूरस्थ शिक्षा की अनुमति जारी रहेगी और इसे प्रोत्साहित किया जाएगा। हालांकि कंटेनमेंट जोनों से बाहर के इलाकों में 21 सितंबर, 2020 से निम्नलिखित गतिविधियों की अनुमति होगी, जिसके लिए स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय (एमओएचएफडब्ल्यू) द्वारा एसओपी जारी की जाएगी।
  1. राज्य / केंद्रशासित प्रदेश कंटेनमेंट जोनों से बाहर के क्षेत्रों में 50 फीसदी अध्यापकों और गैर-शिक्षण कर्मचारियों को ऑनलाइन पढ़ाने/टेली काउंसलिंग और संबंधित कार्य के लिए विद्यालय आने की अनुमति दे सकते हैं।
  2. कंटेनमेंट जोनों से बाहर के क्षेत्रों में स्वैच्छिक आधार पर कक्षा 9 से 12 तक के विद्यार्थियों को अपने स्कूल जाने की इजाजत दी जा सकती है। इसके लिए अध्यापक उनका मार्गनिर्देशन कर सकते हैं। इसके लिए विद्यार्थियों के माता-पिता/अभिभावकों की लिखित सहमति जरूरी होगी।
  3.  राष्ट्रीय कौशल विकास निगम या राज्य कौशल विकास मिशनों या भारत सरकार के दूसरे मंत्रालयों या राज्य सरकारों के पास पंजीकृत राष्ट्रीय कौशल प्रशिक्षण संस्थानों, औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आईटीआई), अल्पकालिक प्रशिक्षण केंद्रों में कौशल या उद्यमिता प्रशिक्षण की अनुमति दी जाएगी।

राष्ट्रीय उद्यमिता एवं लघु उद्योग विकास संस्थान (एनआईईएसबीयूडी), राष्ट्रीय उद्यमिता संस्थान (आईआईई) और उनके प्रशिक्षण प्रदाताओं को भी अनुमति दी जाएगी।

  • उच्च शिक्षण संस्थानों में केवल रिसर्च स्कॉलरों (पीएचडी) और तकनीकी व पेशेवर कोर्स के परास्नातक विद्यार्थियों जिन्हें प्रयोगशाला/प्रयोगात्मक कार्यों के लिए जरूरत हो, उन्हें हालात के आकलन और राज्य/केंद्रशासित प्रदेश में कोविड-19 के असर को ध्यान में रखते हुए एमएचए से परामर्श के बाद उच्च शिक्षा विभाग (डीएचई) द्वारा अनुमति दी जाएगी।



कंटेनमेंट जोनों से बाहर निम्नलिखित को छोड़कर सभी गतिविधियों को इजाजत दी जाएगी:

  1. सिनेमा हॉल, स्विमिंग पूल, मनोरंजन पार्क, थिएटर (ओपन एयर थिएटर को छोड़कर) और ऐसे अन्य स्थल बंद रहेंगे।
  2. गृह मंत्रालय द्वारा दी गई अनुमति को छोड़कर अन्य अंतरराष्ट्रीय हवाई यात्राएं स्थगित रहेंगी।

  • कंटेनमेंट जोनों में लॉकडाउन सख्ती के साथ 30 सितंबर, 2020 तक प्रभावी रहेगा।
  • संक्रमण की श्रृंखला को प्रभावी ढंग से तोड़ने के लिए एमओएचएफडब्ल्यू के दिशानिर्देशों के तहत कंटेनमेंट जोन का सीमांकन जिले के अधिकारियों द्वारा सूक्ष्म स्तर पर किया जाएगा। इन कंटेनमेंट जोनों में सख्त कंटेनमेंट उपाय किए जाएंगे और केवल आवश्यक गतिविधियों की ही अनुमति होगी।
  • कंटेनमेंट जोनों के भीतर सख्त परिधि नियंत्रण बनाए रखा जाएगा और केवल आवश्यक गतिविधियों का अनुमति दी जाएगी।
  • इन कंटेनमेंट जोनों के बारे में संबंधित जिलाधिकारियों और राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों के द्वारा वेबसाइट पर जानकारी दी जाएगी और सूचना एमओएचएफडब्ल्यू के साथ भी साझा की जाएगी।

कंटेनमेंट जोनों के बाहर राज्य कोई लॉकडाउन नहीं लगा सकेंगे

राज्य/ केंद्रशासित प्रदेश की सरकारें केंद्र सरकार के साथ परामर्श किए बगैर कंटेनमेंट जोनों के बाहर कोई भी स्थानीय लॉकडाउन (राज्य/जिला/सब-डिविजन/शहर के स्तर पर) लागू नहीं कर सकेंगी।

राज्य के भीतर और एक राज्य से दूसरे राज्य में आवाजाही पर कोई पाबंदी नहीं

राज्य के भीतर और एक राज्य से दूसरे राज्य में लोगों की आवाजाही या सामानों को ले जाने पर कोई प्रतिबंध नहीं रहेगा। इस तरह की आवाजाही के लिए कोई अलग अनुमति/मंजूरी/ई-परमिट की जरूरत नहीं होगी।

कोविड-19 प्रबंधन के लिए राष्ट्रीय निर्देश

कोविड-19 प्रबंधन के लिए राष्ट्रीय निर्देशों का पूरे देश में पालना करना जारी रहेगा, जिसमें सामाजिक दूरी को सुनिश्चित किया जा सके। दुकानों को ग्राहकों के बीच पर्याप्त शारीरिक दूरी बनाए रखना जरूरी होगा। एमएचए राष्ट्रीय निर्देशों के प्रभावी कार्यान्वयन की निगरानी करेगा।

जोखिम वाले लोगों की सुरक्षा

जल्दी संक्रमण की चपेट में आने वाले व्यक्तियों जैसे 65 साल की उम्र से अधिक, पहले से गंभीर रूप से बीमार लोगों, गर्भवती महिलाओं और 10 साल से कम उम्र के बच्चों को हर घर पर ही रहने की सलाह दी जाती है जबतक कि बहुत जरूरी या स्वास्थ्य संबंधी जरूरत न हो।

आरोग्य सेतु का इस्तेमाल
आरोग्य सेतु मोबाइल एप्लीकेशन के इस्तेमाल को आगे भी प्रोत्साहित किया जाएगा।

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9 वोल्ट की बैटरी से 9 वाट का LED बल्ब कितनी देर तक जलेगा / GK IN HINDI

Posted: 30 Aug 2020 09:40 PM PDT

आधे भारत में आज भी आधे दिन बिजली नहीं होती। अंधेरे के कारण कई तरह की परेशानियां होती हैं और रोशनी के लिए लोगों को काफी बड़ा खर्चा करना पड़ता है लेकिन यदि आप इंजीनियरिंग यूनिवर्सिटी के हॉस्टल में जाएंगे तो आपको कई सारी प्रॉब्लम्स के बड़े ही सस्ते सॉल्यूशंस मिल जाएंगे। 9 वाट की LED 10X10 के कमरे में रोशनी करने के लिए पर्याप्त है। सवाल यह है कि यदि नो वाट की LED को 9 वोल्ट की बैटरी से कनेक्ट कर दिया जाए तो वह LED कितनी देर तक रोशनी देगी।

जीबी पंत इंजीनियरिंग कॉलेज दिल्ली से इलेक्ट्रिक इंजीनियर अजय कुमार निगम (जो भारतीय रेल को सेवाएं दे रहे हैं) बताते हैं कि LED किसी पॉवर स्रोत के साथ कनेक्ट किए जाने पर (i=P/ v के अनुसार) सर्किट में 0.1 एम्पियर करंट ड्रा करेगा। जहाँ i= करंट (एम्पियर); P= पॉवर (वॉट); v= वोल्टेज (वोल्ट)

इसी तरह बैटरी की ताकत भी उसकी रेटेड वोल्टेज से अलग होती है, जिसे एम्पियर- ऑवर में मापा जाता है। एक 9 वोल्ट की बैटरी, ऐसे उपकरण जिनकी रेटेड वोल्टेज 9 वोल्ट है, को कितनी देर तक पॉवर सप्लाई करती रहेगी ये उस उपकरण द्वारा सर्किट में ड्रा किए गए करंट के साथ ही बैटरी की एम्पियर- ऑवर रेटिंग पर भी निर्भर करेगा।

इस प्रश्न के संदर्भ में मान लेते हैं कि बैटरी की क्षमता 0.9 एम्पियर- ऑवर है। जैसा कि साधरतयः 9 वोल्ट जिंक- कार्बन बैटरी के मामले में हो सकता है। अब हम आसानी से बता सकते हैं कि यदि 9 वोल्ट की बैटरी, जिसकी क्षमता 0.9 एम्पियर- ऑवर है, के साथ LED तो कनेक्ट करते हैं तो ये 9 घंटो तक रोशनी देती रहेगी।
[समय(घण्टे)= एम्पियर- ऑवर रेटिंग/ करंट ड्रान (एम्पियर)]

कुल मिलाकर बाजार से महंगी इमरजेंसी लाइट या फिर सिर्फ रोशनी के लिए इनवर्टर लगवाने की जरूरत नहीं है। एक रिचार्जेबल बैटरी और एलईडी अपने आप में काफी हैं। Notice: this is the copyright protected post. do not try to copy of this article (current affairs in hindi, gk question in hindi, current affairs 2019 in hindi, current affairs 2018 in hindi, today current affairs in hindi, general knowledge in hindi, gk ke question, gktoday in hindi, gk question answer in hindi,)

मॉब लिंचिंग से बचने किस स्तर तक का जवाबी हमला अपराध नहीं माना जाएगा, यहाँ पढ़िए / ASK IPC

Posted: 30 Aug 2020 01:07 PM PDT

मॉब लिंचिंग (भीड़ द्वारा हमला करना) इन दिनों एक बड़ा ही लोकप्रिय शब्द हो गया है। शायद पुलिस की लापरवाही या पक्षपात के कारण मॉब लिंचिंग की घटनाएं बढ़ती जा रही है। कई बार अफवाह के कारण जमा हुई भीड़ किसी निर्दोष नागरिक पर हमला कर देती है। भारतीय दंड संहिता की धारा 100 किसी भी भारतीय नागरिक को निजी सुरक्षा का अधिकार देती है। आज हम आपको बताएंगे कि मोब लिंचिंग की स्थिति में निजी सुरक्षा के अधिकार के तहत अपनी जान बचाने के लिए भीड़ पर किस स्तर तक का जवाबी हमला अपराध नहीं बल्कि क्षमा योग्य माना गया है।

भारतीय दण्ड संहिता, 1860 की धारा 106 की परिभाषा:-

एक उग्र भीड़ किसी व्यक्ति पर घातक हमला करती हैं, जिससे उस व्यक्ति को उस भीड़ से स्वयं की मृत्यु होने की आशंका है या वह अनुभव करता है कि मेरी मृत्यु हो सकती है। व्यक्ति उपयुक्त परिस्थिति में भीड़ पर अपनी जान बचाने के लिए हमला कर सकता है अगर जवाबी हमले में कोई निर्दोष बच्चे या किसी निर्दोष व्यक्ति की जान चली जाती है या अपहानि होती है तब उस व्यक्ति द्वारा किया गया अपराध निजी प्रतिरक्षा के अधिकार के अंतर्गत आएगा और वह दोषमुक्त होगा।

उधरणानुसार:- मोहन पर एक भीड़ द्वारा आक्रमण किया जाता है, जो उसकी हत्या करने का प्रयत्न करती है।वह उस भीड़ पर गोली चलाये बिना निजी सुरक्षा के अपने अधिकार का प्रयोग किसी रूप से नही कर पा रहा है, और वह भीड़ में मिले हुए बच्चों को अपहानि करने की जोखिम उठाये बिना गोली नहीं चला सकता। यदि वह गोली चलता है जिसके कारण कोई भी बच्चे को या व्यक्ति को अपहानि होती है तो मोहन कोई अपराध नहीं करता है। बी. आर. अहिरवार (पत्रकार एवं लॉ छात्र होशंगाबाद) 9827737665 | (Notice: this is the copyright protected post. do not try to copy of this article)

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कोर्ट में गीता पर हाथ रखकर कसम क्यों खिलाते थे, रामायण पर क्यों नहीं है
सरकारी अधिकारी निर्दोष नागरिक को जबरन रोककर रखे तो IPC की किस धारा के तहत मामला दर्ज होगा
अधिकारी, कोर्ट में गलत जानकारी पेश कर दे तो विभागीय कार्रवाई होगी या FIR दर्ज होगी
क्या जमानत की शर्तों का उल्लंघन अपराध है, नई FIR दर्ज हो सकती है
एक व्यक्ति अपराध करे और दूसरा सिर्फ साथ रहे तो दूसरा अपराधी माना जाएगा या नहीं
रात के समय किसी के घर में चोरी छुपे घुसना किस धारा के तहत अपराध है
यदि कोई मर्जी के बिना घर में घुस आए तो क्या FIR दर्ज करवाई जा सकती है
धूम्रपान करने वालों के खिलाफ IPC की किस धारा के तहत FIR दर्ज होगी
आम रास्ते में रुकावट पैदा करने वाले के खिलाफ किस धारा के तहत FIR दर्ज होती है
गर्भपात के दौरान यदि महिला की मृत्यु हो गई तो जेल कौन जाएगा डॉक्टर या पति
यदि जबरदस्ती नशे की हालत में अपराध हो जाए तो क्या सजा से माफी मिलेगी

भिंडी और बैंगन सीधे होते हैं तो मिर्ची टेढ़ी क्यों होती है जबकि तीनों सोलेनेसी फैमिली से हैं / INTERESTING SCIENCE IN HINDI

Posted: 30 Aug 2020 01:35 PM PDT

सोलेनेसी फूलों वाले छोटे पौधों का एक परिवार है। इसमें कई तरह के पौधे पाए जाते हैं। भिंडी, बैंगन और मिर्ची भी सोलेनेसी फैमिली से आते हैं। प्रश्न उपस्थित हुआ है कि जब तीनों एक ही परिवार से हैं तो भिंडी और बैंगन सीधे लेकिन मिर्च टेढ़ी क्यों होती है। चलिए विज्ञान की गलियों से गुजरते हुए इस सवाल का जवाब तलाश करते हैं:-

सबसे पहले पढ़िए इस परिवार की खास बात क्या है

आवृत बीजी पौधों (Angiospermic plants) का विशेष गुण होता है कि उनके बीज फल भित्ति के अंदर सुरक्षित रहते हैं। यानी फलों के अंदर बीज उपस्थित होते हैं। जैसे - आम, अमरूद, गेहूं, टमाटर, अधिकांश फल तथा सब्जियां। 
यहां आवृत (Angio) का अर्थ है- ढके हुए(Enclosed) 
तथा बीजी (spermic) का अर्थ है- बीज (seed) 

आइए अब जानते हैं फल तथा बीज क्या होता है 

फल होता है जो आपको खाने के लिए मिलता है। बाजार में बिक्री के लिए उपलब्ध होता है। जब आप उसे काटते हैं तो उसके अंदर से बीज निकलता है। यदि आप उसे उपजाऊ भूमि में दबा देंगे तो उसके अंदर से एक पौधा निकल आएगा। पौधा बड़ा होने के बाद उस में फूल लगेंगे और फूल के अंदर से फल निकलेगा इस साल के अंदर बीज भी होगा। यानी हर फल अपना अस्तित्व समाप्त करने से पहले अपनी प्रजाति का अस्तित्व बचाए रखने के लिए बीज दे जाता है। फल और बीज में एक बड़ा अंतर यह होता है कि फल खाया जाता है और बीज बोया जाता है। (दशकों पहले लोग जब आम का फल खाते थे तो उसकी गुठली (बीज) डस्टबिन में नहीं बल्कि गांव या खेत के रास्ते के किनारे मिट्टी में दबा दिया करते थे। इस प्रकार ग्रामीण क्षेत्रों में फलदार वृक्षों का पौधारोपण की प्रक्रिया निरंतर चलती रहती थी।)

फल और सब्जी में क्या अंतर है

वनस्पति विज्ञान (Botany) की भाषा में सभी सब्जियां, फल है। बस उनके खाने के तरीके का अंतर है। जो फल, सब्जी के रूप में खाए जाते हैं, वे कम मीठे या तीखे या कड़वे या फीके होते हैं। उदाहरण के तौर पर भिंडी, बैंगन, मिर्च, टमाटर, लौकी, करेला आदि सभी फल है। क्योंकि यह सभी फूल से उत्पन्न होते हैं और इन सभी के अंदर बीज उपस्थित है। बीज द्वारा पौधों का प्रसार होता है तथा बीज फलों को यांत्रिक सुरक्षा (Mechanical support) भी प्रदान करते हैं। 

अब अपना मूल सवाल: बैंगन-भिंडी सीधे तो मिर्ची टेढ़ी क्यों 

दरअसल, सवाल गलत है। एक परिवार से होने का मतलब एक जैसा होना नहीं होता। मनुष्य के परिवार में भी सभी संतानें एक जैसी नहीं होती। सोलेनेसी फैमिली में बैंगन भिंडी और मिर्ची के अलावा भी कई पौधे हैं। सबका आकार, रूप, रंग और स्वाद अलग अलग है। इसलिए सवाल गलत है। कई बार प्रतियोगी परीक्षाओं में इस तरह के गलत सवाल पूछ कर कैंडिडेट को कंफ्यूज किया जाता है। या फिर एग्जामिनर इस तरह के सवाल के जरिए आपकी स्टडी, रिवीजन और कॉन्फिडेंस की परीक्षा ले रहा होता है। हमने इस सवाल का चुनाव इसलिए किया ताकि आपको सोलेनेसी फैमिली के बारे में रिवीजन कराया जा सके और वह पौधारोपण की वह प्रक्रिया बता सकें जिसके कारण गांव में फलों की कमी नहीं होती। 
लेखक श्रीमती शैली शर्मा मध्यप्रदेश के विदिशा में साइंस की टीचर हैं। (Notice: this is the copyright protected post. do not try to copy of this article)

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