प्राइमरी का मास्टर ● इन |
- परिषदीय शिक्षकों की विभिन्न लंबित समस्याओं के निराकरण हेतु उoप्रo जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ ने प्रस्तुत किया मांगपत्र
- परिषदीय शिक्षकों की पदोन्नति हेतु उoप्रo जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ ने महानिदेशक के समक्ष प्रस्तुत किया तथ्य पूर्ण मांगपत्र
- प्रधानाचार्य भर्ती : कटऑफ डेट के बाद अर्जित अनुभव के अंक की मांग वाली याचिका खारिज, कटऑफ डेट के बाद की अर्हता अनुभव नियुक्ति को मान्य नहीं
- Science Activity Card : अब एक्टिविटी कार्ड के जरिए साइंस पढ़ाया जाएगा परिषदीय स्कूल के बच्चों को
- मानव संपदा पर विषयवार शिक्षकों की मैपिंग जल्द हो पूरी, तबादले से पहले तैयारियां पूरी करने के निर्देश
- उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय से पढ़ाई अब महंगी हुई
| Posted: 23 Jun 2022 07:02 PM PDT |
| Posted: 23 Jun 2022 06:56 PM PDT |
| Posted: 23 Jun 2022 06:04 PM PDT प्रधानाचार्य भर्ती : कटऑफ डेट के बाद अर्जित अनुभव के अंक की मांग वाली याचिका खारिज, कटऑफ डेट के बाद की अर्हता अनुभव नियुक्ति को मान्य नहीं प्रयागराज : इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण आदेश में कहा है कि कट ऑफ डेट के बाद अर्जित शैक्षणिक अर्हता व अनुभव प्रधानाध्यापक पद पर चयन के लिए मान्य नहीं है। कोर्ट ने कहा कि याची चयन बोर्ड द्वारा तय की गई समयसीमा के बाद अर्जित अर्हता व अनुभव का अंक देने की मांग नहीं कर सकते हैं क्योंकि यदि ऐसा करने की अनुमति दी गई तो साक्षात्कार में शामिल अन्य अभ्यर्थी भी कट ऑफ डेट के बाद प्राप्त अनुभव व अहर्ता का अंक देने की मांग करेंगे। इससे याचियों को कोई लाभ नहीं होगा क्योंकि उनसे भी अधिक अनुभव वाले अभ्यर्थी आगे आ जाएंगे। यह निर्णय न्यायमूर्ति सिद्धार्थ ने मोहन सिंह व दो अन्य की याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया है। याचियों ने 2013 में विज्ञापित इंटर कॉलेजों के प्रधानाध्यापक पद की भर्ती के लिए आवेदन किया था। इस संदर्भ में माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड ने एक जनवरी 2022 को एक विज्ञप्ति जारी कर कहा कि भर्ती के लिए शैक्षणिक योग्यता व अनुभव की कट ऑफ डेट आवेदन करने की अंतिम तिथि 25 फरवरी 2014 मानी जाएगी। याचिका में इस विज्ञप्ति के क्लाज 3 को चुनौती देते हुए उसे रद्द करने मांग की गई। याचियों का कहना था कि कट ऑफ डेट का कोई प्रावधान माध्यमिक शिक्षा चयन बोर्ड के एक्ट व नियमावली में नहीं है। इसलिए यह विज्ञप्ति कानून के विपरीत है और इसे रद्द किया जाए। इसके जवाब में राज्य सरकार का कहना था कि कट ऑफ डेट से पहले तक की शैक्षणिक योग्यता के आधार पर ही अंक दिए जाएंगे। उसके बाद अर्जित योग्यता व अनुभव का का अंक नहीं दिया जा सकता है। हाईकोर्ट ने अशोक कुमार शर्मा बनाम चंद्रशेखर व अन्य में प्रतिपादित सुप्रीम कोर्ट के विधि सिद्धांत का हवाला देते हुए कहा कि किसी भी भर्ती में आवेदन की अंतिम तिथि तक प्राप्त योग्यता व अनुभव ही मान्य होता है। उसके बाद प्राप्त की गई योग्यता व अनुभव को नहीं माना जा सकता है। इस मामले में यदि याचियों की यह दलील स्वीकार कर ली जाए कि उन्हें कट ऑफ डेट के बाद प्राप्त अनुभव का अंक दिया जाए तब भी उन्हें कोई लाभ नहीं होगा क्योंकि साक्षात्कार में शामिल अन्य अभ्यर्थी भी कट ऑफ डेट के बाद अर्जित अनुभव के आधार पर अंक देने की मांग करेंगे और हो सकता है कि उनके पास याचियों से अधिक अनुभव हो। ऐसी स्थिति में कट ऑफ डेट तक प्राप्त शैक्षणिक योग्यता व अनुभव ही मान्य होगा। |
| Science Activity Card : अब एक्टिविटी कार्ड के जरिए साइंस पढ़ाया जाएगा परिषदीय स्कूल के बच्चों को Posted: 23 Jun 2022 05:54 PM PDT Science Activity Card : अब एक्टिविटी कार्ड के जरिए साइंस पढ़ाया जाएगा परिषदीय स्कूल के बच्चों को लखनऊ। क्या पानी का अपना कोई स्वाद होता है? क्या वायु भी अपनी जगह लेती है? ये और ऐसे ही सवालों के जवाब अब बच्चे शिक्षकों के साथ मिल कर ढूंढ़ेंगे। निजी स्कूलों की तर्ज पर सरकारी स्कूलों में भी विज्ञान आधारित गतिविधियां आसपास की चीजों के इस्तेमाल से करवाई जाएंगी। राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद विज्ञान और गणित पढ़ाने के लिए एक्टिविटी कार्ड तैयार कर रहा है। इसे अगले दो महीने में स्कूलों में लागू किया जाएगा। 'आओ करके सीखे' पर आधारित इन एक्टिविटी कार्ड में विज्ञान के सिद्धांतों को सरल गतिविधियों के माध्यम से सिखाया जाएगा। एससीईआरटी अपने स्तर से इसे बना रहा है। |
| मानव संपदा पर विषयवार शिक्षकों की मैपिंग जल्द हो पूरी, तबादले से पहले तैयारियां पूरी करने के निर्देश Posted: 23 Jun 2022 05:41 PM PDT मानव संपदा पर विषयवार शिक्षकों की मैपिंग जल्द हो पूरी, तबादले से पहले तैयारियां पूरी करने के निर्देश लखनऊ : सरकारी प्राइमरी स्कूलों में तबादले से पहले सब्जेक्ट टीचरों की मैपिंग की जाएगी ताकि एक ही स्कूल में एक विषय के दो शिक्षक तैनात न हो जाए। मानव संपदा पोर्टल पर यह मैपिंग जल्द पूरे करने के गुरुवार को निर्देश दिए हैं। वहीं शिक्षकों के कैडर को भी सही करने के निर्देश हैं। बीते दिनों हुई बेसिक शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक में सामने आया कि शिक्षकों का आनुपातिक तैनाती के लिए शिक्षकों की विषयवार मैपिंग जल्द पूरी होनी जरूरी है। सीतापुर, आजमगढ़, जौनपुर, प्रयागराज, गाजीपुर, सुल्तानपुर, उन्नाव, गोरखपुर, अलीगढ़, रायबरेली ऐसे जिले हैं, जहां सब्जेक्ट मैपिंग का काम असंतोषजनक है। प्राइमरी स्कूलों में पढ़ा रहे शिक्षकों के जिले के अंदर तबादले व समायोजन होना है। प्रोजेक्ट एप्रूवल बोर्ड (पीएबी)की बैठक में केन्द्र हर वर्ष यूपी में शिक्षकों के आनुपातिक तैनाती को लेकर ऐतराज जताता है। आरटीई-2009 के मुताबिक कक्षा छह से आठ में विज्ञान व गणित का एक शिक्षक, सामाजिक अध्ययन का एक शिक्षक और भाषा के एक शिक्षक का होना अनिवार्य है। लेकिन शहरों या कस्बों के समीप तैनाती के लालच में एक ही विषय के कई-कई शिक्षक एक ही स्कूल में तैनात रहते हैं और गांवों के स्कूलों के विज्ञान-गणित के शिक्षकों से खाली हैं। पीएबी के मुताबिक 79 हजार शिक्षक यूपी में सरप्लस हैं,जबकि ये शिक्षक सरप्लस नहीं है बल्कि तैनाती नियमों के मुताबिक नहीं है। |
| उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय से पढ़ाई अब महंगी हुई Posted: 23 Jun 2022 05:20 PM PDT उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय से पढ़ाई अब महंगी हुई प्रयागराज : सूबे के इकलौते उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय से पढ़ाई अब महंगी हो गई है। नए शैक्षिक सत्र में दाखिला लेने वालों को बढ़ी फीस भरनी होगी। एक ओर जहां पीएचडी (शोध करने) की फीस दोगुनी हो गई है, वहीं स्नातक और परास्नातक पाठ्यक्रमों के शुल्क में 12 से 21 फीसदी तक इजाफा किया गया है। नए शैक्षिक सत्र में पीएचडी, बीएड, एमसीए और एमबीए में दाखिले के लिए ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया शुरू हो गई है। यूजी, पीजी और डिप्लोमा पाठ्यक्रम में प्रवेश के लिए आवेदन 25 जून से शुरू करने की तैयारी है। इस बार मुक्त विश्वविद्यालय की ओर से शैक्षिक सत्र 2022-23 में पीएचडी, डिग्री, डिप्लोमा एवं सर्टिफिकेट समेत 126 पाठ्यक्रमों में प्रवेश होंगे। पीएचडी की फीस 10 हजार से बढ़ाकर 20 हजार रुपये वार्षिक कर दी गई है। एमबीए का शुल्क 16,200 से बढ़ाकर 18,200 (12.3 फीसद बढ़ोतरी) और एमसीए का 15,200 से बढ़ाकर 17,200 (13.15 फीसद बढ़ोतरी) किया गया है। इसी प्रकार बीएड की फीस 16,200 से बढ़ाकर 18,500 रुपये (14.2 फीसद इजाफा) की गई है। बीए की फीस 3700 से 4500 (21.6 फीसद का इजाफा) और एमए की 7200 से 8500 रुपये (18 फीसद बढ़ोतरी) सालाना की गई है। छात्रों को इसी साल से बढ़ी फीस जमा करनी होगी। डिप्लोमा कोर्स की नहीं बढ़ी फीस मुक्त विश्वविद्यालय की ओर से डिप्लोमा करने वाले छात्रों के लिए राहत है। क्योंकि डिप्लोमा पाठ्यक्रमों का शुल्क नहीं बढ़ाया गया है। कार्य परिषद से मंजूरी के बाद पीएचडी, यूजी, पीजी कोर्स की फीस बढ़ा दी गई है। डिप्लोमा का शुल्क यथावत है। डॉ. ज्ञान प्रकाश यादव, प्रवेश प्रभारी, मुक्त विश्वविद्यालय |
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