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Sunday, August 30, 2020

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विक्रम चालक की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत, नियोन के सेवन की आशंका

Posted: 30 Aug 2020 05:04 AM PDT



-पुलिस के संज्ञान में लाये बिना ही अस्पताल ने शव परिजनों के सुपुर्द किया


ऋषिकेश 30 अगस्त। तीर्थनगरी में एक विक्रम चालक की गाड़ी में ही संदिग्ध परिस्थितियों में रविवार की दोपहर मौत हो गई। इस घटना के बाद कई सवाल खड़े हो गए हैं। सूत्रों के मुताबिक विक्रम चालक की मौत नियोन के अत्यधिक सेवन से हुई है। दूसरी तरफ जिला अस्पताल के चिकित्सक मौत के कारणों पर चुप्पी साध रहे है। गंभीर पहलू ये है कि चिकित्सकों ने घटनाक्रम के बारे में पुलिस को भी सूचित करने की जहमत नहीं उठाई। मौका देखकर चिकित्सकों ने मृतक के परिजनों से रजिस्टर में लिखवा लिया कि वे कानूनी कार्रवाई और पोस्टमार्टम नहीं चाहते। इसी के साथ अस्पताल प्रशासन ने शव परिजनों के सुपुर्द कर दिया। जानकारी के मुताबिक
रविवार को दोपहर करीब 12:30 बजे हरिद्वार रोड स्थित भैरव मंदिर के सामने एक विक्रम में चालक बेहोशी की हालत में पाया गया। लोगों की सूचना पर मौके पर पहुंचे विक्रम चालक के परिजन उसे आनन-फानन में सरकारी चिकित्सालय लेकर गए। जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इसके बाद परिजन शव को लेकर चले गए। मृतक की पहचान गुड्डू (40) निवासी गली नंबर 12 चंद्रेश्वर नगर, ऋषिकेश के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि विक्रम चालक गुड्डू की मौत नियोन नामक दवा के अत्यधिक सेवन से हुई है। गाड़ी में दवा के रैपर भी स्थानीय लोगों ने देखा था। हालांकि बाद में दवा को किसी ने गाड़ी से हटा दिया।
खास बात यह है कि इस संबंध में राजकीय चिकित्सालय की इमरजेंसी में तैनात चिकित्सकों ने पुलिस को कोई सूचना नहीं दी। मौजूद चिकित्सकों का कहना है कि मृतक के परिजनों ने इस संबंध में किसी भी प्रकार की कानूनी कार्रवाई से साफ इनकार किया है। जिसके लिए चिकित्सालय के रजिस्टर में लिखित रूप से मृतक के पुत्र से हस्ताक्षर कराए गए हैं। जिससे विक्रम चालक की मौत पर कई सवाल खड़े हो रहे हैं।
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कोरोना काल मे चिकित्सक भी लापरवाह बने
ऋषिकेश। कोरोना संक्रमणकाल में जहां ज्यादा एहतियात की जरूरत है वहीं चिकित्सक ही लापरवाही का सबब बने हुए हैं। विक्रम चालक की मौत के बाद चिकित्सकों ने ये भी जानने की जरूरत नहीं समझी कि आखिर मृत्यु किस वजह से हुई।
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क्वारन्टीन के डर से लोग  चिकित्सक की सलाह बिना स्टोर से खरीद रहे दवाइयां
ऋषिकेश। कोरोना काल और क्वारन्टीन के डर से इन दिनों लोग बिना चिकित्सीय सलाह के मेडिकल स्टोर से दवाएं खरीद रहे हैं। स्टोर संचालक भी मुनाफे के चक्कर मे नियमों को ताख पर रखकर दवाएं बेचने में जुटे हैं। न तो स्वास्थ्य महकमा और न ही जिम्मेदार विभाग इस ओर ध्यान दे पा रहे हैं। इसी का नतीजा है कि लोग नासमझी में दवाओं के रिएक्शन का शिकार हो रहे हैं।

लच्छीवाला रेंज के वन कर्मियों ने की मानसून गश्त -तीन रेंजों में सुबह पांच से दस बजे तक चली गश्त

Posted: 30 Aug 2020 04:14 AM PDT

लच्छीवाला रेंज में मानसून गश्त करते वनकर्मी

मानसून गश्त के दौरान वन कर्मी

मानसून गश्त के दौरान वन कर्मी

ऋषिकेश।
डीएफओ देहरादून के निर्देशानुसार लच्छीवाला की तीनों रेंज थानो, भोगपुर और बड़कोट में वन विभाग ने संयुक्त रूप से मानसून गश्त की। जो सुबह पांच से दस बजे तक चली।
लच्छीवाला रेंज के वन क्षेत्राधिकारी घनानंद उनियाल ने बताया कि मानसून गश्त का मुख्य उद्देश्य बरसात में बंद एवं अवरुद्ध मार्गों पर वन्यजीवों हाथी, गुलदार, हिरन, मोर आदि की गतिविधियों पर निगरानी रखने एवं अवैध शिकारियों व वन तस्करों पर नकेल कसने के लिए की गई है। जिससे वन तस्करों को पता लग सके कि उनकी हर गतिविधि पर पैनी नजर रखी जा रही है। बताया कि बरसात के कारण सुदूरवर्ती क्षेत्रों में झाड़ियां उगने से वन क्षेत्रों में आवाजाही काफी कम हो जाती है। साथ ही सुगमता से वन विभाग के वाहन जंगलों के अंदर नहीं पहुंच पाते हैं। इस कारण यह पैदल गश्त काफी प्रभावी है। उन्होंने बताया कि रविवार को लच्छीवाला रेंज में गश्त के दौरान हाथी के पैरों के ताजा निशान देखे गए। जिनको वन कर्मियों ने कैमरे में कैद किया।
इस मौके पर कन्हैयालाल नौटियाल, वन दरोगा दीपेंद्र असवाल, छत्रसाल सिंह, होशियार सिंह नेगी, वन आरक्षी अशोक कृषाली, राजेंद्र पंवार, प्रेम सिंह राणा, ईश्वर सिंह, धर्म सिंह, नीरज सिंह, राजेश डोभाल, नरेंद्र सिंह, रामप्रसाद आदि मौजूद थे।

मुनिकीरेती पुलिस ने चोरी हुई स्कूटी की बरामद, जबकि फरार चोरों की तलाश जारी

Posted: 30 Aug 2020 02:06 AM PDT



ऋषिकेश 30 अगस्त। मुनिकीरेती पुलिस ने चोरी की गई स्कूटी को शीशम झाड़ी क्षेत्र से बरामद कर लिया है। जबकि चोर अभी फरार चल रहे है।
थाना मुनिकीरेती पुलिस के मुताबिक बीते 19 अगस्त को गली नंबर 39, शीशम झाड़ी, कैलाश गेट, मुनिकीरेती निवासी आशीष रावत ने स्कूटी चोरी होने के संबंध में तहरीर दर्ज कराई थी। जिसके आधार पर थाना मुनिकीरेती में अज्ञात लोगों के खिलाफ आईपीसी की धारा 379 के तहत मुकदमा पंजीकृत कर मामले की विवेचना कैलाश गेट चौकी प्रभारी उपनिरीक्षक विकेंद्र कुमार को सौंपी गई। उप निरीक्षक विकेंद्र कुमार ने बताया कि मामले की विवेचना मिलते ही उन्होंने चोरी हुई स्कूटी की तलाश जारी की। जिसके तहत कडी मशक्कत के बाद स्कूटी को 48 घंटे के भीतर शीशम झाड़ी से बरामद कर लिया गया है। उन्होंने बताया कि स्कूटी चुराने वाले चोर फरार हो गए हैं। जिसके लिए पूर्व में प्रकाश में आए चोरों से पूछताछ की जा रही है। चोरी करने वाले फरार शातिरों की तलाश की जा रही है।

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