प्राइमरी का मास्टर ● इन |
- BSA द्वारा बैक डेट में निलंबित करने के आदेश पर हाईकोर्ट ने लगाई रोक, चार सप्ताह में मांगा जवाब
- कैसा रहा शिक्षा क्षेत्र के लिए यूपी का नया बजट? जानिए शिक्षा क्षेत्र के लिए क्या है सौगातें?
- रिश्वतकांड के बाद जागा फतेहपुर का बेसिक शिक्षा और लेखा विभाग, ताबड़तोड़ आदेश जारी कर मांगी लंबित देयकों की सूचना
| BSA द्वारा बैक डेट में निलंबित करने के आदेश पर हाईकोर्ट ने लगाई रोक, चार सप्ताह में मांगा जवाब Posted: 26 May 2022 10:30 PM PDT BSA द्वारा बैक डेट में निलंबित करने के आदेश पर हाईकोर्ट ने लगाई रोक, चार सप्ताह में मांगा जवाब प्रयागराज । हाईकोर्ट के वरीयता के आधार पर याची सहायक अध्यापिका को अलीगढ़ में तैनात करने के आदेश के बाद जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कासगंज द्वारा बैक डेट में निलंबित करने के आदेश पर रोक लगा दी है और राज्य सरकार से चार सप्ताह में जवाब मांगा है। ■ हाईकोर्ट ने सरकार से जवाब तलब किया ■ बीएसए पर मनमाने तरीके से काम करने का आरोप यह आदेश न्यायमूर्ति मंजू रानी चौहान ने अंजू सिंह की याचिका पर अधिवक्ता आरएन यादव व अभिषेक यादव को सुनकर दिया है। याची सहायक अध्यापक भर्ती में चयनित हुई। उसने अलीगढ़ को वरीयता दी लेकिन उसे अलीगढ़ में नियुक्ति न देकर कासगंज में नियुक्ति दी गई। उसने ज्वाइन कर लिया और याचिका कर अलीगढ़ में नियुक्ति की मांग की। याची का कहना था कि उससे कम क्वालिटी प्वाइंट अंक वालों को अलीगढ़ में नियुक्ति दी गई है। अधिक क्वालिटी प्वाइंट अंक प्राप्त करने के बावजूद उसे वहां नियुक्ति नहीं दी गई। कोर्ट ने गत 28 अप्रैल को याची को अलीगढ़ में नियुक्ति देने का निर्देश दिया तो इस पर कासगंज बीएसए राजीव कुमार ने याची को स्कूल में गैरहाजिर होने के आरोप में 25 अप्रैल को निलंबित कर दिया। कोर्ट आर्डर |
| कैसा रहा शिक्षा क्षेत्र के लिए यूपी का नया बजट? जानिए शिक्षा क्षेत्र के लिए क्या है सौगातें? Posted: 26 May 2022 06:59 PM PDT कैसा रहा शिक्षा क्षेत्र के लिए यूपी का नया बजट? जानिए शिक्षा क्षेत्र के लिए क्या है सौगातें? उत्तर प्रदेश सरकार ने गुरुवार 26 मई, 2022 को विधानसभा में बजट, 2022 को पेश कर दिया है। राज्य के वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने विधानसभा में कुल 6 लाख 15 हजार 518 करोड़ रुपये का बजट पेश किया। इस बजट में विभिन्न क्षेत्रों के लिए अहम घोषणाएं की गईं। वहीं, शिक्षा और रोजगार के क्षेत्र को भी कई अहम सौगातें मिली हैं। आइए जानते हैं शिक्षा के लिए कैसा रहा इस साल का बजट और इसमें कौन सी बड़ी घोषणाएं की गईं। शिक्षा क्षेत्र के लिए क्या है सौगातें? शिक्षा क्षेत्र के लिए उत्तर प्रदेश के वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने कई बड़ी घोषणाएं की। आइए इन्हें प्वाइंट्स में जानते हैं : आगामी 05 वर्षों में 02 करोड़ स्मार्ट फोन / टैबलेट वितरित किये जाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके लिए 1500 करोड़ रूपये की व्यवस्था प्रस्तावित की गई है। युवाओं के बीच उद्यमशीलता एवं नवाचार को बढ़ावा देने के लिए नयी उत्तर प्रदेश स्टार्टअप नीति-2020 के अन्तर्गत 05 वर्ष में प्रत्येक जनपद में कम से कम से एक तथा कुल 100 इन्क्यूबेटर्स एवं 10,000 स्टार्टअप्स की स्थापना का लक्ष्य है। प्रतियोगी छात्रों को अपने घर के समीप ही कोचिंग की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना के लिए 30 करोड़ रूपये की व्यवस्था प्रस्तावित की गई है। जनपद वाराणसी में अन्तर्राष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम की स्थापना के लिये भूमि क्रय हेतु 95 करोड़ रूपये की व्यवस्था प्रस्तावित की गई है। खेल के विकास एवं उत्कृष्ट कोटि के खिलाड़ी तैयार करने हेतु जनपद मेरठ में मेजर ध्यानचन्द खेल विश्वविद्यालय पर 700 करोड़ रूपये की धनराशि खर्च होगी। भारत सरकार की खेलो इण्डिया एक जनपद- एक खेल योजनान्तर्गत प्रदेश के 75 जनपदों में खेलों इण्डिया सेन्टर्स की स्थापना की जाएगी। प्रदेश के 16 असेवित जनपदों में मेडिकल कॉलेजों की स्थापना हेतु राज्य सरकार द्वारा पीपीपी नीति घोषित की गयी है। इसमें निजी निवेश के माध्यम से मेडिकल कॉलेज स्थापित किये जायेंगे। एमबीबीएस एवं पीजी पाठ्यक्रमों में सीटों में वृद्धि के लिए 500 करोड़ रूपये की व्यवस्था प्रस्तावित की गई है। नर्सिंग कॉलेज की स्थापना हेतु 25 करोड़ रूपये की व्यवस्था प्रस्तावित की गई है। अटल बिहारी वाजपेयी चिकित्सा विश्वविद्यालय, लखनऊ की स्थापना हेतु 100 करोड़ 45 लाख रूपये की व्यवस्था प्रस्तावित की गई है। प्रदेश के 14 जनपदों में निर्माणाधीन नये मेडिकल कॉलेजों के लिए 2100 करोड़ रूपये की व्यवस्था प्रस्तावित की गई है। गोरखपुर में आयुष विश्वविद्यालय की स्थापना हेतु 113 करोड़ 52 लाख रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित की गई है। 🔵 बेसिक शिक्षा वर्ष 2022-2023 में परिषदीय विद्यालयों में स्कूल चलो अभियान के अन्तर्गत छात्र नामांकन का लक्ष्य 2 करोड़ रखा गया है। वर्तमान में यह आंकड़ा 1.66 करोड़ का है। समग्र शिक्षा अभियान हेतु 18,670 करोड़ 72 लाख रूपये की व्यवस्था प्रस्तावित की गई है। • कक्षा एक से आठ तक के छात्रों के खाते में सीधे पैसे भेजने के लिए 370 करोड़ रूपये की प्रस्तावित की गई है। 🔵 माध्यमिक शिक्षा सैनिक स्कूलों के संचालन हेतु 98 करोड़ 38 लाख रूपये की व्यवस्था प्रस्तावित की गई है। संस्कृत पाठशालाओं को अनुदान हेतु 324 करोड़ 41 लाख रूपये की व्यवस्था प्रस्तावित की गई है। • समग्र शिक्षा अभियान के अन्तर्गत 836 करोड़ 80 लाख रूपये की व्यवस्था प्रस्तावित की गई है। 🔵 उच्च शिक्षा राजकीय महाविद्यालयों में स्मार्ट क्लासेज की स्थापना हेतु 10 करोड़ रूपये की व्यवस्था प्रस्तावित की गई है। राजकीय महाविद्यालयों के निर्माणाधीन भवनों को पूर्ण किये जाने हेतु 200 करोड़ रूपये की व्यवस्था प्रस्तावित की गई है। प्रदेश में 75 नये राजकीय महाविद्यालयों की स्थापना का कार्य प्रगति पर है। छात्रों को मुफ्त ऑनलाइन संस्कृत प्रशिक्षण देने के लिए संपूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय, वाराणसी में ऑनलाइन संस्कृत प्रशिक्षण केन्द्र स्थापित किया जाएगा। इसकी स्थापना के लिए 01 करोड़ 16 लाख रूपये की व्यवस्था प्रस्तावित की गई है। 🔵 प्राविधिक शिक्षा सरकार की वन ट्रिलियन डॉलर इकोनामी योजना के क्रम में छात्र / छात्राओं को सत्र 2022-2023 में न्यू एज ट्रेडस् के अन्तर्गत 04 पाठ्यक्रम डाटा साइंस एवं मशीन लर्निंग, इण्टरनेट ऑफ थिग्स साइबर सेक्योरिटी और ड्रोन टेक्नोलाजी में शिक्षण प्रशिक्षण कराया जाएगा। 🔵 व्यवसायिक शिक्षा एवं कौशल विकास प्रदेश के 04 राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों को मॉडल आईटीआई के रूप में विकसित किया जाएगा। विभिन्न जनपदों में स्थापित नवीन राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों में से 31 को पीपीपी मॉडल पर संचालित किया जाएगा। उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन द्वारा वर्ष 2022-2023 में 2 लाख युवाओं को पंजीकृत करते हुये प्रशिक्षण प्रदान करने का लक्ष्य रखा गया है। शिक्षा सेक्टर समग्र शिक्षा अभियान के लिए 18670 करोड़ रुपये, सभी सरकारी महाविद्यालयों में होगी स्मार्ट क्लास प्रदेश के सभी राजकीय महाविद्यालयों में स्मार्ट क्लासों की व्यवस्था होगी। सरकार ने बजट में इसके लिए 10 करोड़ रुपये की व्यवस्था की है। इसके साथ ही खेलकूद पर भी सरकारी महाविद्यालयों पर ध्यान दिया जाएगा और इसके लिए 1.72 करोड़ रुपये दिए जाएंगे। समग्र शिक्षा अभियान 18670 करोड़ 72 लाख और प्रधानमंत्री पोषण योजना (मिड-डे मिल) के लिए 3548.93 करोड़ और फल वितरण मद में 166.71 करोड़ रुपये दिए गए हैं। सरकार ने सैनिक स्कूलों के संचालन के लिए बजट में 98.38 करोड़ रुपये दिए है। संस्कृत पाठशालाओं के अनुदान के लिए 324.41 करोड़ रुपये रखे हैं। संस्कृत को रोजगार से जोड़ने के लिए सरकार ने संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय वाराणसी में निशुल्क आनलाइन संस्कृत प्रशिक्षण केंद्र स्थापित किया है। इसके लिए सरकार ने बजट में 1.16 करोड़ रुपये की व्यवस्था की है। प्रदेश सरकार ने चार राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों को माडल आईटीआई और 31 को पीपीपी माडल पर संचालित करने का लक्ष्य तय किया है। आईटीआई में वर्ष 2022-23 में न्यूज़ एज ट्रेड्स के तहत 4 नये पाठ्यक्रम- डाटा साइंस एवं मशीन लर्निंग इंटरनेट आफ थिग्स साइबर सेक्यूरिटी एवं ड्रोन टेक्नोलॉजी में शिक्षण और प्रशिक्षण कराने का निर्णय लिया है। जानें- जरूरी बातें - राजकीय महाविद्यालय के निर्माणाधीन भवनों को पूरा कराने के लिए 200 करोड़ रुपये - समग्र शिक्षा अभियान में अवस्थापना सुविधाओं के लिए 836.30 करोड़ रुपये - उच्च शिक्षा निदेशालय में ई कंटेंट रिकार्डिंग स्टूडियो की स्थापना के लिए एक करोड़ रुपये - असेवित मंडलों में राजकीय महाविद्यालयों की स्थापना के लिए 10 लाख रुपये - माध्यमिक शिक्षा निदेशालय में सभाकक्ष समेत जर्जर आवास, कार्यालय कक्ष आदि की मरम्मत के लिए तीन करोड़ रुपये -हाईस्कूल व इंटरमीडिएट के प्रश्नपत्र मुद्रण गुप्त सेवा व्यय के लिए 15 करोड़ रुपये |
| Posted: 26 May 2022 06:13 PM PDT रिश्वतकांड के बाद जागा फतेहपुर का बेसिक शिक्षा और लेखा विभाग, ताबड़तोड़ आदेश जारी कर मांगी लंबित देयकों की सूचना फतेहपुर : बेसिक शिक्षा विभाग के वित्त एवं लेखाधिकारी ने लंबित देयकों पर कड़ा रुख अख्तियार कर लंबित देयकों की सूचना मांगी है। उन्होंने सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को पत्र जारी करते हुए इस बात का प्रमाण पत्र मांगा है कि इस साल दिनांक 26 मई तक का बीआरसी स्तर पर कोई भी देयक लंबित नहीं है। बीते दिनों खंड शिक्षा अधिकारी हथगाम के बिल बाबू को रिश्वत लेते रंगे हाथों दबोचे जाने के बाद जागे बेसिक शिक्षा विभाग ने लंबित देयकों के भुगतान के लिए कमर कस ली है। वित्त एवं लेखाधिकारी ने गुरूवार को जिले के सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को एक पत्र जारी करते हुए कहा है कि ब्लॉकों में परिषदीय शिक्षकों एवं शिक्षणेत्तर कर्मियों के दिनांक 26 मई तक लंबित समस्त प्रकार के अवशेष देयकों जैसे नियुक्ति वेतन अवशेष, चिकित्सा अवकाश देय का परीक्षण कर सुसंगत अभिलेखों सहित 6 जून तक अनिवार्य रूप से लेखा कार्यालय में उपलब्ध करा दिया जाए। बीईओ को देना होगा प्रमाण पत्र वित्त एवं लेखाधिकारी ने सभी बीईओ को निर्देश भी दिए कि सभी बीईओ इस आशय का प्रमाण पत्र भी दें कि उनके कार्यालय में दिनांक 26 मई के पूर्व का कोई भी देयक शेष नहीं है। लेखाधिकारी ने यह भी कहा है कि देयक प्रस्तुत न करने या बिलंब से देने पर इसे शासकीय एवं वित्तीय कार्यों में लापरवाही मानते हुए विभागीय कार्यवाही हेतु उच्च अधिकारियों को अवगत कराया जाएगा। |
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