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Sunday, February 6, 2022

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इन मंत्रों के साथ करें मां शारदे की आराधना, पूरी होगी हर मनोकामना

Posted: 06 Feb 2022 09:32 AM PST

इन मंत्रों के साथ करें मां शारदे की आराधना, पूरी होगी हर मनोकामना

देशभर में बसंत पंचमी यानी सरस्वती पूजा का पर्व मनाया जा रहा है। बसंत पंचमी के दिन विद्या और ज्ञान की देवी मां सरस्वती की पूजा की मान्यता है। इसे श्री पंचमी, खटवांग जयंती और वागीश्वरी जयंती के नाम से भी जाना जाता है।

धार्मिक मान्यता के मुताबिक इस दिन शब्दों की शक्ति ने मनुष्य के जीवन में प्रवेश किया था। पुराणों के मुताबिक सृष्टि को वाणी देने के लिए ब्रह्मा जी ने कमंडल से जल लेकर चारों दिशाओं में छिड़का था। इस जल से हाथ में वीणा धारण कर जो शक्ति प्रकट हुई वह सरस्वती देवी कहलाई। उनके वीणा का तार छेड़ते ही तीनों लोकों में ऊर्जा का संचार हुआ और सबको शब्दों में वाणी मिल गई। वह दिन बसंत पंचमी का दिन था। इसलिए बसंत पंचमी को सरस्वती देवी का दिन भी माना जाता है। इस दिन उनकी पूजा का खास महत्व है।

पुराणों में वर्णित एक कथा के अनुसार, भगवान श्रीकृष्ण ने देवी सरस्वती से खुश होकर उन्हें वरदान दिया था कि बसंत पंचमी के दिन तुम्हारी आराधना की जाएगी। पारंपरिक रूप से यह त्‍योहार बच्चे की शिक्षा के लिए काफी शुभ माना गया है। इसलिए देश के अनेक भागों में इस दिन बच्चों की पढाई-लिखाई का श्रीगणेश किया जाता है। बच्‍चे को प्रथमाक्षर यानी पहला शब्‍द लिखना और पढ़ना सिखाया जाता है। आन्ध्र प्रदेश में इसे विद्यारम्भ पर्व कहते हैं। यहां के बासर सरस्वती मंदिर में विशेष अनुष्ठान किये जाते हैं।

धर्म शास्त्रों के जानकारों के मुताबिक बसंत पंचमी के दिन पीले वस्त्र पहनने चाहिए और मां सरस्वती की पीले और सफेद रंग के फूलों से ही पूजा करनी चाहिए। ऐसी मान्यता है कि इसदिन दस प्रमुख श्लोकों से मां सरस्वती की आराधना करने से सभी कार्यों में सिद्धि प्राप्त होती है। शिक्षण संस्थानों एवं विद्यार्थियों के लिए यह दिन वरदान की तरह है। इस दिन कोई भी विद्यार्थी श्रद्धा विश्वास से मां सरस्वती की आराधना करता है तो वह परीक्षा अथवा प्रतियोगिताओं में कभी फेल नहीं होता।

सभी श्लोक न आते हों तो इस दसवें श्लोक से भी मां को प्रसन्न कर सकता है। 'एमम्बितमें नदीतमे देवीतमे सरस्वति! अप्रशस्ता इव स्मसि प्रशस्तिमम्ब नस्कृधि ॥' अर्थात - मातृगणो में श्रेष्ठ, देवियों में श्रेष्ठ हैं ! मां सरस्वती हमें प्रशस्ति यानी ज्ञान, धन व संपति प्रदान करें।

इस मंत्र को भी पढ़कर मां सरस्वती को प्रसन्न कर आशीर्वाद प्राप्त किया जा सकता है। 'सरस्वति नमस्तुभ्यं वरदे कामरूपिणि । विद्यारम्भं करिष्यामि सिद्धिर्भवतु मे सदा ॥'

मां सरस्वती मंत्र- या कुंदेंदुतुषारहारधवला, या शुभ्रवस्त्रावृता। या वीणा वर दण्डमण्डित करा, या श्वेत पद्मासना। या ब्रहमाऽच्युत शंकर: प्रभृतिर्भि: देवै: सदा वन्दिता। सा मां पातु सरस्वती भगवती, नि:शेषजाड्यापहा।। इसके बाद 'ओम् ऐं सरस्वत्यै नम:' का जाप करें।

लघु मंत्र का 'ओम् ऐं सरस्वत्यै नम:' नियमित रूप से प्रतिदिन ध्यान और जाप करने से विद्या, बुद्धि और विवेक बढ़ता है।

सरस्वती पूजा तिथि और शुभ मुहूर्त

रविवार को करें ये उपाय, बढ़ेगा मान-सम्मान, मां लक्ष्मी की कृपा से बनेंगे धनवान

Posted: 06 Feb 2022 09:30 AM PST

रविवार को करें ये उपाय, बढ़ेगा मान-सम्मान, मां लक्ष्मी की कृपा से बनेंगे धनवान

Raviwar Ke Upay: आज साल 2022 के फरवरी महीने का पहला और भाघ महीने का तीसरा रविवार है। रविवार को दिन सूर्य देव को समर्पित है। अगर आपका काम बनते-बनते बिगड़ जाता है तो इसके ल‍िए परेशान होने की बात नहीं है। या फिर काम बनते ही नहीं हैं तो समझ लें क‍ि आपका सूर्य कमजोर है।

ज्योतिष शास्त्रों की मानें तो हर ग्रह की अपनी-अपनी खासियत है। शास्त्रों (Shastra) में यह विशेष रूप से उल्लेखनीय है कि कौन सा ग्रह मनुष्य को कैसा फल प्रदान कर सकता है। इसलिए हमें यह मालूम होना चाहिए कि हमें किस दिन कौन-कौन से कार्य नहीं करना चाहिए।

अगर कोई भी इन समस्‍याओं से जूझ रहा हो तो उसे अपने सूर्य ग्रह को मजबूत करने की जरूरत है। लेक‍िन इसके ल‍िए रव‍िवार को कुछ खास उपाय करने की जरूरत है। सुबह उठते ही स्नान करना है तो सूर्य (Surya) दर्शन करके स्नान करें।

रविवार (Raviwar Ke Upay) को जरूर करें यह काम

1- घर में अगर झगड़ें होते हैं तो ॐ सूर्याय नम: का मंत्र मन ही मन जाप जरूर करें।

2- मान्यता है कि रविवार के दिन काले कुत्ते को रोटी, काली गाय को रोटी और काली चिड़िया को दाना डालने से जीवन में आ रही रुकावटें धीरे-धीरे दूर होने लगती है।

3- कहा जाता है कि रविवार के दिन तेल से बने पदार्थ किसी गरीब व्यक्ति को खिलाने से शनि देव प्रसन्न रहते हैं।

4- धन-धान्य में वृद्धि के लिए रविवार की रात सोते समय एक गिलास दूध अपने सिरहाने रख दें और सोमवार को सूर्योदय से पहले स्नान-ध्यान करने के पश्चात उस दूध को बबूल के पेड़ की जड़ में अर्पित कर दें। मान्यता है कि ऐसा करने से आर्थिक समस्याएं दूर होने लगती हैं।

5- जैसा कि हम सभी जानते हैं कि रविवार का दिन सूर्य देव का दिन है। इस दिन भगवान भास्कर का व्रत करने से पद-प्रतिष्ठा में बढ़ोतरी तो होती ही है। इसके अलावा नेत्र और चर्म रोगों से मुक्ति भी मिलती है।

रविवार (Raviwar Ke Totke) के दिन न करें ये काम

1- रविवार (Sunday) को सूर्य (Surya) अस्त से पहले नमक का उपयोग न करें। यह अशुभ माना जाता है।
2- इस दिन किसी भी व्यक्ति को मांस व मदिरा का सेवन नहीं करना चाहिए।
3- रविवार (Sunday) को बाल न कटवाएं, सरसों के तेल की मालिश न करें, दूध को जलाने का काम न करें।
4- इस दिन हो सके तो तांबे से निर्मित चीजों का क्रय-विक्रय करने से बचें।
5- नीला काला या ग्रे रंग से बचें, इसके अलावा जरूरी न हो तो जुते न पहनें

अगर आप शाम को ये चार काम करते हैं तो जिंदगी भर गरीबी आपका साथ नहीं छोड़ेगी

Posted: 06 Feb 2022 09:22 AM PST

अगर आप शाम को ये चार काम करते हैं तो जिंदगी भर गरीबी आपका साथ नहीं छोड़ेगी

वास्तुशास्त्र के अनुसार हिंदू धर्म में शाम का समय एक ऐसा समय होता है जिसमें कोई घर का काम करता है और कोई पूजा करता है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि कुछ ऐसे काम भी होते हैं जिन्हें शाम के समय नहीं करना चाहिए, नहीं तो मां लक्ष्मी नाराज हो जाती हैं। और कभी भी घर की ओर मुड़कर न देखें क्योंकि शाम का समय ऐसा होता है कि किसी काम के बाद घर की सकारात्मकता चली जाती है, अगर आप भी शाम को ये 4 काम करते हैं तो सावधान हो जाएं अन्यथा आप बर्बाद हो जाएंगे।

पहला: शास्त्रों में शाम को भोजन करना गलत माना गया है, ऐसा करने से धन की कमी हो जाती है और देवी लक्ष्मी नाराज हो जाती हैं। हालांकि कुछ लोग काम में व्यस्त होने की वजह से शाम को कुछ भी खा लेते हैं, लेकिन ध्यान रखें कि अगर आपको ज्यादा भूख लगे तो आप फ्रूट फूड खा सकते हैं। इस समय भोजन करने से न केवल धन की हानि होती है बल्कि पेट खराब भी होता है।

दूसरा : शाम को सफाई करने से घर की सारी सकारात्मक ऊर्जा चली जाती है और नकारात्मकता घर में प्रवेश करने लगती है इसलिए अगर कोई चीज गिर जाए जिससे वह गंदी हो जाए तो उसे किसी खराब कपड़े से साफ कर लें लेकिन स्क्रब करने से बचें अन्यथा नहीं लगेगा। गरीबी आने के लिए तरस... ऐसा कहा जाता है कि शाम के समय मां लक्ष्मी हर घर की रखवाली करने आती हैं और अगर किसी भी घर में ऐसी स्थिति देखती हैं तो वह पीछे मुड़ जाती हैं और कभी पीछे मुड़कर नहीं देखती हैं।

तीसरा: शाम को नहीं सोना चाहिए क्योंकि उस समय हर धर्म में पूजा की जाती है और अगर कोई उस समय सोता है तो देवी-देवता नाराज हो जाते हैं इसलिए लक्ष्मी कभी भी उनके घर में प्रवेश नहीं करती हैं।

चौथा: शाम को किसी भी पेड़ या पौधे को परेशान नहीं करना चाहिए।हिंदू धर्म में तुलसी का पौधा उनमें से एक है और बहुत से लोग शाम को जल चढ़ाकर दीपक जलाते हैं।आ रहा है।


10वीं से डिग्री पास के लिए मल्टी-टास्किंग स्टाफ समेत कई पदों पर भर्ती का नोटिस हुआ जारी

Posted: 06 Feb 2022 09:16 AM PST

10वीं से डिग्री पास के लिए मल्टी-टास्किंग स्टाफ समेत कई पदों पर भर्ती का नोटिस हुआ जारी

RMRC Vacancy 2022 क्षेत्रीय चिकित्सा अनुसंधान केंद्र (Regional Medical Research Center) ने Scientist, MTS & Other पदों के लिए भर्ती प्रकाशित की है इक्छुक उम्मीदवार से अनुरोध है की इस सरकारी रोजगार में आवेदन करने से पहले सारी जानकारियां ले उसके बाद ही अपनी योग्यता के अनुसार आवेदन करे।

नोटिफिकेशन व आवेदन का लिंक नीचे दिया गया है।

Educational Qualification (शैक्षिक योग्यता)

10th/ Graduation/ Master Degree/ B.E/ B.Tech/ ME/ M.Tech/ Ph.D या इसके सामान उपाधि होने पर भी स्वीकृति है अधिक जानकारी पाने के लिए प्रकाशित नोटिफिकेशन देखे।

Name of Posts (पदों के नाम एवं संख्या)

रिक्त पदों की संख्या - 27 पद
रिसर्च एसोसिएट - 08
रिसर्च असिस्टेंट - 04
ट्रेनिंग मैनेजर - CRTCN - 01
ट्रेनिंग मैनेजर्स (टेक्निकल) - 02
ट्रेनिंग मैनेजर्स (एडमिनिस्ट्रेशन & एकाउंट्स) - 01
मल्टी-टास्किंग स्टाफ - 01

Important Dates (जरुरी तिथि )

नौकरी प्रकाशित होने की तिथि: 05-02-2022
आवेदन करने के लिए अंतिम तिथि: 21-02-2022

Age Limit (रोजगार में आयु सीमा)

उम्मीदवार की आयु 25 से 35 वर्ष तक होनी चाहिए। कृपया आयु में छूट एवं अन्य जानकारियों के लिए प्रकाशित नोटिफिकेशन देखिये।

Selection Process (चयन प्रक्रिया)

लिखित परीक्षा, इंटरव्यू, में परफॉरमेंस के अनुसार इस रोजगार में प्रत्याशी का चयन होगा |
Salary (वेतनमान)

नोटिफिकेशन के अनुसार प्रकाशित Govt Job में सैलेरी 15,800/- से 48,000/- तक होगी |

Application Mode (आवेदन प्रक्रिया)

इस रोजगार के लिए आपको आवेदन Offline करना होगा सभी उपयोगी जानकारियो को ऑफिसियल वेबसाइट में जाकर भरना होगा।

आवेदन शुल्क (Application Fees) इस रोजगार में आवेदन शुल्क सम्बंधित जानकारी के लिए प्रकाशित नोटिफिकेशन देखिये।

जब लता मंगेशकर के एक ट्वीट से बदल गया था धोनी का भविष्य

Posted: 06 Feb 2022 09:03 AM PST

जब लता मंगेशकर के एक ट्वीट से बदल गया था धोनी का भविष्य

भारत की सबसे चहेती गायिका और 'India's Nightingale' कही जाने वाली लता मंगेशकर (Lata Mangeshkar) अब हमारे बीच नहीं रहीं। भारत की स्वर कोकिला लता मंगेशकर का 92 साल की उम्र निधन हुआ।

लता मंगेशकर को व्यापक रूप से भारत में सबसे महान और सबसे प्रभावशाली गायकों में से एक माना जाता था। सात दशकों के करियर में भारतीय संगीत में उनके योगदान के लिए उन्हें नाइटिंगेल ऑफ़ इंडिया और क्वीन ऑफ़ मेलोडी जैसे सम्मानित खिताब मिले हैं।

संगीतकार होने के साथ साथ लता मंगेशकर को क्रिकेट से भी काफी लगाव था। वो ना केवल भारतीय टीम के मैच देखती थीं बल्कि अक्सर सोशल मीडिया के जरिए भारतीय क्रिकेट टीम और खिलाड़ियों से जुड़ी बातों पर अपनी राय भी रखती थीं।

लता मंगेशकर ने साल 2019 विश्व कप सेमीफाइनल में मिली हार के बाद आलोचना झेल रहे पूर्व भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी (MS Dhoni) को संन्यास लेने से भी रोका था।

उन्होंने लिखा था, "नमस्कार धोनी जी। आज कल मैं सुन रह हूं कि आप रिटायर होना चाहते हैं। कृपया आप ऐसा मत सोचिए। देश को आपकी जरूरत है और ये मेरा भी निवेदन है कि रिटायरमेंट का विचार भी आप मन में मत लाएं।"

मंगेशकर ने विश्व कप हार चुके निराश भारतीय खिलाड़ियों को भी हौसला दिया था। उन्होंने लिखा था, "कल भले ही हम जीत ना पाएं हो लेकिन हम हारे नहीं। गुलजार साब का क्रिकेट के लिए लिखा हुआ ये गीत हमारी टीम को समर्पित करती हूं।"

उन्होंने गुलजार का लिखा हुआ और अपना गाया हुआ गीत 'आकाश के उस पार भी' भारतीय क्रिकेट टीम को समर्पित किया था।

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हलवाई को इंग्लिश में क्या कहते हैं? जानें ऐसे ही रोचक सवालों को जवाब

Posted: 06 Feb 2022 08:56 AM PST

हलवाई को इंग्लिश में क्या कहते हैं? जानें ऐसे ही रोचक सवालों को जवाब

IAS Interview Questions: हमारे देश में ज्यादातर युवाओं का ये सपना होता है की वो पढ़ लिखकर IAS या IPS अधिकारी बने और इसके लिए उन्हें UPSC की कठिन परीक्षा पास करनी होती है और ये परीक्षा UPSC कैंडिडेट के लिए किसी अग्निपरीक्षा से कम नहीं होती है और हर साल लाखों की संख्या में युवा इस परीक्षा की तैयारी करते है और तब जाकर उसमे से कुछ ही उम्मीद्वार का सिलेक्शन हो पाता है.




यूपीएससी परीक्षा की तैयारी कर रहे उम्मीदवारों को लिखित परीक्षा से ज्यादा इंटरव्यू राउंड (IAS Interview) का डर होता है. आईएएस इंटरव्यू में पूछे जाने वाले सवालों (IAS Interview Questions) को लेकर उम्मीदवारों मैं चिंता का माहौल देखा जा सकता है. अक्सर आईएएस इंटरव्यू में आईक्यू टेस्ट (IQ Test) करने के लिए सवालों को घुमा कर पूछा जाता है.



यूपीएससी समेत सभी प्रतियोगिता परीक्षाओं में जनरल नॉलेज विषय से प्रश्न (GK Questions) जरूर पूछे जाते हैं. इसकी तैयारी को लेकर उम्मीदवार ज्यादातर अर्थव्यवस्था, सामाजिक व्यवस्था, राजनीति शास्त्र, इतिहास और विज्ञान जैसे विषय ज्यादा पढ़ते हैं. हांलाकि, आईएएस इंटरव्यू (IAS Interview Questions) में हमारे आसपास की चीजों या घटनाओं से जुड़े प्रश्न ज्यादा पूछे जाते हैं. यहां हम कुछ ऐसे ही सवालों के बारे में बताएंगे जो अक्सर आईएएस इंटरव्यू में आते हैं.

सवाल 1- वह कौन सा जीव है जिसका दिल कार जितना बड़ा होता है?
जवाब- व्हेल मछली का, इसकी लंबाई 115 फुट और वजन 150 से 170 टन तक होता है.

सवाल 2- मानव के बाद सबसे समझदार जीव कौन सा है?
जवाब- मानव के बाद सबसे समझदार जीव डाल्फिन है.

सवाल- 3. वह कौन सा जीव है जो हर चीज का स्वाद जीभ से नहीं अपने पैरों से लेता है?
जवाब- तितली. (तितलियां हमेशा पत्तों पर अंडा देती हैं. वो अपने पैरों से पता लगा लेती हैं कि ये पत्ता अंडे देने के लिए सही है या नहीं).




सवाल- 4. दुनिया में सबसे ज्यादा ऑक्सीजन देने वाला पेड़ कोनसा है ?
जवाब- पीपल का पेड़ सबसे ज्यादा ऑक्सीजन उत्सर्जित करता है.




सवाल- 5. ऐसा कौन का जानवर है जो एक बार सो जाये तो दोबारा नहीं जागता ?
जवाब- चींटी एक ऐसा जानवर है जो एक बार सो जाए तो जगती ही नहीं.

सवाल- 6. किस जानवर का दूध गुलाबी रंग का होता है?
जवाब- हिप्पो

सवाल- 7. पासवर्ड को हिंदी में क्या कहते है?
जवाब- पासवर्ड (password) को हिंदी में "कूट शब्द" कहते ह


सवाल- 8.हलवाई को इंग्लिश में क्या कहते हैं?
जवाब- केला और अंगूर.

65 साल तक जवान रहती हैं यहाँ की महिलाएं जानिए वजह

Posted: 06 Feb 2022 03:30 AM PST

65 साल तक जवान रहती हैं यहाँ की महिलाएं जानिए वजह

हमारे देश में एक व्यक्ति की औसत आयु 60 से 70 साल मानी जाती है लेकिन आज हम आपको ऐसे समुदाय के बारे में बताने जा रहे है जिसकी औसत आयु 100 साल से ज्यादा है. इस समुदाय को हुंजा जनजाति के नाम से जाना जाता है. ये समुदाय हिमालय में बसा हुआ है जो पहले भारत का हिस्सा हुआ करता था लेकिन बटवारे के बाद हुंजा समुदाय का इलाका पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर, गिलगिट और बाल्टिस्तान में बसा हुआ है.

हुंजा जनजाति की आबादी 87 हजार के करीब है यहां बोली जाने वाली भाषा को बुराश्‍की कहा जाता है. यहाँ के लोग पूरी तरह से प्रकृति पर निर्भर रहते है और यहां के लोग खान-पान को लेकर वैज्ञानिक सलाह पर पूरी तरह से विश्‍वास करते हैं. इसके अलावा यहाँ प्रकृति की ताजगी के साथ बेशुमार खूबसूरती है. यहीं कारण है की यहाँ के लोग बहुत कम बीमार होते है. अगर कोई बीमार हो भी जाए तो उसका इलाज प्रकृति में उपलब्ध जड़ी बूटियों से हो जाता है.

हुंजा जनजाति यहाँ की औसत आयु लगभग 110 से 120 साल बताई गयी है और यहाँ के ज्यादातर लोग 150 साल तक जीते है. इनके खानपान में हमेशा पोष्टिक चीजे होती है. इसके साथ ही इससे भी बड़ा कारण है यहां के लोगों की खुशमिजाजी ये सभी कारण यहां के लोगों को लंबे समय तक जवान और तंदरुस्‍त रखने में मदद करती है. इसके अलावा हुंजा जनजाति की महिलायें 65 साल की उम्र में भी माँ बनती है. यहां के लोगों की ऐसी खासियतों को देखकर ऐसा लगता है कि वाकई आज के समय में ये जगह किसी जन्‍नत से कम नहीं होगी.

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घर से छिपकली भगाने के उपाय, छिपकली से परेशान हैं तो जरुर पढ़े

Posted: 06 Feb 2022 03:25 AM PST

घर से छिपकली भगाने के उपाय, छिपकली से परेशान हैं तो जरुर पढ़े

घर से छिपकली भगाने के उपाय – छिपकली हर आम आदमी के घर में देखने मिल जाती हैं. सभी छिपकलियों को अपने घर से भगाना चाहते हैं क्योंकि छिपकली के घर के खाने या घर के सदस्यों पर गिरने का खतरा बना रहता है. वैसे आपको बता दे कि छिपकली में किसी तरह का जहर नहीं होता है लेकिन घर के बच्चे छिपकली से डर जाते है इसके अलावा छिपकली कई बार परेशानी का कारण भी बन जाती है जिस बजह से लोगो को अपने घरो से छिपकलियाँ को भगाना ही पड़ता है. हालांकि घर में छिपकली के होने से कीड़े-मकोड़े, पंतगी, झिंगुर आदि नहीं रहते है.

घर से छिपकली भगाने के लिए बाजार में कई प्रोडक्ट मौजूद है लेकिन वो प्रोडक्ट काफी विषैले होते है जिस बजह से छिपकलियाँ मर जाती है जिसके कारण उनको हमें बाहर फेकना पड़ता है. इसके अलावा ये विषैले प्रोडक्ट हमारे बच्चों के लिए भी हानिकारक हो सकते है. इसलिए हमें ऐसे तरीके अपनाना चाहिए जिससे छिपकली भाग जाये और हमें किसी भी तरह उन्हें मारने की जरुरत नहीं पड़े. आज हम आपको कुछ ऐसे उपाय बताने जा रहे है जिससे आप छिपकलियों को मारने की बजाय उन्हें आसानी से भगा सकते है.

घर से छिपकली भगाने के उपाय मोर के पंख से – मोर के पंख को आमतौर पर घर में सजावट के लिए प्रयोग किया जाता है लेकिन आप इसका उपयोग छिपकलियों को भगाने के लिए भी कर सकते है. इसके लिए आपको मोर पंख को उस जगह पर लगा देना है जहाँ छिपकलियाँ आती है. छिपकली इसे कोई जीव समझ कर इसके पास नहीं आती है.

प्याज की गन्ध – बहुत से लोगो को प्याज की गंध पसंद नहीं होती है लेकिन सभी छिपकली भी प्याज की गंध के आस पास भी नहीं आती है इसके लिए आप प्याज को काटकर बल्ब या ट्यूब लाइट के आस पास लटका दे क्योंकि ज्यादातर छिपकलियां रोशनी के पास ही आती है और यही उन्हें कीड़े मकौड़े मिलते है.

लहसुन की गंध – प्याज की तरह लहसुन से भी छिपकलियों को भगा सकते है इसके लिए लहसुन के कुछ कलियाँ को छीलकर उन्हें सुई की सहायता से धागे में पिरोकर छिपकलियों की जगह पर टांग सकते है.

काली मिर्च और लाल मिर्च – इसमें आपको दोनों में से किसी एक मिर्च के पावडर को पानी में मिलाकर स्प्रे बोतल की सहायता से उन जगहों पर स्प्रे कर देना जहाँ ज्यादा छिपकलियां आती हो, मिर्च का स्प्रे करने से पहले अपने आप को सुरक्षित कर लेना चाहिए.

घर से छिपकली भगाने में उपर्युक्त सभी आसान उपाय आपकी मदद करेंगे. अगर आप इन उपायों को समय समय पर करते रहेंगे तो आपके घर में छिपकलियां दोबारा लौटकर नहीं आयेंगी. इस तरह से आप छिपकली से छुटकारा पा सकते हैं.

छिपकली भगाने के पांच घरेलू उपाय:

1. अंडे का छिलका
2. लहसुन
3. ठंडा पानी
4. नेप्थलीन बॉल्स
5. कॉफी पाउडर

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IPL 2022: इन 17 भारतीय खिलाड़ियों की बेस प्राइस है 2 करोड़ रुपए, देखें कौन-कौन है लिस्ट में शामिल

Posted: 06 Feb 2022 03:14 AM PST

IPL 2022: इन 17 भारतीय खिलाड़ियों की बेस प्राइस है 2 करोड़ रुपए, देखें कौन-कौन है लिस्ट में शामिल

आईपीएल 2022 के मेगा ऑक्शन (IPL 2022 Mega Auction) के लिए बीसीसीआई की तरफ से खिलाड़ियों की लिस्ट जारी कर दी गई है। इस बार कुल 590 खिलाड़ियों पर बोली लगेगी, जिसमें से 370 भारतीय खिलाड़ी होंगे और 220 विदेशी खिलाड़ी होंगे। इससे पहले कुल 33 खिलाड़ियों को 10 फ्रेंचाइजी द्वारा रिटेन किया जा चुका है। आईपीएल 2022 के मेगा ऑक्शन (IPL 2022 Mega Auction) में भारत के कई बड़े खिलाड़ी भी हिस्सा लेने जा रहे हैं, जिसमें अश्विन, धवन और शार्दुल ठाकुर समेत कई नाम शामिल हैं। तो चलिए जानते हैं कि भारत के कौन से खिलाड़ी होंगे जिनकी बेस प्राइस इस ऑक्शन में 2 करोड़ रुपए होगी।

इन भारतीय खिलाड़ियों की बेस प्राइस होगी 2 करोड़ भारत के कुल 17 खिलाड़ियों की बेस प्राइस दो करोड़ रुपए है। मतलब यह कि इन 17 खिलाड़ियों पर 2 करोड़ रुपए से बोली लगनी शुरू होगी। साथ ही कुछ ऐसे भी खिलाड़ी हैं जो बेस प्राइस पर ही बिक सकते हैं। 2 करोड़ की बेस प्राइस में बल्लेबाजों की लिस्ट में शिखर धवन, श्रेयस अय्यर, देवदत्त पडिक्कल, सुरेश रैना और अंबाती रायुडू का नाम शामिल है। वहीं, विकेटकीपर की लिस्ट में ईशान किशन और दिनेश कार्तिक का नाम शामिल है।

स्पिनरों की लिस्ट में आर अश्विन, युजवेंद्र चहल और क्रुणाल पांड्या का नाम है जबकि तेज गेंदबाजों की सूची में दीपक चाहर, मोहम्मद शमी, शार्दुल ठाकुर, भुवनेश्वर कुमार, हर्षल पटेल और उमेश यादव का नाम शामिल है।

इन खिलाड़ियों का बेस प्राइस 2 करोड़ से है कम 
गौरतलब है कि 6 भारतीय खिलाड़ी ऐसे भी हैं जिनका आईपीएल 2022 के मेगा ऑक्शन (IPL 2022 Mega Auction) में बेस प्राइस 2 करोड़ से कम है लेकिन इनके ऊपर भी बोली लग सकती है। इसमें चेतेश्वर पुजारा और हनुमा विहारी का बेस प्राइस 50 लाख रुपए है। अजिंक्य रहाणे और कुलदीप यादव का बेस प्राइस 1 करोड़ रुपए है जबकि ईशांत शर्मा और वॉशिंगटन सुंदर का बेस प्राइस 1.5 करोड़ रुपए है।

स्टार खिलाड़ी पहले ही हो चुके हैं रिटेन

आपको बता दें कि कई स्टार भारतीय खिलाड़ी ऐसे भी हैं जिन्हें पहले ही फ्रेंचाइजी ने रिटेन कर लिया है। रिटेन हुए खिलाड़ियों में रोहित शर्मा, विराट कोहली, रिषभ पंत, मयंक अग्रवाल, जसप्रीत बुमराह, रविंद्र जडेजा, एमएस धोनी का नाम शामिल है। वहीं, आईपीएल की दो नई टीमों ने शुभमन गिल, हार्दिक पांड्या और केएल राहुल जैसे खिलाड़ियों को अपने साथ जोड़ने का फैसला किया है। आईपीएल 2022 का मेगा ऑक्शन (IPL 2022 Mega Auction) इसी महीने में 12 और 13 फरवरी को बेंगलुरु में आयोजित होगा।

हिमाचल: बकरियां चराने जंगल गई महिला के साथ दुष्कर्म, बचाने आया जेठ तो पीछे छोड़ दिया कुता

Posted: 06 Feb 2022 03:05 AM PST

हिमाचल: बकरियां चराने जंगल गई महिला के साथ दुष्कर्म, बचाने आया जेठ तो पीछे छोड़ दिया कुता

उपमंडल अम्ब के तहत एक गांव में जंगल में बकरियां चराने गई महिला के साथ दुष्कर्म का मामला सामने आया है। इतना ही नहीं महिला को बचाने गए उसके जेठ पर आरोपी ने कुत्ते से हमला करवाया है। वहीं दूसरी तरफ पीड़ित महिला ने पुलिस थाना अंब में आरोपी के विरुद्ध शिकायत दर्ज करवाई है।

पुलिस को दी गई शिकायत में पीड़िता ने बताया कि उसके साथ गांव के ही एक युवक रजत कुमार ने दुष्कर्म जैसे घिनौने अपराध को अंजाम दिया है। पीड़िता के मुताबिक जब वह जंगल में बकरियां चरा रही थी तो इसी दौरान रजत कुमार भी वहां आ गया। इस दौरान उसने उसके साथ जबरदस्ती की।

पीड़िता ने बताया कि जब उसके चिल्लाने की आवाज उसके जेठ ने सुनी तो वह मौके पर पहुंचे और उन्होंने आरोपी के चंगुल से मुझे छुड़ाया। उधर, पुलिस अधीक्षक अर्जित सेन ठाकुर ने कहा कि शिकायत मिलने पर पुलिस ने पीड़ित महिला का मेडिकल करवाने के बाद आरोपी युवक के खिलाफ केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।

कहीं आपका श्रमिक कार्ड रिजेक्ट तो नहीं हो गया है? कैसे चेक करें कि श्रम कार्ड का पैसा आया की नहीं

Posted: 06 Feb 2022 02:59 AM PST

कहीं आपका श्रमिक कार्ड रिजेक्ट तो नहीं हो गया है? कैसे चेक करें कि श्रम कार्ड का पैसा आया की नहीं

E Sham Card Updates In Hindi: इस वक्त भारत में अनेकों लोग श्रमिक कार्ड बनवा रहे हैं। बता दें कि श्रम कार्ड के जरिए सरकार उन लोगों की मदद करना चाह रही है जो लोग असंगठित क्षेत्र में काम कर रहे हैं। ऐसे में असंगठित क्षेत्र के लोगों को किसी भी प्रकार से लाभ नहीं मिलता है जिसके चलते सरकार ने उनकी तरफ ध्यान दिया है और श्रम कार्ड जैसी योजना लेकर आई हुई है।

जितने भी लोग असंगठित क्षेत्र में काम कर रहे हैं, उनके खाते में सरकार ने हजार रुपए देने का संकल्प किया है, जिसको वह श्रम कार्ड के जरिए पूरा कर रहे हैं। बताते चलें कि इस योजना के तहत पहली क़िस्त का पैसा अब सभी श्रम खाताधारकों के अकाउंट में आ गया है। यदि आपके खाते में शर्म कार्ड का पैसा नहीं आया तो इसके पीछे कोई ना कोई ठोस वजह है। आज हम इसीके बारे में बात करने वाले हैं।

यदि आप पीएम किसान के लाभार्थी है और आपने पीएम किसान सम्मान निधि का पंजीकरण करवाया हुआ है तो आपको हर महीने 3 किस्तों के जरिए ₹6000 सरकार से मिल रहा होगा, ऐसे में आपको श्रमिक कार्ड के पैसे नहीं दिए जाएंगे।

यदि आप एक ऐसे श्रमिक है जो पहले से ही सरकार की किसी योजना का लाभ उठा रहा है तो आपको श्रमिक कार्ड का पैसा नहीं मिलेगा, सरकार ने साफ कहा है कि यदि कोई भी श्रमिक किसी पेंशन योजना या अन्य सरकारी योजना के तहत जुड़ा हुआ है तो उसके लिए श्रमिक कार्ड का पैसा वैध नहीं है। ऐसे में यदि कोई श्रमिक इस प्रकार का काम करेगा तो उसका कार्ड रिजेक्ट किया जाएगा।

कैसे चेक करें श्रमकार्ड का पैसा आया या नहीं ?

दरअसल इस योजना का लाभ लेने वाले लोगों को अपने बैंक में जाकर पूछना होगा कि उनकी किस्त का पैसा आया कि नहीं क्योंकि असंगठित क्षेत्र के लोग ऑनलाइन ट्रांजैक्शन और मैसेज के जरिए नहीं पता लगा पाते कि उनके बैंक में पैसा आया है कि नहीं। इस कारण उसके लिए बैंक जाना अति आवश्यक हो जाता है। यदि वह बैंक नहीं जा सकते तो बैंक के टोल फ्री नंबर पर फोन लगा कर पूछ सकते हैं।

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वैज्ञानिकों ने पता लगा लिया, ऐसे लोगों में संक्रमण की गंभीरता और मौत का खतरा अधिक

Posted: 06 Feb 2022 02:43 AM PST

वैज्ञानिकों ने पता लगा लिया, ऐसे लोगों में संक्रमण की गंभीरता और मौत का खतरा अधिक

दुनियाभर में पिछले दो साल से अधिक समय से कोरोना का कहर जारी है। कोरोना वायरस के सामने आए तमाम वैरिएंट्स के कारण लोगों को कई तरह की गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का सामना करना पड़ा। डेल्टा जैसे वैरिएंट से संक्रमण के दौरान लोगों की मृत्युदर भी काफी अधिक देखी गई, हालांकि ओमिक्रॉन के कारण संक्रमण के लक्षण हल्के और मृत्यु का आंकड़ा कम बताया जा रहा है। इस बीच हाल ही में हुए एक अध्ययन में वैज्ञानिकों ने उस एक कारण का पता लगा लिया है जो कोरोना संक्रमण के कारण गंभीर रोग और मृत्यु के जोखिम को बढ़ावा दे सकती है।

प्लस वन जर्नल में प्रकाशित अध्ययन में वैज्ञानिकों ने बताया कि जिन कोरोना संक्रमितों में विटामिन डी का का स्तर कम पाया गया उनमें कोविड-19 के गंभीर मामलों के साथ-साथ मृत्यु दर अधिक होने का खतरा देखा गया है। इज़राइल स्थित बार-इलान विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं ने अध्ययन के दौरान विटामिन-डी की कमी और कोविड-19 की गंभीरता और मौत के जोखिमों के बारे में पता लगाया है। आइए आगे की स्लाइडों में जानते हैं कि विटामिन-डी की कमी किस प्रकार से कोरोना संक्रमितों के लिए गंभीर समस्याओं का कारण बन सकती है?

विटामिन-डी की कमी से बढ़ सकता है कोरोना का खतरा
कोरोना महामारी की शुरुआत से ही लोगों को सुरक्षात्मक तौर पर विटामिन-सी और डी का सेवन बढ़ाने की सलाह दी जाती रही है। शोधकर्ताओं ने अप्रैल 2020 से फरवरी 2021 के बीच अस्पताल में भर्ती कोरोना के 1,176 रोगियों पर अध्ययन किया। वैज्ञानिकों ने पाया कि विटामिन-डी शरीर की इम्यूनिटी को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है, जिसके कारण रोगियों में संक्रमण की गंभीरता और इसके कारण होने वाली मौत का जोखिम कम हो सकता है।

शरीर में विटामिन-डी की कितनी मात्रा पर्याप्त?
वैज्ञानिकों की टीम ने अध्ययन के दौरान पाया कि 20 नैनोग्राम / मिलीली. से कम विटामिन डी वाले संक्रमितों में कोविड-19 के गंभीर मामले और इसके कारण होने वाली मौत का जोखिम 14 गुना अधिक पाया गया। अध्ययनकर्ताओं ने पाया कि जिन रोगियों में विटामिन डी की मात्रा 40 नैनोग्राम / मिलीली. के आसपास की थी उनमें संक्रमण की गंभीरता का खतरा कम पाया गया। वैज्ञानिकों ने अध्ययन में यह भी पाया कि विटामिन-डी की कमी वाले समूह में संक्रमण के कारण मृत्युदर 25.6 प्रतिशत के करीब हो सकता है।

क्या कहते हैं अध्ययनकर्ता?
बार-इलान विश्वविद्यालय के प्रोफेसर और अध्ययन के प्रमुख एमिल ड्रोर कहते हैं, अध्ययन के परिणाम बताते हैं कि विटामिन-डी का सामान्य स्तर को बनाए रखने से कोरोना संक्रमण की गंभीरता के खतरे को कम किया जा सकता है। यह उन लोगों के लिए और भी आवश्यक है जिनको कोरोना का संक्रमण हो गया है। कोरोना संक्रमितों को गंभीर खतरे से बचाने के लिए विटामिन-डी सप्लीमेंट्स दिए जाने चाहिए। इसके अलावा कोरोना के इस दौर में सभी लोगों को अपने आहार में उन चीजों को अधिक से अधिक मात्रा में शामिल करना चाहिए जिससे कि संक्रमण के जोखिम को कम किया जा सके।

विटामिन-डी वाले आहार
मायो क्लीनिक की रिपोर्ट के मुताबिक सूर्य की रोशनी विटामिन-डी के सबसे अच्छे स्रोतों में से एक है। इसके अलावा आहार में कुछ चीजों को शामिल करके भी इस विटामिन की पूर्ति की जा सकती है। सैल्मन और ट्यूना जैसी मछलियां, अंडे, कॉड लिवर ऑयल, डेयरी उत्पाद आदि में विटामिन-डी भरपूर मात्रा में उपलब्ध होती है। इसके अलावा संतरे को भी इस विटामिन का अच्छा स्रोत माना जाता है।


Lata Mangeskar Death News: नहीं रहीं महान गायिका लता मंगेशकर, महीने भर से अस्पताल में चल रहा था इलाज

Posted: 06 Feb 2022 02:45 AM PST

Lata Mangeskar Death News: नहीं रहीं महान गायिका लता मंगेशकर, महीने भर से अस्पताल में चल रहा था इलाज

लता मंगेशकर (जन्म 28 सितंबर, 1929 इंदौर) भारत की सबसे लोकप्रिय और आदरणीय गायिका थीं, जिनका छ: दशकों का कार्यकाल उपलब्धियों से भरा पड़ा है। हालाँकि लता जी ने लगभग तीस से ज्यादा भाषाओं में फ़िल्मी और गैर-फ़िल्मी गाने गाये हैं लेकिन उनकी पहचान भारतीय सिनेमा में एक पार्श्वगायक के रूप में रही है।

अपनी बहन आशा भोंसले के साथ लता जी का फ़िल्मी गायन में सबसे बड़ा योगदान रहा है। लता की जादुई आवाज़ के भारतीय उपमहाद्वीप के साथ-साथ पूरी दुनिया में दीवाने हैं। टाईम पत्रिका ने उन्हें भारतीय पार्श्वगायन की अपरिहार्य और एकछत्र साम्राज्ञी स्वीकार किया है। लता दीदी को भारत सरकार ने 'भारतरत्न' से सम्मानित किया है। इनकी मृत्यु कोविड से जुड़े कॉम्प्लिकेशन से 6 फरवरी 2022 में ब्रीच कैंडी हॉस्पिटल मुंबई में हुई। वे एक अरसे से बीमार थीं।

केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने ट्वीट कर दुख जताते हुए लिखा है, "देश की शान और संगीत जगत की शिरमोर स्वर कोकिला भारत रत्न लता मंगेशकर जी का निधन बहुत ही दुखद है. पुण्यात्मा को मेरी भावभीनी श्रद्धांजलि. उनका जाना देश के लिए अपूरणीय क्षति है. वे सभी संगीत साधकों के लिए सदैव प्रेरणा थी."

लता मंगेशकर एक महान पार्श्वगायिका थीं, जिन्होंने भारत में फ़िल्मी संगीत को एक नई परिभाषा दी थी.

बॉलीवुड के उदय के साथ ही, यहां की फ़िल्मों में पार्श्वगायकों या प्लेबैक सिंगर्स की अहम भूमिका रही है, जो फ़िल्मी पर्दे पर अभिनेताओं और अभिनेत्रियों को अपनी आवाज़ पर्दे के पीछे से देते रहे हैं.

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