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Thursday, June 2, 2022

Bhopal Samachar | No 1 hindi news portal of central india (madhya pradesh)

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INDORE NEWS- नेताओं के फोटो वाले पानी के टैंकरों पर प्रतिबंध, सड़क पर मिला तो जप्त कर लेंगे

Posted: 02 Jun 2022 01:23 PM PDT

इंदौर।
जिले में पंचायत और नगरीय निर्वाचन को देखते हुए इंदौर नगर निगम सहित जिले के सभी नगर परिषदों और पंचायतों में पानी वितरित करने वाले टैंकर्स तथा अन्य वाहनों पर पार्षद, विधायक, पंच, सरपंच तथा अन्य जनप्रतिनिधियों के नाम, फोटो आदि लगाने के संबंध में प्रतिबंध लगाया गया है। 

कलेक्टर श्री मनीष सिंह ने निर्देश दिए हैं कि धारा-144 के अन्तर्गत जारी प्रतिबंधात्मक आदेशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाये। प्रतिबंधात्मक आदेश का उल्लंघन करने वालों के विरूद्ध भारतीय दण्ड विधान की धारा-188 के तहत प्रकरण दर्ज किया जायेगा।

कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी श्री मनीष सिंह ने इस संबंध में आयुक्त नगर निगम, जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी तथा नगर परिषदों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को पत्र लिखकर निर्देशित किया है कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में इस आदेश का सख्ती से पालन सुनिश्चित करायें। 

पत्र में कहा गया है कि त्रि-स्तरीय पंचायत आम निर्वाचन तथा नगरीय निकाय निर्वाचन के चलते ग्रामीण तथा नगरीय क्षेत्र में आदर्श आचरण संहिता प्रभावशील है। आदर्श आचरण संहिता लागू होने से आमजन को पानी सप्लाय हेतु चलने वाले टैंकर्स पर जनप्रतिनिधि, विधायक, पार्षद, सरपंच, पंच आदि के नाम, फोटो तथा राजनैतिक दल के चिन्ह लगे टैकर्स नहीं चलाये जा सकते हैं। 

किसी भी राजनैतिक दल या अभ्यर्थी द्वारा कोई भी ऐसी गतिविधि नहीं की जा सकती है, जो मतदाताओं को प्रलोभन देने की श्रेणी में हो। यदि किसी जनप्रतिनिधि द्वारा कोई टैंकर पेयजल हेतु अपनी निधि से किसी भी पंचायत क्षेत्र को सौंपा गया हो तो ऐसे टैंकर पर लिखे गये नाम या पदनाम को भी तत्काल हटाया जाये।

दण्ड प्रक्रिया संहिता की धारा 144 के तहत ऐसी गतिविधियों को प्रतिबंधित किये जाने के लिये आदेश भी पारित किये गये हैं। यदि किसी के द्वारा आदेश का उल्लंघन किया जाना पाया जाता है तो संबंधित के विरुद्ध भारतीय दण्ड विधान की धारा 188 के तहत प्रकरण दर्ज कराया जायेगा। आदर्श आचरण संहिता का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिये गये हैं।

केंद्रीय कर्मचारियों के लिए गुड न्यूज़- DA 3 नहीं 5 प्रतिशत बढ़ सकता है - Karmchari news

Posted: 02 Jun 2022 01:08 PM PDT

Central Government employees DA Hike news

नई दिल्ली। भारत सरकार के विभिन्न विभागों एवं संस्थाओं में काम करने वाले सेंट्रल गवर्नमेंट एंप्लाइज के लिए गुड न्यूज़ है। 1 जुलाई से महंगाई भत्ता 3 प्रतिशत बढ़ने की उम्मीद थी परंतु ताजा आंकड़ों के बाद 5% बढ़ने की उम्मीद बन गई है। 

केंद्रीय कर्मचारियों को 1 जुलाई 2022 से महंगाई भत्ता (Dearness allowance) 5% तक बढ़ सकता है। इससे पहले तक की खबरों में 4% की उम्मीद थी परंतु AICPI इंडेक्स के ताजा आंकड़ों के बाद 4% की गारंटी हो गई है। अब केवल मई 2022 के आंकड़ों का इंतजार है। हम सभी जानते हैं कि महंगाई का ग्राफ बढ़ा है, कम नहीं हुआ है इसलिए 5% महंगाई भत्ता की संभावना काफी ज्यादा है। 

अप्रैल 2022 का AICPI इंडेक्स कितना रहा

अप्रैल 2022 के लिए AICPI इंडेक्स के नंबर में बड़ा उछाल आया है। इसमें 1.7 प्वाइंट की तेजी देखने को मिली है। अप्रैल में इंडेक्स का कुल नंबर 127.7 रहा है। मार्च में महंगाई का आंकड़ा 126 पर था। फरवरी के नंबर्स से देखें तो अप्रैल तक इंडेक्स 2.7 प्वाइंट चढ़ चुका है। महंगाई भत्ते (DA Hike news) में इजाफा इन्हीं नंबर्स के आधार पर होता है। इंडेक्स महंगाई की चाल के हिसाब से चलता है।

MP karmchari news- बीमार को चुनाव ड्यूटी से मुक्त रखें, दंपति में से कोई एक चुनें

Posted: 02 Jun 2022 12:44 PM PDT

जबलपुर
। मध्य प्रदेश तृतीय वर्ग शासकीय कर्मचारी संघ ने जारी विज्ञप्ति में बताया की जनवरी 2022 में होने वाले त्रि-स्तरीय पंचायत चुनाव में चुनावी अमले के लोक सेवक जो गंभीर बीमारियों से ग्रसित हैं, जैसे हृदय रोग, कैंसर, रक्तचाप, डायबिटीज, लकवा, ब्रेन ट्यूमर, किडनी रोग, डायलिसिस के साथ-साथ अस्थाई द्विव्यांगता से पीडित हैं साथ ही गत वर्ष कोरोना जैसे वैश्विक बीमारी की चपेट में आकर गंभीर रूप से ग्रसित हुए लोक सेवकों को चुनावी कार्य से दूर रखा जावे। 

ऐसे कर्मचारी को अपने परहेजी सादे खान-पान के साथ ही समय पर दवाईयों पर आश्रित रहना पडता है एवं जिन्हें कभी भी चिकित्सा सुविधा की आवश्यकता पड़ती है। मतदान दल के अन्य कर्मचारियों को इनकी हेल्प करनी पड़ती है और चुनाव कार्य प्रभावित होता है। इसके अलावा यदि कोई दंपति शासकीय सेवा में है तो पति-पत्नी में से किसी एक को मतदान दल में शामिल करने से मुक्त रखा जाए, ताकि पारिवारिक दायित्वों के निर्वहन में परेशानी ना हो।

संघ के योगेन्द्र दुबे, अर्वेन्द्र राजपूत, अवधेश तिवारी, नरेन्द्र दुबे, अटल उपाध्याय, जवाहर केवट,नरेन्द्र सेन, मनोज राय (द्वय) शहजाद द्विवेदी, रजनीश पाण्डे, अजय दुबे, कैलाश शर्मा, लक्षमण परिहार, हर्षमनोज दुबे, के.जी.पाठक, हरिशंकर गौतम, अरूण दुबे, विनोद साहू, बलराम नामदेव, मुन्ना लाल पटैल, अजय राजपूत, मुकेश सिंह, मिर्जा मन्सूर बेग, योगेन्द्र मिश्रा, राजेश चतुर्वेदी, मनोज खन्ना, आलोक वाजपेयी, वीरेश शर्मा, आलोक अग्निहोत्री, दुर्गेश पाण्डे, ब्रजेश मिश्रा, श्याम नारायण तिवारी, मनीष लोहिया, मनीष शुक्ला, आदि ने आयुक्त मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग से मांग है कि गंभीर बीमारी से ग्रसित लोक सेवकों को चुनाव डयूटी से मुक्त रखा जाये तथा पति/पत्नी में से किसी एक की ही चुनाव डयूटी लगाई जावे।

गुना में हुई सरकारी बैठक, विदिशा से आया नाश्ता, दुकानदार को पता ही नहीं- MP NEWS

Posted: 02 Jun 2022 08:47 AM PDT

भोपाल
। स्वास्थ्य विभाग गुना में बड़ा ही चटपटा भ्रष्टाचार सामने आया है। आरोग्यम केंद्र मगरोड़ा में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की बैठक में विदिशा की एक दुकान से नाश्ता मंगवाया गया। मसालेदार खबर यह है कि फाइल में जिस दुकानदार का बिल लगा हुआ है उसे इसके बारे में कुछ पता ही नहीं है। कलेक्टर द्वारा कराई गई जांच में सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी प्रीती खातरकर दोषी पाई गई हैं। 

आरोग्यम केंद्र मगरोड़ा में पदस्थ सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी प्रीती खातरकर ने आंगनबाड़ी और आशा कार्यकर्ताओं की बैठक के लिए विदिशा स्थित नीमताल गांधी चौक रामजी किराना स्टोर्स से 990 रुपये के बिस्किट, नमकीन, डिस्पोजल प्लेट सहित अन्य सामग्री मंगाई थी। पत्रकारों ने जब उनसे सवाल किया तो महिला अधिकारी ने कहा कि उन्हें गुना का नाश्ता पसंद नहीं है। यह जवाब चौंकाने वाला था, क्योंकि बिल में जो सामग्री (बिस्कुट और नमकीन) दर्ज है, वह कंपनी पूरे मध्यप्रदेश में सप्लाई करती है। 

पत्रकारों ने विदिशा में रामजी किराना के संचालक दीवान मंगतानी से संपर्क किया, तो उन्होंने आश्चर्य जताते हुए बताया कि हमारे यहां से गुना के किसी विभाग या अधिकारी के लिए कभी सामान और बिल ही जारी नहीं हुआ। पत्रकारों ने जब इस मामले में कलेक्टर फ्रेंक नोबल ए से सवाल किए तो उन्होंने मामले की जांच के आदेश दे दिए। 

सीएमएचओ ने बमोरी बीएमओ डा. शैलेंद्र गिरी गोस्वामी को मामले की जांच सौंपी। एक महीने तक चली जांच में सामने आया कि मगरोड़ा सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी प्रीति खातरकर दोषी हैं। फर्जी बिल विदिशा के किराना स्टोर के लगाए गए हैं। जांच रिपोर्ट के आधार पर सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी प्रीति खातरकर भ्रष्टाचार, पद का दुरुपयोग और दस्तावेजों की कूट रचना की दोषी पाई गई हैं। समाचार लिखे जाने तक उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई थी।

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