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Friday, February 18, 2022

प्राइमरी का मास्टर ● इन

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दिनांक 24 फरवरी 2022 को शासन के साथ DBT के सम्बन्ध में वर्चुअल समीक्षा बैठक

Posted: 18 Feb 2022 05:30 PM PST

दिनांक 24 फरवरी 2022 को शासन के साथ DBT के सम्बन्ध में वर्चुअल समीक्षा बैठक


UPTET Result 2021 : यूपीटीईटी रिजल्ट जारी होने में फंसा चुनाव आचार संहिता का पेंच, PNP ने शासन को भेजा पत्र

Posted: 18 Feb 2022 05:03 PM PST

UPTET Result 2021 : यूपीटीईटी रिजल्ट जारी होने में फंसा चुनाव आचार संहिता का पेंच, PNP ने शासन को भेजा पत्र


उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (यूपीटीईटी) 2021 के परिणाम का इंतजार अब खत्म होने जा रहा है, लेकिन इसमें चुनाव आचार संहिता का पेंच भी है। परीक्षा के घोषित कार्यक्रम के मुताबिक परिणाम 25 फरवरी को जारी होना है। जब परीक्षा कार्यक्रम प्रस्तावित किया गया था, तब विधानसभा चुनाव की प्रक्रिया शुरू नहीं हुई थी। अब आचार संहिता लागू होने के कारण परिणाम घोषित करने के लिए शासन को पत्र भेजकर अनुमति मांगी गई है। यह नौकरी की परीक्षा न होने के कारण अनुमति मिलने की संभावना है। परिणाम जारी होने के बाद अभ्यर्थी आधिकारिक वेबसाइट updeled.gov.in पर चेक कर सकेंगे।




उत्तर प्रदेश परीक्षा नियामक प्राधिकारी (पीएनपी) ने 23 जनवरी को दो पालियों में यह परीक्षा आयोजित कराई थी। इसमें कुल 18,22,112 अभ्यर्थी सम्मिलित हुए थे, जबकि आवेदन 21,65,179 ने किया था। इसके तीन दिन बाद पीएनपी सचिव अनिल भूषण चतुर्वेदी ने वेबसाइट पर उत्तरमाला जारी कर अभ्यर्थियों से एक फरवरी तक आपत्तियां मांगी थी। तय अवधि में 98 अभ्यर्थियों ने निर्धारित शुल्क जमा कर कुछ उत्तरों पर आपत्ति जताई। आपत्तियों को विषय विशेषज्ञों से निस्तारित कराने का समय 21 फरवरी निर्धारित है।


उत्तर प्रदेश परीक्षा नियामक प्राधिकारी अपडेट उत्तरमाला 23 फरवरी को जारी करने और 25 फरवरी को परिणाम घोषित करने की तैयारी में है, लेकिन प्रदेश में विधानसभा चुनाव आचार संहिता लागू होने के कारण संशय है। ऐसे में पीएनपी की ओर से पूर्व घोषित तिथि पर परिणाम जारी करने के लिए शासन को पत्र भेजा गया है। यह भर्ती परीक्षा नहीं होने के कारण शासन से अनुमति मिलने की संभावना है। सचिव अनिल भूषण चतुर्वेदी का कहना है कि शासन की मंशा के अनुरूप परिणाम को लेकर कार्यवाही सुनिश्चित कराई जाएगी।


ऐसे चेक कर सकेंगे रिजल्ट : यूपीटीईटी रिजल्ट चेक करने के लिए वेबसाइट updeled.gov.in पर जाना होगा। होम पेज पर यूपीटीईटी लिंक पर क्लिक करें। रिजल्ट जारी होने के बाद यूपीटीईटी रिजल्ट 2021 का लिंक एक्टिव हो जाएगा, उस पर क्लिक करें। अब यूपीटेट स्कोर कार्ड डाउनलोड करने के लिए रजिस्ट्रेशन नंबर, पासवर्ड और कैप्चा कोड दर्ज करना होगा। यूपीटीईटी रिजल्ट स्क्रीन पर खुल जाएगा। इसे चेक और डाउनलोड कर सकेंगे।


यूपीटीईटी कट-आफ : जनरल कैटेगरी के लिए क्वालिफाईंग कट-आफ 60 प्रतिशत, ओबीसी वर्ग के लिए 55 प्रतिशत और अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति वर्ग के लिए 55 प्रतिशत है। यानी जनरल कैटेगरी के उम्मीदवारों को 90 मार्क्स और अन्य वर्ग के उम्मीदवारों को 82.5 मार्क्स लाने होंगे।

UP Board Exam : प्री बोर्ड व गृह परीक्षा को लेकर यूपी बोर्ड ने तय की समय-सीमा, जारी किए निर्देश

Posted: 18 Feb 2022 05:45 PM PST

यूपी बोर्ड : प्री-बोर्ड की लिखित / प्रयोगात्मक परीक्षा तथा कक्षा-9 एवं 11 की वार्षिक गृह परीक्षाओं के आयोजन के सम्बन्ध में।




UP Board Exam : प्री बोर्ड व गृह परीक्षा को लेकर यूपी बोर्ड ने तय की समय-सीमा, जारी किए निर्देश


 विधानसभा चुनाव 2022 की प्रक्रिया के बीच उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (यूपी बोर्ड) ने प्री बोर्ड और गृह परीक्षा आयोजित किए जाने के लिए समय सीमा निर्धारित कर दी है। तय समय सीमा में प्री बोर्ड की लिखित और प्रायोगिक परीक्षा कराने के साथ कक्षा 9 और 11 की वार्षिक गृह परीक्षाएं संपन्न कराई जानी है। इसके लिए प्रदेश के सभी मंडलीय संयुक्त शिक्षा निदेशकों (जेडी) और जिला विद्यालय निरीक्षकों (डीआइओएस) को निर्देश दिए हैं।


यूपी बोर्ड के सचिव दिब्यकांत शुक्ल के मुताबिक प्री बोर्ड और गृह परीक्षा कराने के लिए परिषद ने एकेडमिक कैलेंडर में तारीख निर्धारित की थीं, लेकिन कोविड महामारी के कारण यह कैलेंडर के मुताबिक आयोजित नहीं कराई जा सकी। कोविड संक्रमण घटने पर अब यह परीक्षाएं आयोजित कराने के संबंध में माध्यमिक शिक्षा निदेशक ने 18 फरवरी को पत्र जारी किया है। इसके अनुपालन में बोर्ड सचिव ने प्री-बोर्ड की लिखित व प्रायोगिक परीक्षा फरवरी के अंतिम सप्ताह तक करा लेने के निर्देश दिए हैं। इसी तरह कक्षा नौ एवं ग्यारह की वार्षिक परीक्षा प्रत्येक दशा में मार्च के द्वितीय सप्ताह तक कराई जानी है।


सचिव दिब्यकांत शुक्ल ने यह भी अवगत कराया है कि प्री बोर्ड के परीक्षार्थियों के प्राप्तांक को मार्च के द्वितीय सप्ताह में और कक्षा नौ व ग्यारह की गृह परीक्षाओं के प्राप्तांक को मार्च के तृतीय सप्ताह में बोर्ड की वेबसाइट पर अपलोड कराया जाना है। इसके लिए निर्धारित समय पर परीक्षा संपन्न कराकर बोर्ड को संपूर्ण विवरण अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराना होगा। नई व्यवस्था के अनुरूप कोविड गाइडलाइन का अनुपालन करते हुए परीक्षा प्रक्रिया पूर्ण कराने के निर्देश सभी जेडी और डीआइओएस को दिए गए हैं।

अब प्रत्येक स्कूल को स्कूली शिक्षा के एक मानक को करना होगा पूरा, राज्यों में गठित होने वाली स्टेट स्कूल स्टैंड‌र्ड्स अथारिटी (ट्रिपल SA) इस पर नजर रखेगी

Posted: 18 Feb 2022 04:43 PM PST

अब प्रत्येक स्कूल को स्कूली शिक्षा के एक मानक को करना होगा पूरा, राज्यों में गठित होने वाली स्टेट स्कूल स्टैंड‌र्ड्स अथारिटी (ट्रिपल SA) इस पर नजर रखेगी



नई दिल्ली : अब प्रत्येक स्कूल को स्कूली शिक्षा के एक मानक को पूरा करना होगा। सभी राज्यों में गठित होने वाली स्टेट स्कूल स्टैंड‌र्ड्स अथारिटी (ट्रिपल एसए) इस पर नजर रखेगी। साथ ही स्कूलों की हर साल राज्य और जिला स्तरीय रैंकिंग भी तैयार करेगी। माना जा रहा है कि इस नई पहल से स्कूली शिक्षा की गुणवत्ता को मजबूती मिलेगी और स्कूलों के बीच प्रतिस्पर्धा भी बढ़ेगी।


शिक्षा मंत्रालय ने राज्‍यों को दिया टास्‍क

अभी तक इस तरह की रैंकिंग सिर्फ उच्च शिक्षण संस्थानों में ही तैयार की जाती है, जिनमें ज्यादातर विश्वविद्यालय और कालेज शामिल हैं। शिक्षा मंत्रालय ने फिलहाल सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को ट्रिपल एसए के गठन का टास्क दे दिया है। इसके तहत सभी राज्यों को इस साल के अंत तक इसका गठन करना है। मंत्रालय की योजना वर्ष 2023 से इसे देश के सभी राज्यों में प्रभावी तरीके से लागू करना है।


कोविड के चलते हुई देरी

खास बात यह है कि इस अथारिटी के दायरे में राज्यों के शिक्षा बोर्ड के जुड़े निजी और सरकारी दोनों तरह के स्कूल शामिल होंगे। मंत्रालय के मुताबिक, इस पर वैसे तो काम काफी पहले ही शुरू हो जाना था, लेकिन कोविड के चलते इसके अमल में देरी हुई है। फिलहाल राज्यों में यह अथारिटी एक स्वतंत्र संस्था के रूप में काम करेगी। हालांकि राज्यों में स्थित केंद्रीय विद्यालय और नवोदय विद्यालय इसके दायरे में शामिल नहीं होंगे।


ये हैं मापदंड

शिक्षा मंत्रालय ने इसके अमल की तैयारियों के साथ स्कूलों के स्टैंडर्ड के लिए प्रारंभिक तौर पर जो मापदंड तय किए हैं, उनमें सुरक्षा, मूलभूल ढांचा, सभी विषयों के कक्षावार शिक्षकों की संख्या, वित्तीय स्थिति, इनोवेशन व प्रैक्टिस क्लास रूम की संख्या, बच्चों के सीखने की क्षमता में सुधार की स्थिति और प्रशासनिक क्षमता आदि को शामिल किया है।


नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति पर फोकस

इन सभी जानकारियों को स्कूलों की ओर से ट्रिपल एसए की ओर से तैयार होने वाले डिजिटल प्लेटफार्म पर हर साल अपलोड करना होगा। गौरतलब है कि देशभर में स्कूली शिक्षा की गुणवत्ता को एक जैसा बनाने और स्कूलों का एक स्टैंडर्ड कायम रखने के लिए नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति में की गई सिफारिशों को देखते हुए यह कदम उठाया गया है। शिक्षा मंत्रालय का इस समय फोकस नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अमल पर है।

सिर्फ प्रौढ़ ही नहीं अब सभी के लिए होगी शिक्षा, केंद्र ने प्रौढ़ शिक्षा योजना का किया विस्तार, अब चलेगा नव भारत साक्षरता कार्यक्रम

Posted: 17 Feb 2022 06:45 PM PST

सिर्फ प्रौढ़ ही नहीं अब सभी के लिए होगी शिक्षा, केंद्र ने प्रौढ़ शिक्षा योजना का किया विस्तार, अब चलेगा नव भारत साक्षरता कार्यक्रम



सरकार ने प्रौढ़ शिक्षा के नाम से चल रही योजना को विस्तार दिया है। इसमें अब 15 साल की उम्र के ऊपर के सभी लोगों को शिक्षा दी जाएगी। यही नहीं सरकार ने योजना का नाम भी प्रौढ़ शिक्षा से बदलकर अब नव भारत साक्षरता कार्यक्रम कर दिया है।


नई दिल्ली । साक्षरता के शत प्रतिशत लक्ष्य को हासिल करने के लिए सरकार ने प्रौढ़ शिक्षा के नाम से चल रही योजना को विस्तार दिया है। इसमें अब 15 साल की उम्र के ऊपर के सभी लोगों को शिक्षा दी जाएगी। इसके साथ ही योजना का नाम भी प्रौढ़ शिक्षा से बदलकर अब नव भारत साक्षरता कार्यक्रम कर दिया है। इस पूरी योजना पर अगले पांच वर्षों में करीब 1038 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे।


माना जा रहा है कि सरकार ने प्रौढ़ शिक्षा के सभी पहलुओं को राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 और 2021-22 की बजटीय घोषणाओं से जोड़ते हुए यह कदम उठाया है। शिक्षा मंत्रालय के अधिकारियों ने बताया कि नव भारत साक्षरता कार्यक्रम (Nav Bharat Saksharta Karyakram) को साल 2022 से 2027 तक के लिए मंजूरी दी गई है।


इनमें केंद्र का 700 करोड़ जबकि राज्य का हिस्सा करीब 338 करोड़ होगा। केंद्र सरकार ने वित्तीय वर्ष 2022-23 के बजट को मंजूरी मिलने के बाद इस योजना में बदलाव के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। इस दौरान प्रस्तावित राशि 2022 से 2027 तक खर्च की जाएगी। शिक्षा मंत्रालय ने इसके साथ ही इस पूरी मुहिम में नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति की सिफारिशों को भी प्रमुखता से शामिल करने का फैसला लिया है।


इस दौरान इस मुहिम में डिजिटल और आनलाइन माध्यम से शुरू हुई शिक्षा की भी मदद ली जाएगी। शिक्षा मंत्रालय के मुताबिक इन पांच वर्षों में पांच करोड़ छात्रों को बुनियादी शिक्षा और अंक का ज्ञान प्रदान किया जाएगा। सरकार ने हर साल एक करोड़ लोगों को इस कार्यक्रम के जरिए साक्षर बनाने का लक्ष्‍य रखा है। शिक्षा मंत्रालय के मुताबिक नव भारत साक्षरता कार्यक्रम के तहत कुल 1037.90 करोड़ रुपए खर्च होने का अनुमान है।


वित्त मंत्रालय ने बीते दिनों केंद्र प्रायोजित इस नई योजना से जुड़े प्रस्ताव को मंजूरी दी थी। केंद्र सरकार की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक नव भारत साक्षरता अभियान एक अप्रैल 2022 से 31 मार्च 2027 तक लागू किया जायेगा। नए प्रौढ़ शिक्षा कार्यक्रम के पांच आयाम हैं जिनमें बुनियादी अंक ज्ञान, साक्षरता के साथ ही महत्वपूर्ण जीवन कौशल से जुड़ा ज्ञान दिया जाना शामिल हैं। इसमें व्यावसायिक कौशल विकास के साथ ही बुनियादी शिक्षा को भी शामिल किया गया है।

निजी और सरकारी स्कूलों के बीच जुड़ाव बढ़ाने की बड़ी पहल, वर्ष 2023 तक पूरी तरह से अमल में लाने का लक्ष्य

Posted: 17 Feb 2022 06:36 PM PST

निजी और सरकारी स्कूलों के बीच जुड़ाव बढ़ाने की बड़ी पहल, वर्ष 2023 तक पूरी तरह से अमल में लाने का लक्ष्य


नई दिल्ली: एक कक्षा और एक पाठ्यक्रम… इसके मद्देनजर निजी और सरकारी स्कूलों के बीच बंटी स्कूली शिक्षा को अब एक जैसा स्वरूप देने की बड़ी पहल की गई है। इसमें निजी और सरकारी स्कूल अब एक साथ मिलकर स्कूली शिक्षा को नई ऊंचाई पर ले जाएंगे। इसके तहत वह एक दूसरे की सभी अच्छी पहलकदमियों को अपनाएंगे। साथ ही एक दूसरे के संसाधनों का भी इस्तेमाल कर सकेंगे।


शिक्षा मंत्रालय ने उठाया कदम

नई पहल के तहत अब प्रत्येक निजी स्कूल को अपने आसपास के कम से कम एक सरकारी स्कूल के साथ जुड़ाव रखना होगा। स्कूली शिक्षा की गुणवत्ता को मजबूती देने के साथ निजी एवं सरकारी स्कूलों के बीच की खाई को पाटने के लिए शिक्षा मंत्रालय ने यह कदम उठाया है। इसके तहत सभी राज्यों को इस संबंध में एक गाइड लाइन तैयार करने के भी निर्देश दिए गए हैं।


2023 का रखा लक्ष्‍य

इस पहल को वर्ष 2023 तक पूरी तरह से अमल में लाने का लक्ष्य तय किया है। मंत्रालय से जुड़े वरिष्ठ अधिकारियों के मुताबिक मौजूदा समय में स्कूली शिक्षा में निजी और सरकारी स्कूलों के बीच एक बड़ा अंतर दिखता है जबकि सभी में एक जैसा ही कोर्स पढ़ाया जाता है। यह बात अलग है कि निजी स्कूलों के मुकाबले सरकारी स्कूलों के पास संसाधन कम है।


निजी और सरकारी स्कूलों के बीच जुड़ाव बढ़ाने की पहल

खासकर सरकारी स्‍कूलों में प्रयोगशाला, पुस्तकालय सहित प्रशिक्षण की सुविधाएं नहीं है। ऐसे में सरकार ने निजी और सरकारी स्कूलों के बीच जुड़ाव बढ़ाने की पहल की है। माना जा रहा है कि इस पहल से निजी और सरकारी स्कूलों दोनों को लाभ होगा। निजी स्कूल खेलकूद जैसी गतिविधियों के लिए सरकारी स्कूलों के खेल मैदान आदि का इस्‍तेमाल कर सकेंगे।


एकरूपता लाने की सिफारिश

खासबात यह है कि नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति में भी स्कूली शिक्षा की गुणवत्ता को बेहतर बनाने के साथ निजी और सरकारी स्कूलों के बीच एकरूपता लाने की सिफारिश की गई है। यही वजह है कि शिक्षा मंत्रालय ने इसे अब अपनी प्राथमिकता में शामिल किया है। साथ ही इस दिशा में तेजी से कदम आगे बढ़ाया है।


सामूहिक गतिविधियों का होगा आयोजन

इस दौरान निजी एवं सरकारी स्कूलों ने अपनी अच्छी पहलों को एक-दूसरे के साथ साझा करेंगे। इसके साथ ही एक- दूसरे स्कूलों के बच्चे भी एक-दूसरे के परिसरों का भ्रमण करेंगे। सामूहिक गतिविधियों का आयोजन करेंगे जिसमें खेल सहित दूसरी प्रतिस्पर्धी प्रतियोगिताएं शामिल होंगी।

PFMS पोर्टल के माध्यम से स्कूलों के खाते में आएगी MDM की धनराशि

Posted: 17 Feb 2022 05:55 PM PST

PFMS पोर्टल के माध्यम से स्कूलों के खाते में आएगी MDM की धनराशि


पीएफएमएस पोर्टल पर अपलोड हो चुके हैं बैंक खातेमऊ। बेसिक विद्यालयों में अध्ययनरत बच्चों के मध्याहन भोजन योजना की धनराशि में अनियमितता बरतना आसान नहीं होगा। जल्द ही पीएफएमएस (पब्लिक फाइनेंसियल मैनजमेंट सिस्टम) पोर्टल के माध्यम से सीधे विद्यालयों के खातों में मध्यान्ह भोजना योजना की धनराशि ट्रांसफर होगी। पीएफएमएस पोर्टल पर खातों को अपलोड किया जा चुका है। व्यवस्था के लागू होने से योजना में पारदर्शिता आएगी।


सरकारी विद्यालयों में पढ़ रहे बच्चों को कुपोषण से बचाने के लिए शासन की तरफ से मध्याहन भोजन योजना शुरू की थी। अभी तक कोषागार के जरिए धनराशि विद्यालयों के एमडीएम खाते में कनवर्जन कॉस्ट का पैसा ट्रांसफर किया जाता है। 


अब सरकार की ओर से व्यवस्था में परिवर्तन किया गया। अब पब्लिक फाइनेंसियल मैनजमेंट सिस्टम से सीधे विद्यालयों के एमडीएम खातों में ट्रांसफर पैसे की जानकारी रखी जाएगी। पीएफएमएस पोर्टल पर विद्यालयों के एमडीएम खातों को अपलोड किया जा चुका है। 


इस व्यवस्था के के लागू होने जाने से शासन प्रशासन स्तर पर बैठे आला अधिकारी हर विद्यालय के एमडीएम खाते पर एक क्लिक कर जानकारी कर सकेंगे कि किस विद्यालय में कितना पैसा एमडीएम में खर्च हो रहा है। कितना शेष है। यह जानकारी भी पोर्टल के माध्यम से मिल सकेंगी कि किस विद्यालय में जनपद स्तर से कितना पैसा भेजा गया।

माध्यमिक शिक्षा विभाग में भी अब जेम पोर्टल के जरिए हो सकेगी खरीद

Posted: 17 Feb 2022 05:42 PM PST

माध्यमिक शिक्षा विभाग में भी अब जेम पोर्टल के जरिए हो सकेगी खरीद

राजकीय विद्यालयों की खेल सामग्री के लिए पैसा आवंटित हो चुका 



राजकीय विद्यालयों की खेल सामग्री के लिए पैसा आवंटित हो चुका है। तीन साल बाद परिषद द्वारा विद्यालयों में क्रीड़ा सामग्री के खरीदे जाने के लिए पैसा भेजा गया है।


विद्यार्थियों की क्रीड़ा से संबंधित सामग्री जैसे क्रिकेट मैट, बालीबाल, बास्केटबाल आदि की खरीद के लिए 25 हजार रुपये प्रति विद्यालय के अनुसार बजट आ चुका है जिसे विद्यालयों तक पहुंचाया जा चुका है। हालांकि इस बार परिषद ने विद्यालयों को इस सामग्री की खरीददारी के लिए बंधित कर दिया है।


सभी विद्यालयों को वेबसाइट और ई-मेल आईडी बनाई जा रही इस वर्ष सभी विद्यालय जैम पोर्टल के तहत हो सामग्री को खरीद सकते हैं। अभी तक बेसिक शिक्षा परिषद ही जम पोर्टल से खरीद करता रहा है। लेकिन इस वर्ष से माध्यमिक शिक्षा परिषद के लिए भी जैम पोर्टल अनिवार्य कर दिया गया है।

अब दो मार्च तक भरे जाएंगे मदरसा बोर्ड के ऑनलाइन फार्म, अंतिम तिथि बढ़ी

Posted: 17 Feb 2022 05:30 PM PST

अब दो मार्च तक भरे जाएंगे मदरसा बोर्ड के ऑनलाइन फार्म, अंतिम तिथि बढ़ी


लखनऊ : उत्तर प्रदेश मदरसा शिक्षा परिषद ने सेकेंडरी, सीनियर सेकेंडरी, कामिल एवं फाजिल परीक्षा के आनलाइन फार्म भरने की अंतिम तिथि बढ़ा दी है। 


अब मदरसा पोर्टल पर आनलाइन फार्म दो मार्च तक भरे जा सकेंगे। परीक्षा शुल्क जमा करने की अंतिम तिथि 28 फरवरी रखी गई है। मदरसा बोर्ड के रजिस्ट्रार एसएन पाण्डेय ने गुरुवार को संशोधित समय सारणी जारी कर दी।


 उन्होंने बताया कि 28 फरवरी तक जिनका परीक्षा शुल्क जमा हो जाएगा वे दो मार्च तक मदरसा पोर्टल पर आनलाइन आवेदन पत्र भर सकेंगे। मदरसों के प्रधानाचार्य पार्टल पर पांच मार्च तक लाक कर उसे आगे बढ़ाएंगे। जिला समाज कल्याण अधिकारी जांच के बाद 14 मार्च तक आवेदन पत्रों को लाक करेंगे।

सूचना के अधिकार के तहत जानकारी न देना DIOS को पड़ा भारी, ठोका गया 25 हजार ₹ का जुर्माना

Posted: 17 Feb 2022 05:19 PM PST

सूचना के अधिकार के तहत जानकारी न देना DIOS को पड़ा भारी, ठोका गया 25 हजार ₹ का जुर्माना


प्रयागराज : सूचना के अधिकार के तहत जानकारी न देना डीआइओएस को भारी पड़ गया। राज्य सूचना आयोग ने जिला विद्यालय निरीक्षक आरएन विश्वकर्मा पर 25 हजार र रुपये का जुर्माना लगाया है।



 एक महीने में यह दूसरा मौका है जब डीआइओएस पर जुर्माना लगा है। फूलपति देवी इंटर कालेज को शुरू में 10 साल के लिए एनसीसी की मान्यता मिली थी। लेकिन, दो साल बाद ही मान्यता वापस ले ली गई। इसके बावजूद विद्यार्थियों से एनसीसी शुल्क लिया

जाता रहा। यहां की शिक्षक जया शुक्ला को 2018 में बिना नोटिस बर्खास्त कर दिया गया था। जया ने इसकी शिकायत डीआइओएस से की थी। बाद में शिकायत पर की गई कार्रवाई की जानकारी प्राप्त करने के लिए सूचना का अधिकार अधिनियम (आरटीआइ) के तहत आवेदन भी किया। सूचनाएं न मिलने पर राज्य सूचना आयोग से शिकायत की गई। इसे गंभीरता से लेते हुए राज्य सूचना आयुक्त किरन बाला चौधरी ने डीआइओएस पर 25 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है।

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