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- बेसिक परिषदीय अध्यापकों की पदोन्नति विषयक उoप्रo जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ द्वारा सचिव परिषद के समक्ष तर्कपूर्ण मांगपत्र प्रेषित
- प्रत्येक परिषदीय विद्यालय में प्रधानाध्यापक के पद सृजन के संबंध में उoप्रo जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ ने सचिव परिषद को दिया ज्ञापन
- CBSE : मान्यताविहीन स्कूलों के छात्रों का लिया प्रवेश तो कार्रवाई तय
- यूपी के स्वतंत्रता सेनानियों के बारे में जानेंगे विद्यार्थी, स्वतंत्रता संग्राम की अनसुनी कहानियां जाएंगी सुनाई
- बेसिक शिक्षकों के स्थानांतरण हेतु प्री ‘बुकिंग’ को ऑनलाइन इश्तिहार!
- उच्च शिक्षा में पंजीकरण बढ़ाने की कवायदों के बीच लगा झटका,सत्र 2021-22 में घट गए 4.80 लाख विद्यार्थी
| Posted: 29 Jun 2022 01:32 AM PDT |
| Posted: 29 Jun 2022 01:24 AM PDT |
| CBSE : मान्यताविहीन स्कूलों के छात्रों का लिया प्रवेश तो कार्रवाई तय Posted: 28 Jun 2022 05:33 PM PDT CBSE : मान्यताविहीन स्कूलों के छात्रों का लिया प्रवेश तो कार्रवाई तय सीबीएसई बोर्ड के स्कूल उन स्कूलों के बच्चों का 9वीं और 12वीं में प्रवेश नहीं ले सकेंगे, जिसको मान्यता नहीं मिली है। यदि कोई स्कूल ऐसा करता पाया जाता है और जांच में यह सिद्ध हो जाता है तो उसकी मान्यता रद्द की जा सकती है। शर्त के मुताबिक स्कूलों को एक जुलाई से स्कूल में पंजीकरण और शिक्षकों का डाटा बोर्ड की वेबसाइट पर अपलोड करना होगा। आखिरी तिथि 30 सितंबर निर्धारित है। प्रवेश को लेकर सख्ती की वजह यह है कि बहुत से ऐसे स्कूल हैं, जिनके विद्यार्थी पढ़ाई तो बिना मान्यता वाले स्कूलों में ही करते हैं लेकिन उनका औपचारिक पंजीकरण बोर्ड के स्कूलों में रहता है। प्रवेश के लिए बोर्ड ने यह शर्तें रखी हैं। • केवल अपने स्कूल के नियमित विद्यार्थियों का ही प्रवेश लेना होगा। • अगर दूसरे स्कूल के बच्चे का प्रवेश लें तो उसकी भी मान्यता होनी चाहिए। •11वीं में उसी विद्यार्थी का प्रवेश लिया जाए, जिसका हाईस्कूल रिजल्ट बोर्ड ने जारी किया हो एक कक्षा में 40 से ज्यादा बच्चे नहीं बैठाने होंगे। •हर स्कूल में 30 बच्चे पर एक शिक्षक होना अनिवार्य है बोर्ड से अनुमति लेने के बाद ही सेक्शन की संख्या बढ़ाई जा सकती है। •दिव्यांग बच्चों को सहूलियत देने की अनिवार्यता होगी स्कूलों को जिस विषय की मान्यता मिली है, उसी में प्रवेश लेना होगा। •बिना मान्यता वाले विषय में प्रवेश लेने पर स्कूल मान्यता रद कर दी जाएगी। सीबीएसई ने 9वीं और 11वीं कक्षा में प्रवेश के लिए नियम और शर्तें जारी की हैं। इनसे सभी स्कूलों को बोर्ड की ओर से अवगत भी करा दिया गया है। |
| Posted: 28 Jun 2022 05:29 PM PDT यूपी के स्वतंत्रता सेनानियों के बारे में जानेंगे विद्यार्थी, स्वतंत्रता संग्राम की अनसुनी कहानियां जाएंगी सुनाई आजादी का अमृत महोत्सव के तहत पूरे एक साल तक यह कार्यक्रम चलाया जाएगा लखनऊ । स्कूलों में स्वतंत्रता संग्राम की अनसुनी कहानियां सुनाई जाएंगी। ऐसी 100 स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों की कहानियों को जुटाया जाएगा और फिर इसे दिलचस्प तरीके से बच्चों को सुनाया जाएगा। ये स्वतंत्रता संग्राम सेनानी यूपी के अलग-अलग हिस्सों के होंगे। केंद्रीय कौशल विकास मंत्री धमेंद्र प्रधान ने यूपी के बेसिक व माध्यमिक शिक्षा विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे जल्द से जल्द ऐसे सेनानियों के नाम और उनके जीवन वृत्त को इकट्ठा करें ताकि इनसे विद्यार्थियों को परिचित कराया जा सके। आमतौर पर स्वतंत्रता संग्राम का जिक्र छिड़ते ही लोगों को रानी लक्ष्मी बाई, मंगल पाण्डे, झलकारी बाई, बेगम हजरतमहल, अशफाकउल्ला खान जैसे नाम ही याद आते हैं लेकिन कई ऐसे स्वतंत्रता संग्राम सेनानी हैं, जिन्होंने काकोरी काण्ड, चौरा चौरी काण्ड समेत अन्य आजादी की लड़ाइयों में हिस्सा लिया और शहीद हुए लेकिन उनका नाम केवल उनके क्षेत्र तक ही सीमित है। हर जिले से ऐसे सेनानियों के नाम, फोटो और अन्य सूचनाओं को इकट्ठा किया जाएगा और फिर इस पर दिलचस्प तरीके से कहानियां लिखी जाएंगी। हर सेनानी का लोगो तैयार किया जाएगा। |
| बेसिक शिक्षकों के स्थानांतरण हेतु प्री ‘बुकिंग’ को ऑनलाइन इश्तिहार! Posted: 28 Jun 2022 04:58 PM PDT बेसिक शिक्षकों के स्थानांतरण हेतु प्री 'बुकिंग' को ऑनलाइन इश्तिहार! यूपी सरकार ने अब तक बेसिक शिक्षकों के अन्तर्जनपदीय या जनपद के भीतर तबादले के लिए कोई आदेश जारी नहीं किया है लेकिन जिले में अभी से ही परस्पर स्थानान्तरण के लिए साथियों की तलाश जारी है। सोशल मीडिया पर इश्तिहार देकर अपने साथियों की खोज कर प्री बुकिंग की जा रही है। सूत्र बताते हैं कि तबादले के लिए शिक्षक एक दूसरे को कई तरह के लालच भी दे रहे हैं। कई साल से जिले के भीतर स्थानान्तरण न होने एवं बीते साल शिक्षकों का अपेक्षित संख्या में तबादले न होने से बेसिक शिक्षकों को उम्मीद है कि इस वर्ष उनके तबादले जिले के बाहर न सही लेकिन जिले के भीतर तो हो ही सकते हैं। कयास लगाया जा रहा है कि तबादला प्रक्रिया में एकल स्थानान्तरण के साथ परस्पर स्थानान्तरण भी किए जाएंगे। म्युचुअल ट्रांसफर को शिक्षक अधिक सुरक्षित मान रहे हैं। सूत्र बताते हैं कि इस स्थानान्तरण में दूसरे साथी की तलाश के लिए सोशल मीडिया पर शिक्षकों का ब्यौरा व मोबाइल नंबर दिए जा रहे हैं ताकि इच्छुक शिक्षक एक दूसरे से सम्पर्क कर सकें। बताते हैं कि परस्पर स्थानान्तरण के लिए अनेक शिक्षकों ने एक दूसरे से समझौता कर हामी भर ली है। आदेश जारी होते ही आवेदन कर दिए जाएंगे। पेश किए जा रहे हैं कई आफर मजे की बात है कि साथी की तलाश में सोशल मीडिया में कई तरह के आफर दिए जा रहे हैं। इनमें पैसों से लेकर गाड़ी व नाश्ते की व्यवस्था तक शामिल है। कुछ में आकर्षक गिफ्ट की भी पेशकश की गई है। सरकार की तरफ लगी हैं निगाहें शिक्षकों की निगाहें फिलवक्त सरकार व विभाग की तरफ हैं। उन्हें उम्मीद है कि विभाग जल्द ही तबादले के लिए आदेश जारी कर सकता है। समायोजन के साथ शिक्षकों के तबादले की संभावना के मद्देनजर यह कवायद की जा रही है। बीते दिनों शिक्षकों से सम्बन्धित आंकड़े भी विभाग द्वारा मांगे जाने से इस संभावना को बल मिला है। |
| उच्च शिक्षा में पंजीकरण बढ़ाने की कवायदों के बीच लगा झटका,सत्र 2021-22 में घट गए 4.80 लाख विद्यार्थी Posted: 28 Jun 2022 04:00 PM PDT उच्च शिक्षा में घट गए 4.80 लाख विद्यार्थी, राज्य विश्वविद्यालय और महाविद्यालयों में छात्र घटने से चिंता ● 2020-21 में 50,21,277 तो 2021-22 में 45.40 लाख थे छात्र ● उच्च शिक्षा में पंजीकरण बढ़ाने की कवायदों के बीच लगा झटका प्रयागराज : उच्च शिक्षा में छात्र-छात्राओं के नामांकन बढ़ाने की कवायद को कोरोना काल में झटका लगा है। शैक्षणिक सत्र 2021-22 में उच्च शिक्षा में छात्र-छात्राओं की संख्या में तकरीबन पांच लाख की गिरावट देखने को मिली है। उच्च शिक्षा निदेशालय की ओर से तैयार प्रदेश के 51 राज्य विश्वविद्यालयों और 7875 महाविद्यालयों की रिपोर्ट में इसका खुलासा हुआ है। 2020-21 सत्र में प्रदेश के उच्च शिक्षण संस्थानों में कुल 5021277 (1860220 छात्र व 3161057 छात्राएं) विद्यार्थी पंजीकृत थे। जबकि 2021-22 में यह संख्या सिमटकर 4540605 (2177467 छात्र व 2363138 छात्राएं) हो गई। 2019-2020 में उच्च शिक्षा में विद्यार्थियों की संख्या 41,83,992 (1969206 छात्र व 2214786 छात्राएं) थी। बालिका शिक्षा पर पड़ा सर्वाधिक असर : प्रयागराज। कोरोना काल में उच्च शिक्षा संस्थानों में विद्यार्थियों की संख्या कम होने का सर्वाधिक असर बालिका शिक्षा पर पड़ा है। शैक्षणिक सत्र 2019-20 में जहां 22,14,786 और 2020-21 में 31,61,057 छात्राओं ने उच्च शिक्षा के लिए दाखिला लिया था, वहीं 2021-22 में बालिकाओं के नामांकन की संख्या कम होकर 23,63,138 रह गई। शिक्षा मंत्रालय और विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के उच्च शिक्षा में नामांकन बढ़ाने के प्रयासों को कोरोना काल में झटका लगा है। इस सत्र में नामांकन संख्या बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है। चार सालों में संस्थानों के नामांकन पर एक नजर वर्ष छात्र छात्राएं योग 2021-22 2177467 2363138 4540605 2020-21 1860220 3161057 5021277 2019-20 1969206 2214786 41,83,992 2018-19 2074205 2308322 43,82,527 कोरोना काल में उच्च शिक्षण संस्थानों में छात्र-छात्राओं के नामांकन में कमी दर्ज की गई है। 2022-23 सत्र में इसमें सुधार के प्रयास किए जा रहे हैं। डॉ. अमित भारद्वाज, उच्च शिक्षा निदेशक |
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